June 17, 2024
Hindi Hindi

  सेहत टिप्स /शौर्यपथ /ब्रेकफास्ट हमारे दिन का सबसे जरूरी मील माना जाता है. हेल्दी और फिट रखने में नाश्ता अहम भूमिका निभाता है. कई लोग वजन को कम करने के चक्कर में नाश्ता छोड़ देते हैं. लेकिन जो लोग ऐसा सोचते हैं वो गलत है. क्योंकि नाश्ता न करने की वजह वजन घटने की जगह बढ़ सकता है. क्योंकि आप जब सुबह नाश्ता नहीं करते हैं तो आपको बार-बार भूख लग सकती है जिसके चलते आप फास्ट फूड और अनहेल्दी चीजों का सेवन ज्यादा करते हैं. अगर आप भी नाश्ते में हेल्दी और क्विक डिश की तलाश कर रहे हैं तो आप इस राजस्थानी मक्की ढोकला को ट्राई कर सकते हैं. तो चलिए जानते हैं इसे बनाने की रेसिपी.
राजस्थानी मक्की का ढोकला एक वेजिटेरियन, स्पंजी और नमकीन स्टीम्ड रेसिपी है. इसे मक्के के आटे, कुटी हुई हरी मटर और अन्य स्वादिष्ट सामग्री से बनाया जाता है. स्वाद से भरपूर होने के साथ-साथ यह बहुत हेल्दी भी है क्योंकि इसमें कई पोषक तत्व होते हैं.
कैसे बनाएं मक्की का ढोकला रेसिपीः
इस राजस्थानी रेसिपी को बनाने के लिए आपको बस एक बड़े बाउल में मक्के का आटा, नमक, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला और तेल मिलाना है. इसे अपने हाथों से अच्छी तरह मिला लें. अब आटे के मिश्रण में एक चुटकी बेकिंग सोडा, मेथी के पत्ते मिला लें. नरम आटा गूंथने के लिए आवश्यकतानुसार पानी डालें. आटे से एक छोटा सा हिस्सा लें और एक गोलाकार डिस्क बनाएं और अपनी उंगली का उपयोग करके एक छोटा सा बीच में छेद कर दें. लास्ट स्टेप में ढोकला को लगभग पकने तक स्टीमर में रखना है. ढोकलों के पक जाने के बाद, ढोकला के ऊपर एक बड़ा चम्मच देसी घी डालें. इसे मूंग दाल, तीखी पुदीने की चटनी के साथ सर्व करें.

  सेहत टिप्स /शौर्यपथ /आइसक्रीम का नाम लेते ही मुंह में पानी आ जाता है. गर्मियों के मौसम में बच्चे से लेकर बड़े तक इसे खाना पसंद करते हैं. गर्मियों के मौसम में ठंडीृ-ठंडी आइसक्रीम खाने को मिल जाए तो मजा ही आ जाता है. लेकिन हाल ही में आइसक्रीम को लेकर ऐसी खबरे आईं हैं जिसे सुनने के बाद आइसक्रीम खाने का मन शायद ही करें. तीन दिन पहले मुंबई के मलाड में आईसक्रीम से इंसान की कटी हुई उंगली निकलने के बाद, अब नोएडा में आइसक्रीम के अंदर कनखजूरा मिला है. नोएडा की रहने वाली एक महिला ने एक कंपनी की वनिला फ्लेवर की आइसक्रीम मंगाई. महिला का दावा है, कि उनके पास डिलीवर हुई आइसक्रीम के डिब्बे में कनखजूरा निकला है.
आपको बता दें कि नोएडा सेक्टर-12 में रहने वाली महिला ने बताया कि शनिवार को उनके बच्चों ने आइसक्रीम खाने की जिद की. गर्मी बहुत थी इसलिए उन्होंने ऑनलाइन सामान डिलीवरी करने वाली साइट के माध्यम से वनिला आइसक्रीम 195 रुपये की मंगा ली. जब उन्होंने उसे खोलकर देखा तो उसके अंदर कनखजूरा जमा हुआ दिखाई दिया. यह देखकर वह बहुत ज्यादा घबरा गई. इसके तुरंत बाद उन्होंने सामान की डिलीवरी करने वाली कंपनी में शिकायत दी.
पीड़ित महिला ने आइसक्रीम के डिब्बे का एक वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर डाला. जिसमें वह आइसक्रीम के डिब्बे में कनखजूरे को दिखा रही हैं. उन्होंने आइस क्रीम कंपनी के साथ ही अन्य सरकारी एजेंसियों को सोशल मीडिया पर टैग करते हुए शिकायत की.

  सेहत टिप्स /शौर्यपथ /अमरूद एक ऐसा फल है जिसे खाना हर कोई पसंद करता है. अमरूद में मैग्नीज, पोटैशियम, विटामिन, विटामिन सी, मिनरल, लाइकोपीन, फाइबर के गुण पाए जाते हैं. अमरूद के गुणों का आयुर्वेद में भी जिक्र है. आयुर्वेद में अमरूद को कई बीमारियों के इलाज के लिए भी लाभदायक बताया गया है. अमरूद की तासीर ठंडी होती है. गर्मियों के मौसम में अमरूद ही नहीं, इसकी पत्तियां भी सेहत के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं. तो चलिए जानते हैं अमरूद की पत्तियों से होने वाले फायदे-
खाली पेट अमरूद की पत्तियां खाने के फायदे-  
1. पाचन-  
अगर आपको पाचन या पेट से जुड़ी समस्या है तो आपके लिए अमरूद की पत्तियां फायदेमंद हो सकती हैं. सुबह खाली पेट अमरूद की पत्तियां चबाने से पाचन और पेट संबंधी समस्याओं से राहत मिल सकती है.
1. मोटापा-
वजन को घटाने के लिए अमरूद ही नहीं इसकी पत्तियां भी काफी गुणकारी मानी जाती हैं. सुबह खाली पेट अमरूद की पत्तियां चबाने से पेट बढ़े हुए वजन को कम करने में मदद मिल सकती है.
3. इम्यूनिटी-
मजबूत इम्यूनिटी शरीर को कई संक्रमण से बचाने में मददगार है. अमरूद की पत्तियों में विटामिन-C पाया जाता है. विटामिन सी इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मददगार है.
4. डायबिटीज-
सुबह खाली पेट अमरूद की पत्तियां चबाने से डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है.
5. ब्लड प्रेशर-
अमरूद के पत्तों में पोटैशियम और फाइबर की मात्रा होती है, जिससे ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है. ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए फायदेमदं है अमरूद की पत्तियों का सेवन.
6. कोलेस्ट्रॉल-
सुबह खाली पेट अमरूद की पत्तियां खाने से कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है.

व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / ईद-उल-अजहा जिसे बकरीद के नाम से भी जाना जाता है भारत में 17 जून को मनाई जाएगी. जबकि कुछ हिस्सों में आज यानि 16 जून को मनाई जा रही है. आपको बता दें कि इस दिन सुबह बकरे की कुर्बानी दी जाती है, लोग नहाने के बाद नए कपड़े पहनते हैं, घर पर पकवान बनाए जाते हैं, मस्जिद में नमाज अदा की जाती है, घर पर दोस्तों और रिश्तेदारों का आना जाना रहता है और सभी एक-दूसरे को बकरा ईद की मुबारकबाद देते हैं. ऐसे में हम आपके लिए लाएं हैं कुछ खास बकरीद की विशेज, जिन्हें अपने करीबी दोस्तों और रिश्तेदारों को भेजकर उनकी खुशियां दोगुना कर सकते हैं.
ईद उल-अज़हा मुबारक शायरी -
अल्लाह की रहमत छाई है
खुशियां कितनी लाई है
कयामत ने बात दोहराई है
देखो फिर से बकरीद आई है
बकरीद की मुबारकबाद
अल्लाह ने अता फरमाया है,
एक बार फिर से बंदगी की राह पर चलाया है,
अदा करना अपना फर्ज सभी के लिए,
ईद-उल-अजहा खुशियां लाए आपके लिए.
मुबारक मौका अल्‍लाह ने अता फरमाया,
एक बार फिर बंदगी की राह पे चलाया,
अदा करना अपना फर्ज तुम खुदा के लिए,
खुशी से भरी हो ईद-उल-अजहा आपके लिए.
बकरीद मुबारक!
दिलों का प्यार हुआ है मुबारक,
ईद के त्यौहार ने दे दी है दस्तक,
पूरी होगी हर हसरत,
क्योंकि हमारे दिल की है यही चाहत
बकरा ईद मुबारक
ईद का मौका और दिलों का मिलना
ऐसा ही है जैसे किसी बाग में बहार का खिलना
यूं ही नहीं मिलती किसी को खुदा की नेमत
आप हमसे मिले हैं यह है हमारी किस्मत
ईद का त्यौहार आपको मुबारक हो
आपकी हर ख्वाहिश है हमारे लिए हुकुम,
आपकी हर मुस्कुराहट है हमारे दिल का सुकून
मिले हर कदम पर आपको रजा ए खुदा
फना हो जाए लब्ज-ए-गम हम करते हैं यही दुआ
आपको और आपके परिवार को मिले रहमत
आप हमेशा रहें यूं ही सलामत
बकरा ईद की मुबारकबाद

   व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /हिंदू कैलेंडर के अनुसार, हर चंद्र महीने में 2 चतुर्थी तिथि होती हैं. एक पूर्णिमा को कृष्ण पक्ष में आती है जिसे संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है, जबकि दूसरी अमावस्या के बाद शुक्ल पक्ष में आती है, जिसे विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है. साल में 12 संकष्टी चतुर्थी व्रत होते हैं और कृष्णपिंगला संकष्टी चतुर्थी उनमें से एक है. हर महीने में भगवान गणेश के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है.
कृष्णपिंगला संकष्टी चतुर्थी 2024 की तिथि और समय
पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 25 जून को देर रात 01 बजकर 23 मिनट पर होगी. वहीं, इसका समापन 25 जून को रात 11 बजकर 10 मिनट पर होगा. ऐसे में 25 जून को कृष्णपिंगला संकष्टी चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा.
कृष्णपिंगला संकष्टी चतुर्थी 2024 गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में अमावस्यांत कैलेंडर के अनुसार ज्येष्ठ माह में आती है. उत्तर भारतीय हिंदू कैलेंडर के अनुसार, यह आषाढ़ महीने में आती है. ऐसा माना जाता है कि भगवान गणेश ने कृष्णपिंगला संकष्टी चतुर्थी पर अपने सभी भक्तों के लिए पृथ्वी पर अपनी उपस्थिति दी थी.
कृष्णपिंगला संकष्टी चतुर्थी महत्व
प्रत्येक महीने भगवान गणेश की पूजा एक अलग नाम और पीठ के साथ की जाती है. पौराणिक कथाओं के अनुसार यह वह दिन है जब भगवान शिव ने भगवान गणेश को सर्वोच्च देवता घोषित किया था. कृष्णपिंगला संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से भक्तों को जीवन में आने वाली हर समस्या से दूर रखा जाता है और सभी दोषों और बुराइयों से मुक्ति मिलती है. इसके अलावा, यह एक ऐसा दिन है जो सभी कठिनाइयों और बाधाओं को दूर करता है और भक्तों को स्वास्थ्य, धन और समृद्धि प्रदान करता है.
कृष्णपिंगला संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि
कृष्णपिंगला संकष्टी चतुर्थी 2024 पर, चंद्रमा को देखने का विशेष महत्व है, श्रद्धालु सुबह जल्दी उठते हैं, स्नान करते हैं और दिन भर भगवान गणेश की पूजा करते हैं. कई श्रद्धालु कृष्णपिंगला संकष्टी चतुर्थी का व्रत करते हैं, जिसमें उन्हें फल और दूध से बने उत्पाद खाना होता है.
भगवान गणेश की मूर्ति को दूर्वा घास और फूलों से सजाया जाता है. भगवान गणेश के वैदिक मंत्रों का जाप करना चाहिए. शाम को, चंद्रमा को समर्पित संकष्टी पूजा की जाती है. इस दिन  भगवान गणेश का पसंदीदा भोजन जैसे मोदक शामिल होता है तैयार किया जाता है. इस दिन गणेश आरती के बाद, सभी भक्तों के बीच प्रसाद वितरित किया जाता है.

ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /एजिंग, जेनेटिक्स, खानपान में पोषक तत्वों की कमी, कोई मेडिकल कंडीशन या गलत स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल आंखों के नीचे काले घेरे पड़ने की वजह बन सकता है. इन काले घेरों के कारण चेहरे और आंखों की रंगत एकदम अलग नजर आती है. कई बार तो लोग खुद आ-आकर पूछने लगते हैं कि क्या दिक्कत है. ऐसे में अगर आप भी इन काले घेरों या डार्क सर्कल्स से परेशान हैं तो यहां जानिए इनसे किस तरह छुटकारा पाया जा सकता है. घर की ही कुछ चीजें डार्क सर्कल्स को हल्का करने में असर दिखाती हैं.
डार्क सर्कल्स के घरेलू उपाय |
खीरे का रस - खीरा एंटी-ऑक्सीडेंट्स का पावरहाउस होता है. खीरे से त्वचा को विटामिन सी, विटामिन के और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी मिलते हैं जो त्वचा के लिए फायदेमंद होते हैं. आप खीरे के स्लाइसेस को आंखों पर लगाकर रख सकते हैं या फिर खीरे के रस को आंखों के नीचे 10 से 20 मिनट लगाकर रखने के बाद धोकर हटा लें.
बादाम का तेल - विटामिन ई से भरपूर बादाम के तेल से डार्क सर्कल्स कम हो सकते हैं. रात में सोने से पहले डार्क सर्कल्स पर बादाम का तेल लगाएं और अगली सुबह उठकर चेहरा धो लें.
आलू - ब्लीचिंग गुणों से भरपूर आलू के रस से स्किन को विटामिन ए, विटामिन सी और फायदेमंद एंजाइम्स मिलते हैं. आलू को घिसकर निचोड़ें और कटोरी में रस निकालकर अलग रख लें. आलू के रस को आंखों के नीचे पड़े काले घेरों पर 10 से 15 मिनट लगाएं और फिर धोकर हटा लें. रोजाना दिन में 2 बार आलू के रस के इस्तेमाल से डार्क सर्कल्स कम होने लगते हैं.
टमाटर - लाल टमाटर भी नेचुरल ब्लीचिंग गुणों से भरपूर होता है. इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट लाइकोपीन होता है जो अंडर आई डार्क सर्कल्स को कम करता है. इसमें विटामिन ए, बी और सी के साथ ही सल्फर और कैल्शियम जैसे खनिज होते हैं जो डार्क सर्कल्स कम करते हैं. डार्क सर्कल्स पर 10 मिनट टमाटर का रस लगाने पर डार्क सर्कल्स पर असर पड़ता है.
ठंडा दूध - डार्क सर्कल्स दूर करने का एक और आसान नुस्खा है, ठंडा दूध. दूध में पाए जाने वाले गुण इसे एक अच्छा क्लेंजर बनाते हैं. दूध को रूई में लेकर डार्क सर्कल्स पर 15 मिनट लगाए रखें और फिर धो लें.
एलोवेरा जैल - डार्क सर्कल्स को कम करने में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूरर एलोवेरा जैल का भी कमाल का असर दिखता है. एलोवेरा से स्किन को सूदिंग इफेक्ट्स भी मिलते हैं.

टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ /हर साल जून के तीसरे रविवार को फादर्स डे मनाया जाता है. इस दिन बच्चों की यही कोशिश रहती है कि वे किसी तरह पापा के चेहरे पर मुस्कुराहट ले आएं या उन्हें उपहार में कुछ ऐसा दें जिसे पाकर पापा खुश हो जाएं. अगर मम्मी को कुछ गिफ्ट में देना हो तो इतनी मुश्किल नहीं आती लेकिन जब पापा को गिफ्ट देने की बात होती है तो अक्सर हवाइयां उड़ जाती हैं. समझ ही नहीं आता कि पापा को ऐसा क्या दिया जाए जो उन्हें अच्छा लगेगा. मगर आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि यहां कुछ ऐसे गिफ्ट आइडियाज दिए गए हैं जो फादर्स डे के मौके पर पापा को जरूर पसंद आएंगे.
फादर्स डे गिफ्ट आइडियाज |
फूट मसाजर - पापा को गिफ्ट में फूट मसाजर दिया जा सकता है. यह फूट मसाजर लकड़ी का होता है जिसपर रोलर्स लगे होते हैं. पापा को बस इसपर पैरों को रखकर बैठना होगा या फिर पैरों को आगे-पीछे करना होगा. इस फूट मसाजर से पैरों के पॉइंट्स पर असर होगा और पैर ही नहीं बल्कि शरीर के अलग-अलग हिस्सों को इसका फायदा मिलेगा.
मल्टी पर्पल टूल - अगर आपके पापा को भी घर की चीजों को तोड़ने-जोड़ने का शौक है या वो भी जबतब किसी चीज को ठीक करने बैठ जाते हैं तो यह टूल उनके लिए बेहद अच्छा है. मल्टी पर्पस टूल स्क्रूड्राइवर, बॉटल ओपनर, बॉक्स कटर और रूलर की तरह काम करता है. पापा चाहें तो इसे अपने साथ कैरी करके भी घूम सकते हैं.
हीटिंग पैड - बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें होना भी आम हो जाता है. अगर आपके पापा को भी हाथ-पैरों या फिर कंधे और कमर में दर्द रहता है तो हीटिंग पैड पापा के बहुत काम आएगा. आप अपने बजट के अनुसार हीटिंग पैड ले सकते हैं.
ब्लूटूथ स्पीकर्स - पापा के पुराने गाने के शौक को बढ़ावा देते हुए आप उन्हें ब्लूटूथ स्पीकर्स गिफ्ट में दे सकते हैं. ब्लूटूथ स्पीकर्स पर वे अपने पसंद के गाने जब चाहे तब सुन पाएंगे. अगर पापा टेक्नोलॉजी कम समझते हैं तब भी ब्लूटूथ स्पीकर को बिना दिक्कत के चला पाएंगे. इसे आमतौर पर एक बटन से ऑन और ऑफ ही करना होता है.
जूते - पापा के पास चाहे शर्ट या पैंट्स कितने ही मिल जाएं लेकिन जूते कम ही होते हैं. ऐसे में पापा को जूते गिफ्ट में दिए जा सकते हैं. जूते आप ऑनलाइन या ऑफलाइन ले सकते हैं या फिर पापा को गिफ्ट कार्ड भी दिया जा सकता है जिससे वे अपनी पसंद का गिफ्ट खरीद सकें.

लाइफस्टाइल /शौर्यपथ /खराब लाइफस्टाइल और खानपान की वजह से अमूमन लोगों को कब्ज की समस्या हो रही है. कब्ज की वजह से पेट सही से साफ नहीं होता है. जिस वजह से पेट में दर्द, फूलना और ऐंठन सी रहती है. जो आपके पूरे दिन को खराब कर देता है. ऐसे में जरूरी है कि आप ऐसी चीजों का सेवन करें जो कब्ज को दूर करने में मदद कर सके. पपीते का सेवन पेट के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसका सेवन बेहद लाभदायक होता है. अगर आप पपीता के साथ चिया सीड्स मिलाकर सेवन करेंगे तो पुराने से पुराने कब्ज से मुक्ति मिल सकती है. आइए जानते हैं पपीते के साथ चिया सीड्स का सेवन करने से होने वाले फायदे.
कब्ज में पपीता और चिया सीड्स खाने के फायदे
पपीते का सेवन पेट को साफ करने में मदद करता है. वही चिया सीड्स भी कम फायदेमंद नहीं है. आपको बता दें चिया सीड्स एक जैल जैसा कंपाउंड बनाता है जो लैक्सेटिव की तरह काम करता है और पेट को सही से साफ करने में मदद करता है. इन दोनों में ही फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है.जो सेहत के लिए फायदेमंद है.
पपीते के साथ कैसे करें चिया सीड्स का सेवन
इसका सेवन करने के लिए रात को पानी में चिया सीड्स को भिगोकर रख दें. सुबह पपीते को काटकर उसमें चिया सीड्स मिलाएं और इसका सेवन करें. ये दोनों चीजें मेटाबोलिज्म को तेज करता है। इससे आपका खाना सही से पचता है, पेट साफ होता है और आप कई बीमारियों से बच रह सकते हैं.
किस समय करें सेवन
सुबह का समय नाश्ते में इसका सेवन करना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है.

सेहत टिप्स /शौर्यपथ /आपके किचन में पाया जाने वाला काले नमक का इस्तेमाल हम कई चीजों में करते हैं. रायता बनाने से लेकर कई लोग सलाद में भी काला नमक डालकर खाना पसंद करते हैं. इसके अलावा शिंकजी और नींबू पानी बनाने में भी काले नमक का यूज किया जाता है. क्या आपको पता है कि काला नमक न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने में मदद करता है बल्कि सेहत के लिए भी बेहत फायदेमंद होता है. आपको जानकर हैरानी होगी कि ये कई मर्ज की दवा भी है. तो आइए जानते हैं काला नमक को पानी में मिलाकर इसे पीने के फायदे.
काला नमक का पानी पीने के फायदे
गर्मियों में काले नमक के पानी का सेवन फायदेमंद होता है. दरअसल काले नमक की तासीर ठंडी होती है जो आपके पेट को ठंडा रखने में मदद करती है.
काले नमक में लैक्सटेसिव गुण पाए जाते हैं जो हमारे मेटाबोलिक रेट को भी बढ़ाने में मदद करता है.
काले नमक के पानी के सेवन आपके लिवर को डिटॉक्सीफाई करने में भी मदद कर सकता है. इसके साथ ही ये लिवर फंक्शनिंग को भी तेज करने में मदद करता है.
काले नमक के पानी के सावन आपके शरीर के अंदर जमा गंदगी को भी बाहर निकालने में मदद करता है.
काले नमक का पानी पीने से आपका शरीर अंदर से डिटॉक्सीफाई होता है जिसका असर स्किन पर भी साफ दिखता है. स्किन अंदर से खिली-खिली और साफ नजर आती है.
रोजाना काले नमक के पानी का सेवन कब्ज की समस्या से भी राहत दिलाने में मदद कर सकता है.

 

सेहत टिप्स /शौर्यपथ /ट्रैवलिंग और ऑफिस के लिए हम जब भी खाना पैक करते हैं तो रोटियां रखने के लिए एल्युमिनियम फॉयल या बटर पेपर का यूज करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इन चीजों में रोटी को रखना आपकी सेहत पर क्या असर डालता होगा? हम इन चीजों में खाना इसलिए पैक करते हैं ताकि वो फ्रेश और गरम रह सके. लेकिन क्या फूड पैकिंग पेपर सेहत के लिए ठीक है?
एल्युमिनियम फॉयल
एल्युमिनियम फॉयल में खाना पैक करने को लेकर हाल ही में एक रिसर्च सामने आई है.'इंटरनेशनल जर्नल ऑफ इलेक्ट्रोकेमिकल साइंस एल्युमिनियम फॉयल' के मुताबिक एल्युमिनियम फॉयल सेहत के लिए नुकसानदायक होता है. यह खाने के कणों को ऑक्सीडाइज करता है. जो बीमारियों की वजह भी बन सकते हैं. अब सवाल यह उठता है कि दोनों में से ज्यादा अच्छा कौन होता है?
बटर पेपर या एल्युमिनियम फॉयल
बटर पेपर को रैपिंग पेपर या सैंडविच पेपर के नाम से भी जाना जाता है. यह एल्युमिनियम फॉयल से ज्यादा अच्छा होता है. बटर पेपर एक नॉन-स्टिक पेपर की तरह होता है जो सेल्युलोज से बना पेपर होता है. ये खाने को नम होने से रोकता है और एक्सट्रा ऑयल भी सोख लेता है. इसलिए इसे सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद माना जाता है.

Page 1 of 400

हमारा शौर्य

हमारे बारे मे

whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
 
CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
CONTECT NO.  -  8962936808
EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)