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श्रीदेवी के निधन के बाद कुछ ऐसे बदल गई अर्जुन कपूर की लाइफ,अब इन बातों को लेकर होती है उन्हें चिंता

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मनोरंजन / शौर्यपथ / आज बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बना चुके अभिनेता अर्जुन कपूर अपना 35वां जन्मदिन मना रहे हैं। अर्जुन कपूर का जन्‍म 26 जून 1985 को मुंबई में हुआ था। आज अर्जुन उस मुकाम पर पहुंचे हुए हैं कि उनकी फैन फॉलोइंग बहुत है। लड़कियां उनकी दीवानी है। उनकी पर्सनैलिटी देखकर लड़कियां दिल दे बैठती हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि अर्जुन के भी लाइफ में कई ऐसे उतार चढ़ाव सामने आए, जिसे लेकर अर्जुन लोगों से दूरियां बनानी शुरु कर दी थी, लेकिन उन्होंने बाद में बिगड़ते हुए हालातों को सुधारा और अपनी मंजिल तय कर आगे बढ़ें। आज अर्जुन के जन्मदिन के अवसर हम 'इश्कजादे' एक्टर के पर्सनल लाइफ से जुड़ी कुछ अनकही बातों के बारें बताएं, जिसे शायद ही आप जानते हो...।
अर्जुन ने साल 2012 में आई फिल्म इशकज़ादे से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। बॉलीवुड में बतौर एक्टर आने से पहले अर्जुन असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया था। वह 'कल हो ना हो' में निखिल आडवाणी को असिस्ट कर चुके हैं। इसके साथ ही 'सलाम-ए-इश्क', 'वॉन्टेड' और 'नो एंट्री' में भी अर्जुन ने असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया था। अर्जुन ने अब तक इशकज़ादे, औरंगजेब, गुंडे, 2 स्टेट्स, फाइंडिंग फैनी, तेवर, की एंड का और हाफ गर्लफ्रैंड, 'इंडियाज मोस्ट वॉन्टेड', जैसी फिल्मों में काम किया है। अब अर्जुन की आने वाली फिल्म पानीपत है, जिसकी शूटिंग शुरू गई है।
बता दें कि, अर्जुन अपनी मां मोना कपूर के बेहद करीब थे। उन्होंने अपनी मां के लिए दाएं हाथ की कलाई पर 'मां' नाम का टैटू भी बनवा रखा है। अर्जुन ने साल 2012 में फिल्म 'इश्कजादे' से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इस फिल्म में अर्जुन के अपोजिट एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा थी। इस फिल्म के लिए अर्जुन को बेस्ट मेल डेब्यू का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था। लेकिन, फिल्म रिलीज से पहले ही कैंसर की बीमारी के चलते अर्जुन की मां का निधन हो गया था। वे अपने बेटे की पहली फिल्म नहीं देख पाई थीं। अर्जुन को इस बात की बेहद अफसोस रहता है।

ऐसी खबरें भी सामने आई थी कि पिता की दूसरी शादी से अर्जुन बोनी-श्रीदेवी से काफी नाराज रहते थे। लेकिन 24 फरवरी 2018 श्रीदेवी के अचानक निधन के बाद अर्जुन के विचारों में काफी बदलाव आया। खासकर पिता बोनी के प्रति और अपनी दोनों सौतेली बहनों जाह्नवी और खुशी कपूर को लेकर अर्जुन काफी इमोशनल हो गए। इतना ही नहीं श्रीदेवी के निधन के बाद जाह्नवी और खुशी कपूर का पूरा ध्यान रखने लगे। अब अर्जुन कभी भी अपनी बहनों के बारे में कुछ गलत नहीं सुनना पसंद नहीं करते हैं। खुशी जान्हवी को लेकर अर्जुन काफी प्रोटेक्टिव हैं।
एक इंटरव्यू के दौरान अर्जुन ने जाह्नवी और खुशी के साथ अपने रिश्ते पर कहा था कि 'जब श्रीदेवी के निधन की खबर मिली तब मैं पंजाब में था। मैंने अपनी मौसी और बहन तो तुरंत फोन किया। मैंने वही किया जो मुझे उस समय सही लगा। मेरी मां भी यही चाहती कि मैं अपने पापा और परिवार का साथ दूं।' अर्जुन ये भी कहा था कि 'मैं एक अच्छा बेटा और भाई बन सकता हूं तो क्यों ना बनूं। मेरे लिए तो अच्छा है कि मुझे 2 और बहनें मिल गईं। वहीं अपने पिता की मदद करके मुझे बहुत राहत भी मिली।' इतना ही नहीं जाह्नवी-खुशी के साथ अपने रिश्ते पर अर्जुन ने बताया था कि हम लोग एक दूसरे के साथ कम्फर्टेबल हैं। हमारे रिश्ते की शुरुआत अच्छे से हुई। मुझे डर था कि ज्यादा बात करने से नजर न लगे। आज हम एक दूसरे से कम्फर्टेबल होकर बात करते हैं। मैं और अंशुला हमेशा उनके साथ हैं।'

 

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