रायपुर / शौर्यपथ / राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के तहत राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम डुंडेरा की जन्मजात श्रवण बाधित बच्ची जीविका का एम्स रायपुर में सफल कॉक्लियर इम्प्लांट किया गया। आंगनबाड़ी में नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान आरबीएसके (चिरायु) टीम ने उसकी समस्या की पहचान कर समय पर एम्स रेफर किया, जहां विशेषज्ञों ने सफल ऑपरेशन किया।
अब नियमित स्पीच थेरेपी और पुनर्वास के माध्यम से जीविका धीरे-धीरे सुनने और बोलने की क्षमता विकसित कर सकेगी। यह सफलता राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की प्रभावी कार्यप्रणाली का उदाहरण है, जिसके तहत बच्चों में जन्मजात विकारों और गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर निःशुल्क उपचार एवं उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। डोंगरगढ़ की आरबीएसके टीम की तत्परता ने एक मासूम के जीवन में खामोशी की जगह उम्मीद और आवाजों की नई दुनिया बसा दी।