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दीपावली से पहले बस्तर को सड़क विकास की बड़ी सौगात, 485 बसाहटों के कार्य स्वीकृत

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280 अन्य बसाहटों को जोड़ने 804 करोड़ रुपये की लागत से 263 सड़कों के प्रस्ताव; 373 पुलों के निर्माण पर भी विचार

रायपुर । बस्तर संभाग के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों को सड़क संपर्क से जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार से महत्वपूर्ण सकारात्मक पहल मिली है। संभाग की 485 बसाहटों के सड़क कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 280 अन्य बसाहटों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने के लिए 804.06 करोड़ रुपये की लागत से 263 सड़क कार्यों के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन सड़कों की कुल लंबाई 841.825 किलोमीटर है।

उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बस्तर की भौगोलिक परिस्थितियों और नक्सलवाद से मुक्त हुए गांवों की जरूरतों को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से विशेष छूट एवं सड़क-पुल निर्माण में सहयोग का अनुरोध किया था। केंद्रीय मंत्री चौहान ने पत्र के माध्यम से सड़क संपर्क विस्तार, स्वीकृत कार्यों और प्रस्तावित परियोजनाओं की जानकारी देते हुए सकारात्मक रुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार जताया है।

1,168 बसाहटों में सड़क संपर्क की प्रक्रिया

केंद्रीय मंत्री के अनुसार बस्तर संभाग की कुल 1,168 बसाहटों से संबंधित सड़क कार्य विभिन्न चरणों में हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के प्रथम बैच में 234 बसाहटों के कार्य स्वीकृत हैं। इनमें बस्तर की 87, बीजापुर की 44, दंतेवाड़ा की 12, कांकेर की 41, कोंडागांव की 34 और सुकमा की 16 बसाहटें शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 474 अन्य चिन्हांकित बसाहटों के लिए डीपीआर तैयार किए जा रहे हैं।

दूसरे बैच में सात जिलों की 280 बसाहटों के लिए 263 सड़क कार्यों के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। वहीं ग्रामीण सड़क सर्वे ऐप के माध्यम से शेष पात्र बसाहटों की पहचान और जरूरतों का आकलन किया जा रहा है। सड़क निर्माण से वनांचल के गांवों को स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों, आंगनबाड़ी, बाजार और प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। कृषि उपज के परिवहन और स्थानीय आजीविका को भी बढ़ावा मिलेगा।

373 पुलों के प्रस्तावों पर भी विचार

सड़क संपर्क के साथ पुल निर्माण को भी गति देने की तैयारी है। पीएमजीएसवाई-4 के प्रथम बैच के तहत 206 तथा पीएम-जनमन योजना के अंतर्गत 167 पुलों के प्रस्तावों पर अधिकार प्राप्त समिति की बैठक में विचार किया गया है। केंद्रीय मंत्री के पत्र के अनुसार इन प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। बस्तर संभाग में 55 लंबे पुलों के प्रस्ताव भी तैयार किए गए हैं। नारायणपुर जिले में पीएम-जनमन के तहत 22 लंबे पुलों के प्रस्ताव हैं, जिनकी अनुमानित लागत 87.45 करोड़ रुपये है।

नक्सलमुक्त गांवों के लिए विशेष छूट की मांग

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया था कि कम आबादी और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सड़क सुविधा से वंचित छोटी बसाहटों के लिए विशेष छूट दी जाए। उन्होंने 10 किलोमीटर की परिधि में स्थित छोटी बसाहटों को एक क्लस्टर मानकर सड़क स्वीकृति देने तथा निर्धारित जनसंख्या संबंधी मापदंडों में राहत देने का सुझाव रखा था।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि शेष पात्र बसाहटों की पहचान के लिए ग्राम सड़क सर्वेक्षण ऐप के माध्यम से चार माह का सर्वेक्षण शुरू किया गया है। क्लस्टर आधारित व्यवस्था और विशेष छूट के अनुरोध का परीक्षण उपलब्ध तथ्यों एवं लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद के प्रभाव में कमी के साथ बस्तर में विकास की नई संभावनाएं खुल रही हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि नक्सलवाद से मुक्त हुए गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, संचार और रोजगार की सुविधाएं पहुंचें। सड़क और पुल निर्माण से दूरस्थ गांवों की मुख्यधारा से जुड़ने की राह आसान होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर की शेष पात्र बसाहटों को भी चरणबद्ध तरीके से बारहमासी सड़क संपर्क से जोड़ा जा सकेगा।

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