March 05, 2024
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प्रेरणा : परिणाम की चिंता किए बिना अपना बेस्ट देना ही सफलता का मूलमंत्र - मंत्री ओ.पी. चौधरी
छात्रों को अपनी काबिलियत बढ़ाने वाले गुणों पर करना चाहिए काम
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने छात्रों से की परीक्षा पर चर्चा, बढ़ाया मनोबल, छात्रों के सवालों के दिए जवाब

रायपुर / शौर्यपथ /

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि सफलता असफलता जीवन का हिस्सा है लेकिन व्यक्ति को लगातार अपनी काबिलियत पर काम करना चाहिए, व्यक्तित्व को मजबूत बनाना चाहिए, कठिन परिस्थितियों में सकारात्मक भाव से धैर्य के साथ अपना प्रयास जारी रखना चाहिए। ये गुण किसी भी व्यक्ति के लिए जीवन में सफल होने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से छात्रों को परीक्षा की तैयारियों को लेकर मार्गदर्शन दे रहे थे। उन्होंने बच्चों को बोर्ड परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि परिणाम की चिंता किए बगैर अपना बेस्ट देने पर फोकस करें।
     वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि व्यक्ति को अपने भीतर ऐसे मानवीय गुणों का विकास करना चाहिए जो उसके सफलता के लिए सहायक हो। लक्ष्य के प्रति समर्पण और परिश्रम करने की क्षमता बढ़ानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे फर्क नही पड़ता कि आप असफल होते हो, अगर आप ईमानदारी से प्रयास करते हैं तो आगे बड़ी सफलता को जरूर प्राप्त करेंगे। उन्होंने अपनी शैक्षणिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि पर चर्चा करते हुए बताया कि आईएएस बनने के लक्ष्य के साथ उन्होंने मेहनत की। परिस्थितियां कैसी भी हों, हमेशा अपना बेस्ट देने का प्रयास किया। इससे वे देश की सबसे कठिन परीक्षा पास करने में सफल रहे। आगे उन्होंने राजनीतिक जीवन में प्रवेश करने का निश्चय किया। इसके लिए भी लगातार मेहनत की।
       
    इस मौके पर उन्होंने छात्रों के सवालों के जवाब दिए चिन्मय डनसेना ने पूछा कि परीक्षा के एक दिन पहले होने वाले तनाव को कैसे दूर करें। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि परीक्षा के दौरान तनाव स्वाभाविक है। लेकिन आप यह ध्यान रखें कि पूरे साल भर के मेहनत का सार परीक्षा के 3 घंटों में निकलता है। इसलिए अपना मन शांत रखें और उन 3 घंटों में शांत चित्त से अपना बेस्ट देने पर फोकस करें। परिणाम की चिंता मत करें। इससे चिंता और तनाव के कारण होने वाली गलतियों की संभावनाएं भी काफी कम हो जाएंगी।गीता में भी कहा गया है कि व्यक्ति को कर्म करने चाहिए फल की चिंता नहीं करनी चाहिए। प्रयास अच्छा है तो परिणाम भी अच्छा होगा। सिर्फ टॉपर होना या स्कूल में अच्छे परसेंटेज लाना ही जीवन में सफलता की गारंटी नहीं है। कई सफल लोग अपनी स्कूली और कॉलेज की पढ़ाई में असफल हुए लेकिन जीवन में उन्होंने सफलता के कीर्तिमान रचे और जीनियस कहलाए। रामानुजन 12 वीं की परीक्षा में फेल हो गए थे, लेकिन आगे चल कर वे महान गणितज्ञ बने। मुंशी प्रेमचंद अपने प्रतिभा से शीर्ष साहित्यकारों में शुमार हुए। बिल गेट्स और स्टीव जॉब्स कॉलेज ड्रॉपआउट थे। लेकिन उन्होंने अपनी काबिलियत से जो काम किया आज वो इतिहास है। एक छात्र ने जब वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी से पूछा कि वे अपना सिलेबस रिवीजन कैसे करते थे तो उन्होंने बताया कि नोट्स बनाकर पढ़ने से रिवीजन अच्छा होता है। नोट्स ऐसा हो जिस पर एक नजर मारने से पूरा चैप्टर क्लियर हो जाए। रिवीजन परीक्षा की तैयारी का अहम हिस्सा है।

इमोशनल इंटेलिजेंस भी सफलता के लिए बेहद जरूरी
प्राची गुप्ता ने पूछा कि आज आईक्यू के साथ इक्यू को भी सफलता के लिए जरूरी बताया जाता है, यह क्या होता है। वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने इस आज के समय में इक्यू को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आईक्यू बुद्धिमत्ता को दर्शाता है। वहीं इक्यू भावनात्मक गुणांक को बताता है। आज इमोशनल इंटेलिजेंस बहुत जरूरी है। यह विचार को लेकर भावनात्मक समझ और नकारात्मकता से निपटने में व्यक्ति की योग्यता को बढ़ाता है।  यह बताता है कि हम अपने व्यक्तित्व को किस तरह से लेकर चल रहे हैं। किसी व्यक्ति का ईक्यू अच्छा होगा तो वह मन में आने नेगेटिव विचार के कारणों को समझ कर उसे दूर करने के लिए सही कदम उठा पाएगा। कठिन परिस्थिति में व्यक्तित्व बिखरेगा नही बल्कि उचित निर्णय ले पाएगा।

पालक भी समझें बच्चों की योग्यता, अनावश्यक न लादें उम्मीदों का बोझ
निधि बघेल ने पूछा कि कई बार माता पिता और शिक्षकों के उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन करने को लेकर दबाव महसूस होता है, इसे कैसे दूर करें। इस पर वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने कहा कि छात्र अपना बेस्ट दें और मन में यह भाव रखें कि मैंने अपनी क्षमता और योग्यता ने अनुरूप पूरा प्रयास किया है। कई बार परिणाम ऊपर नीचे हो सकते हैं। लेकिन इसको लेकर अनावश्यक दबाव नहीं लेना चाहिए। उन्होंने पालकों से भी अपील करते हुए कहा कि बच्चों की क्षमता को समझें। उसे बढ़ाने के लिए उनका मनोबल बढ़ाएं। उन पर उम्मीदों का बोझ बिलकुल न लादें। उन्हें हाई परसेंटेज लाने का प्रेशर न डालें। बच्चों को सकारात्मक माहौल देंगे और उनका आत्मविश्वास बढ़ाते रहेंगे तो वे उम्मीद से ज्यादा अच्छा प्रदर्शन करेंगे।

प्रयास संस्था और नालंदा परिसर से बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की मिलेगी सुविधा
वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने बच्चों को आगे क्लैट, यूनिवर्सिटीज के एंट्रेंस एग्जाम के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर जागरूक रहकर परीक्षा की तैयारी करने और उसमें शामिल होने की बात कही। उन्होंने बताया कि रायगढ़ में प्रयास संस्था खुलने जा रही है। पहली बार संभागीय मुख्यालय से बाहर रायगढ़ में यह संस्था खुलने जा रही है। यहां 11 वीं और 12 वीं के छात्रों को स्कूली शिक्षा के साथ आईआईटी, मेडिकल एंट्रेंस नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की निःशुल्क सुविधा भी मिलेगी। यह एक आवासीय संस्था होगी। साथ ही यहां नालंदा परिसर भी खुलने जा रहा है। इन सुविधाओं से यहां के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारियों के लिए अच्छा माहौल मिलेगा। उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि मेहनत ऐसा करो कि आपका हस्ताक्षर एक दिन ऑटोग्राफ बन जाए।

दुर्ग / शौर्यपथ / हेमचंद यादव विश्वद्यालय से संबंद्ध छत्तीसगढ कॉमर्स एंड साइंस महाविद्यालय सेक्टर 6 की बीएड के चौथे  सेमेस्टर की छात्रा नंदिता देशमुख ने टॉप टेन में स्थान बनाया है। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग द्वारा गत दिवस घोषित प्राविण्य सूचि जारी की है जिसमें स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय हुडकों की छात्रा युक्ति साहू ने 12 सौ में से जहां 1004 अंक प्राप्त कर पूरे यूनिवर्सिटी में प्रथम स्थान प्राप्त की है वहीं छत्तीसगढ कॉमर्स एंड साइंस महाविद्यालय सेक्टर 6 की बीएड के चौथे सेमेस्टर की छात्रा नंदिता देशमुख 983 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त कर हेमचंद यादव विश्वविद्यालय सहित छत्तीसगढ कॉमर्स एंड साइंस महाविद्यालय का नाम रौशन की है। नंदिता के इस उपलब्धि पर छग कॉमर्स एंड साइंस महाविद्यालय के डायरेक्टर ताहिर खान, प्राचार्य श्रीमती अनघा आगासे एचओडी श्रीमती पूनम पटेल सहित सभी प्राध्यापकों ने छात्रा नंदिता देशमुख को बधाई दी है।

मेरे माता पिता और महाविद्यालय के प्राध्यापकों को जाता  है इसका श्रेय-नंदिता

    छात्रा नंदिता देशमुख ने हमारे संवाददाता को बताया कि मेरे इस सफलता के पीछे मेरे माता पिता के साथ सबसे अधिक योगदान मेरे इस महाविद्यालय के डायरेक्टर मो. ताहिर खान के प्रोत्साहन और प्राचार्य श्रीमती अनघा आगासे,एचओडी श्रीमती पूनम पटेल एवं मेरे सभी प्राध्यापकों को जाता है जिनके उचित मार्गदर्शन एवं उच्च स्तरीय अध्यापन कार्य और उनके दिशा निर्देश के अनुसार पढाई की और परीक्षा की तैयारी की जिसके कारण प्राविण्य सूची में दूसरा स्थान प्राप्त कर सकी।

सेहत /शौर्यपथ /हल्दी की गिनती औषधीय मसालों में की जाती है. इसमें करक्यूमिन होता है जो सेहत के लिए फायदेमंद है. वहीं, हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के साथ-साथ इम्यूनिटी बढ़ाने वाले गुण भी होते हैं. मसाले के रूप में तो हल्दी फायदेमंद है ही, लेकिन कच्ची हल्दी सेहत के लिए अत्यधिक लाभकारी होती है. कच्ची हल्दी मेटाबॉलिज्म को भी बेहतर करती है और यह शरीर को कई स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों से बचाती है सो अलग. यहां जानिए सेहत को कच्ची हल्दी की चाय से मिलने वाले फायदों के बारे में.
कच्ची हल्दी की चाय पीने के फायदे |
कच्ची हल्दी की चाय एंटी-ऑक्सीडेंट्स, करक्यूमिन और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होती है. इसके सेवन से शरीर को फैट बर्निंग गुण भी मिलते हैं. इस चाय को बनाने के लिए एक कप पानी में कच्ची हल्दी को कूटकर डालिए. जब पानी पक जाए तो इसे छानकर निकाल लें. तैयार है कच्ची हल्दी की चाय.
पाचन बेहतर करने में कच्ची हल्दी की चाय के फायदे देखे जा सकते हैं. कच्ची हल्दी डाइजेस्टिव सिस्टम में फैट्स को ब्रेक करती है और शरीर को बेहतर तरह से पोषक तत्वों को सोखने में मदद करती है.
कच्ची हल्दी की चाय पीने पर इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है. इस चाय से डायबिटीज के मरीजों को खासतौर से फायदा मिलता है.
सूजन को कम करने में भी कच्ची हल्दी की चाय के फायदे देखे जा सकते हैं. कच्ची हल्दी के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मोटाबॉलिक फंक्शन को बेहतर करने में भी असरदार हैं.
वजन घटाने के लिए भी कच्ची हल्दी की चाय पी जा सकती है. कच्ची हल्दी के फैट बर्निंग एंजाइम्स शरीर के एक्सेस फैट को कम करने में कारगर होते हैं.
कच्ची हल्दी से शरीर को एंटी-एजिंग इफेक्ट्स भी मिलते हैं. इससे ना सिर्फ शरीर बल्कि त्वचा की पर भी एजिंग साइंस कम होने लगते हैं.
त्वचा पर कच्ची हल्दी के कई फायदे होते हैं. कच्ची हल्दी की चाय पीने पर चोट जल्दी भरने लगती है, दाग-धब्बे कम होते हैं और एक्ने की दिक्कत कम होती है.
हड्डियों को भी कच्ची हल्दी से फायदा मिलता है. इसके सेवन से हड्डियों में रहने वाला दर्द कम होने लगता है.

रसोई टिप्स /शौर्यपथ / कीड़े मकोड़ों का आना रसोई में एक सामान्य समस्या है. इन मकोड़ों को रोकने के लिए कई केमिकल उपाय उपलब्ध हैं, लेकिन ये उपाय अक्सर नुकसानकारक हो सकते हैं. इसलिए, हम आपको कुछ प्राकृतिक उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं. किचन में चींटियों का सामना करना आम समस्या है और यह खासकर गर्मी के मौसम में ज्यादा होता है. चींटियां खाने की चीजों पर हमला करती हैं और उन्हें नुकसान पहुंचा सकती हैं. किचन की स्लिप हो या दीवार चींटियां हर कहीं पहुंच जाती हैं. ऐसे में बहुत से लोग सवाल करते हैं कि चींटियों को कैसे भगाएं? चींटियों से छुटकारा पाने के उपाय क्या हैं? अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो यहां हम कुछ तरीके बता रहे हैं कि आप कैसे चींटियों से छुटकारा पा सकते हैं.
किचन में चीटियों से कैसे छुटकारा पाएं |
1. सफाई और हाइजीन
किचन को साफ और स्वच्छ रखना चींटियों के आने को रोक सकता है. खाना बनाने के बाद साफ पानी और साबुन का उपयोग करके किचन को अच्छी तरह से साफ करें. बर्तनों को तुरंत धोएं और ज्यादा समय तक भोजन न छोड़ें.
2. कपूर का पानी
चींटियों के आने को रोकने के लिए कपूर का पानी का मिश्रण बनाएं और इसे उन स्थानों पर लगाएं जहां चींटियां आती हैं. यह तरीका चींटियों को भगाने में मदद कर सकता है.
3. लाइम का प्रयोग
लाइम का रस भी चींटियों को भगाने में उपयोगी हो सकता है. लाइम के रस को वहां लगाएं जहां चींटियों पनपने की संभावना होती है या जहां से चींटियां आ रही हैं.
4. नीम का तेल
नीम का तेल भी चींटियों को भगाने के लिए उपयोगी है. इसे उन जगहों पर लगाएं जहां चींटियाँ आने का खतरा सबसे ज्यादा होता है.
5. लाल मिर्च पाउडर
मकोड़ों को भगाने के लिए एक अच्छा उपाय है लाल मिर्च पाउडर. आप जहां भी मकोड़ों के आने की संभावना हो, वहां पर थोड़ा सा लाल मिर्च पाउडर छिड़ककर रख सकते हैं. मकोड़े इस खुशबू को बिलकुल पसंद नहीं करते और दूर भाग जाते हैं.
6. लहसुन का तेल
लहसुन का तेल भी मकोड़ों को भगाने के लिए उपयुक्त होता है. आप रसोई के कोनों में लहसुन का तेल लगा सकते हैं या फिर एक टिस्यू के साथ इस तेल को पोंचकर वहां रख सकते हैं जहां मकोड़े ज्यादा पाए जाते हैं.
चींटियों के साथ लड़ना आसान नहीं हो सकता, लेकिन ऊपर बताए गए उपायों को फॉलो करके आप चींटियों से छुटकारा पा सकते हैं और अपने किचन को साफ रख सकते हैं.

व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को भगवान शिव को समर्पित महाशिवरात्रि का व्रत रखा जाता है. मान्यता है महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की सच्चे मन से पूजा करने से हर मनोकामना पूरी हो जाती है और जीवन में कोई कष्ट नही रहता है. इस व्रत को करने से मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति होती है. इस दिन भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए बेलपत्र के उपाय किए जा सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे करना चाहिए बेलपत्र के उपाय.
महाशिवरात्रि को करें बेलपत्र के उपाय
बेलपत्र के पेड़ के नीचे करें पूजा
महाशिवरात्रि के दिन बेलपत्र के पेड़ के नीचे शिवलिंग स्थापित कर विधिविधान से उसकी पूजा करें. मान्यता है कि बेल के वृक्ष पर भगवान शिव वास करते हैं.
बेलपत्रके नीचे करे पूजा
जीवन की समस्याओं को समाप्त करने के लिए बेलपत्र के नीचे जाएं और वहां किसी भी कंकड़ को भगवान शिव का रूप मानकर विधिविधान से पूजा अर्चना करें. उन्हें चावल और मूंग अर्पित कर लोटे से जल चढ़ाएं. इसके बाद प्रभु से अपनी समस्याएं बताएं. यह उपाय आपकी समस्याओं को दूर करने में मदद करेगा.
घर में लगाएं बेल का पेड़
मान्यता है कि बेल के वृक्ष के जड़ों में माता गिरजा, तने मां महेश्वरी, शाखाओं में मां दक्षायनी, पत्तियों में माता पार्वती और फूलों में मां गौरी का निवास होता है. बेल पत्र के पेड़ से घर की नकारात्मक और बुरी शक्तियां घर से दूर रहती है और चंद्रदोष दूर हो जाता है.

आस्था /शौर्यपथ /भगवान भोलेनाथ को समर्पित महाशिवरात्रि का पावन त्योहार इस बार 8 मार्च 2024, शुक्रवार के दिन मनाया जाएगा. इस दिन भगवान भोलेनाथऔर माता पार्वती का विधिवत विवाह कराया जाता है. इतना ही नहीं भगवान शिव के जयकारे लगाए जाते हैं, मंदिरों में रुद्राभिषेक किया जाता है. शिवलिंग पर भांग, धतूरा, बेलपत्र चढ़ाया जाता है. ऐसे में अगर शिवरात्रि के मौके पर आप अपने घर का माहौल भी भक्तिमय करना चाहते हैं, तो इस दिन भगवान शिव के ये 10 भजन सुनकर अपने मन को प्रसन्न कर सकते हैं.
महाशिवरात्रि के दिन भोले बाबा पर इस तरह करें बेलपत्र अर्पित, पूरी होगी मनोकामना और मिलेगा लाभ
टॉप 10 शिव भजन
1. ओम नमः शिवाय का जाप करो भाई- अजय जी
2. हे शिव शंकर- पंडित संजीव अभ्यंकर
3. बम बम भोले- अनुराधा पौडवाल
4. ओ मन मेरे शिव शिव जप लें- मनोज के
5. चलो भोले भंडारी- विनोद राठौड़
6. शिव शंकर को जिसने पूजा उसका बेड़ा पार हुआ- गुलशन कुमार
7. सुबह-सुबह ले शिव का नाम शिव आएंगे तेरे काम- गुलशन कुमार
8. शिव अमृतवाणी
9. सांसों की माला पे सिमरु में शिव का नाम
10. तेरे डमरू की धुन सुनके मैं काशी नगरी आई हूं- सपना विश्वकर्मा
ऐसे करें भगवान शिव की पूजा
महा शिवरात्रि के मौके पर भगवान शिव की पूजा अर्चना करने के लिए सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सबसे पहले स्नान करें, अगर आप व्रत कर रहे हैं तो व्रत का संकल्प लें. शिवलिंग पर एक लोटा जल या दूध चढ़ाएं. इसके साथ ही आप शिवलिंग पर शहद, चीनी, दही और गंगाजल चढ़ाकर अभिषेक भी कर सकते हैं, चाहे तो रुद्राभिषेक भी कर सकते हैं. इस दौरान ओम नमः शिवाय का जाप करें, भगवान शिव को दूध से बने भोग अर्पित करें. शिवलिंग पर भांग, धतूरा, बेलपत्र चढ़ाएं और अपनी मनोकामना शिव जी के समक्ष रखें. कहते हैं सच्चे मन से महाशिवरात्रि पर पूजा अर्चना करने से भगवान शिव अपने जातकों को सुख समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं.

सेहत टिप्स /शौर्यपथ / हेल्दी रहने और इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने के लिए हेल्थ एक्सपर्ट ड्राई फ्रूट्स खाने की सलाह देते हैं. लेकिन काजू-बादाम जैसे हाई न्यूट्रिशनल वैल्यू वाले मेवे की कीमत ज्यादा होती है जिसे हर कोई खरीदकर नहीं खा सकता है. ऐसे में हम आपको यहां पर एक ऐसे मेवे का विकल्प दे रहे हैं, जो सस्ता होने के साथ पोषक तत्वों से भरपूर है. इससे आपको अनगिनत फायदे मिल सकते हैं, तो आइए जानते हैं.
मुनक्का खाने के फायदे
- मुनक्के में एंटीबैक्टीरियल गुण, बीटा कैरोटीन, कैलशियम, पोटैशियम, मैग्निशियम समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर के लिए जरूरी होते हैं.
- मुनक्का और अंजीर साथ में खाते हैं, तो फिर आपके शरीर में खून की कमी कभी नहीं होगी. एनीमिया रोगियों को तो खासतौर से इन दोनों सूखे मेवों को खाना चाहिए.
- इसमें कैल्शियमकी मात्रा ज्यादा होती है जिसको खाने से आपकी हड्डियां मजबूत होती हैं. इससे गठिया बीमारी में भी आराम मिलता है. ग्लोइंग स्किन के लिए भी यह अच्छा होता है.
- वहीं, जो लोग वेटलॉस करना चाहते हैं, उनके लिए मुनक्का बेस्ट है. इसको भिगोकर खाने से तेजी से आपका वजन घट सकता है. आज से ही आप इसे डाइट का हिस्सा बनाइए. बालों के लिए भी मुनक्का बहुत अच्छा होता है. इससे आपका ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल रहता है.

शौर्यपथ / भारत की राजधानी दिल्ली न केवल एक राजनीतिक और सांस्कृतिक केंद्र है, बल्कि आध्यात्मिकता का भी खजाना है. यह शहर कई मंदिरों से सुशोभित है, जो देश की समृद्ध धार्मिक विविधता और सांस्कृतिक विरासत के प्रमाण के रूप में खड़े हैं. आपको इन मंदिरों में प्राचीन से लेकर आधुनिक वास्तुकला देखने को मिलेगी. ऐसे में आपको यहां दिल्ली के 7 खूबसूरत और प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो शहर के आध्यात्मिक ताने-बाने की झलक पेश करते हैं. इस बार ताज महोत्सव की क्या है थीम और क्यों मनाया जाता है यह फेस्टिवल, जानिए सबकुछ यहां
दिल्ली के फेमस मंदिर
अक्षरधाम मंदिर -
अक्षरधाम मंदिर की वास्तुकला देखने ना सिर्फ देश से बल्कि विदेशों से भी टूरिस्टों का मेला लगता है. यह मंदिर यमुना नदी के किनारे स्थित है. इस मंदिर तक पहुंचने के लिए निकटतम मेट्रो स्टेशन अक्षरधाम है.
लोटस टेंपल -
यह मंदिर अपनी कमल के आकार की संरचना के कारण लोगों के बीच बहुत फेमस है. यह मंदिर ध्यान और चिंतन का स्थान है. यह हर धर्म के लोगों को आकर्षित करता है. दक्षिण दिल्ली में स्थित इस मंदिर तक पहुंचने का सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन कालकाजी है.
इस्कॉन मंदिर -
इस्कॉन मंदिर भक्ति और आध्यात्मिकता का जीवंत केंद्र है. भगवान कृष्ण को समर्पित, यह मंदिर सांस्कृतिक कार्यक्रमों, व्याख्यानों और आध्यात्मिक प्रवचनों की भी मेजबानी करता है, जो एकता और भक्ति की भावना बढ़ावा देता है. यह मंदिर दक्षिण दिल्ली के हरे कृष्णा हिल्स में स्थित है. यहां पहुंचने के लिए निकटतम मेट्रो स्टेशन नेहरू प्लेस है.
छतरपुर मंदिर -
छतरपुर मंदिर अपने आध्यात्मिक महत्व और विस्मयकारी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है. देवी कात्यायनी को समर्पित, यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर परिसर है. इसकी आश्चर्यजनक संगमरमर वास्तुकला और शांत वातावरण लोगों को बहुत आकर्षित करता है. यह मंदिर छतरपुर मेट्रो स्टेशन के करीब है.
बिड़ला मंदिर -
बिड़ला मंदिर, जिसे लक्ष्मी नारायण मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय संस्कृति, कला और आध्यात्मिकता को समर्पित है. सफेद संगमरमर से निर्मित यह मंदिर भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को समर्पित है. इसकी नक्काशी और आध्यात्मिक आभा भक्तों और पर्यटकों को समान रूप से आकर्षित करती है. यह मंदिर कनॉट प्लेस के पास स्थित है, इसका नियरेस्ट मेट्रो स्टेशन आर.के.आश्रम है.
प्राचीन हनुमान मंदिर -
प्राचीन हनुमान मंदिर बजरंगबली भक्तों के लिए एक पूजनीय स्थल है. यह प्राचीन मंदिर पांडवों द्वारा स्थापित पांच मंदिरों में से एक माना जाता है.
कालकाजी मंदिर -
कालकाजी मंदिर, देवी काली को समर्पित एक पवित्र मंदिर. नवरात्रि के दौरान यहां पर उत्सव का महौल होता है. यह मंदिर दक्षिण दिल्ली में स्थित है, जहां नेहरू प्लेस मेट्रो स्टेशन के माध्यम से पहुंचा जा सकता है.

खाना खजाना /शौर्यपथ /भारतीय व्यंजनों में तेज पत्ता एक आम मसाला है, जो औषधीय गुणों से भी भरपूर होता है. इसी तेज पत्ते के पानी को सुबह खाली पेट पीने के कई चमत्कारी फायदे होते हैं. तेज पत्ते का पानी पीने से जहां एक तरफ डाइजेशन सुधरता है वहीं आप ब्लड शुगर को कंट्रोल भी कर सकते हैं. यानी जो तेज पत्ता स्वाद का तड़का लगाता है, उसकी मदद से आप सेहतमंद भी बने रह सकते हैं. तो आइए, जानते हैं खाली पेट तेज पत्ते का पानी पीने के छह फायदे.
खाली पेट तेजपत्ता का पानी पीने के फायदे
पाचन में सुधार : तेज पत्ते का पानी अपने प्राकृतिक तत्वों, जैसे आवश्यक तेलों और एंजाइमों के कारण पाचन स्वास्थ्य में सुधार लाने में मदद करता है. माना जाता है कि यह अपच, पेट फूलना और गैस जैसी पाचन संबंधी समस्याओं को कम करके पाचन तंत्र को आराम पहुंचाता है.
ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद: खाली पेट तेज पत्ते का पानी पीना ब्लड शुगर के लेवल को स्थिर करने और इंसुलिन की संवेदनशीलता को बढ़ाने में मदद करता है. यह डायबिटीज से पीड़ित लोगों या जिन्हें डायबिटीज होने का खतरा है, उनके लिए फायदेमंद है.
सूजन में देता है आराम : तेज पत्ते में सिनेओल और यूजेनॉल जैसे फाइटोन्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं, जिनमें सूजन-रोधी गुण होते हैं. खाली पेट तेज पत्ते का पानी पीने से शरीर में सूजन को कम करने में मदद मिलती है. ऐसे में पुरानी बीमारियों ंंमें सुधार के लिए भी तेजपत्ते का पानी पिया जा सकता है.
एंटीऑक्सिडेंट गुण : तेज पत्ते विटामिन सी और विटामिन ए सहित एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होते हैं. ये एंटीऑक्सिडेंट शरीर में हानिकारक फ्री रेडिकल्स को बेअसर करने में मदद करते हैं, कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं, हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारियों के खतरे को कम करते हैं. ये भी पढ़ें : शहद और काली मिर्च मिलाकर खाने से होता है जादू, यहां जानें फायदे
तनाव और चिंता से मुक्ति: तेज पत्ते का पानी तनाव और चिंता को कम करने के लिए जाना जाता है. अरोमा थेरेपी में इसका इस्तेमाल होता है. इसकी सुगंध मन को शांत करती है और शरीर को आराम देती है. आप भी तनाव का सामना कर रहे हैं तो इस पानी का सेवन कर सकते हैं.

सेहत टिप्स /शौर्यपथ / अक्सर लोग खुद को फिट रखने और स्वस्थ रखने के लिए तमाम तरह के नुस्खे आजमाते हैं, कुछ लोग इसके लिए महंगी दवाओं का भी इस्तेमाल करते हैं. हालांकि फायदा काफी कम लोगों को ही मिल पाता है. ऐसे में हम उन तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो कई सालों से चले आ रहे हैं. आज हम आपको शहद और काली मिर्च के फायदों के बारे में बता रहे हैं. शहद के साथ अगर आप काली मिर्च खाते हैं तो ये आपको कई तरह के फायदे देगा और आपको फिट रखने में भी मदद करेगा.
शहद के साथ काली मिर्च के फायदे
इम्यूनिटी होगी स्ट्रांग
शहद को एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटीबैक्टीरियल गुणों के लिए जाना जाता है. कई लोग रोजाना एक चम्मच शहद का सेवन करते हैं, जो उनकी इम्यूनिटी को भी बूस्ट करता है और उन्हें फिट रखने में भी मदद करता है. अब इसी शहद के साथ अगर आप काली मिर्च को मिला दें तो इसके फायदे दोगुने हो जाते हैं.
गले की खराश होगी दूर
अगर आपका गले में अक्सर खराब रहता है और खराश की दिक्कत रहती है तो ये आपके लिए सबसे बेहतर इलाज हो सकता है. आप रोजाना शहद में काली मिर्च मिलाकर खा सकते हैं. इससे आपके गले की हर समस्या दूर हो जाएगी. वहीं अगर आपके शरीर में किसी भी तरह की सूजन की दिक्कत है तो भी आप शहद के साथ काली मिर्च का सेवन कर सकते हैं. इससे शरीर की सूजन कम होने में मदद मिलती है.
स्ट्रेस से भी मिलेगा छुटकारा
आजकल की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में स्ट्रेस और डिप्रेशन की समस्या आम हो गई है, इससे छुटकारा पाने के लोग तमाम तरह के उपाय करते हैं. आप रोजाना शहद और काली मिर्च खाकर इस समस्या को दूर कर सकते हैं. काली मिर्च में ऐसे गुण पाए जाते हैं, जो आपकी स्ट्रेस को कम करने में मदद करते हैं.
डाइजेशन में सुधार
अगर आपकी पाचन शक्ति कमजोर है तो भी आप शहद और काली मिर्च खा सकते हैं. वहीं अगर आप वजन बढ़ने की समस्या से परेशान हैं तो गर्म पानी के साथ शहद और काली मिर्च लेने से आप वजन पर भी कंट्रोल रख सकते हैं. इससे वजन कम करने में मदद मिलती है. इतना ही नहीं ये आपकी इम्यूनिटी को भी बूस्ट करेगा और डायबिटीज को भी कंट्रोल रखने में मदद करेगा.

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