खेल /शौर्यपथ / टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा की टेस्ट टीम में वापसी हुई है। वो चोट की वजह से टीम से बाहर थे। इंग्लैंड दौरे में भारत को रवींद्र जडेजा से काफी उम्मीदें हैं। भारत दो जून को इंग्लैंड दौरे के लिए रवाना होगी। जहां भारत 18 जून से 22 जून तक न्यूजीलैंड के साथ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलेगी। इसके बाद भारत इंग्लैंड के साथ टेस्ट सीरीज खेलेगी। रवीद्र जडेजा की साल 2018 में टीम में वापसी हुई। इंग्लैंड दौरे से पहले वो 18 महीने तक भारतीय टेस्ट और वनडे टीम से बाहर थे।
जडेजा ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में बताया कि टीम इंडिया से बाहर होने के बाद उनके क्या हाल थे। 18 महीने बाद टीम इंडिया में वापसी के सवाल पर उन्होंने कहा,"'सच कहूं तो वो डेढ़ साल रातों की नींद हराम कर गए। उस दौर में मुझे याद है कि मैं सुबह 4-5 बजे तक उठ जाता था। मैं सोच रहा था कि क्या करूं, मैं वापसी कैसे करूं? मैं सो नहीं सका। मैं लेटा रहता था, लेकिन जगा ही रहता था। मैं टेस्ट टीम में था, लेकिन खेल नहीं रहा था क्योंकि हम विदेशों में खेल रहे थे। मैं वनडे नहीं खेल रहा था। मैं घरेलू क्रिकेट भी नहीं खेल रहा था, क्योंकि मैं भारतीय टीम के साथ यात्रा कर रहा था। मुझे खुद को साबित करने का कोई मौका नहीं मिल रहा था। मैं सोचता रहता कि मैं वापस कैसे आऊंगा।"
साल 2018 में ओवल में खेले गए टेस्ट मैच को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उस टेस्ट ने मेरे लिए सब कुछ बदल दिया। पूरा खेल,मेरा प्रदर्शन, मेरा आत्मविश्वास, सब कुछ। जब आप सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ अंग्रेजी परिस्थितियों में स्कोर करते हैं, तो यह आपके आत्मविश्वास को बहुत प्रभावित करता है। यह आपको महसूस कराता है कि आपकी तकनीक दुनिया में कहीं भी स्कोर करने के लिए काफी अच्छी है मुझे याद है कि जब मैं उस टेस्ट में बल्लेबाजी के लिए गया था तो पहले से कोई योजना नहीं थी। इस मैच में 332 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक समय टीम इंडिया के 160 पर 6 विकेट गिर गए थे। जडेजा ने उस मैच में 86 रन बनाए थे।