राजनांदगांव / शौर्यपथ / तुलसी के विभिन्न औषधीय और आध्यात्मिक फायदों से प्राचीनतम काल से अवगत होने के कारण सनातन संस्कृति में इसे माता का स्थान दिया गया है और साथ ही इसकी पूजा होती आयी है। अनेक वैज्ञानिक शोधों ने भी तुलसी की औषधीय बहूपयोगिता सिद्ध की है। देश की भावी पीढ़ी में भी इन संस्कारों के सिंचन हेतु श्री योग वेदांत सेवा समिति राजनांदगांव के द्वारा 25 दिसंबर तुलसी पूजन दिवस व गीता जयंती के अवसर पर जिले में अब तक 528 स्थानों में तुलसी-पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इसी कड़ी में 25 दिसंबर तुलसी पूजन दिवस व गीता जयंती पर प्रमुख कार्यक्रम ग्राम-भर्रेगाँव व कसारी (सुकुल दैहान) में विशाल रूप से तुलसी पूजन व गीता पूजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में आसपास के सभी ग्राम प्रमुख शामिल होकर तुलसी का पूजन, प्रदक्षिणा और आरती की। बाल संस्कार केंद्र के बच्चो द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। दिव्य प्रेरणा प्रकाश ज्ञान प्रतियोगिता में विजेता विद्यार्थियों को आकर्षण पुरुस्कार उपस्थित सभी गणमान्य लोगो को तुलसी का पौधा, श्रीमद भागवत गीता, ऋषि प्रसाद, लोक कल्याण सेतु सत्साहित्य तथा वर्ष 2021 के कैलेण्डर भेंट भी किया गया। तुलसी का पौधा मानवमात्र के लिए कैसे उपयोगी है, यह विस्तार से बताया गया। इस कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य लोगो ने पूजन कार्यक्रम की भूरी-भूरी प्रसंशा की।
श्री योग वेदांत सेवा समिति के अध्यक्ष रोहित चंद्राकर ने बताया कि ‘केवल भारत ही नहीं वरन् विश्व के सभी लोग तुलसी के सेवन, रोपण के चमत्कारिक लाभों का फायदा उठाकर स्वस्थ व निरोगी जीवन पा सकते हैं। तुलसी को घर का वैद्य भी कहा गया है। तुलसी के पत्तों के सेवन से बल, तेज और यादशक्ति बढ़ती है। इसमें कैंसर-रोधी तत्व भी पाये जाते हैं। फ्रेंच डॉक्टर विक्टर रेसीन का कहना है कि ‘तुलसी एक अद्भुत औषधि (वंडर ड्रग) है, जो ब्लडप्रेशर, मानसिक रोगों आदि में अत्यंत लाभकारी है तथा पाचनतंत्र का नियमन व रक्तकणों की वृद्धि करती है। प्रत्येक व्यक्ति को ऐसी महिमामयी तुलसी का संपूर्ण लाभ मिले और देश में सुख-सौहार्द, स्वास्थ्य व शांति की वृद्धि होकर जन-समाज का जीवन मंगलमय हो, इस लोक हितकारी उद्देश्य से संत श्री आशारामजी बापू की प्रेरणा से वर्ष 2014 से 25 दिसंबर के दिन ‘तुलसी पूजन दिवस’ मनाने का शुभारम्भ हुआ, तब से देशभर में प्रतिवर्ष यह दिवस विद्यालयों, महाविद्यालयों, मंदिरों, सोसायटियों, बाल संस्कार केन्द्रों तथा धार्मिक स्थलों में सामूहिक रूप से मनाया जाता है।
इस कार्यक्रम में समिति के टीके चंद्राकर, महेश रायचा, लोकेश भाई, एमआर डडसेना, संतोष पिल्ले, बलभद्र चंद्राकर, दिलीप सिन्हा, लेखराम साहू, रामकिशुनदास वैष्णव, उमाशंकर कुंवर, नम्मु साहू, राजू वर्मा, मार्गे सर, अश्वनी निषाद, सोमेश साहू, चमरू साहू, कौशल साहू, खुमेश निषाद, पुष्पेन्द्र सिन्हा, जय चंद्राकर, खिलावन पटेल, दीपेश सिन्हा, विकाश चंद्राकर, अजय साहू तथा महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती एरिना चंद्रवंशी, सरस्वती डडसेना, एकता चंद्राकर, अंजू निषाद, खिलेस्वरी साहू, मोनिका चंद्राकर, अनीता निषाद, रेणुका निषाद, पूजा चंद्राकर तथा जिले भर में हुयी तुलसी पूजन कार्यक्रम में गंडई समिति, अतरिया समिति, बिजलदेही समिति, डोंगरगांव समिति, डोंगरगढ़ समिति , छूरिया समिति, गोटाटोला समिति की प्रमुखता रही।