राजनांदगांव / शौर्यपथ / सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा बौद्धिक दिव्यांगता सशक्तिकरण संस्थान के अधीन संचालित समेकित क्षेत्रिय केन्द्र राजनांदगांव के द्वारा विगत दिनों सीआरसी राजनांदगांव में भारतीय पुनर्वास परिषद के नियमानुसार दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन भाषण और भाषा विकास और इसका प्रबंधन पर सीआरई कार्यक्रम का आनलाईन आयोजन किया गया।
जिसमें 44 प्रतिभागी विभिन्न राज्यों से शामिल हुए इस सीआरई कार्यक्रम का शुभारंभ श्री कुमार राजू (निदेशक) के द्वारा किया गया तथा इस सीआरई कार्यक्रम में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 3.30 बजे तक विभिन्न अलग-अलग विभागीय प्रोफेशनल सहायक प्राध्यापक श्री राजेन्द्र कुमार प्रवीण, सहायक प्राध्यापक मनोविज्ञानिक विभाग श्रीमती श्रीदेवी, श्रीमती पूनम (वाक् एवं श्रवण विभाग), श्री आशीष परासर (फिजियोथेरेपी विभाग), श्री देबाशीश राऊत (ओक्कूपटीओनल थेरेपी) एवं श्रीमती प्रतिमा बार्ले (स्पीच थेरपिस्ट दुर्ग जिला अस्पताल) के द्वारा पाठ्यक्रम के समय अपने-अपने विशेष क्षेत्र से संबंधित विषय पर आनलाईन क्लास लिया गया।
जिसमें सभी प्रकार के बोली एवं भाषा बाधित छात्र-छात्रा एवं व्यक्ति के बारे में तथा उसके उपचार के आधुनिक तरीके के बारे में जानकारी दिया गया तथा सभी क्लास के बाद आरसीआई के नियमानुसार मूल्यांकन भी किया गया और इस कार्यक्रम का समापन पूनम सीआरई (कार्यक्रम समन्वयक), आशीष परासर, गजेन्द्र कुमार साहू सीआरई (सदस्य) के द्वारा किया गया।