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शशि थरूर ने आखिर क्यों पूछा- 'क्या चीन में शिफ्ट होने वाला है IMF का हेडक्वॉर्टर?'

  • devendra yadav birth day

नई दिल्ली / शौर्यपथ / पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 ने बड़े बदलाव लाए हैं. ग्लोबल इकोनॉमी के पायदान पर ऊपर रहे देशों में भी बड़ा फर्क आया है. ऐसे में कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एक अहम सवाल पूछा है- 'क्या IMF चीन में शिफ्ट होने वाला है?' कोविड-19 से ध्वस्त होने के बाद चीन अब ग्लोबल इकोनॉमिक रिकवरी में दुनिया में सबसे आगे चल रहा है, वहीं चीन 2020 में ऐसी अकेली अर्थव्यवस्था होगा, जिसमें वृद्धि होगी. कुछ रिपोर्ट्स ऐसी भी हैं कि चीन पहले ही अमेरिका को पछाड़कर दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है.
उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, 'इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के उप-कानून कहते हैं कि उसका हेडक्वॉर्टर दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश में होगा. 75 सालों से वॉशिंगटन डीसी IMF का ऑफिस है. लेकिन कोविड-19 के बाद जिस तरह से अमेरिकी और चीनी अर्थव्यवस्थाएं दिख रही हैं, उसके हिसाब से, क्या IMF जल्द ही चीन में शिफ्ट होना वाला है?'
उन्होंने अपने एक अन्य ट्वीट में लिखा, 'IMF ने खुद कहा है कि चीन अकेली बड़ी अर्थव्यवस्था होगा, जो इस साल विकास करेगा. इसने अनुमान जताया है कि चीन 2020 में 1.9 फीसदी की वृद्धि करेगा, वहीं अमेरिकी की अर्थव्यवस्था 4.3 फीसदी सिकुड़ेगी. अगले साल चीन की वृद्धि 8.4 तक रहेगी. वहीं. अमेरिका की 3.1 फीसदी. चैलेंजिंग.'
शशि थरूर ने यह सवाल इसलिए पूछा है क्योंकि IMF के संस्थापक नियमों में ऐसा कहा गया है कि संगठन का कार्यालय दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश में होगा. IMF के आंकड़ों के मुताबिक, चीन की वृद्धि 2021 के 26.8 फीसदी से बढ़कर 2025 तक 27.7 फीसदी हो जाएगी.
पिछले हफ्ते World Economic Outlook के ताजा अनुमान जारी किए गए हैं, जिसमें कहा गया है कि इस साल वर्ल्ड जीडीपी में 4.4 फीसदी की गिरावट आने का अनुमान है, जून में इसमें 4.9 फीसदी गिरावट देखी गई थी.
हालांकि, अगर भारत की बात करें तो जीडीपी प्रति व्यक्ति आय के लिहाज से भारत बांग्लादेश से भी नीचे रहने वाला है. IMF की रिपोर्ट के अनुसार, भारत 10.3 फीसदी की गिरावट देख सकता है. बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल भारत ऐसी गिरावट देखने वाला सबसे बड़ा देश होगा.
हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश भारत 2021 में 8.8 फीसदी ग्रोथ के साथ वापस ऊपर आ सकता है. और सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था का अपना दर्जा वापस ले सकता है. भारत चीन के 8.2 फीसदी के अनुमान वाले ग्रोथ को भी पीछे छोड़ सकता है.

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शौर्यपथ

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