शौर्य की बाते। प्रदेश में कांग्रेस जो पूर्ण बहुमत से सरकार चल रही थी एवं चुनाव के पहले तक आम जनता में यह चर्चा का विषय था कि एक बार फिर से भूपेश सरकार दोबारा सत्ता में वापसी करेगी परंतु परिणाम के बाद जो सामने आया सभी ने देखा कि किस तरह से कांग्रेस बहुमत से 11 सीट पीछे हो गई कांग्रेस की इस बड़ी हार में कहीं ना कहीं कांग्रेस के नेताओं का ही बड़ा हाथ रहा है वैसे तो कांग्रेस संगठन हार की समीक्षा कई स्तर पर कर रही होगी किंतु आम जनों में जिस तरह से चर्चा का विषय है उसके आधार पर यह कहा जा सकता है कि दुर्ग विधानसभा क्षेत्र और दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में हार का एक प्रमुख कारण बेमेतरा विधायक आशीष छाबड़ा भी शामिल है ।
वैसे तो बेमेतरा विधायक आशीष छाबड़ा का राजनीतिक स्तर पर दुर्ग शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र में कोई हस्तक्षेप नहीं है परंतु अगर इसे दूसरे तरफ से देखा जाए तो प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री के रूप में कार्यरत तात्कालिक पीडब्ल्यूडी मंत्री ताम्रध्वज साहू के बेहद करीबी माने जाने वाले आशीष छाबड़ा के पारिवारिक कंपनी को कई सौ करोड़ का ठेका विभाग से मिला हालांकि किसी भी कंपनी में आशीष छाबड़ा का नाम नहीं परंतु यह सभी जानते हैं कि पारिवारिक कंपनी होने के कारण कहीं ना कहीं बेमेतरा विधायक आशीष छाबड़ा भी दुर्ग शहर और दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में हार के जिम्मेदार हैं हार की जिम्मेदार इसलिए भी कहा जा सकता है कि दुर्ग शहर में सड़क चौड़ीकरण एवं सौंदरीकरण में आशीष छाबड़ा की पारिवारिक कंपनी को लगभग ढाई सौ एक करोड़ का ठेका मिला था जिसमें नेहरू नगर चौक से पुलगांव चौक पुलगांव चौक से अंडा चौक एवं पुलगांव चौक से अंजोरा चौक तक सड़क चौड़ीकरण एवं सौंदर्य करण का कार्य करना था किंतु तय समय पर यह कार्य नहीं हो सका सरकार बनने के बात से शुरू हुआ यह कार्य आज पर्यंत तक पूर्ण नहीं हो सका वर्तमान समय में पुलगांव चौक से अंडा चौक तक का कार्य अभी भी प्रगति पर है ।
दुर्ग शहर की जनता एवं ग्रामीण क्षेत्र की जनता ने सड़क निर्माण के दौरान हो रही अनियमित के कारण काफी तकलीफों का सामना किया है कई बार विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी ने इसकी शिकायत भी की परंतु आशीष छाबड़ा की पारिवारिक कंपनी होने के कारण और गृह मंत्री पीडब्ल्यूडी मंत्री साहू से निकटता के कारण अधिकारी भी कार्यवाही करने में कोताही बरतने लगे कई बार विवादित स्थिति होने के बावजूद भी एजेंसी पर पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी मेहरबान रहे इस बीच कई बार दुर्घटनाओं के कारण कई परिवारों के सदस्यों की मौतें भी हुई और कई घायल भी हुए इन सबके जिम्मेदार निर्माण एजेंसी की लापरवाही कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप भी भारतीय जनता पार्टी द्वारा कई बार लगाया गया अब देखना यह है कि सरकार बदलने के बाद भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री के द्वारा क्या इन मार्गों पर हुए भ्रष्टाचार पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी या फिर सप्ताह के खेल में पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा की कंपनी पर वर्तमान सरकार भी मेहरबान रहेगी।