नवागढ़ / शौर्यपथ / बीते दो दिनों से मौसम के बदले तेवर और बदली के बाद शुक्रवार को दिनभर से बदली के बीच अचानक बारिश शुरू हो गई। नवागढ़ शाखा अंतर्गत मंडी परिसरो में खुले आसमान के नीचे खरीदी किये हुए धान के ढेर लगे हुए थे। बारिश से वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मंडी में कार्यरत कर्मचारी व रेजा ने धान के ढेर को पॉलीथिन एवं बोरों से ढंककर सुरक्षित किया लेकिन बारिश से धान के ढेर में नीचे से नमी आने का आसार लगाया जा रहा है। समिति प्रबंधकों की सिर में चिंता की लकीरें स्पष्ठ नज़र आ रही है।
उल्लेखनीय है कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग जिला बेमेतरा के शाखा नवागढ़ अंतर्गत 13 मंडियों में शुक्रवार तक की स्थिति में कुल 8,74,933.60 क्विंटल धान की खरीदी की गई, जिसमें से अबतक महज 5,81,886 क्विंटल धान का ही परिवहन हो पाया है जबकि अभी भी शाखा के मंडियों में 2,93,047.60 क्विंटल धान परिवहन की धीमी रफ्तार के चले डंप पड़े हुए है। शुक्रवार को हुई बारिश से इन धान के खराब होने की आशंका जताई जा रही है, जिसका नुकसान सम्बंधित समिति को भुगतना होगा। परिवहन को लेकर प्रशासन के सख्त रवैये के बावजूद समितियों में इनता धान का डंप होना अनेक सवालों को उठाता है।
डंप धान की स्थिति को देखे तो नवागढ़ मंडी में 31,712.40 क्विंटल,नेवशा में 30,187.60 क्विंटल, मुरता में 31,345.20 क्विंटल, बोरतरा में 28,058.40 क्विंटल, झाल में 20,345.60 क्विंटल, रनबोड में 23,038.40 क्विंटल, प्रतापपुर में 13,166.40 क्विंटल, हाथाडाडु में 25,950.80 क्विंटल, अँधियारखोर में 27,202.80 क्विंटल, छिरहा में 19,668 क्विंटल एवं जंगलपुर में 13,638.80 क्विंटल क्विंटल धान अब तक परिवहन के अभाव में खुले आसमान के नीचे मंडियों में पड़े हुए है। परिवहन में हो रही लापरवाही से एक बात स्पष्ठ है कि धान को नुकसान होगा।
"परिवहन की सुस्ती का नुकसान समिति को उठाना पड़ रहा है, बारिश में दिनभर मंडियों के कर्मचारी प्लास्टिक लगाते एवं व्यवस्था बनाते रहे। यदि धान का जल्द परिवहन नही किया गया तो बड़ी मात्रा में धान को नुकसान होगा।"
राजेन्द्र शर्मा
प्रबंधक, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक नवागढ़ शाखा
तापमान में आई गिरावट
दिन में बादल छाए रहने व हल्की बारिश के कारण क्षेत्र में अधिकतम तापमान में पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है, हालांकि न्यूनतम तापमान बढ़ा है। उत्तर से आने वाली ठंडी हवाओं ने ठंड भी बढ़ा दी है। मौसम का करवट बदलते ही शुक्रवार को इतने दिनों से ठंडा पड़े गर्म कपड़ों के स्टालों में ग्राहकों की थोड़ी भीड़ भी नजर आई। शाम ढलते ही बाजार में सन्नाटा पसरा नजर आया।