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आज फिर जिंदगी के पन्ने में गम दर्ज हो गया मोहनी का नाना हमसे बिछड़ गया ... Featured

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शौर्य की बातें । मोहनी हाँ यही नाम दिया था जब पहली बार गोद मे लिया था मेरे निक्की को उसके नाना ने । जिंदगी में पल पल तकलीफ झेलते हुए भी ना किसी से कोई शिकायत की ना किसी को जिम्मेदार ठहराया हर पल गम के साये में रहकर भी सदा मुस्कुराते हुए ईश्वर को ध्यान करते हुए जिंदगी जी रहे थे मेरे अर्धांगनी के पिता । 22 साल के बेटे को खो देने के बाद 3 बेटियों की शादी की ससम्मान तीनो को विदा किया । मुझे याद है वो पल जब मैंने कहा बाबूजी अब आप हमलोगों के साथ रहिए अपनी जन्मभूमि को छोड़ते हुए एक पल भी नही सोंचा और साथ आ गए । आज की दुनिया मे जब कोई अपना एक खोटा सिक्का भी छोड़ने के लिए दस बार सोंचता है बाबूजी ने बिना एक पल सोंचे अपनी जन्मभूमि छोड़ दी । सालो से साथ रह रहे थे न कोई शिकायत की ना कोई फरमाइश हर हाल में खुश और शांत । जब मेरा निक्की हमसे बिछड़ गया तो सहारा दिया पल पल साथ रहे मेरे साथ , मेरे अर्धांगनी के साथ मेरी लाडो के साथ एक मजबूत चट्टान की तरह ना कुछ कहते न कोई शिकायत बस एक निस्वार्थ साथ । मेरी रत्ना उनकी जान थी उसे देखते और उसी में अपनी दुनिया तलाशते किन्तु ये कैसी दुनिया है ये कैसा लोक मेरी रत्ना को अपना सब कुछ मानने वाला मेरी रत्ना का जन्मदाता ही मेरी रत्ना की गोद मे अंतिम सांस लिया उन्होंने तो अपनी मौत में भी खुशी पा ली होगी पर अब मेरी रत्ना का क्या होगा पहले भाई को खोया फिर बेटे को खोया और अब अपने पापा को । ईश्वर ये क्या किया तूने ये तेरा कैसा इंसाफ है अब मैं कैसे जिंदगी के पल काटूंगा । मेरा लाल तो मेरे सीने में जो दर्द दिया वो अब तक ताज़ा है अब मेरी रत्ना के दुख को कैसे देख पाऊंगा कैसे सामना कर पाऊंगा । तू कोई ऐसा चमत्कार कर दे ईश्वर की हम सब तेरी शरण मे आ जाये क्या करेंगे ऐसी जिंदगी का जिसमे ना कोई खुशी ना कोई लक्ष्य ना कोई उमंग है बस सुबह उठने के बाद रात का इंतजार और रात के बाद सुबह का । यही रात दिन की जिंदगी काटते हुए इस लोक में जी रहे है कितनी परीक्षा लेगा अब तो पास कर दे और हमे अपने पास बुला ले सबको बुला ले हम सब साथ रहेंगे । मैं , रत्ना , सिद्धि अम्मा , बाबूजी और मेरा निक्की सब साथ रहेंगे वही जगह हमारे लिए स्वर्ग होगी भूखे रहे प्यासे रहे चाहे जैसे भी रहे साथ रहेंगे तो खुश रहेंगे । तू तो सब कर सकता है अपने बच्चो के लिए हम भी तेरे बच्चे है क्यो हमे भूल गया ... बाबूजी तुम बहुत याद आ रहे हो निक्की बेटा तेरे नाना तेरे पास आ गए रे अब हमारी बारी जल्दी हमे भी बुला ले रे ..

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शौर्यपथ

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