राजनादगांव / शौर्यपथ / शासकीय कमलादेवी राठी स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय राजनांदगांव में राष्ट्रीय महिला आयोग भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन महिला प्रकोष्ठ एवं समाजशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वाधान में 17 मार्च को प्रातः 10.30 बजे महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित किया जा रहा है।
प्राचार्य डॉ. श्रीमती सुमन सिंह बघेल द्वारा बताया गया कि महिलाओं के उत्थान के लिए कानूनी जागकरूकता के सृजन का सर्वोपरि महत्व है। वे अपने कानूनी और अन्य अधिकारों से समाज में अपनी स्थिति और अपनी समस्याओं के समाधान के बारे में अनभिज्ञ है। इस तरह के आयोजन से विधिक जागरूकता के संबंध में जानकारी प्राप्त होगी। आयोजन की संयोजक डॉ. हरप्रीत कौर गरचा ने बताया कि महिलाओं के अधिकारों से जुड़ी जानकारियां और इनसे जुड़े सभी महत्वपूर्ण कानून जैसे फ्री लीगल एड एवं पारिवारिक न्यायालय पर ही जागरूकता लाने का कार्यक्रम के आयोजक सचिव डॉ. जीपी रात्रे ने कार्यक्रम के मूलभूत मुद्दों पर अवगत कराया कि विधिक जागरूकता से संबंधित सामान्य कानूनी बातों से परिचित कराकर महिलाओं में सशक्तिकरण किया जायेगा। जागरूकता के बारे में समाज का नजरिया या दृष्टिकोण में बदलाव की आवश्यकता है। कार्यक्रम की सह संयोजक डॉ. निवेदिता ए. लाल ने कहा कि साक्षरता के आधार पर एक सुदृढ़ एक विकसित समाज आकार लेता है। कानूनों की आधी-अधूरी जानकारी अक्सर बड़ी उलझन में डाल देती है। कानूनों की सही जानकारी ही हमें अपने कर्तव्य और अधिकारों के प्रति सचेत करती है। शोषण से मुक्त होने में मदद करती है।
कार्यक्रम का उद्घाटन श्रीमती हेमा देशमुख महापौर के मुख्य आतिथ्य, पद्मश्री श्रीमती फुलबासन बाई की अध्यक्षता में किया जायेगा। कार्यक्रम के विषय विशेषज्ञ श्रीमती सुरेशा चौबे, एडिशनल एसपी, प्रवीण मिश्रा, न्यायाधीश सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण, शरद श्रीवास्तव सृजन सामाजिक संस्था, श्रीमाशु कुमार दास, सहायक प्राध्यापक विधि होगें। कार्यक्रम को आकर्षक बनाने के लिए नुक्कड़ नाटक का मंचन किया जायेगा।