भिलाई निगम चुनाव से पहले वार्डों की चौहद्दी के अनुसार मतदाता सूची का विभाजन करने की मांग
BLO की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, आम मतदाताओं और संभावित प्रत्याशियों की बढ़ सकती है परेशानी
भिलाई / शौर्यपथ / आगामी नगर पालिक निगम चुनाव की तैयारियों के बीच मतदाता सूची के वार्डवार विभाजन को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। जिला कांग्रेस कमेटी भिलाई के सचिव अली हुसैन सिद्दीकी ने मांग की है कि विधानसभा क्षेत्रों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद जारी अंतिम मतदाता सूची को नगर निगम के प्रत्येक वार्ड के आधिकारिक नक्शे एवं निर्धारित चौहद्दी के अनुसार व्यवस्थित किया जाए, ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिरहित हो सके।
सिद्दीकी के अनुसार, SIR के बाद जारी अंतिम मतदाता सूची विधानसभा क्षेत्रों के मतदान केंद्रों (बूथों) के आधार पर तैयार की गई है। नगर निगम चुनाव में प्रत्येक मतदाता का नाम उसके वास्तविक निवास स्थान और संबंधित वार्ड की सीमा के अनुरूप दर्ज होना आवश्यक है। इसके लिए बूथ स्तर की मतदाता सूची का वार्डवार सटीक विभाजन किया जाना चाहिए था, लेकिन आरोप है कि स्थानीय निर्वाचन के कर्मचारियों एवं बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने वार्डों के नक्शे और चौहद्दी के अनुरूप यह कार्य नहीं किया। इसके चलते कई वार्डों में मतदाता सूची संबंधी विसंगतियां सामने आने की बात कही जा रही है।
उन्होंने कहा कि भिलाई नगर निगम में वर्तमान में नया परिसीमन नहीं हुआ है। ऐसे में पिछले आम चुनाव के दौरान निर्धारित वार्डों के नक्शे एवं सीमांकन को आधार बनाकर मतदाता सूची का विभाजन किया जाना चाहिए। निगम प्रशासन के पास वार्डवार आधिकारिक नक्शे और चौहद्दी का विवरण उपलब्ध है। इसके बावजूद यदि मतदाता सूची का सही ढंग से वर्गीकरण नहीं हुआ है, तो इसका खामियाजा आम मतदाताओं के साथ-साथ आगामी चुनाव में संभावित प्रत्याशियों को भी भुगतना पड़ सकता है।
सिद्दीकी ने कहा कि मतदाता सूची में त्रुटियों के कारण मतदान के दौरान मतदाताओं को असुविधा, नाम को लेकर आपत्ति अथवा वार्ड संबंधी भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। इसलिए स्थानीय निर्वाचन शाखा और निगम प्रशासन को वार्डवार मतदाता सूची की समीक्षा कर विसंगतियों का निराकरण करना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि प्रत्येक मतदाता का नाम उसके निवास स्थान के अनुरूप संबंधित वार्ड की सूची में सुनिश्चित किया जाए और चुनाव से पहले सूची की जांच एवं आवश्यक सुधार की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए, ताकि नगर निगम चुनाव में किसी मतदाता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।