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कलेक्टर ने राष्ट्रीय फाईलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत फाइलेरिया की दवा खाकर सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम का किया शुभारम्भ

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राजनांदगांव /शौर्यपथ / कलेक्टर  संजय अग्रवाल ने राष्ट्रीय फाईलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डोंगरगढ़ में सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम में स्वयं फाइलेरिया की दवा खाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राष्ट्रीय फाईलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत 27 फरवरी से 13 मार्च 2025 तक डोंगरगढ़ एवं डोंगरगांव विकासखंड में 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती माताओं एवं गंभीर बीमार व्यक्ति को छोड़कर फाईलेरिया (हाथी पांव) जैसे गंभीर बीमारी से बचाव के लिए फाइलेरिया की दवा खिलाई जाएगी। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने डोंगरगढ़ एवं डोंगरगांव विकासखंड के नागरिकों से घर के सदस्यों एवं पड़ोसियों को फाइलेरिया की दवा खाने के लिए प्रेरित करने की अपील की है। उन्होंने दवा खाने से मना करने वाले परिवारों को समझाने में स्वास्थ्य कार्यकर्ता की सहायता करने कहा है। इस दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियो, कर्मचारियों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने फाईलेरिया रोग से बचाव हेतु फाईलेरिया की दवा खाई।
इस अवसर पर डोंगरगढ़ में नव निर्वाचित नगरपालिका अध्यक्ष श्री रमन डोंगरे, नव निर्वाचित सरपंच ग्राम पंचायात अछोली नन्द कुमार साहू, जसमीत सिंह, अन्य जनप्रतिनिधि, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डोंगरगढ़ मनोज मरकाम, तहसीलदार डोंगरगढ़   मुकेश ठाकुर, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बंशी लाल तुलावी, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी पी एक्का, जिला कार्यक्रम प्रबंधक  संदीप ताम्रकार, जिला सलाहकार श्रीमती संगीता पाण्डेय एवं  राजेश गायकवाड, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक मुक्ता खूजूर, मलेरिया सुपरवाईजर श्रीमती स्वाति बक्शी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
     मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि फाईलेरिया मच्छरों के काटने से होने वाला एक संक्रामक रोग है, जिसे सामान्यत: हाथी पांव के नाम से जाना जाता है। फाईलेरिया रोग के नियंत्रण के लिए जिले में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। शासन द्वारा इस रोग से बचाव के लिए नि:शुल्क फाइलेरिया की दवा दी जा रही है। राष्ट्रीय फाईलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 27 फरवरी से 2 मार्च 2025 तक संस्थाओं में बूथ लगाकर दवा सेवन कराया जाएगा। 3 से 10 मार्च 2025 तक ड्रग एडमीनीस्टेट्रर द्वारा समुदाय स्तर पर गृह भेंट कर दवा सेवन कराया जाएगा। 11 से 13 मार्च 2025 तक छूटे हुए लाभार्थियों को मॉप-अप राउंड अंतर्गत दवा का सेवन कराया जाएगा। 27 फरवरी से 13 मार्च 2025 तक सभी स्वास्थ्य संस्थानों में एमडीए कार्नर में लाभार्थियों को दवा सेवन कराया जाएगा। दवा के सेवन से फाइलेरिया सम्बंधित शिकायत नहीं होगी। सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम के दौरान फाइलेरिया की दवा का सेवन कर हाथी पाव बीमारी से बचा जा सकता है। यह दवा अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर बनी है तथा पूरी तरह से सुरक्षित है। फाइलेरिया की दवा खाली पेट नहीं खाना है। यह दवा 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती माताओं एवं गंभीर बीमार व्यक्ति को छोड़कर सभी को खाना चाहिए। जिससे भविष्य में फाईलेरिया रोग से बचा जा सकता है एवं शहर में पनप रहे परजीवी का नाश हो सके और सभी नागरिक फाईलेरिया के भय से निजात पा सके। दवा जब अपना कार्य शुरू करती है, तो कुछ देर के लिए जी मितलाना, सर दर्द या चक्कर आना जैसी प्रतिक्रिया स्वभाविक है, जो कुछ ही देर में स्वत: ही समाप्त हो जाता है। यह दवा का सकारात्कम प्रभाव है।

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