जगदलपुर/बस्तर। छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचल बस्तर से मंगलवार को देश की आंतरिक सुरक्षा और विकास को लेकर बड़ा राजनीतिक एवं प्रशासनिक संदेश सामने आया। Amit Shah की अध्यक्षता में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद (Central Zonal Council) की 26वीं बैठक में नक्सलवाद, आदिवासी विकास, साइबर सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और राज्यों के बीच समन्वय जैसे अहम मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई।
बैठक में Vishnu Deo Sai सहित Mohan Yadav, Pushkar Singh Dhami और उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह बैठक केवल प्रशासनिक समन्वय तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे “नए भारत की आंतरिक सुरक्षा और विकास मॉडल” के रूप में भी देखा जा रहा है।
अमित शाह का बड़ा ऐलान — “भारत तय समय से पहले नक्सल मुक्त”
बैठक का सबसे बड़ा और राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का रहा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के साहस, रणनीतिक अभियान और जवानों के बलिदान के कारण भारत तय समय सीमा से पहले ही “नक्सल मुक्त” हो चुका है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि वर्षों तक हिंसा और भय का प्रतीक रहे कई नक्सल प्रभावित क्षेत्र अब विकास, शिक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। शाह ने सुरक्षा बलों के योगदान को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि देश उनके बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।
विकास और सुशासन पर विशेष फोकस
बैठक में केवल सुरक्षा नहीं बल्कि सामाजिक और प्रशासनिक सुधारों पर भी विशेष जोर दिया गया। परिषद में जिन प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई उनमें शामिल रहे:
कुपोषण समाप्त करने के लिए संयुक्त रणनीति
स्कूल ड्रॉपआउट कम करने के उपाय
महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध यौन अपराधों में शत-प्रतिशत सजा सुनिश्चित करने की कार्ययोजना
राज्यों में आधुनिक साइबर हेल्पलाइन स्थापित करने की पहल
केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर प्रशासनिक समन्वय
बैठक में यह भी माना गया कि केवल सुरक्षा अभियान पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि विकास और विश्वास निर्माण ही स्थायी समाधान का आधार बनेंगे।
आदिवासी महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर
बैठक में आदिवासी क्षेत्रों में आजीविका आधारित योजनाओं को बढ़ावा देने पर भी विशेष चर्चा हुई। आदिवासी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें गाय और भैंस उपलब्ध कराने जैसी योजनाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि बस्तर जैसे क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण और स्थानीय रोजगार ही उग्रवाद के खिलाफ सबसे प्रभावी सामाजिक हथियार साबित हो सकते हैं।
अमर वाटिका पहुंचकर शहीदों को दी श्रद्धांजलि
बैठक शुरू होने से पहले गृह मंत्री अमित शाह ने जगदलपुर स्थित अमर वाटिका पहुंचकर शहीद सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान सुरक्षा बलों के जवानों के प्रति सम्मान और राष्ट्र सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश भी दिया गया।
बस्तर से राष्ट्रीय संदेश
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बस्तर में इस उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन अपने आप में एक प्रतीकात्मक संदेश है। कभी नक्सली हिंसा का गढ़ माने जाने वाले क्षेत्र में अब राष्ट्रीय सुरक्षा, विकास और निवेश को लेकर बड़ी बैठकों का आयोजन यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार बस्तर को “संघर्ष क्षेत्र” नहीं बल्कि “संभावनाओं के क्षेत्र” के रूप में स्थापित करना चाहती है।
बैठक ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में केंद्र सरकार सुरक्षा और विकास—दोनों मोर्चों पर एक साथ आगे बढ़ने की रणनीति पर काम करेगी।