राजनांदगांव /शौर्यपथ / जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राजनांदगांव के मार्गदर्शन में जन कल्याण सामाजिक संस्थान द्वारा कासा रायपुर के सहयोग से अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सम्मान समारोह का आयोजन मोहला विकासखंड के गोटाटोला ग्राम के मंगलभवन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. प्रझा पचौरी, प्रधान न्यायधीश, कुटुम्ब न्यायालय, राजनांदगांव ने इस अवसर पर पर महिला अधिकार एवं समानता पर जोर देते हुए कहा कि महिला दिवस आज से 113 साल पहले 1908 में शुरू हुआ था, महिलाओं को न बोलने का अधिकार था ना वोट डालने का। वोट डालने का अधिकार स्वीडन से शुरू हुआ, रही अत्याचार की बात तो अत्याचार तो घरों में ही होते है अत्याचार करने वाले हमारे परिवार के ही लोग होते है, बाहरी व्यक्ति हमें कुछ कह सकता है? नहीं कह सकता। कोई ऊपर या नीचे नहीं है आप सभी बराबर है ईश्वर ने हम सभी को बराबर पैदा किया है बटवारा हम सब ने किया नीचे आके। हमेशा अपने लिए लडिये, लड़ने का मतलब मारपीट करना नहीं है, अच्छे से लड़िये प्यार से लड़िये अपने अधिकार के लिए लड़िये। यदि प्यार से बात नही बनती तो कोर्ट का दरवाजा आपके लिए खुला है। प्राधिकरण आपको मदद करने हमेशा तैयार है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रवीण मिश्रा, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राजनांदगांव द्वारा प्राधिकरण के माध्यम से किये जा रहे कार्यो की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। महिलाओं के अधिकार एवं संरक्षण से संबंधित घरेलु हिंसा कानून के तहत हमर अंगना कार्यक्रम के विषय मे बताया गया। विशेष अतिथि अमलेन्दु हाजरा ने बेटी-बचाओं, बेटी-पढ़ओं एवं दहेज प्रतिशेध अधिनियम के विषय में उपस्थित महिलाओं को विस्तार से जानकारी दी।
जन कल्याण सामाजिक संस्थान के निदेशक योगेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि महिला दिवस तभी सफल हो पायेगा जब महिलाएं अपने अधिकारों को जाने एवं उन अधिकारों को प्राप्त करने के लिए प्रयास करें एवं सजग रहे। अक्सर कार्यक्रमों के समापन के पश्चात हम आगे की रणनीति पर कार्य नहीं कर पाते, जिससे दिवस मात्र एक कार्यक्रम की औपचारिकता रह जाता है, जिससे वास्तविक परिणाम की प्राप्ति नहीं हो पाती। हम चाहते है कि इस कार्यक्रम के बाद सभी महिलाएं अपने अधिकारों को जाने, समझे एवं अवसर मिलने पर कोर्ट या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से सहायता अवश्य ले, इस कार्य में हमारी संस्था आपकों हर स्तर पर सहयोग प्रदान करने के लिए सदैव तत्पर है। शिक्षा, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता में कार्य करने वाली महिलाओं में श्रीमती अमिला बाई, श्रीमती संजूलता बाई, श्रीमती माधुरी देवांगन, श्रीमती सत्यवती, एवं श्रीमती मालती बाई को माननीय न्यायाधीश द्वारा प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इसके उपरांत महिलाएं जाने हमारा हक एवं कानून किताब का डॉ. प्रज्ञा चौधरी, एवं प्रवीण मिश्रा द्वारा विमोचन किया गया। संस्था के निदेशक योगेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा उपस्थित मुख्य अतिथियों को प्रतीक चिन्ह प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन संस्था के डीआरपी जितेन्द्र जंघेल द्वारा किया गया। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती शांता कलामे, संस्था के सदस्य शाश्वत झा, चंद्रप्रकाश साहू, किशन साहू, एव ग्रामीण महिलाएं उपस्थित थी।