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रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की वर्चुअल बैठक आज परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर की अध्यक्षता में उनके निवास कार्यालय में आयोजित की गई। मंत्री मो. अकबर ने परिषद द्वारा परिवहन, स्वास्थ्य विभाग, स्कूल शिक्षा, पुलिस, नगरीय प्रशासन, पर्यटन विभाग सहित अन्य निर्धारित एजेण्डों की समीक्षा करते हुए सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने तथा यातायात जागरूकता को बढ़ावा देने के साथ परिवहन व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। बैठक में प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू , विधायक कुलदीप जुनेजा , शिशुपाल सिंह सोरी सहित परिषद के प्रतिनिधिगण वीडियो कान्फं्रेंिसग के माध्यम से जुड़े। इस दौरान गृहमंत्री साहू सहित विधायकों एवं सदस्यों के सुझावों पर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश संबंधित अधिकारियों को मंत्री मो अकबर ने दिए।
सडक़ बनाते समय अनावश्यक मोड़ न बनाए
सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में गृहमंत्री साहू के सुझाव पर मो. अकबर ने सड़क निर्माण के दौरान सड़कों में अनावश्यक मोड़ नही रखने, सड़क सीधी बनाते हुए प्रभावितों को मुआवजा देने के निर्देश दिए ताकि मोड़ की वजह से सड़कों पर दुर्घटनाओं की संभावना कम हो। उन्होंने नगरीय निकाय, नगर पंचायत अंतर्गत सड़कों में बंद स्ट्रीट लाइटों की निरन्तर जांच कर बंद लाइटों को चालू कर पर्याप्त रोशनी रखने, वाहनों की तेज गति को नियंत्रित करने स्पीड गवर्नर लगाने की दिशा में कार्यवाही करने, नशापान और सड़क पर स्टंट करके वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्ती से कार्यवाही करने, चौक के पूर्व चारों ओर की सड़कों में नियमानुसार ब्रेकर बनाने और मुख्य मार्ग से आकर जुडऩे वाली ग्रामीण या अन्य उपनगरीय सड़कों को जंक्शन वाले स्थान पर दुर्घटनाओं को रोकने तथा व्यवस्थित रखने के निर्देश भी दिए। गृहमंत्री के सुझाव पर परिवहन मंत्री ने कण्डम वाहनों के परिचालन पर रोक तथा आवश्यक कार्यवाही की बात कहीं। उन्होंने सड़क किनारे वाहनों के पार्किंग, गैरेज में सुधार हेतु आने वाले वाहनों की बेतरतीब पार्किंग, यात्री वाहनों में क्षमता से अधिक यात्रियों को बिठाए जाने पर कड़ी कार्यवाही के सुझाव पर उचित कार्यवाही करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
मंत्री मो. अकबर ने यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध ई-चालान की कार्यवाही को सही बताते हुए विधायक श्री बोरा द्वारा उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी लगाने, मुख्य मार्गों पर होर्डिंग हटाने और विधायक सोरी के सुझाव सड़क पर पशुओं से दुर्घटना, दुकानों के सामने नो पार्किंग में वाहन पार्किंग से होने वाली समस्या, विधायक जुनेजा के सुझाव पर भी उचित कार्यवाही के निर्देश दिए।
जिला स्तरीय बैठक अनिवार्य रूप से कराए
परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर ने जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक अनिवार्य रूप से समय पर कराने के निर्देश दिए। बैठक में परिवहन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह ने मंत्री को विभागीय गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। अध्यक्ष, अतर्विभागीय लीड एजेंसी सड़क सुरक्षा एवं संयुक्त परिवहन आयुक्त श्री संजय शर्मा ने परिषद की बैठक में विभागवार एजेण्डा की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों का पालन होने के साथ ही अनेक महत्वपूर्ण विभागीय पहल भी की गई है। दुर्घटनाओं पर रोक लगाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं। ब्लैक स्पॉट की पहचान व सुधार, ओवर लोडिंग वाहनों पर कार्यवाही, स्कूल बसों की जांच एवं कार्यवाही, नाबालिग विद्यार्थियों को वाहन चलाने से रोकने के प्रयास, पाठय पुस्तकों के माध्यम से विद्यार्थियों में यातायात के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के अलावा अन्य जरूरी कदम उठाए गए हैं जिससे वर्ष 2019 की तुलना में वर्ष 2020 में जनवरी से अगस्त तक सड़क दुर्घटनाओं में 24.85 प्रतिशत तथा मृत्यु में 20.77 प्रतिशत की कमी आई है।
चेक पोस्ट से जुड़ी समस्याओं का किया जाएगा निराकरण
परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के जिला परिवहन अधिकारियों, चेक पोस्ट प्रभारियों और परिवहन उडनदस्ता प्रभारियों के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान प्रभारियों द्वारा शासकीय वाहन, वाहन चालक, भवन, बिजली, कर्मचारी आदि से वन टू वन चर्चा और उनकी समस्याएं जानने के बाद परिवहन मंत्री ने यथासंभव निराकरण करने की बात कही। उन्होंने कहा कि चेकपोस्ट पर निरन्तर कार्यवाही करे, आने वाले दिनों में इसके बेहतर परिणाम सामने आएंगे। परिवहन आयुक्त डॉ कमलप्रीत सिंह ने कहा कि चेकपोस्ट पर जिनकी डयूटी लगी है वे निर्धारित ड्रेस में ही रहेंगे। अंबिकापुर, कोरबा, दुर्ग और बिलासपुर जिला प्रभारियों को कार्यवाही बढ़ाने के निर्देश देते हुए कार्यवाही से प्राप्त राशि को शासन के खाते में 24 घण्टे के भीतर चालान के माध्यम से अनिवार्य रूप से जमा करने के निर्देश दिए। परिवहन आयुक्त ने ओवर लोडिंग की कार्यवाही में प्रगति लाने, सड़क सुरक्षा की दृष्टिकोण से यातायात का उलंघन करने वाले वाहन चालकों का लाइसेंस निलंबित करने के अनुरोध पर समय रहते कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए।
// कोरोना मरीजों के हाईटेक अस्पताल में इलाज के लिए 7 दिनों का प्रतिबंध
// निजी अस्पतालों की आ रही शिकायतों पर कलेक्टर हुए सख्त
// प्राइवेट हॉस्पिटल प्रबंधकों को बैठक लेकर कहा व्यवस्था सुधारे, प्रत्येक अस्पताल के लिए नोडल अधिकारी होंगे नियुक्त,
दुर्ग / शौर्यपथ / निजी अस्पतालों के प्रबंधन कि लगातार आ रही शिकायतों को देखते हुए कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने आज निजी अस्पताल के प्रबंधकों की अहम बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने निजी अस्पताल प्रबंधकों को सख्त निर्देश दिए कि मरीजों के उपचार के मामले में किसी भी तरह की शिकायत आने पाने पर स्वास्थय विभाग की गाइड लाइन के मुताबिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रत्येक अस्पताल में रिफरल मरीज एवं डेड बॉडी मैनेजमेंट तथा अन्य मामलों में समन्वय के लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। नोडल अधिकारी अस्पताल प्रबंधन के साथ इस संबंध में समन्वय करेंगे ताकि मरीजों को और उनके परिजनों को किसी तरह की दिक्कत ना आए। रिफरल की स्थिति में अस्पताल प्रबंधन नोडल ऑफिसर को जानकारी देंगे। कलेक्टर ने कहा कि गंभीर मरीजों, बुजुर्ग मरीजों के इलाज में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक हॉस्पिटल में आइसोलेशन वार्ड पृथक से होंगे। कलेक्टर ने हाइटेक हॉस्पिटल में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए 7 दिन का प्रतिबंध भी लगाया है। उन्होंने कहा कि सारी स्थिति की कड़ाई से मॉनिटरिंग की जा रही है। नोडल अधिकारियों से समन्वय कर सबसे अच्छा इलाज दें।
// मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद की बैठक सम्पन्न
// राज्य सरकार कृषि कार्यो को मनरेगा से जोडऩे, शहरी मनरेगा, मनरेगा की मजदूरी दर बढ़ाने के संबंध में केन्द्र को भेजेगी प्रस्ताव
// छत्तीसगढ़ में इस वर्ष मनरेगा में 15 करोड़ मानव दिवस रोजगार सृजन का लक्ष्य
// मनरेगा से दी गई 706 नये ग्राम पंचायतों और 672 आंगनबाड़ी भवनों की स्वीकृति
// ज्यादा मवेशी वाले गांवों में गोबर गैस प्लांट को दिया जाएगा प्रोत्साहन
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गौठानों में गोबर से वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने के लिए मनरेगा से वर्मी टांका निर्माण के कार्यो को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गौठान समितियों से वर्मी टांका निर्माण के लिए जितनी मांग आती है, उन्हें तत्काल स्वीकृति प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित छत्तीसगढ़ ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद की बैठक में यह निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री निवास पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव उपस्थित थे। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वनमंत्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि सभी धान खरीदी केन्द्रों में चबूतरों के निर्माण और चबूतरों पर शेड निर्माण के कार्यो को भी प्राथमिकता देते हुए शीघ्रता से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य के हर धान संग्रहण केन्द्र में एक शेड का निर्माण अवश्य हो। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में 4649 चबूतरों के निर्माण के लिए स्वीकृति दी गई है। जिनमें से 4630 चबूतरों का निर्माण हो चुका है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस वर्ष मनरेगा से राज्य में 5500 गौठानों के निर्माण की स्वीकृति देने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में लगभग 4500 गौठानों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। ऐसे गौठानों में जहां स्व-सहायता समूह आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय हैं, वहां आजीविका केन्द्र के निर्माण की स्वीकृति प्राथमिकता के आधार पर देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कृषि कार्य को मनरेगा से जोडऩे, शहरी मनरेगा, मनरेगा की मजदूरी दर बढ़ाने, मनरेगा में 200 दिनों का रोजगार देने के प्रावधान के संबंध में प्रस्ताव तैयार कर केन्द्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजने का महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया गया।
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि मनरेगा के तहत नर्सरी, कुंआ और डबरी निर्माण तथा नहर लाईनिंग के कराये गए कार्यो से लोगों को मिलने वाले लाभ के बारे में सर्वे कराया जाना चाहिए। इसी तरह जिले की उपयोगी डायवर्सन सिंचाई योजनाओं की नहर लाईनिंग का कार्य पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कराया जाए, जिससे क्षेत्र के किसानों को सिंचाई सुविधाओं का भरपूर लाभ मिल सके। श्री बघेल ने यह भी कहा कि जिन क्षेत्रों में पानी में हैवीमेटल्स, आरसेनिक, फ्लोराइड, आयरन की शिकायत है, वहां गांव वालों को सतही जल का उपयोग पेयजल के लिए करने हेतु जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि खेतों में डबरी और कूपों का निर्माण कराया जाना चाहिए, जिससे पानी की रिचार्जिंग हो सके और जरूरत के समय फसलों की सिंचाई में इसका उपयोग किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने वन अधिकार पट्टे प्राप्त हितग्राहियों को जमीन पर फलदार वृक्ष लगाने, बड़े वृक्षों के बीच हल्दी, अदरक, तीखूर जैसी फसलों के लिए प्रोत्साहित किया जाए। मनरेगा से भूमि विकास और जमीन को घेरने के कार्य कराए जाएं। कृषि विभाग के माध्यम से हितग्राहियों की जमीन पर ट्यूबवेल खनन कराकर क्रेडा के माध्यम से सोलर पंप स्थापित किए जाएं, जिससे फसलों के लिए सिंचाई की सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए वन विभाग को नोडल एजेंसी बनाया जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि 100 दिन का रोजगार देने में छत्तीसगढ़ का देश में तीसरा स्थान है। प्रदेश में इस वर्ष अब तक 84 हजार 455 परिवारों को 100 दिनों का रोजगार दिया गया। मनरेगा में इस वर्ष रिकार्ड 26 लाख 5 हजार परिवारों को रोजगार दिया गया। प्रदेश में मनरेगा के तहत 39.79 लाख जॉब कार्ड धारी हैं। इस वर्ष छत्तीसगढ़ लौटे प्रवासी मजदूरों के क्वारेंटाइन के दौरान लगभग 2.37 लाख जॉब कार्ड बनाए गए। इस वर्ष 13 करोड़ 50 लाख मानव दिवस रोजगार के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 9 करोड़ 52 लाख मानव दिवस का रोजगार सृजित किया गया। इसमें महिलाओं की 50 प्रतिशत की सक्रिय भागीदारी रही। बैठक में बताया गया कि केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ सरकार के प्रस्ताव पर 15 करोड़ मानव दिवस रोजगार सृजन के लक्ष्य को मंजूरी दी है। मनरेगा के तहत 2155 करोड़ रूपए की मजदूरी का भुगतान किया गया है। मनरेगा के कार्यो में दिव्यांगों की भागीदारी बढ़ी है। नरवा विकास योजना में चिन्हांकित 1406 नरवा में 66 हजार से अधिक भू-जल संवर्धन संबंधी संरचनाओं का निर्माण प्रगति पर है। श्री बघेल ने कहा कि ऐसे नाले जिनका एक हिस्सा वन क्षेत्र से गुजरता है, उसका सम्पूर्ण डीपीआर वन विभाग द्वारा तैयार किया जाए।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि वर्ष 2017 में मनरेगा के तहत निर्मित परिसम्पत्तियों की जियोटेगिंग में छत्तीसगढ़ देश में पहले स्थान पर है। इसी तरह वन अधिकार पत्र प्राप्त हितग्राहियों को लाभान्वित करने और ग्राम पंचायतों के विकास के लिए जीआईएस केन्द्रित योजना तैयार करने में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है। प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन और कृषि तथा उससे जुड़े कार्यो में मनरेगा योजना से खर्च के मामले में छत्तीसगढ़ देश में तीसरे स्थान पर है। मनरेगा से 706 नये ग्राम पंचायत भवन और 672 आंगनबाड़ी केन्द्रों को मंजूरी दी गई है।
बैठक में मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल, अपर मुख्य सचिव अमिताभ जैन और सुब्रत साहू, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी, खाद्य विभाग के सचिव डॉ कमलप्रीत सिंह, आदिमजाति कल्याण विभाग के सचिव डी. डी. सिंह, मनरेगा आयुक्त मोहम्मद अब्दुल कैसर हक शामिल हुए। विभिन्न जिलों से छत्तीसगढ़ ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद के सदस्य और अधिकारी इस बैठक में वीडिया कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।
जशपुरनगर / शौर्यपथ / प्रमुख सचिव डा. आलोक शुक्ला ने बगीचा विकासखंड के पूर्व माध्यमिक शाला रौनी में संचालित मोहल्ला क्लास का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों के बौद्धिक क्षमता का आंकलन करते हुए विद्युत का सुचालक एवं कुचालक विज्ञान प्रयोग के साथ कक्षा अध्यापन एवं बच्चों में समझ विकसित होने के संबंध में जानकारी ली। इसी कड़ी में शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला दुर्गापारा में बच्चों के पठन कौषल गणितीय प्रयोग कौषल, जोड़कर खेल विधि प्रयोग की भी जानकारी ली और बच्चों के बौद्धिक क्षमता का आंकलन किया।
इस अवसर पर बगीचा के अनुभागीय अधिकारी रोहित व्यास, शिक्षा अधिकारी एन.कुजूर. राजीव गांधी शिक्षा मिशन के जिला मिषन समन्वयक विनोद कुमार पैंकरा, संबंधित विकासखण्डों के विकास खण्ड षिक्षा अधिकारी, विकासखण्ड स्त्रोत केन्द्र समन्वयक, सकुल शैक्षिक समन्वयक षिक्षक एवं पालक उपस्थित थे।
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग संभागायुक्त टी0सी0 महावर एवं आईजी विवेक सिन्हा, कलेक्टर सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे, एवं एस.पी. प्रशंात ठाकुर द्वारा आज संयुक्त रुप से कोविड हास्पीटल शंकराचार्य का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। उन्होनें हास्पीटल में भर्ती मरीजों से फोन पर बात की एवं वहाॅ ईलाज और खाने-पीने की सुविधा की जानकारी उनसे ली। कोविड हास्पीटल शंकराचार्य मे नाश्ता, भोजन और ईलाज की सुविधा और व्यवस्था पर अधिकारियों ने संतोष व्यक्त करते हुये कहा कोविड हास्पीटल इंचार्ज इंद्रजीत बर्मन और स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता को निर्देशित कर कहा और अच्छी सुविधा और व्यवस्था बनाकर रखें।
उल्लेखनीय है कि दुर्ग और भिलाई क्षेत्र में कोरोना पाॅजिटिव मिल रहे मरीजों के लिए कोविड हास्पीटल शंकराचार्य में भर्ती कर उनका ईलाज किया जा रहा है। हास्पीटल की सुविधा और व्यवस्था का आज दुर्ग संभागायुक्त टी.सी. महावर ने अधिकारियों के साथ हास्पीटल पहुॅचकर आकस्मिक निरीक्षण किया गया । इस दौरान उन्होनें कोरोना पाॅजिटिव मरीज त्रिलोचन दास 9770265611, सत्येन्द्र बहादुर तिवारी मो0. 9329009932, प्रशांत मनहरे मो0.9827179033, तथा हरेराम यादव, अनिल रत्नाकर से फोन में बात किये । भर्ती मरीजों ने संभागायुक्त को बताये कि हमें सुबह 8 बजे नाश्ता, 12 बजे खाना, शाम 5 बजे नाश्ता, और रात्रि 8 बजे खाना समय से दिया जा रहा है। खाद्य पदार्थ की क्वालिटी भी अच्छी और स्वादिष्ट हैं। इसके अलावा हास्पीटल में कार्यरत डाक्टरर्स नियमित रुप से तीन से चार बार निरीक्षण कर हमारी हाल-चाल और तबीयत की जानकारी लेते रहते हैं। संभागायुक्त ने हास्पीटल में सुविधा और व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किये, उन्होनें इंचार्ज अधिकारी इंद्रजीत बर्मन और स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता का उत्साहवर्धन करते हुये हास्पीटल में निरंतर और अच्छी सुविधा व्यवस्था बनाये रखने के निर्देश दिये ।
बिलासपुर / शौर्यपथ / सेवा सहकारी समितियों के बड़े घोटालों में एक नाम सेवा सहकारी समिति मल्हार का भी है। वर्ष 2013 में इस समिति में 4 करोड़ 76 लाख रुपये का घपला पाया गया था। मात्र एक आरोपी जेल गया और शेष 13 आरोपी फरार हो गए किन्तु पंजीयक सहकारी समिति की जांच हुई, जांच में पांच आरोपियों के खिलाफ प्रकरण चल रहा है जिसमे से मुख्य आरोपी जो जेल यात्रा कर चुका है लगातार अनुपस्तिथि है। साथ ही समिति का कम्प्यूटर ऑपरेटर भी उपस्थित नही होता है। शेष तीन आरोपी जांच कार्य मे अपना जवाब प्रस्तुत करते है, पूरा मामला मल्हार क्षेत्र के एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि की शह पर हुआ था, जिसे इस चुनाव में जनता ने नकार दिया। सहकारी समितियों की जांच तथा पंजीयक की जांच के तरीके अलग-अलग है और दोनों जांच को एक दूसरे से कोई लेना देना नही है, इस बात का लाभ आरोपियों को मिल जाता है। (फोटो धान की बोरी)
बिलासपुर / शौर्यपथ / एक तरफ जिला प्रशासन सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बीपीएल को दो माह का राशन एक साथ दे रहा है और दूसरी ओर सरकार की योजना को बिलासपुर खाद्य नियंत्रक कार्यालय स्वयं ही पलीता लगा रहा है। विभागीय लोगों पर ग्रामीणों का भरोसा उठ गया है इसी का परिणाम है कि खाड़ा में चोरी का माल महिला स्व सहायता समूह ने पकड़ा और पुलिस के हवाले किया। पूरे मामले खाद्य नियंत्रक कार्यालय कही नजर नहीं आया। चावल तस्करी का पूरा मामला इन दिनों जिले में सुनियोजित तस्करी की तर्ज पर चल रहा है। यहां भी जिस चावल का घपला होना था वह 3 सितंबर को लाया जा चुका था। ग्रामीणों की माने तो चावल तस्करी में जिस ट्रेक्टर का उपयोग हो रहा है वह कांग्रेसी नेता रोशन जायसवाल का है। किंतु ट्रेक्टर पर जो नम्बर दर्ज है उसका मालिक एक आदिवासी है। कुल मिलाकर पीडीएस के क्षेत्र में तस्करों का बड़ा गिरोह काम कर रहा है जिसकी जड़े राइस मिल से होते हुए रेडी टू इट तक पहुचती है। इस प्रकरण में भी खाद्य निरीक्षक पति पत्नी दीवान एक विधानसभा में नियुक्त है और रात में तहसीलदार के बुलाने पर भी नही आये। पुलिस ने कुछ लोंगो को हिरासत में लेकर कोर्ट प्रस्तुत किया। खाद्य नियंत्रक ने बताया कि मामला अभी मेरे तक नही आया है।
बिलासपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य की कुल वर्ग किमी क्षेत्र पर में से बड़े क्षेत्र में कोयले को भंडार है, पानी है और जंगल है, इसलिए छत्तीसगढ़ में पिछले चार दशकों से कोयला खनन की गतिविधियां सतत जारी है। साथ ही विधुत उत्पादन कंपनियों ने भी अपनी इकाइयां स्थापित की। इनमें अब तक केंद्र एवं राज्य सरकार की मुख्य थी। किन्तु अब बदले हुए नियम के कारण कोल सेक्टर का पूर्णतः निजीकरण हो जाएगा। एसे में छत्तीसगढ़ के जंगल और किसान दोनों सीधे प्रभावित होंगे। किन्तु उदासीन जनप्रतिनिधित्व और जागरूकता की कमी के कारण छत्तीसगढ़ में प्रकृतिक संसाधनों की लूट खसोट को रोकना कठिन होगा और बड़ी शक्तिशाली निजी कंपनियों के सामने जनता लूटने के लिए मजबूर होगी। इस सब के बावजूद राज्य के भीतर राजनैतिक दल अथवा श्रमिक संगठन में से कोई भी आज आवाज उठाने तैयार नही है। भारत मे कुल सेक्टर ने निजीकरण भी देखा राष्ट्रीकरण भी देखा और फिर से निजीकरण को भी देखेगा। 2013 में यूपीए जिसका नेतृत्व कांग्रेस के पास था ने पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 पारित हुआ । यह एक ऐसा कानून है जो किसान के पक्ष में है और पंचायत को मजबूत करता है। इसके अतिरिक्त देश में भूमि अधिग्रहण के 13 और कानून है जो सड़क, नहर, रेल, टावर, टावर लाइन लगाने के लिए उपयोग में लाये जाते है। इन सबके के साथ 1957 के कानून कोल बियरिंग एरिया अधिग्रहण एयर विकास अधिनियम पर चर्चा जरूरी है जो कि छत्तीसगढ़ में कोई नही करता। विकास अधोसंरचना निर्माण जरूरी है, पर सहभागिता और पारदर्शिता के साथ। साथ मे मानवतावाद जिसमे मानववाद के साथ जिसमे पशुपक्षी जल चर भी जुड़े। तभी सच्चे अर्थों में जल, जंगल और जमीन का सही उपयोग होगा। 2013 का कानून 1957 के कानून को समाप्त नही करता अब सवाल यह है कि 1957 का कानून केंद्र सरकार की कंपनी के हित में भूमि अधिग्रहण के लिए था अब इसी कानून से निजी कंपनियों के लिए जमीन का अधिग्रहण होगा। जानकारी यह कहती है कि छत्तीसगढ़ में 40 कोल ब्लॉक के लिए 60000 हेक्टर अथवा एक लाख 50 हजार एकड़ जमीन का अधिग्रहण होगा, और छत्तीसगढ़ के 150 आदिवासी बाहुल्य गांव सीधे प्रभावित होंगे। इतनी बड़ी विप्पलवपारी योजना के लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ का गठन का उद्देश्य ही समाप्त हो जाता है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / पढ़ई तुंहर दुआर योजना के अंतर्गत मोहल्ला क्लास का संचालन मोहला विकासखंड के अधिकतर स्कूलों में सफलतापूर्वक किया जा रहा है। इसी कड़ी में डूमरटोला संकुल के प्राथमिक शाला जिर्राटोला में मोहल्ला क्लास का संचालन शाला प्रमुख कृष्णा कुमार साहू द्वारा नियमित तौर पर किया जा रहा है। इस कार्य में समुदाय के साथ-साथ शिक्षा सारथी के रूप में कुमारी पूजा अमरिया, कुमारी बिन्दु कुंजाम अपनी सेवाएं दे रहे हैं। गोटाटोला जोन के मीडिया प्रभारी शेख अफजल ने बताया कि पढ़ई तुंहर दुआर के माध्यम से वर्चुअल क्लास में कुछ बच्चे मोबाइल की कमी से जुड़ नहीं पा रहे थे। ऐसे ही बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए कृष्णा कुमार साहू और उनके साथियों ने मोहल्ला क्लास गांव के सामुदायिक भवन में आरंभ किया। जिसमें सामाजिक दूरी और कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए बच्चों को नियमित पढ़ाई के साथ-साथ योग और नैतिक शिक्षा से जोड़ा जा रहा है। इसी प्रकार मोहला ब्लाक के दनगढ़ संकुल में शिक्षा सारथी एवं समुदाय के सहयोग से सभी शालाओं में मोहल्ला क्लास सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है तथा बच्चे नियमित रूप से पढ़ाई कर रहे हैं। यहॉ के राजकुमार यादव और संकुल समन्वयक गजेन्द्र यादव ने बताया कि जिला नोडल अधिकारी सतीश ब्योहरे और एबीईओ राजेन्द्र देवांगन के कुशल मार्गदर्शन से बच्चों को सुचारू रूप से शिक्षा प्रदान करने के लिए ऑनलाईन क्लास के अलावा मोहल्ला क्लास एवं लाउड स्पीकर स्कूल के माध्यम से पढ़ाई की शुरुआत की गई है और वर्तमान में शिक्षा सारथियों के सहयोग से बच्चों की पढ़ाई सतत् चल रही है। संकुल अंतर्गत शिक्षा सारथी विभिन्न मोहल्ला केंद्रों में अपनी सेवा दे रहे हैं जहां पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पढ़ाई के साथ-साथ चित्र कला, मूर्ति कला व अन्य शैक्षिक गतिविधियां कराई जा रही है। सभी शिक्षक समुदाय से जुड़कर काम कर रहे हैं तथा शाला ग्राम में जाकर बच्चों का मार्गदर्शन और सहयोग करते हैं। दनगढ़ संकुल के प्राथमिक शाला मुंजाल में लाउड स्पीकर स्कूल भी संचालित हो रही है। संकुल के दिनेश कुमार आडिल, धर्मेंद्र सिन्हा, रोशन लाल यादव, सागर सलामे, सेवंत भासगोरी, अशोक खरे, गांधी राम धुर्वे, लोकनाथ विश्वकर्मा, श्यामू राम भुआर्य, संजीत नायक, प्रमिला यादव, नंदाकदम दामले, जानकी धुर्वे, माला बंसोड़, शशि साहू, राम कुमारी कोरेटी, मोनिका धुर्वे, ऑनलाईन क्लास के अलावा मोहल्ला क्लास में नियमित रूप से सहयोग कर रहे हैं। जिर्राटोला एवं मुंजाल की प्राथमिक शालाओं में मोहल्ला क्लास की शुरुआत हो जाने से पालकों में भी बहुत प्रसन्नता व्याप्त है। पालकों का कहना है कि कोरोना के कारण बच्चों कि पढाई का बहुत नुकसान हो रहा था। लेकिन अब मोहल्ला क्लास आरंभ हो जाने से उनकी चिंता दूर हो गई है। मोहला वनांचल में सभी 16 संकुलों के अधिकतर स्कूलों के गांव में मोहल्ला और पारा स्कूल खुल जाने से बच्चों को बहुत लाभ हो रहा है और मोहल्ला क्लास को ले कर बच्चों में बहुत उत्साह है।
० मास्टर माइंड द्वारा उत्तर प्रदेश फ्लाईट से आकर दिया गया था लूट की घटना को अंजाम
० लुटेरों से 12 लाख के सोने-चांदी के जेवर व घटना में प्रयुक्त बाईक जब्त
राजनांदगांव / शौर्यपथ / प्रार्थी गोपेन्द्र गुप्ता पिता स्व. गुलजारी लाल गुप्ता उम्र 53 वर्ष साकिन बाजार चौक अं. चौकी धंधा कर अपने सोने चांदी के जेवरात से भरे बैग को लेकर अपने मोटर सायकल क्रमांक सीजी 08, एच 6003 एचएफ डिलक्स से होडीटोला रोड से अपने घर ग्राम बांधाबाजार जा रहा था, तभी होडीटोला तालाब के पास अचानक एक व्यक्ति प्रार्थी को देखकर लूटने की नियत से डंडा मारकर गिरा दिया और कुछ लोग प्रार्थी को घसीटते हुए ले जाकर मारपीट कर सोना-चांदी, रूपये, मोटर सायकल मोबाईल एवं अन्य सामाग्री लूट लिये। प्रार्थी से लूटे हुए गहनों में करीबन 12 किलो चांदी के गहने एवं करीबन 109 ग्राम सोने के गहने व अन्य सामाग्री शामिल था। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना अंबागढ़ चौकी में अपराध क्रमांक 149/2020 धारा 394, 341, 506, 34 भादंवि कायम कर विवेचना में लिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक विवेकानंद सिन्हा एवं पुलिस अधीक्षक डी. श्रवण के मार्गदर्शन, अति. पुलिस अधीक्षक कविलास टंडन, अति. पुलिस अधीक्षक जेपी बढ़ई के निर्देशन व नगर पुलिस अधीक्षक एमएस चंद्रा, एसडीओपी घनश्याम कामड़े के नेतृत्व में थाना प्रभारी आशीर्वाद रहटगांवकर के साथ तकनीकी शाखा राजनांदगांव व थाना स्टाफ की कई टीमें गठित कर मामले का जल्द से जल्द खुलासा करने निर्देशित किया गया। टीम द्वारा घटना स्थल का सूक्ष्मता से निरीक्षण कर मामले से जुड़े हर बिन्दुओं को बारिकी से अध्ययन किया गया। आसपास मुखबीर लगाकर क्षेत्र से बाहर जाने वाले सभी रास्तों में लगे सीसीटीव्ही कैमरों की जांच की गई। साथ ही घटना के संबंध में सरहदी जिलों, राज्यों से जानकारी प्राप्त की गई। छुरिया, अंबागढ़ चौकी, डोंगरगांव, चिचोला में अलग-अलग टीम द्वारा व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में लगे कैमरों का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया गया इस दौरान मुखबीर के माध्यम से पता चला कि डोंगरगांव क्षेत्र के कुछ फेरी लगाकर कपड़ा बेचने वाले लोग घटना स्थल के आसपास घटना से पूर्व घुमते हुए देखे गये है। साथ ही घटना से एक सप्ताह पूर्व भी वही संदिग्ध लोग घटना स्थल के पास एकत्रित होकर बैठे हुए देखे गये थे। मुखबीर की सूचना पर डोंगरगांव क्षेत्र के सभी फेरी वालों की जानकारी एकत्रित की गई। साथ ही प्रार्थी के बताये हुलिये के आधार पर कुछ संदिग्धों को थाना तलब कर पुछताछ किया गया। इसी दौरान तकनीकी शाखा की टीम द्वारा जानकारी दी गई कि कुछ व्यक्ति घटना दिनांक को उत्तर प्रदेश से घटना स्थल आये थे एवं घटना के पश्चात वापस उत्तर प्रदेश चले गये है। प्राप्त सूचना के आधार पर उच्चाधिकारियों द्वारा तत्काल पुलिस टीम उत्तर प्रदेश रवाना किया गया। उत्तर प्रदेश के हापुड़ व मेरठ क्राईम ब्रांच के टीम के विशेष सहयोग से संदिग्धों के बारे में संपूर्ण पतासाजी किया गया। उत्तर प्रदेश भेजी गई टीम को जानकारी प्राप्त हुई की सभी संदिग्ध वापस डोंगरगांव की ओर रवाना हो गये है। टीम ने बिना देरी किये वापस डोंगरगांव की ओर रूख किया व संदेह के आधार पर डोंगरगांव से कुछ संदेहियों को पुछताछ हेतु तलब किया। संदेही ने अपना नाम गुलजार खान पिता मोहम्मद युसूफ खान चौधरी निवासी मोती कालोनी भांडापट्टी जिला हापुड़ (उत्तर प्रदेश) हाल मुकाम सेवता पारा वार्ड नं-7 डोंगरगांव बताया पुछताछ पर संदेही द्वारा गोल मोल जवाब देने पर पुलिस की शंका बढ़ते गई।
डोंगरगांव, गुलजार खान पिता मोहम्मद युसूफ खान चौधरी निवासी मोती कालोनी भांडापट्टी जिला हापुड़ (उत्तर प्रदेश) हाल मुकाम सेवता पारा वार्ड नं.-7 डोंगरगांव के अलावा करण मिश्रा निवासी सेवता पारा, मोहम्मद मेहराज साकिन सरावनी जिला हापुड़ (उत्तर प्रदेश) हाल मुकाम सेवता पारा लार्ड नं.-7 डोंगरगांव, सुनील मिश्रा निवासी वार्ड नं-7 सेवता पारा डोंगरगांव, निकित कुमार पिता धर्मेन्द्र निवासी वार्ड नं.-7 सेवतापारा डोंगरगांव शामिल थे। सभी 6 आरोपियों ने प्लान के तहत प्रार्थी को सुनसान रास्ते में बलपूर्वक मोटर सायकल से गिराया व व्यापारी से मारपीट कर सोने चांदी से भरे बैग व मोटर सायकल को लेकर फरार हो गये। आरोपियों के निशांदेही पर लूट का सारा सामान किमती करीबन 12,00000 एवं लूट की घटना में प्रयुक्त मोटर सायकल वाहन जप्त कर आरोपियों को माननीय न्यायालय पेश किया गया। उपरोक्त कार्यवाही में थाना अंबागढ़ चौकी एवं तकनीकी शाखा राजनांदगांव थाना प्रभारी डोंगरगांव, थाना प्रभारी गैंदाटोला व हापुड़ एवं मेरठ क्राईम ब्रांच की सराहनीय भूमिका रही।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
