राज्योत्सव में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रदर्शनी को मिला द्वितीय पुरस्कार
जल संरक्षण, बकरी पालन, बालिका शौचालय और सोलर दीदी के नवाचारों से प्रदर्शित हुई बदलते गांवों की तस्वीर
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रदर्शनी को द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नवाचारों को प्रदर्शित करने वाली इस प्रदर्शनी में ‘बिहान’ की स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के उत्पादों से लेकर धमतरी की पीएम जनमन आवास कॉलोनी और प्लास्टिक कचरे से सड़क निर्माण तक की उपलब्धियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
‘छत्तीसकला’ ने दिखाई ग्रामीण महिलाओं की उद्यमशीलता
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार ‘छत्तीसकला’ ब्रांड के उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया गया। जेराफूल चावल, मिलेट आधारित खाद्य पदार्थ, तिखुर पाउडर, सत्तू लड्डू, हस्तशिल्प और सजावटी सामग्रियों को आकर्षक पैकेजिंग के साथ प्रस्तुत किया गया। खास बात यह रही कि बिहान की दीदियों ने स्वयं स्टॉल संचालित कर अपने उत्पादों और स्वरोजगार की जानकारी आगंतुकों को दी।
7.9 टन प्लास्टिक से बनी 12 किलोमीटर सड़क
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अपशिष्ट प्लास्टिक के उपयोग से सड़क निर्माण का नवाचार विशेष आकर्षण रहा। विभाग के अनुसार राज्य के चार जिलों में कुल 7,900 किलोग्राम प्लास्टिक का उपयोग कर 12 किलोमीटर सड़क बनाई गई है। इसमें बस्तर में 400 किलोग्राम से 1.5 किमी, महासमुंद में 3,700 किलोग्राम से 5 किमी, सरगुजा में 550 किलोग्राम से 1.5 किमी तथा मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 3,250 किलोग्राम प्लास्टिक से 4 किमी सड़क निर्माण शामिल है। इस पहल के माध्यम से कचरे के उपयोग के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
पीएम जनमन आवास कॉलोनी का मॉडल बना आकर्षण
धमतरी जिले के मसान डबरा में विकसित पीएम जनमन आवास कॉलोनी का मॉडल भी प्रदर्शनी में प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। इसमें विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के परिवारों के लिए पक्के आवास, स्वच्छ परिसर, हरियाली और बुनियादी सुविधाओं के साथ बेहतर जीवन की परिकल्पना दिखाई गई।
जल संरक्षण से सोलर दीदी तक ग्रामीण नवाचारों की झलक
वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका संवर्धन और आपदा प्रबंधन से जुड़े 375 अनुमेय कार्यों की जानकारी प्रदर्शित की गई। डिफंक्ट बोरवेल रिचार्ज पिट, ‘मेरी बेटी मेरा अभिमान’ के तहत बालिका शौचालय, बकरी पालन तथा वन संरक्षण के मॉडल के माध्यम से ग्रामीण विकास की विभिन्न गतिविधियों को दर्शाया गया।
वहीं ‘सोलर दीदी’ पहल के जरिए द्वीप्ती योजना और प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जुड़ी सौर ऊर्जा आधारित उद्यमिता में ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी और आत्मनिर्भरता की संभावनाओं को प्रस्तुत किया गया।
‘दीदी के गोठ’ में सफलता की कहानियों का जीवंत प्रदर्शन
बिहान के रेडियो कार्यक्रम ‘दीदी के गोठ’ के सभी 15 प्रसारित एपिसोड भी प्रदर्शनी में प्रदर्शित किए गए। कार्यक्रम में शामिल ग्रामीण महिलाओं ने स्वयं आगंतुकों से संवाद कर अपने संघर्ष, स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता की कहानियां साझा कीं।
राज्योत्सव में विभाग की प्रदर्शनी ने स्व-सहायता समूहों की उद्यमिता, जनजातीय परिवारों के आवास, प्लास्टिक कचरे के उपयोग, जल संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा जैसे प्रयासों के माध्यम से ग्रामीण विकास की विभिन्न तस्वीरें प्रस्तुत कीं। इन्हीं नवाचारों और उपलब्धियों के प्रदर्शन के लिए विभाग को द्वितीय पुरस्कार मिला।