खेल /शौर्यपथ / कराची टेस्ट मैच के तीसरे दिन कुछ ऐसा हुआ है जिसकी चर्चा हो रही है. दरअसल, टेस्ट मैच का तीसरा दिन जब शुरू हुआ तो पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम मैदान पर नहीं उतरे थे. रिपोर्ट के अनुसार वायरल फ्लू से ग्रसित होने की वजह से बाबर तीसरे दिन मैदान पर फील्डिंग करने नहीं आ पाए थे. ऐसे में उनकी नजह सब्स्टीट्यूट के तौर पर मोहम्मद रिजवान मैदान पर गए . लेकिन पहले सेशन के दौरान रिजवान 'कप्तान' की तरह अपने खिलाड़ियों को दिशा-निर्देश देते हुए नजर आए. रिजवान , जो कराची में न्यूजीलैंड के खिलाफ चल रहे पहले टेस्ट में पाकिस्तान के प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे लेकिन जब वो मैदान पर बतौर सब्स्टीट्यूट आए तो फील्डिंग प्लेसमेंट करते हुए देखे गए.
दरअसल, नियम के अनुसार सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी मैदान पर खिलाड़ियों को दिशा-निर्देश दे कर फील्डिंग पोजिशन को चेंज कर सकता है लेकिन 'कप्तान' की तरह DRS रिव्यू लेने की अनुमती नहीं होती है. क्रिकेट के नियम 24.1.2 में कहा गया है कि, 'सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी गेंदबाजी और कप्तान के तौर पर लाइव मैच में कार्य नहीं कर सकता है. लेकिन अंपायरों की सहमति से वह खिलाड़ी मैच में विकेटकीपर की भूमिका निभा सकता है.'
यहां पैदा हुई कंफ्यूजन की स्थिति
लेकिन जब न्यूजीलैंड की पारी के 53वें ओवर में डेवॉन कॉन्वे को लेकर LBW की अपील की गई और DRS रिव्यू लेने का वक्त आया, तब पूर्व कप्तान विकेटकीपर सरफराज अहमद ने रिजवान के साथ बात की और फिर जाकर डीआरएस लेने का फैसला किया. जिससे यह कंफ्यूजन पैदा हो गया कि बाबर की जगह स्टैंड-इन कप्तान की भूमिका कौन निभा रहा है. हालांकि उसी वक्त रिव्यू लिया गया और कॉन्वे आउट हुए लेकिन बाद में पाकिस्तान की ओर से इस बात की सफाई दी गई कि आखिर में बाबर की जगह कौन कार्यवाहक कप्तान की भूमिका निभा रहा है.
असमंजस की स्थिति पैदा होने पर पाकिस्तान टीम प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि मैदान पर बाबर की जगह स्टैंड-इन कप्तान की भूमिका रिजवान नहीं बल्कि सरफराज निभा रहे हैं. पाकिस्तानी स्पोर्ट्स पत्रकार इमरान सिद्दीकी ने भी इस बारे में ट्वीट किया और बताया कि सरफराज अहमद बाबर आजम की अनुपस्थिति में कप्तानी का कामकाज संभाल रहे हैं.