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बैंकों की विश्वसनीयता समाप्त कर रही केंद्र सरकार : हेमा देशमुख

  • rounak group

राजनांदगांव / शौर्यपथ / नगर निगम की महापौर हेमा देशमुख ने बैंकों के निजीकरण के विरोध में हड़ताल कर रहे बैंककर्मियों के बीच पहुँच कर उनकी मांगों को जायज बताते हुए उनका समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए कही की, जब से केंद्र में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार सत्तासीन हुई है, तब से संवैधानिक व्यवस्था को चौपट करने का सिलसिला चल पड़ा है। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी ने बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर बैंकिंग व्यवस्था की विश्वनीयता कायम कर देश की जनता में बचत की भावना के साथ अपनी राशियों को बैंकों में जमा कर पूर्ण सुरक्षित महसूस की भावना जागृत की थी, उस पर भी प्रहार है राष्ट्रीयकृत बैंक में सरकार की योजनाएं भी लागू होती है। निजी बैंक इससे बचती है, इसलिये भी यह निर्णय गलत है, क्योंकि मोदी जी के नोटबन्दी जैसे अविवेकपूर्ण निर्णय के बाद जनता व महिलाएं अपनी जमा पूंजी के प्रति भी चिंतित हो गई थी। एटीएम से पैसे निकालने पर शुल्क के साथ मोदी सरकार अन्याय करने की शुरुआत कर दी थी जो अब बैंकों के निजीकरण के रूप में सामने है। बैंकों के राष्ट्रीयकरण से बैंकों पर सरकार का नियंत्रण था, लेकिन निजीकरण होने से बैंकों को स्वतंत्रता मिल जायेगी, जिससे सिर्फ और सिर्फ आम जनता का नुकसान होगा, इसके बाद भी पूंजीपतियों की कठपुतली भाजपा सरकार बेतुके निर्णय ले रही है जो देशहित नही है। रेल्वे, एयरपोर्ट के निजीकरण से जनता को आर्थिक मार झेलनी पड़ रही है उसके बाद भी बैंकों के निजीकरण से बचत की नीति पर चोट व बैंकिंग व्यवस्था पर जनता का विश्वास खोने वाला निर्णय भाजपा सरकार ने लेकर अपनी पूंजीवादी मानसिकता को उजागर किया है जिससे ऊपर उठकर केंद्र सरकार को राष्ट्रवाद और जनहित की सोंचना चाहिए, क्योंकि पूंजीवाद से देश और जनता झुलस रही है।
महापौर श्रीमती हेमा देशमुख के साथ महापौर परिषद के प्रभारी सदस्य मधुकर वंजारी व सतीश मसीह, जिला योजना समिति के सदस्य अमिन हुड्डा, पार्षद श्रीमती पुर्णिमा नागदेवे व ऋषि शास्त्री, उत्तर ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आसिफ अली, महासचिव कांग्रेस कमेटी नासिर जिंदरान सहित बैक के कर्मचारीगण व स्टाफ समर्थन में उपस्थित थे।

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शौर्यपथ

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