January 13, 2026
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केंद्रीय बजट 2026: ‘विकसित भारत 2047’ की नींव मजबूत करने पर फोकस, राजकोषीय अनुशासन और निवेश का संतुलित रोडमैप

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नई दिल्ली।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026 का मूल उद्देश्य ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने की दिशा में एक ठोस, अनुशासित और परिणामोन्मुख आर्थिक रोडमैप तैयार करना है। बजट में जहां एक ओर राजकोषीय अनुशासन को प्राथमिकता दी गई है, वहीं दूसरी ओर दीर्घकालिक विकास के लिए आवश्यक क्षेत्रों में संसाधनों के कुशल आवंटन पर विशेष जोर दिखाई देता है।

राजकोषीय सुदृढ़ीकरण: मजबूत अर्थव्यवस्था की बुनियाद
वित्त मंत्री और उनकी टीम ने बजट 2026 में राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखने की स्पष्ट प्रतिबद्धता दोहराई है। सरकार का मानना है कि संतुलित घाटा ही निवेशकों का भरोसा बनाए रखता है और महंगाई पर नियंत्रण में सहायक होता है। बजट से जुड़े आधिकारिक आंकड़े और नीति विवरण पीआईबी (PIB) के माध्यम से सार्वजनिक किए जा रहे हैं, जिससे नीतिगत पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

पूंजीगत व्यय पर जोर: इंफ्रास्ट्रक्चर बनेगा ग्रोथ इंजन
बजट 2026 में पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) को आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन माना गया है। सड़क, रेल, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा और शहरी बुनियादी ढांचे में निवेश को प्राथमिकता देकर सरकार रोजगार सृजन, निजी निवेश को प्रोत्साहन और उत्पादकता बढ़ाने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार यह दृष्टिकोण मध्यम और दीर्घकाल में अर्थव्यवस्था को स्थायी गति देने में सहायक होगा।

पारदर्शिता और जवाबदेही: हर रुपये का डिजिटल हिसाब
डिजिटल गवर्नेंस को और मजबूत करते हुए बजट में ‘हर रुपये का हिसाब’ सुनिश्चित करने की नीति अपनाई गई है। सरकारी योजनाओं और खर्चों की विस्तृत जानकारी बजट इंडिया पोर्टल पर उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे नागरिकों को यह पता चल सके कि करदाताओं का पैसा कहां और कैसे खर्च हो रहा है। इससे न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, बल्कि योजनाओं का लाभ सीधे लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचेगा।

समावेशी विकास: मानव पूंजी पर निवेश
‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बजट 2026 में शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास को केंद्र में रखा गया है। सरकार का फोकस ऐसी मानव पूंजी तैयार करने पर है जो वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत को अग्रणी बना सके। ग्रामीण-शहरी अंतर को कम करने और वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने की मंशा भी बजट की प्राथमिकताओं में स्पष्ट झलकती है।

2047 का रोडमैप
वित्त मंत्रालय की टीम का मानना है कि राजकोषीय अनुशासन + पूंजी निवेश + पारदर्शी शासन + समावेशी विकास—इन चार स्तंभों पर आधारित यह बजट भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट 2026 केवल एक साल का आय-व्यय विवरण नहीं, बल्कि आने वाले दो दशकों के लिए भारत की आर्थिक दिशा तय करने वाला दस्तावेज़ बनकर सामने आया है।

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