शौर्य की बातें / कशिश कुकरेजा की आसमयिक निधन ने एक बार फिर जख्म को हरा कर दिया कशिश कुकरेजा कौन है ना मै इन्हें जानता हूँ ना कभी मुलाकात हुई है . सुनील कुकरेजा मेरे फेसबुक मित्र है उनकी धर्मपत्नी है कशिश कुकरेजा जो ३ दिनों पहले सदा के लिए इस लोक से विदा हो गयी . सुनील कुकरेजा के प्रोफाइल में सभी ने उनकी अर्धांग्नी की आसमयिक नधन पर अपनी संवेदना व्यक्त की और कई पुरानी यादो को एक बार फिर जीवंत करने का प्रयास किया उसमे से एक दृश्य ने फिर से मेरे लाल की कमी को दिल से आँखों पर उतार दिया . सुनील जी अपने परिवार पत्नी और दो बच्चो के साथ एक खुशहाल जिन्दगी जी रहे थे और अचानक भविष्य के सपने बुनते बुनते अन्धकार की ओर चले गए जिस अन्धकार से शारीरिक तौर पर और समाज के लिए तो बाहर निकल आयेंगे किन्तु अंतरात्मा से सदैव उसी अन्धकार में खोये रहेंगे .
एक इन्सान के लिए उसकी दुनिया के अहम् किरदार उसका परिवार होता है मिया बीबी और बच्चे ये ऐसे रिश्ते है जो स्वयं के प्रयास से ही मजबूत बनते है और हर परिस्थिति में ये अपनी दुनिया में खुश रहते है . कुश रहने का सबसे बड़ा कारण होता है उनकी दुनिया में सब साथ है . किन्तु इस दुनिया से कोई एक भी अलग हो जाये तो करोडो अरबो की भीड़ में भी इंसान अकेला हो जाता है और ऐसा ही हाल वर्तमान में सुनील जी के साथ है उनके मासूम बच्चो के साथ है . सभी साथ है किन्तु उस साथ का कोई अर्थ ही नहीं होता जब उनका कोई अपना साथ ना हो . शायद इसी को कहते है मोहमाया की दुनिया . इस दुनिया में पैसे की भले कमी हो जिन्दगी खुशहाल रहती है किन्तु कोई अपना ना हो तो माया सिर्फ दिखावट का रूप ले लेती है . आज डेढ़ साल से उपर हो गए मेरी दुनिया का एक सितारा खो गया फिर भी जिन्दा है किन्तु सिर्फ दिखावट की दुनिया में जी रहे है . आज भी अंतर्मन वीरान है माया से जिन्दगी कट रही है किन्तु मोह तो अब लेश मात्र भी नहीं रहा फिर भी जी रहे है क्योकि इसी को शायद जिन्दगी कहते है . आज सुनील जी के साथ जो हुआ उसने दिल झंझोड़ दिया . दुःख की इस घडी में मेरी अंतरात्मा के साथ सुनील जी से संवेदनाये है ईश्वर कशिश भाभी जी को अपनी चरणों में स्थान दे और सुनील जी एवं उनके दोनों बच्चो को इतनी शक्ति दे कि जिन्दगी के बचे हुए इम्तिहान को सफलता पूर्वक पार करते रहे . जैसे हामरे जिन्दगी में शौर्य की जगह कोई नहीं ले सकता और उसकी याद को कोई नहीं मिटा सकता उसी तरह कशिश जी हमेशा सुनील जी के और उनके बच्चो के दिल में सदैव जीवित है और वही उनकी शक्ति है . निक्की बेटा तेरे पास कशिश आंटी आई है उन्हें उनके बच्चो जैसा प्यार देना . सुनील जी ईश्वर आपको दुःख की इस घडी में शक्ति प्रदान करे . ॐ शांति .