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नई दिल्ली / शौर्यपथ / भारत ने 275 चीनी ऐप की लिस्ट बनाई है, जिनकी जांच की जाएगी कि कहीं वो राष्ट्रीय सुरक्षा या लोगों की निजता का उल्लंघन तो नहीं कर रहे. मामले से परिचित लोगों के मुताबिक़, संभावना है कि और भी कई चीनी इंटरनेट कंपनियां देश में बैन हो सकती हैं.
एशिया के इन दो बड़े देशों में जारी सीमा विवाद के बीच पिछले महीने ही 59 चीनी ऐप पर हाई प्राफाइल बैन लगाया गया था. जिसमें टिकटॉक जैसे ऐप शामिल थे.
इकॉनोमिक टाइम्स अख़बार का कहना है कि उसने नई लिस्ट देखी है, जिसमें लोकप्रिय गेमिंग ऐप - पबजी, शाओमी का ज़िली, अलीबाबा का अलीएक्सप्रेस के अलावा रेसो और टिकटॉक की मालिकाना कंपनी बाइटडांस का एक और ऐप - यूलाइक शामिल है.
मामले के जानकार एक शख़्स ने बताया, "सरकार इन सभी ऐप को बैन कर सकती है. या हो सकता है कुछ को करे या किसी को ना करे." हालांकि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. लेकन आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि समीक्षा जारी है जिसका मक़सद और चीनी ऐप्स की पहचान करना और उनकी फंडिग का पता लगना है.
एक अधिकारी ने बताया कि इनमें से कुछ ऐप्स की सुरक्षा कारणों को लेकर शिकायत आई है, वहीं कुछ के बारे में डेटा शेयरिंग करने और निजता की चिंता को लेकर आगाह किया गया है.
शौर्यपथ । सेहत । शिक्षा । ज्यादातर लोगों को क्या लगता है कि सेक्स के बाद सभी कपल्स फिल्मों की तरह एक दूसरे को बांहों में भर कर सो जाते हैं या फिर दोनों एक दूसरे से प्यार भरी बातें करते हैं। जबकि ऐसा नहीं है, क्योंकि फिल्मों में जैसा दिखाते हैं वैसा आपके साथ रियल में भी हो ऐसा मुमकिन नहीं है। आज हम आपको कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं, जिनको जानकर आपका ये भ्रम दूर हो जाएगा। जी हां कुछ कपल्स ने सेक्स के बाद एक दूसरे के साथ ऐसा व्यवहार किया जो हैरान करने लायक था। एक कपल ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार सेक्स किया तो मर्द पार्टनर सेक्स के बाद बिल्कुल चुप हो गया। घर जाकर बाद में उसने मैसेज करके पूछा कि बैड पर मैं कितना सक्सेस हुआ। मर्द पार्टनर को ये लग रहा था कि कहीं अगर महिला को मजा नहीं आया तो शायद वो उससे इस बात के लिए रिश्ता भी तोड़ सकती है। एक कपल ने बताया कि जब उन्होंने सेक्स किया तो महिला पार्टनर सेक्स के तुरंत बाद बहुत जोर-जोर से रोने लगी। जब वो ज्यादा देर तक रोने लगी तो मर्द पार्टनर ने उससे पूछा कि तुम क्यों रो रही हो तो महिला पार्टनर ने बताया कि कुछ दिनों पहले तुम्हारी मां से मेरी लड़ाई हो गई थी। एक लड़के ने बताया कि एक बार उसने एक लड़की के साथ सेक्स किया तो उससे पहले हमने काफी देर बात की और एक दूसरे को अपने बारे में बताया। जब हमने सेक्स कर लिया तो लड़की ने बोला कि मेरा असली नाम कुछ और ही है। एक लड़की ने बताया कि एक बार वो अपने बॉयफ्रेंड के साथ सेक्स कर रही थी तो उसे याद आया कि थोड़ी देर बार उसकी रूप मेट आने वाली है। तो लड़की ने सेक्स के तुरंत बाद ही लड़के से कहा कि तुम यहां से निकल जाओ अभी के अभी। फिर लड़की ने बाद में फोन पर लड़के को सारी बात बताई। नोट: 18+ स्टोरी का उद्देश्य अश्लीलता परोसना नहीं, बल्कि सेक्स के प्रति जागरूकता फैलाना है, ताकि आपके जीवन में खुशहाली आए।
० राजनांदगांव, महासमुंद एवं दंतेवाड़ा पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा बिहार-झारखंड में की धमाकेदार छापामार कार्यवाही
० हाईप्रोफाईल ठग कई टीम बनाकर देते थे ठगी की घटना को अंजाम
० फर्जी सिम लाने, फोन करने, खातों में रकम ट्रांसफर करने से लेकर एटीएम से रकम निकालने ठगों के हर सदस्यों का बटा हुआ था अलग-अलग काम
० सेवानिवृत होने वाले अधिकारियों के बारे में ऑनलाईन करते थे पहचान
० बड़ी चतुराई से अपने आप को पेंशन अधिकारी बताकर लेते थे प्रार्थी की खातें की संपूर्ण जानकारी
राजनांदगांव / शौर्यपथ / प्रार्थी भगवान सिंह सलामे उम्र 60 साल निवासी अंबागढ़ चौकी के द्वारा 16 जुलाई 2020 को थाना अंबागढ़ चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराया कि 15 जुलाई 2020 को अज्ञात व्यक्ति द्वारा फोन कर अपने आप को पेंशन अधिकारी बताकर बैंक खाते एवं एटीएम की संपूर्ण जानकारी लेकर खाते से 18.33 लाख रूपये का धोखाधड़ी कर आहरण कर लिया गया है। रिपोर्ट पर थाना अंबागढ़ चौकी में अपराध क्रमांक 131/20 धारा 420 कायम कर विवेचना में लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज विवेकानंद सिन्हा, पुलिस महानिरीक्षक रायपुर डा. आनंद छाबड़ा, पुलिस महानिरीक्षक बस्तर पी. सुंदरराज, पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव जितेन्द्र शुक्ला, पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा अभिषेक पल्लव, पुलिस अधीक्षक महासमुंद प्रफुल्ल ठाकुर के निर्देशन एवं अति. पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव गोरखनाथ बघेल, श्रीमती सुरेशा चौबे एवं नगर पुलिस अधीक्षक मणीशंकर चंद्रा, एसडीओपी अं. चौकी घनश्याम कामड़े मार्गदर्शन में उप पुलिस अधीक्षक प्रशिक्षु मयंक रणसिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम मामले के जल्द से जल्द खुलासे के लिए गठित की गई।
विशेष टीम द्वारा कॉल किए गए मोबाईल नंबर व प्रार्थी के खाते से ट्रांसफर किए गए संपूर्ण बैंक खातों की जानकारी प्राप्त कर बारिकी से हर बिंदुओं पर जांच की गई, उसी दौराने छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों महासमुंद, दंतेवाड़ा, कांकेर, रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा में भी ऐसे ही घटना घटित होना पता चलने पर सभी जिलो से संपर्क कर घटना की संपूर्ण जानकारी एकत्र कर तकनीकी टीम व फिल्ड में पुलिस स्टॉफ द्वारा अथक प्रयास कर आरोपियों की पहचान कर तत्काल विशेष टीम बिहार-झारखंड की ओर रवाना हुई। दंतेवाड़ा एवं महासमुंद की टीम भी अपने-अपने जिले से आरोपियों की पता-तलाश हेतु बिहार-झारखंड पहुंची। अलग-अलग जिलों के पुलिस स्टॉफ द्वारा संयुक्त टीम बनाकर स्थानीय पुलिस की मदद से बिहार-झारखंड के अलग-अलग स्थानों में रेड कार्यवाही कर घेराबंदी कर 5 आरोपियों को पकड़ा गया। आरोपियों से पूछताछ पर पता चला कि ठगों के गिरोह द्वारा पूरे भारत में इस प्रकार के ठगी की घटना को अंजाम देकर करोड़ों रूपये की ठगी की जा चुकी है।
प्रार्थी को फोन करने, खातों की जानकारी लेने, खातों से रकम दूसरे खातों में भेजने से लेकर एटीएम से रकम आहरण करने ठगों के टीम के अलग-अलग सदस्यों की भूमिका निर्धारित होती है, जिनको उनके कार्यो के आधार पर कमीशन दिया जाता है। पुलिस को गुमराह करने हेतु आरोपियों द्वारा पं. बंगाल के महिलाओं के नाम पर फर्जी सिम खरीदकर बिहार-झारखंड बार्डर के जंगलों में बैठकर ठगी के लिए फोन करते थे ठगी कर आरोपी अलग-अलग दिशाओं में चले जाते थे। रकम आहरण करने हेतु झारखंड के देवघर, गिरिडिह, डुमका जिले के अलग-अलग एटीएम का उपयोग करते थे। रकम आहरण पश्चात् वापस बिहार आकर अपने-अपने ठिकानों में चले जाते थे। विशेष टीम द्वारा आरोपी बाबुर अली हेम्ब्राम पिता लखीराम हेम्बाम उम्र 30 वर्ष साकिन लीलावरण पोस्ट चुआपानी थाना बंधुआकुरावा (पुराना थाना बौन्सी) जिला बांका (बिहार), मनोज कुमार राय पिता जर्नादन राय निवासी लीलावरण थाना बंधुआकुरावा (पुराना थाना बौन्सी) जिला बांका (बिहार), रोहित कुमार यादव पिता भगिरोध यादव निवासी झालर थाना बंधुआकुरावा (पुराना थाना बौन्सी) जिला बांका (बिहार), पिंटु कुमार मंडल पिता छोटन मंडल निवासी बगीचा थाना बौन्सी बिहार एवं जितेन्द्र चौधरी पिता देवेन्द्र चौधरी निवासी लीलावरण थाना बंधुआकुरावा (पुराना थाना बौन्सी) जिला बांका (बिहार) को गिरफ्तार कर आरोपियों के कब्जे से 7 नग विभिन्न कंपनियों के मोबाईल, 2 नग लैपटॉप, 1 नग कलर प्रिंटर, 12 नग विभिन्न बैंकों के एटीएम, 2 नग इंडिया पोष्ट पेयमेंट बैंक का कार्ड, 2 नग जियों कंपनी का नया सिम, 4 नग आधार कार्ड, 2 नग मतदाता परिचय पत्र, 2 नग पैनकार्ड सहित 3 लाख 62 हजार रूपये नगद जप्त किया गया।
उपरोक्त कार्यवाही में उप पुलिस अधीक्षक (प्रशिक्षु) मयंक रणसिंह, निरीक्षक अमित पाटले (दंतेवाड़ा), उप निरीक्षक नरेन्द्र मिश्रा, उप निरीक्षक संजय राजपूत (महासमुंद), उप निरीक्षक शैलेश पाण्डेय (देवघर), सउनि विकास शर्मा (महासमुंद), प्रधान आरक्षक बसंत राव, जी सिरिल, मिनेश धु्रव (महासमुंद), आरक्षक मनीष मानिकपुरी, प्रवीण मेश्राम, राकेश धु्रव, आदित्य सिंह, हेमन्त साहू (सायबर सेल राजनांदगांव), रविन्द्र गुप्ता (दंतेवाड़ा), जुगेश सिंह पैकरा (दंतेवाड़ा), शुभम पाण्डेय (महासमुंद), विरेन्द्र नेताम (महासमुंद) की सराहनीय भूमिका रही।
नई दिल्ली / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 जुलाई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्च श्रेणी के स्तर के कोरोनावायरस परीक्षण के तीन केंद्रों का शुभारंभ करेंगे. यह सुविधाएं देश में कोरोनावायरस टेस्टिंग की क्षमता को बढ़ाएंगी और शुरुआती पहचान और उपचार को मजबूत करने में मदद करेंगी, जिससे महामारी के प्रसार को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी.
यह तीन टेस्टिंग सेंटर ICMR नोएडा, मुंबई और कोलकाता में शुरू किए जा रहे हैं. हर केंद्र एक दिन में कोरोना के 10 हजार सैंपल टेस्ट करने की क्षमता रखता है. यह लैब्स कर्मियों के संक्रमित होने की गुंजाइश को भी कम करेंगी. इन लैब्स में कोरोना के अलावा अन्य बीमारियों की भी जांचें हो सकेंगी. कोरोना महामारी के खत्म होने के बाद यहां पर हेपेटाइटिस बी और सी, एचआईवी, डेंगू समेत अन्य बीमारियों की जांचें की जाएंगी.
इन लैब्स के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी हिस्सा लेंगे.
गौरतलब है कि भारत समेत दुनियाभर के 180 से ज्यादा देश कोरोनावायरस की जद में हैं. अभी तक 1.60 करोड़ से ज्यादा लोग इस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं. यह वायरस 6 लाख से ज्यादा मरीजों की जान ले चुका है. भारत में भी तेजी से कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा रविवार सुबह जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 13,85,522 हो गई है. पिछले 24 घंटों में कोविड -19 के 48,661 नए मामले सामने आए हैं.
इस दौरान 705 कोरोना मरीजों की मौत हुई है. 8,85,577 लोग अब तक ठीक हो चुके हैं. कुल 32,063 लोगों की मौत हुई है. रिकवरी रेट की बात करें तो यह मामूली बढ़ोतरी के बाद 63.91 प्रतिशत पर पहुंच गया है. पॉजिटिविटी रेट 11 फीसदी है. देश के लगभग सभी राज्यों से कोरोना मरीज सामने आ रहे हैं. कई राज्य ऐसे भी हैं, जो इस महामारी से मुक्त हो चुके थे लेकिन प्रवासियों के राज्य में दाखिल होने से वह फिर से इस संक्रमण की जद में आ गए.
कोलकाता / शौर्यपथ / कोलकाता के जाने-माने साउथ पॉइंट स्कूल की पहचान हालिया तौर पर यह थी कि नोबेल विजेता अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी स्कूल के पूर्व छात्र हैं. अब, स्कूल को अपनी नई उपलब्धि पर उतना ही गर्व है. इस साल 10वीं की बोर्ड परीक्षा में स्कूल के दो छात्रों ने बहुत अच्छे अंक प्राप्त किए हैं. 18 वर्षीय महादेव बागल के 83.6 प्रतिशत और रोहित मंडी के 74 प्रतिशत अंक आए हैं. हालांकि, साउथ प्वाइंट आमतौर पर इससे बेहतर प्रदर्शन करता है. यहां तक कि इस साल सीबीएसई की परीक्षाओं में स्कूल के टॉपर के 99.4 प्रतिशत अंक आए हैं. तो आखिर स्कूल के लिए बड़ी बात क्या है?
इसका जवाब पाने के लिए आपको कोलकाता से 209 किमी पश्चिम में बेलपहाड़ी जाना होगा. स्कूल के छात्र रोहित मंडी यहीं से आते हैं. जबकि महादेव गिदनी से लगभग 25 किमी दूर के रहने वाले हैं. ये छात्र बंगाल के जनजातीय समूह से संबंध रखते हैं और जंगलमहल में बड़े हुए हैं जो कि एक वक्त में माओवादी गतिविधियों का केंद्र भी था.
रोहित के पिता एक बैंक कर्मचारी हैं जबकि महादेब के पिता मेहनत-मजदूरी करते हैं. दोनों छात्र 2015 में कक्षा 6 में बेलपहाड़ी एससी स्कूल में साथ पढ़ते थे. इसके बाद दोनों छात्रों की जिंदगी में बड़ा बदलाव आया जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कहने पर रोहित और महादेव और इस पिछड़े इलाके के नौ अन्य छात्रों को कोलकाता भेजा. खास बात यह कि उनमें से कोई भी पहले शहर कभी नहीं गया था. छात्रों का दाखिला साउथ पॉइंट स्कूल में कराया गया जो कि शहर का सबसे नामी स्कूल है.
रोहित ने कहा, "मैं अंग्रेजी में वाक्य नहीं बना सकता." इसलिए मुझे इतिहास और भूगोल पढ़ने में खासी दिक्कत हुई.
महादेव ने कहा,"मैं (अंग्रेजी) शब्दों को समझ सकता था लेकिन बोल नहीं पाता था, यह सच में मुश्किल था." ये दो छात्र साल्ट लेक में अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के बच्चों के लिए सरकार द्वारा संचालित छात्रावास में रहे. सरकार ने उनके लिए भाषा और अन्य विषयों के ट्यूशन आयोजित किए. कक्षा 7वीं में छात्रों का खासी मुश्किल पेश आई. लेकिन कक्षा 8 तक उन्हें इंग्लिश आ ही गई.
महादेव के बोर्ड में अंग्रेजी में 91 प्रतिशत और रोहित के 83 प्रतिशत अंक आए हैं. दोनों छात्र कक्षा 11वीं और 12वीं की पढ़ाई भी साउथ पॉइंट स्कूल से जारी रखेेंगे. दोनों साइंस पढ़ना चाहते हैं. महादेब कंप्यूटर इंजीनियर तो रोहित एक आईएएस अधिकारी बनना चाहता हैं. हालांकि दोनों को साइंस स्ट्रीम में सीट नहीं पाई है और टीचरों ने उन्हें कॉमर्स लेने के लिए कहा है.
कोरोनावायरस महामारी के चलते दोनों अभी तक स्कूल नहीं लौट सके हैं. इसलिए वे ऑनलाइन कक्षाएं ले रहे हैं. इंटरनेट कनेक्टिविटी एक बड़ी समस्या है. रोहित जैसे तैसे इंतजाम कर लेते हैं लेकिन महादेव को मुश्किल पेश आ रही है. महादेब जहां रहते हैं वहां बिजली एक बड़ी समस्या है ,उनके फोन की बैटरी अक्सर खत्म हो जाती है और कनेक्टिविटी बहुत खराब है. कभी-कभी इंटरनेट लिंक खोजने के लिए उन्हें कुछ किलोमीटर तक चलना पड़ता है.
साउथ प्वाइंट स्कूल को दोनों लड़कों पर बहुत गर्व है. प्रिंसिपल रूपा सान्याल भट्टाचार्य ने कहा, "इस बात को लेकर चिंता थी कि लड़के स्कूल में एडजस्ट कैसे करेंगे." महादेव और रोहित स्कूल रोइंग क्लब में शामिल हुए और बहुत अच्छा प्रदर्शन किया. उनकी कक्षा 11वीं और 12वीं में भी रोइंग के साथ जारी रखने की योजना है. दोनों छात्रों ने कहा,"हमें स्कूल में कोई समस्या नहीं हुई. छात्र और शिक्षक बहुत सहायक थे."
बता दें कि महादेब कविता भी लिखते हैं. रोहित ने कहा, "वे बहुत अच्छी कविता लिखते हैं." रोहित को क्रिकेट खेलना पसंद है. यहां तक कि उन्होंने साल्ट लेक में पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली द्वारा स्थापित क्रिकेट अकादमी में भी दाखिला लिया. लेकिन उसके माता-पिता फीस का भुगतान जारी रखने में असमर्थ थे. तो वह बंद हो गया है. लेकिन दोनों लड़के अपने भविष्य को लेकर उत्साहित हैं.
सेहत / शौर्यपथ / संतरा एक आम फल हो सकता है लेकिन संतरे के स्वास्थ्य लाभ आम नहीं होते हैं. संतरा का सेवन कर आप कमाल के फायदे ले सकते हैं. संतरे में काफी मात्रा में विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है. संतरे में फैट, कोलेस्ट्रॉल और सोडियम की मात्रा न के बराबर होती है.
संतरा एक आम फल हो सकता है लेकिन संतरे के स्वास्थ्य लाभ आम नहीं होते हैं. संतरा का सेवन कर आप कमाल के फायदे ले सकते हैं. संतरे में काफी मात्रा में विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है. संतरे में फैट, कोलेस्ट्रॉल और सोडियम की मात्रा न के बराबर होती है. संतरा आपके दिल को स्वस्थ्य रखता है, ये आपकी आंखों को भी सुरक्षित रखता है और संतरे एक खासियत जिसकी हर किसी को जरूरत है. इम्यूनिटी बढ़ाने में संतरा फायदेमंद हो सकता है. संतरा कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज जैसी परेशानियों को दूर करने में भी लाभदायक माना जाता है. संतरे के फायदे कई हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कि यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक नहीं होता है.संतरे के ज्यादा सेवन से संतरे के दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं. अगर आप इम्यून सिस्टम को बूस्ट करना चाहते हैं तो आप संतरे का सेवन बेझिझक कर सकते हैं लेकिन संतरा खाने का भी एक समय होता है जिसमें इसका सेवन करने की सलाह दी जाता है. यहां हम बता रहे हैं संतरे के फायदे और नुकसान के साथ संतरा किस समय खाना नुकसानदायक हो सकता है. संतरे को खाने का क्या है सही समय...
संतरे का सेवन कर पाएं ये कमाल के फायदे 7
1. इम्यूनिटी बढ़ाने में है मददगार
संतरे में विटामिन सी की मात्रा बहुत अच्छी होती है. संतरा विटामिन सी का एक अच्छा स्रोत है. विटामिन सी एक तरह से एंटीऑक्सीडेंट का काम करता है और शरीर में डैमेज सेल्स को रिपेयर करने के साथ-साथ फ्री रेडिकल्स से लड़ता है. संतरा शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूती भी देता है. इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आप संतरे का सेवन कर सकते हैं.
2. कोलेस्ट्रॉल में फायदेमंद है संतरा
संतरे में कोलेस्ट्रॉल नहीं होता है, बल्कि इसके सेवन से शरीर में मौजूद बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करने में मदद मिल सकती है. संतरे में मौजूद विटामिन सी आपके शरीर में फ्री रेडिकल्स को न्यूट्रिलाइज कर कोलेस्ट्रॉल को ऑक्सिडाइज करता है, जिससे पहले से जमा हुआ कोलेस्ट्रॉल धीरे-धीरे कम हो सकता है.
3. डायबिटीज में फायदेमंद
संतरा डायबिटीज में फायदेमंद माना जाता है. संतरे में फाइबर की मात्रा अच्छी होती है. फाइबर ब्लड शुगर लेवल को बढऩे से रोक सकता है. अगर संतरे को साबूत खाया जाए तो यह डायबिटीज में मदद कर सकता है अगर आप इसका जूस पिएंगे तो यह ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकता है क्योंकि जूस निकालने पर इसका फाइबर कम हो सकता है.
4. दिल की बीमारियों को रखे दूर
अगर आप रोज एक संतरा खाते हैं, तो यह दिल की बीमारियों का खतरा कम कर सकता है. इसका कारण यह है कि संतरे में फ्लैवोनॉइड्स होते हैं, जो आर्टरीज के ब्लॉकेज को खोलते हैं और ब्लड सर्कुलेशन को ठीक रखने में मदद कर सकते हैं.
5. कब्ज से राहत दिलाने में फायदेमंद
संतरे में घुलनशील और अघुलनशील दोनों ही प्रकार के फाइबर होते हैं. यह आपके पेट को भी भरा रखता है और आंतों की सफाई करने में भी मददगार हो सकते हैं. संतरा खाने से आपकी कब्ज की समस्या दूर हो सकती है. संतरा पेट दर्द और फूड पॉयजनिंग को भी रोक सकता है.
6. संतरा स्किन के लिए भी असरदार
संतरा खाने से आपकी स्किन पर ग्लो आ सकता है. संतरे में बीटा कैरोटीन होता है, जो सेल्स को डैमेज से बचाने के लिए एक पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट माना जाता है. संतरा झुर्रियां, डार्क सर्कल्स और बुढ़ापे के लक्षणों को दूर करने में फायदेमंद माना जाता है. इसके अलावा बीटा कैरोटीन आपकी आंखों की रोशनी को भी लंबे समय तक बनाए रखने में मददगार हो सकता है.
ज्यादा संतरा खाने से हो सकते हैं ये नुकसान 7
1. पाचन की समस्या हो सकती है.
2. ज्यादा सेवन से बढ़ सकता है ब्लड शुगर लेवल.
3. वजन बढऩे की हो सकती है समस्या
4. दांतों से संबंधित हो सकती है परेशानी
5. ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा
इस समय न खाएं संतरा
संतरे में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होती है. इसके साथ ही इसमें विटामिन ए, बी कॉप्लेक्स, फ्लेवोनॉयड, अमिनो एसिड के अलावा भी कई फायदेमंद तत्व होते हैं. हालांकि इन फायदों के लिए इसे सही समय पर ही खाना होता है. भूलकर भी संतरे को एकदम सुबह और रात में न खाएं. कोशिश करें संतरे को हमेशा दिन में खाएं. संतरे का खाने के तुरंत बाद सेवन न करें. खाने से एक घंटा पहले या खाने के एक घंटे बाद ही संतरे का सेवन करना चाहिए.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए जि़म्मेदारी का दावा नहीं करता है.
धर्म संसार / शौर्यपथ / सावन का महीना खत्म होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। 3 अगस्त को सावन के आखिरी सोमवार का व्रत रखा जाएगा। सावन का महीना भगवान शिव को बेहद प्रिय है। ऐसी मान्यता है कि इस महीने में सच्चे दिल से की गई पूजा का फल और आशीर्वाद भक्तों को महादेव जरूर देते हैं। शास्त्रों के मुताबिक, सोमवार का दिन भगवान शिव की अराधना का होता है। माना जाता है कि भगवान शिव की पूजा के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी होता है।
इन बातों का जरूर रखें ध्यान-
1. ऐसी मान्यता है कि सावन में बैंगन का सेवन नहीं करना चाहिए। इसलिए भगवान शिव के उपासकों को सावन महीने में बैंगन का सेवन नहीं करना चाहिए।
2. कहा जाता है कि सावन महीने में पूजा में तुलसी के पत्तों और केतकी के फूलों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। मान्यता है कि भगवान शिव को सफेद रंग के पुष्प अर्पित करने से पूजा का फल मिलता है।
3. कहते हैं कि भगवान शिव की पूजा में शिवलिंग को कभी हल्दी और कुमकुम नहीं लगाना चाहिए। कुमकुम को लेकर कहा जाता है कि सुहागिनें पति की लंबी आयु के लिए कुमकुम लगाती हैं। जबकि भगवान शिव को संहारक के रूप में जाना जाता है। ऐसे में पूजा के दौरान कुमकुम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
4. ऐसी मान्यता है कि भगवान शिव की पूजा करते समय शिवलिंग पर नारियल के पानी से अभिषेक नहीं करना चाहिए। हालांकि भगवान शिव की प्रतिमा पर नारियल का फल अर्पित करना शुभ माना गया है।
5. शिवलिंक का अभिषेक करते समय कास्य और पीतल के बर्तनों का इस्तेमाल करना शुभ माना गया है।
6. भगवान शिव को अर्पित की जाने वाले सभी चीजें शुद्ध और निर्मल होनी चाहिए।
सेहत / शौर्यपथ / संतरा एक आम फल हो सकता है लेकिन संतरे के स्वास्थ्य लाभ आम नहीं होते हैं. संतरा का सेवन कर आप कमाल के फायदे ले सकते हैं. संतरे में काफी मात्रा में विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है. संतरे में फैट, कोलेस्ट्रॉल और सोडियम की मात्रा न के बराबर होती है.
संतरा एक आम फल हो सकता है लेकिन संतरे के स्वास्थ्य लाभ आम नहीं होते हैं. संतरा का सेवन कर आप कमाल के फायदे ले सकते हैं. संतरे में काफी मात्रा में विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है. संतरे में फैट, कोलेस्ट्रॉल और सोडियम की मात्रा न के बराबर होती है. संतरा आपके दिल को स्वस्थ्य रखता है, ये आपकी आंखों को भी सुरक्षित रखता है और संतरे एक खासियत जिसकी हर किसी को जरूरत है. इम्यूनिटी बढ़ाने में संतरा फायदेमंद हो सकता है. संतरा कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज जैसी परेशानियों को दूर करने में भी लाभदायक माना जाता है. संतरे के फायदे कई हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कि यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक नहीं होता है.संतरे के ज्यादा सेवन से संतरे के दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं. अगर आप इम्यून सिस्टम को बूस्ट करना चाहते हैं तो आप संतरे का सेवन बेझिझक कर सकते हैं लेकिन संतरा खाने का भी एक समय होता है जिसमें इसका सेवन करने की सलाह दी जाता है. यहां हम बता रहे हैं संतरे के फायदे और नुकसान के साथ संतरा किस समय खाना नुकसानदायक हो सकता है. संतरे को खाने का क्या है सही समय...
संतरे का सेवन कर पाएं ये कमाल के फायदे |
1. इम्यूनिटी बढ़ाने में है मददगार
संतरे में विटामिन सी की मात्रा बहुत अच्छी होती है. संतरा विटामिन सी का एक अच्छा स्रोत है. विटामिन सी एक तरह से एंटीऑक्सीडेंट का काम करता है और शरीर में डैमेज सेल्स को रिपेयर करने के साथ-साथ फ्री रेडिकल्स से लड़ता है. संतरा शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूती भी देता है. इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आप संतरे का सेवन कर सकते हैं.
2. कोलेस्ट्रॉल में फायदेमंद है संतरा
संतरे में कोलेस्ट्रॉल नहीं होता है, बल्कि इसके सेवन से शरीर में मौजूद बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करने में मदद मिल सकती है. संतरे में मौजूद विटामिन सी आपके शरीर में फ्री रेडिकल्स को न्यूट्रिलाइज कर कोलेस्ट्रॉल को ऑक्सिडाइज करता है, जिससे पहले से जमा हुआ कोलेस्ट्रॉल धीरे-धीरे कम हो सकता है.
3. डायबिटीज में फायदेमंद
संतरा डायबिटीज में फायदेमंद माना जाता है. संतरे में फाइबर की मात्रा अच्छी होती है. फाइबर ब्लड शुगर लेवल को बढ़ने से रोक सकता है. अगर संतरे को साबूत खाया जाए तो यह डायबिटीज में मदद कर सकता है अगर आप इसका जूस पिएंगे तो यह ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकता है क्योंकि जूस निकालने पर इसका फाइबर कम हो सकता है.
4. दिल की बीमारियों को रखे दूर
अगर आप रोज एक संतरा खाते हैं, तो यह दिल की बीमारियों का खतरा कम कर सकता है. इसका कारण यह है कि संतरे में फ्लैवोनॉइड्स होते हैं, जो आर्टरीज के ब्लॉकेज को खोलते हैं और ब्लड सर्कुलेशन को ठीक रखने में मदद कर सकते हैं.
5. कब्ज से राहत दिलाने में फायदेमंद
संतरे में घुलनशील और अघुलनशील दोनों ही प्रकार के फाइबर होते हैं. यह आपके पेट को भी भरा रखता है और आंतों की सफाई करने में भी मददगार हो सकते हैं. संतरा खाने से आपकी कब्ज की समस्या दूर हो सकती है. संतरा पेट दर्द और फूड पॉयजनिंग को भी रोक सकता है.
6. संतरा स्किन के लिए भी असरदार
संतरा खाने से आपकी स्किन पर ग्लो आ सकता है. संतरे में बीटा कैरोटीन होता है, जो सेल्स को डैमेज से बचाने के लिए एक पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट माना जाता है. संतरा झुर्रियां, डार्क सर्कल्स और बुढ़ापे के लक्षणों को दूर करने में फायदेमंद माना जाता है. इसके अलावा बीटा कैरोटीन आपकी आंखों की रोशनी को भी लंबे समय तक बनाए रखने में मददगार हो सकता है.
ज्यादा संतरा खाने से हो सकते हैं ये नुकसान |
1. पाचन की समस्या हो सकती है.
2. ज्यादा सेवन से बढ़ सकता है ब्लड शुगर लेवल.
3. वजन बढ़ने की हो सकती है समस्या
4. दांतों से संबंधित हो सकती है परेशानी
5. ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा
इस समय न खाएं संतरा
संतरे में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होती है. इसके साथ ही इसमें विटामिन ए, बी कॉप्लेक्स, फ्लेवोनॉयड, अमिनो एसिड के अलावा भी कई फायदेमंद तत्व होते हैं. हालांकि इन फायदों के लिए इसे सही समय पर ही खाना होता है. भूलकर भी संतरे को एकदम सुबह और रात में न खाएं. कोशिश करें संतरे को हमेशा दिन में खाएं. संतरे का खाने के तुरंत बाद सेवन न करें. खाने से एक घंटा पहले या खाने के एक घंटे बाद ही संतरे का सेवन करना चाहिए.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.
गेजेट्स / शौर्यपथ / WhatsApp पर बेहतरीन फीचर्स की भरमार है, लेकिन एक चीज़ है जिसको लेकर व्हाट्सऐप हमें निराश करता है वो है मैसेज को शेड्यूल करने का फीचर। जी हां, व्हाट्सऐप पर अब तक मैसेज शेड्यूल करने का तरीका पेश नहीं किया गया है, जिस वजह से हमें कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है। एक उदाहरण यह ही ले लीजिए अपने दोस्त को सबसे पहले बर्थडे मैसेज भेजने के लिए आपको रात के 12 बजे तक जागना पड़ता है, अगर व्हाट्सऐप पर शेड्यूलिंग मैसेज का फीचर होता तो रात के 12 बजे तक जागने की परेशानी न झेलनी पड़ती। भले ही व्हाट्सऐप पर इस फीचर को अब तक न जोड़ा गया हो, लेकिन आज हम आपकी इस परेशानी को दूर करने का तरीका जरूर बताएंगे। एंड्रॉयड व आइफोन स्मार्टफोन पर व्हाट्सऐप मैसेज शेड्यूल करने के कई दूसरे तरीके मौजूद हैं। तो चलिए जानते हैं क्या है वो तरीका जिनकी मदद से बिना व्हाट्सऐप खोले ही व्हाट्सऐप मैसेज भेजा जा सकता है।
जैसा कि हमने पहले बताया, WhatsApp ने मैसेज शेड्यूल करने का कोई ऑफिशियल फीचर पेश नहीं किया है। हालांकि, अगर आप एंड्रॉयड डिवाइस इस्तेमाल करते हैं, तो आप व्हाट्सऐप पर मैसेज को कई थर्ड-पार्टी ऐप की सहायता से शेड्यूल कर सकते हैं। जी हां, कई थर्ड-पार्टी ऐप्स मौजूद हैं, जो आपकी इस काम में सहायता कर सकते हैं, लेकिन एक ऐप है SKEDit जो अपना काम बेहतर तरीके से करता है। तो चलिए जानते हैं कैसे इस ऐप की मदद से करें व्हाट्सऐप मैजेस शेड्यूल-
1. सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर पर जाकर SKEDit डाउनलोड और इंस्टॉल कर लें।
2. ओपन करने के बाद आपको सबसे पहले इसमें साइन-इन करना होगा।
3. साइन-इन करने के बाद मैन मैन्यू में से WhatsApp पर टैप करें।
4. इसके बाद ऐप आपसे कुछ परमिशन मांगेगा, उसे Grant कर दें। अब Enable Accessibility पर टैप करें फिर SKEDit पर जाएं और टॉगल को ऑन कर दें। आखिर में आपको Allow पर टैप करना है।
5. इसके बाद ऐप में वापस जाएं, जहां पर आप अपने मैसेज को शेड्यूल कर पाएंगे। सबसे पहले जिसे मैसेज भेजना है, उसे चुने और फिर अपना मैसेज लिखें। अब तारीख और समय को सेट करें। यहां आपको एक विकल्प यह भी मिलेगा कि आप इस मैसेज को दोहराना चाहते हैं या नहीं।
6. नीचे अब आपको फाइनल टॉगल दिखेगा। यहां आपको Ask Me Before Sending का विकल्प दिखेगा, यदि आप इसे ऑन करके शेड्यूल करते हैं, तो मैसेज भेजने से पहले यह आपको एक नोटिफिकेशन भेजेगा, जिस पर क्लिक करने के बाद ही यह मैसेज Send होगा। वहीं, अगर आप इस विकल्प को ऑफ करते हैं, तो बिना नोटिफिकेशन भेजे यह मैसेज Send कर देगा। दोस्त को बर्थडे विश करना है, तो आप इसे ऑफ भी रख सकते हैं।
How to schedule WhatsApp message in iPhone
एंड्रॉयड की तरह आइओएस में व्हाट्सऐप मैसेज शेड्यूल करने के लिए कोई थर्ड पार्टी ऐप उपलब्ध नहीं है। हालांकि, यहां हम आपको आइफोन पर व्हाट्सऐप मैसेज शेड्यूल करने का एक अलग तरीका बताएंगे, यह तरीका है Siri Shortcuts। यह एक ऐप्पल ऐप है, जो कि एक निश्चित समय पर व्हाट्सऐप मैसेज को ऑटोमेटिकली भेज देतe है। आइफोन पर व्हाट्सऐप मैसेज भेजने का तरीका-
1. सबसे पहले ऐप स्टोर पर जाकर Shortcuts app अपने आइफोन में डाउनलोड और इंस्टॉल करें।
2. अब नीचे दिए Automation टैब को चुनें।
3. अब टॉप राइट कॉर्नर पर दिए + आइकन पर क्लिक करें और Create Personal Automation पर टैप करें।
4. अगली स्क्रीन में Time of Day पर टैप करें जब भी आपको अपना मैसेज भेजना है उसे शेड्यूल कर दें। यह होने के बाद Next पर टैप कर दें।
5. अब Add Action पर टैप करें और सर्च बार में जाकर Text टाइप करें, अब नीचे आ रही लिस्ट में से Text को सिलेक्ट कर लें।
6. अब Text में जाकर अपना मैसेज टाइप करें, जो भी आप शेड्यूल करके भेजना चाहते हैं।
7. अब मैसेज बॉक्स के नीचे आपको एक + आइकन दिखेगा उस पर टैप करें और फिर सर्च बार में जाकर व्हाट्सऐप को सर्च करें।
8. यहां आपको कुछ विकल्प की लिस्ट दिखेगी, जहां पर आपको Send Message via WhatsApp सिलेक्ट करना है। अब जिसे मैसेज भेजना चाहते हैं उनका नंबर सिलेक्ट करें और फिर Next पर क्लिक कर दें। आखिर की स्क्रीन पर आपको Done पर टैप करना है।
अब आपको शेड्यूल टाइम पर Shortcuts app के द्वारा एक नोटिफिकेशन मिलेगा, जिस पर टैप करके आपका व्हाट्सऐप ओपन हो जाएगा और टाइप किया मैसेज भी दिखेगा। अब आपको बस इस मैसेज को Send करना है।
गौर करने वाली बात यह है कि इस तरीके से आप केवल एक हफ्ते के अंदर ही मैसेज को शेड्यूल कर सकते हैं, जो थोड़ा कम समय है। लेकिन मैसेज शेड्यूल न हो पाने से अच्छा है इस 1 हफ्ते वाले तरीके को अपनाकर दोस्तों को टाइम पर बर्थडे विश करना।
मेरी कहानी / शौर्यपथ / बहुत अमीर होते हैं वे लोग, जो नजरों से भी प्यार लुटाते चलते हैं और जिस पर प्यार की एक नजर पड़ जाए, तो उससे खुशनसीब कोई और नहीं होता। इसलिए कहा गया है कि मां सबसे अमीर होती है और उसके आंचल में बच्चे सबसे खुशनसीब। हालांकि यह भी कुदरत का स्याह करिश्मा ही है कि कोई मां प्यार के मामले में कंगाल हो, तो उसका बच्चा जाहिर है, बदनसीब ही होगा। पर ऐसी भी क्या बदनसीबी कि ममता भरी एक नजर के लिए दिल तरस जाए! मां या पिता, दोनों में से कोई तो निगाह भर देख ले, तो चैन आ जाए। सेना में रह चुके सेल्समैन पिता घर से ऐसे निकलते थे कि मानो उनकी सारी जिम्मेदारियां बाहर ही बसती हों और अभिनेत्री मां घर ऐसे लौटती थीं, मानो एक पैर बाहर ही रह गया हो।
संसाधनों की कोई कमी न थी, लेकिन एक धाय भरोसे बच्चे पल रहे थे। मां और पिता जब कभी मिलते थे, तब पता चलता था कि दुश्मनी क्या होती है। खुलकर लड़ाई होती थी, पास-पड़ोस तक गालियों की गंदगी बरसती थी। जिन हाथों को पुचकारने का धर्म निभाना था, वही हाथ ऐसे उठते थे कि लगता था, पिता पहले विश्व युद्ध से लौटे नहीं हैं, अभी वहीं दो-दो हाथ कर रहे हैं। सुधरने के आसार दूर-दूर तक नजर नहीं आते थे। परस्पर प्रेम और समर्पण के अभाव ने माता-पिता को बेरहम बना दिया था और यह आफत बच्चों पर भी समान रूप से बरसती थी। शारीरिक हिंसा से कई गुना ज्यादा मानसिक हिंसा से वह बच्चा मार्लन गुजर रहा था। सोचता रहता कि मां और पिता का ध्यान अपनी ओर कैसे खींचा जाए? ऐसा क्या किया जाए कि उनकी एक निगाह मिल जाए? वे देखने को मजबूर हो जाएं और उन्हें अपनी तंग जिंदगी में अपने बच्चे से भी कुछ खुशी नसीब हो। वैसे मार्लन को पता था कि माता और पिता अपनी-अपनी दुनिया में हर मुमकिन मनमानी करते हुए बहुत खुश हैं। उन्हें बच्चों की परवाह नहीं, लेकिन ऐसा क्या किया जाए कि दो पल वे अपने बच्चों के साथ भी बिताएं?
एक दिन मां घर में बैठी मिल गईं और मार्लन ने अपनी नई योग्यता का प्रदर्शन शुरू किया, ताकि मां नजर भर देख लें। मार्लन ने उस गाय का अभिनय शुरू किया, जो मां को प्यारी थी। मां ने अपने बेटे की हरकतों को नजर उठाकर देखा और उनकी आंखों में खुशी छलक आई। बेटा तो हर्ष से निहाल हो गया। सबसे बड़ी बात थी कि उसने कुछ ऐसा किया, जो मां को पसंद आया और मां ने देखा। उस ग्यारह साल के बच्चे का दिल बाग-बाग हो गया। एक राह मिली कि अभिनय ही वह कला है, जिस पर मां रीझ सकती हैं। गाय का अभिनय कर खुशी मिली, तो चस्का लग गया। फिर कभी घोडे़ का अभिनय, तो कभी किसी पड़ोसी बच्चे का अभिनय, एक सिलसिला चल पड़ा।
कभी-कभी पिता भी देख लेते थे, लेकिन कभी तारीफ नहीं करते थे। अपने बेटे को हमेशा नाकारा साबित करते थे। साफ कहते थे, तुम जिंदगी में कुछ नहीं कर सकते। तारीफ तो मां भी नहीं करती थीं, कभी देख भर लेतीं, तो भी कमाल हो जाता। मार्लन को पता चल गया कि ध्यान खींचना है, तो बेहतर से बेहतर अभिनय करो, जान डाल दो, जिसे निभा रहे हो, उस किरदार को जी जाओ। और यह सब किसलिए? बस प्यार भरी एक नजर के लिए। मां और पिता के लिए। खुशी के चंद लम्हों के लिए। ऐसे लम्हे, जिनकी बुनियाद पर दुनिया का सबसे शानदार अभिनेता खड़ा हुआ।
आज मनोरंजन की दुनिया में शायद ही कोई ऐसा होगा, जो अभिनेता मार्लन ब्रैंडो (1924-2004) को नहीं जानता होगा। बड़े परदे पर गॉडफादर और अन्य अनेक किरदारों को साकार कर देने वाले मार्लन ने बचपन की तड़प व त्रासदी को अपना कलात्मक हथियार बना लिया। बिगड़ैल पिता को भले सुधार न सके, लेकिन एक दिन वह आया, जब पिटती हुई मां के पक्ष में जा खड़े हुए और पिता की कनपटी से पिस्तौल लगाकर कहा, ‘देखो, यह आखिरी बार है, अब कभी हाथ मत लगाना, वरना छोड़ूंगा नहीं’। जब कभी परदे पर गुस्सा दिखाने की जरूरत पड़ती, तो मार्लन अपने पिता को याद कर लेते थे और गुस्सा अनायास फट पड़ता था। हालांकि उन्होंने सफल होने के बाद पिता को फिल्म निर्माता बनाया और उनकी जरूरतों का पूरा ध्यान भी रखा, लेकिन पिता की मौत के बाद वह अक्सर हंसते हुए कह देते थे कि वह आदमी कुछ सेकंड के लिए भी सामने आ जाए, तो मैं उसका जबड़ा तोड़ दूंगा। और जिस साल मार्लन को अभिनय के लिए पहला ऑस्कर अवॉर्ड मिला, उसी साल दुनिया से जाते-जाते मां को एहसास हुआ कि बच्चों को पालने में बड़ी कमी रह गई। उन्होंने अफसोस का इजहार किया, लेकिन क्या फायदा? जब जो होना था, हो चुका था।
प्रस्तुति : ज्ञानेश उपाध्याय मार्लन ब्रैंडो, अमेरिकी अभिनेता और निर्देशक
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
