शौर्य की बात । जब भी मैं मेरे लाल शौर्य की बात करता हूं तो कई मित्र कहते हैं कि बेटा नहीं है तो क्या हुआ बेटी की तरफ देख कर जिंदगी जियो । बेटा बेटी एक समान है । कई लोगो की बात से ये अहसास भी होता है कि मैं अपनी लाडली सिद्धि को नही चाहता पर ऐसा नहीं है मेरे लिए मेरी जिंदगी को दो रत्न है शौर्य और सिद्धि मेरे लिए ये दोनो ही रत्न अनमोल है ।
कई बार सोचता हूं कि निक्की के पास चला जाऊ किंतु अगर मैं निक्की के पास चला गया तो मेरी परी बिटिया का क्या होगा कैसे जिंदगी जिए । मेरी रत्ना कैसे रहेगी । आज निक्की नही है तो मेरी जिंदगी अधूरी है पर मेरी जिम्मेदारी तो अभी बची है मेरी सिद्धि को कैसे तकलीफ में देख सकता हूं देख क्या सोच भी नही सकता । मेरी सिद्धि मेरी ही नहीं रत्ना और निक्की की भी जान है । निक्की उसका बहुत ख्याल रखता है आज भी वो उसके साथ है । हर पल अब उसकी रक्षा करता है । सिद्धि बेटा हम तेरे लिए ही जी रहे है । तेरी खुशी के लिए ही हर तकलीफ हर गम को सह रहे ताकि जो सपना तेरे भाई ने तेरे लिए देखा वो पूरा कर सके । तेरी खुशी में ही तेरे भैया की खुशी है और तुम दोनो की खुशी में ही हमारी खुशी है ।
हमारी जिंदगी में तो अब खुशी या गम का कोई मतलब ही नहीं खोखली हंसी और मुखौटे लगा कर जी रहे है बस इस लिए की सिद्धि को तकलीफ न हो । सिद्धि बेटा जब तू पैदा हुई थी उसके 14 दिन बाद रावण दहन था तब तेरे भैय्या ने बोला सिद्धि को भी ले जायेंगे रावण दहन में तब तुझे साथ लेकर गए थे जब फटाखे की आवाज आती तो तेरा भैय्या अपने दोनो हाथो से तेरे कानो पर हाथ रख देता ताकि तेज आवाज से तुझे तकलीफ ना हो बेटा अब भी तेरा भाई तेरे साथ है बेटा वही तेरी हर पल रक्षा करेगा । तेरा भाई तो अब भगवान का रूप है वो अपनी प्यारी बहन के साथ है । Love you bitiya rani..
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