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लखनऊ / शौर्यपथ / यूपी के बलिया जिले में एक निजी न्यूज चैनल के पत्रकार रतन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई. पत्रकार को गांव के प्रधान के घर बुलाकर लाठी-डंडों से जमकर पीटया और फिर गोली मार दी गई. मामले में नामजद 10 आरोपियों में से 6 पकड़े गए हैं, इलाके के थाना इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकार के परिवार के लिए 10 लाख रुपये की सहायता राशि का ऐलान किया है.बेटे की मौत पर पिता विनोद सिंह कहते हैं, 'हमारे दो लड़के थे, दोनों तीन वर्ष के अंतराल में गुजर गए.' उन्होंने कहा कि एक बूढ़े बाप के लिए इससे बड़ा सदमा क्या होगा कि उसके दो जवान बेटे दो साल के अंदर कत्ल कर दिए जाएं.कत्ल की वजह बनी सड़क के किनारे की उनकी जमीन.
आरोप है कि गांव के प्रधान के भाई सोनू सिंह बुलाकर रतन सिंह को घर ले गए, वहां पहले लाठी-डंडों से पीटा फिर तीन गोली मारी गईं. पिता विनोद सिंह कहते हैं, उस लड़कों को 10 आदमी घेर करके लाठियों से पीटने लगे. उसने तुरंत थाना इंचार्ज शशिमौली को फोन किया. शशिमौली वहां गए और फिर तुरंत गाड़ी बैक करके थाने चले गए. अगर वे वहां रुक गए होते तो घटना नहीं होती. हमारा लड़का बच जाता. गौरतलब है कि बलिया के एक मुख्य मार्ग पर रतन सिंह के परिवार की जमीन के लिए आरोपियों से उनका 4-5 साल से विवाद चल रहा था लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि इसके लिए रतन सिंह की हत्या हो सकती है. तीन साल पहले रतन के बड़े भाई की भी हत्या हो गई थी.
रतन सिंह के चाचा कौशल कुमार कहते हैं, 'कम से कम चार-पांच साल से पहले से विवाद चल रहा था, जमीन मेन रोड पर थाने के बगल में है. उसी जगह हम लोगों की जमीन महर्षि अरविंद इंटर कॉलेज के नाम से कब्जा कर लिए थे. उसी जमीन के लिए बड़े भाई को मरवा दिया गया. पत्रकार की हत्या की यूपी में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली, लोगों ने रास्ता जाम करके प्रदर्शन किया. यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू लखनऊ से फौरन बलिया रवाना हुए उन्हें रायबरेली में पुलिस ने रोक दिया.
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, '19 जून - शुभममणि त्रिपाठी की हत्या,20 जुलाई - विक्रम जोशी की हत्या, 24 अगस्त- श्री रतन सिंह की हत्या, बलिया, पिछले 3 महीनों में 3 पत्रकारों की हत्या, 11 पत्रकारों पर खबर लिखने के चलते FIR. यूपी सरकार का पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतन्त्रता को लेकर ये रवैया निंदनीय है.'मामले को लेकर बलिया के एडीशनल एसपी संजय यादव ने कहा कि घटना के संबंध में रात में अभियोग पंजीकृत किया गया है, जिसमें 10 नामजद अभियुक्त है, इसमें से पुलिस ने दबिश देकर छह को गिरफ्तार किया है. शेष की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं. शेष बचे आरोपियो भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
मुंबई / शौर्यपथ / सुशांत सिंह राजपूत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने जांच में शामिल रहे मुंबई पुलिस के दो अधिकारियों को पूछताछ के लिए गेस्ट हाउस बुलाया है. जहां वह जांच से जुड़े दस्तावेजों के संबंध में लोगों से पूछताछ कर रही है. सूत्रों के अनुसार, इन दो अधिकारियों में से एक इस समय अस्पताल में है जबकि दूसरा क्वारंटाइन है. सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच वैसे तो सीबीआई कई मोर्चों पर कर रही है, लेकिन उसका सबसे ज्यादा जोर उन 4 लोगों से पूछताछ पर है जो 14 जून के दिन सुशांत सिंह राजपूत के घर में मौजूद थे और दूसरा 15 करोड़ की हेराफेरी पर.
सुशांत 14 जून को अपने बेडरूम में मृत पाए गए थे. उस दिन कुल 4 लोग घर में थे. उनमें से घर के नौकर नीरज सिंह को आज लगातार पांचवे दिन DRDO गेस्ट हाउस लाया गया.नीरज सुशांत को फंदे से लटकते हुए देखने वालो में से एक है. क्रिएटिव आर्ट डिजायनर सिद्धार्थ पीठानी से भी लगातार पूछताछ हो रही है. सिद्धार्थ ने ही दरवाजा नहीं खुलने पर चाभी वाले को बुलाया था. लॉक तोड़ने के बाद चाभी वाले को बेडरूम में जाने नहीं दिया था.
सुशांत को पंखे से बंधे फंदे पर लटकते देख सुशान्त की बहन मीतू सिंह को फोन पर बताया और फिर मीतू सिंह के कहने पर सुशान्त सिंह राजपूत का शव नीचे उतारा था. हाउस कीपर दीपेश सावंत भी उस दिन सुशान्त कमरे में सिद्धार्थ के साथ गया था और सुशान्त का शव उतारने में मदद की थी. कुक केशव ने सुबह सुशांन्त को केला ,जूस और नारियल पानी देने का दावा किया था. केशव के मुताबिक 8 जून को रिया के जाने के बाद सुशांत सिंह ने भोजन करना कम कर दिया था. केशव से आज दूसरे दिन सीबीआई पूछताछ कर रही है.
लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / भागती दौड़ती जिंदगी में जीवनशैली अस्त-व्यस्त हो चुकी है, ऐसे में अक्सर हम सेहत से जुड़ी परेशानियों से जूझते रहते हैं। लेकिन फिर भी ऐसे कई तरीके हैं, जिससे हम स्वस्थ रह सकते हैं। आज हम आपको ऐसे डांस स्टाइल बताने जा रहे हैं, जिससे न सिर्फ आपका वजन भी कंट्रोल में रहेगा बल्कि आपको टेंशन से भी मुक्ति मिलेगी-
हिप हॉप डांस
हिप हॉप डांस एक तरह का स्ट्रीट डांस स्टाइल, जिसे हिप हॉप म्यूजिक पर परफॉर्म किया जाता है। इसमें पॉपिंग, लॉकिंग से लेकर ब्रेकिंग स्टाइल तक शामिल है। यह एक ऐसा डांस फॉर्म है जो वजन घटाने के लिए सबसे बेस्ट है क्योंकि इसमें सबसे ज्यादा कैलरी बर्न होती हैं। हिप हॉप स्टाइल को आमतौर पर क्लब में किया जाता है, लेकिन आप इसे घर पर भी आसानी से कर सकते हैं।
बेली डांस
हिप्स, बैक और ऐब्स को टोन करना चाहती हैं और कमर से चर्बी घटाना चाहती हैं तो फिर बेली डांस बेस्ट है। इसमें मूवमेंट एक नियंत्रित तरीके से और स्लो मोशन में की जाती हैं। फोकस कमर और हिप्स पर ही रहता है।
फ्री स्टाइल
यह डांस फॉर्म दुनिया के कई हिस्सों में पॉप्युलर है और वजन घटाने के लिए सही ऑप्शन हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि फ्री स्टाइल में आपको डांस स्टेप्स या बॉडी मूवमेंट्स पर खास ध्यान देने की जरूरत नहीं होती और आप जिस भी दिशा में चाहें और जैसे भी चाहें डांस कर सकते है।
जुंबा डांस
यह एक मिक्स्ड डांस फॉर्म है जिसमें सालसा, रुंबा और हिप हॉप भी शामिल है। इस डांस फॉर्म में बॉडी सबसे ज्यादा मूव होती है। यह एक तरह का कार्डियो वर्कआउट माना जा सकता है। यह डांस फंकी बीट्स पर किया जाता है, जिसमें ऐब्स से लेकर लेग्स और बाजुओं की भी एक्सर्साइज होती है। इस डांस फॉर्म को युवा काफी पसंद कर रहे हैं।
खाना खजाना / शौर्यपथ / समोसे किसे पसंद नहीं होते। आप चाय के साथ कितने ही स्नैक्स खा लीजिए लेकिन समोसे की बात ही कुछ और होती है। आइए, आज जानते हैं कैसे बनाएं मटर के समोसे-
साम्रगी
आलू- 2 उबले हुए
हरे मटर के दाने - 1/4 कप
पनीर - 1 1/2 इंच का चौकोर टुकड़ा
काजू - 4-5 ( छोटे छोटे कटे हुए)
किशमिश - 1 टेबल स्पून
अदरक की पेस्ट 1 छोटी चम्मच
धनिया पाउडर 1 छोटी चम्मच
हल्दी का पाउडर 1/2 छोटी चम्मच
जीरा पावडर 1 छोटी चम्मच
नमक स्वाद के लिए
चीनी 1 छोटी चम्मच
हरी मिर्च - 1 (बारीक कटी हुई)
लाल मिर्च पाउडर - 1/4 छोटी चम्मच से आधी
गरम मसाला - 1/4 छोटी चम्मच से आधा
हरा धनियां - 2 टेबल स्पून (बारीक कतरा हुआ)
विधि: पोटली समोसा बनाने के लिए पहले आप 2 कप मैदा में एक चुटकी नमक मिलाए और 1/2 टेबल स्पून तेल या घी के साथ गूंथ लें। गूंथे हुए आटे को कुछ देर के लिए रख दें। एक नॉन स्टिक पैन में एक बड़ा चम्मच तेल गरम करें। उसमें अदरक पेस्ट, धनिया पाउडर, हल्दी पाउडर, जीरा पाउडर, नमक, चीनी, काजू और किशमिश को अच्छे से मिला कर 2 मिनट तक भूनें। फिर डालें हरे मटर, अच्छे से मिलायें और भूनें। गूंथे हुए आटे को फिर से मसल कर थोड़ा और चिकना कीजिये और गूंथे आटे से छोटी छोटी लोई बनाकर तैयार कर लीजिए। अगर आपको पोटली बनाना है तो इसे गोल रहने दें नहीं तो इसे समोसे की पट्टी में बदल सकते हैं। इन बेली गई पट्टियों में तैयार की गई स्टफिंग भरें और इसी प्रकार बाकी के समोसे बना लें। एक कढ़ाई में जरूरत के मुताबिक तेल गरम करें और इसमें समोसों के गोल्डन ब्राउन और करारे होने तक तलें।
शौर्यपथ / पंचांग शब्द सुनकर यह जिज्ञासा होती है कि इसके पंच अंग कौन-कौन से हैं। पंचांग में तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण को शामिल किया जाता है। तिथियां, प्रतिपदा से पूर्णिमा-अमावस्या सहित, कुल 16 हैं। वहीं अभिजित को मिलाकर कुल 28 नक्षत्र होते हैं। योग की संख्या 27 और करण की 16 है।
वार सात हैं। जन्म के नक्षत्रों से पता चल जाता है कि आदमी किस ग्रह की दशा के प्रभाव में है। नौ ग्रह- केतु, शुक्र, सूर्य, चंद्रमा, मंगल, राहु, गुरु, शनि और बुध 27 नक्षत्रों के स्वामी हैं। अभिजित नक्षत्र, जो हर दिन दोपहर में सदैव विराजमान होता है, उसका स्वामी सूर्य-चंद्रमा को माना जाता है। देवी-देवताओं में प्रथम पूज्य विनायक का जन्म शतभिषा नक्षत्र में, भगवान राम का जन्म पुष्य नक्षत्र, तो कृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में हुआ था।
अश्विनी, मघा और मूल नक्षत्र के स्वामी केतु हैं। शुक्र स्वामी हैं भरणी, पूर्वा फाल्गुनी और पूर्वाषाढ़ा के, वहीं सूर्य कृतिका, उत्तरा फाल्गुनी और उत्तराषाढ़ा के स्वामी हैं। चंद्रमा राोहिणी, हस्त और श्रवण के स्वामी हैं, तो मंगल मृगशिरा, चित्रा और धनिष्ठा के स्वामी हैं। राहु आद्र्रा, स्वाति और शतभिषा नक्षत्र के स्वामी हैं, जबकि गुरु पुनर्वसु,विशाखा और पूर्वाभाद्रपद के। शनि पुष्य,अनुराधा और उत्तराभाद्रपद के और बुध अश्लेषा, ज्येष्ठा और रेवती नक्षत्र के स्वामी हैं। सभी नक्षत्रों के राजा पुष्य हैं।
नक्षत्रों के देवता इस प्रकार हैं- देव वैद्य अश्विनी कुमार अश्विनी नक्षत्र के देवता हैं। भरणी के देवता यम, तो कृतिका के अग्निदेव हैं। रोहिणी के ब्रह्मा, तो मृगषिरा के देवता चंद्रमा हैं। आद्र्रा के देवता रुद्र-शिव, तो पुनर्वसु की देवी अदिति हैं। पुष्य के देवता बृहस्पति और अश्लेषा के सर्प हैं। मघा के देवता पितर, पूर्वा फाल्गुनी के भग और उत्तराफाल्गुनी के अर्यमा हैं। हस्त के देवता सूर्य हैं, चित्रा के विश्वकर्मा व स्वाति के वायु हैं। विशाखा के देवता इंद्राग्नि, अनुराधा के मित्र और ज्येष्ठा के इंद्र हैं। मूल नक्षत्र के देवता निऋर्ित (राक्षस) हैं। पूर्वाषाढ़ा के देवता जल और उत्तराषाढ़ा के विष्वदेव हैं। अभिजित नक्षत्र के देवता सृष्टिकर्ता ब्रह्माजी हैं। श्रवण के देवता विष्णु और धनिष्ठा के वसु हैं। शतभिषा के देवता वरुण, पूर्वाभाद्रपद के अजैकपाद, उत्तराभाद्रपद के देवता अहिर्बुधन्य और रेवती के देवता पूषा हैं।
धर्म संसार / शौर्यपथ / श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार, सतयुग में उत्तर प्रदेश के हरदोई में ही नरसिंह व वामन अवतार हुआ था। कथा है कि देव व दैत्यों के युद्ध में दैत्य पराजित होने लगे। दैत्य राज बलि भी इंद्र के वज्र से मृत हो गए। तब दैत्यों के गुरु शुक्राचार्य ने अपनी मृत संजीवनी विद्या से बलि और दूसरे दैत्यों को जीवित कर दिया। राजा बलि के लिए गुरु शुक्राचार्य ने एक यज्ञ का आयोजन किया और अग्नि से दिव्य रथ, वाण व अभेद्य कवच प्राप्त किए। इससे असुरों की शक्ति बढ़ गई। असुर सेना ने इंद्र की राजधानी अमरावती पर आक्रमण कर दिया। देवराज इंद्र को पता चला कि सौ यज्ञ पूरा करने के बाद बलि स्वर्ग को पाने में सक्षम हो जाएगा।
तब देवराज इंद्र सहायता के लिए श्रीहरि के पास पहुंचे। भगवान विष्णु ने उनकी सहायता के लिए आश्वासन दिया और माता अदिति के गर्भ से वामन रूप में जन्म लेने का वचन दिया। बलि द्वारा देवों के पराभव के बाद ऋषि कश्यप के कहने पर माता अदिति ने पयोव्रत का अनुष्ठान किया। तब भगवान विष्णु भाद्रपद शुक्ल पक्ष की द्वादशी को माता अदिति के गर्भ से जन्मे और ब्राह्मण रूप धारण किया।
इस दिन भगवान वामन की पूजा-आराधना की जाती है। विष्णु के 10 अवतारों के क्रम में पांचवां अवतार वामन का था और 24 अवतारों के क्रम में 15वां अवतार था। वामन अवतार पिता से आज्ञा लेकर राजा बलि के पास दान मांगने के लिए गए। उस समय राजा बलि नर्मदा के तट पर अंतिम यज्ञ कर रहे थे। राजा बलि ने भगवान का आतिथ्य सत्कार कर आसन प्रदान किया। तब राजा बलि को भगवान ने दान की महत्ता को समझाकर यज्ञ के लिए तीन पग भूमि की याचना की। वामन भगवान की शिक्षा से प्रभावित होकर राजा बलि ने और अधिक मांगने का आग्रह किया। लेकिन भगवान अपनी तीन पग भूमि की याचना पर ही अड़े रहे।
गुरु शुक्राचार्य ने बलि को सतर्क भी किया, पर बलि ने इस पर ध्यान नहीं दिया। फिर वामन भगवान ने विराट रूप धारण कर दो पग में ही तीनों लोकों को नाप लिया और बलि से पूछा- राजन अब मैं अपना तीसरा पैर कहां रखूं? राजा बलि के समक्ष संकट उत्पन्न हो गया कि वचन न पूरा करने पर अधर्म होगा। इसलिए बलि ने कहा- ‘भगवान अब तो मेरा सिर ही बचा है। आप इस पर पैर रख दीजिए, क्योंकि संपत्ति का मालिक संपत्ति से बड़ा होता है।’ राजा की इस बात से वामन प्रसन्न हो गए। बलि की दानवीरता से प्रसन्न होकर भगवान ने उसे चिरंजीवी रहने का वरदान देकर पाताललोक का स्वामी बना दिया और बलि के साथ सदा पाताल लोक में द्वारपाल बनकर रहने का वर भी दिया।
इस दिन भगवान वामन की मूर्ति या चित्र की पूजा करें। मूर्ति है तो दक्षिणावर्ती शंख में गाय का दूध लेकर अभिषेक करें। चित्र है तो समान्य पूजा करें। इस दिन भगवान वामन का पूजन करने के बाद कथा सुनें और बाद में आरती करें। अंत में चावल, दही और मिश्री का दान कर किसी गरीब या ब्राह्मण को भोजन कराएं।
धर्म संसार / शौर्यपथ / हिंदी पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को महालक्ष्मी व्रत होता है। इस वर्ष महालक्ष्मी का व्रत आज 25 अगस्त दिन मंगलवार से प्रारंभ हो रहा है। धन-संपदा और समृद्धि की देवी माता महालक्ष्मी की पूजा भाद्रपद शुक्ल अष्टमी से प्रारंभ होकर 16 दिनों तक आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि तक होती है। महालक्ष्मी का व्रत गणेश चतुर्थी के चार दिन बाद से प्रारंभ होती है। जो लोग 16 दिनों तक महालक्ष्मी का व्रत नहीं रख पाते हैं, वे पहले और आखिरी दिन महालक्ष्मी व्रत रखते हैं। आइए जानते हैं महालक्ष्मी व्रत, पूजा मुहूर्त और महत्व के बारे में।
महालक्ष्मी व्रत प्रारंभ: 25 अगस्त 2020, दिन मंगलवार से।
महालक्ष्मी व्रत समापन: 10 सितंबर 2020, दिन गुरुवार तक।
महालक्ष्मी व्रत मुहूर्त: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि का प्रारंभ 25 अगस्त को दोपहर 12 बजकर 21 मिनट से हो रहा है, जो 26 अगस्त को सुबह 10 बजकर 39 मिनट तक है।
महालक्ष्मी व्रत का महत्व
भाद्रपद शुक्ल अष्टमी को महालक्ष्मी व्रत होता है, इस दिन राधा अष्टमी यानी राधा जयंती भी मनाई जाती है। अष्टमी के दिन प्रारंभ होने वाला महालक्ष्मी व्रत अत्यंत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इस दिन दूर्वा अष्टमी व्रत भी होता है। दूर्वा अष्टमी को दूर्वा घास की पूजा की जाती है। महालक्ष्मी व्रत धन, ऐश्वर्य, समृद्धि और संपदा की प्रात्ति के लिए किया जाता है। इस दिन लोग धन-संपदा की देवी माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं।
महालक्ष्मी पूजा
जो लोग माता महालक्ष्मी का व्रत करते हैं, वे पहले दिन पूजा के समय हल्दी से रंगे 16 गांठ वाला रक्षासूत्र अपने हाथ में बांधते हैं। 16वें दिन व्रत का विधिपूर्व उद्यापन किया जाता है और उसे रक्षासूत्र को नदी या सरोवर में विसर्जित किया जाता है। महालक्ष्मी की पूजा में हर दिन मां लक्ष्मी के इन आठ नामों ऊं आद्यलक्ष्म्यै नम:, ऊं विद्यालक्ष्म्यै नम:, ऊं सौभाग्यलक्ष्म्यै नम:, ऊं अमृतलक्ष्म्यै नम:, ऊं कामलक्ष्म्यै नम:, ऊं सत्यलक्ष्म्यै नम:, ऊं भोगलक्ष्म्यै नम: और ऊं योगलक्ष्म्यै नम: का जाप करते हैं।
खेल / शौर्यपथ / पाकिस्तान की इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और अंतिम टेस्ट मैच को बचाने की उम्मीदों का सारा दारोमदार बारिश और खराब रौशनी पर टिक गया है। पाकिस्तान ने फॉलोआन के बाद खेलते हुए सोमवार को चौथे दिन 56 ओवर के खेल में दो विकेट खोकर 100 रन बना लिए हैं और उसे पारी की हार से बचने लिए अभी 210 रन बनाने हैं। चौथे दिन का खेल भी बारिश और खराब रोशनी से प्रभावित रहा और केवल 56 ओवर का खेल ही संभव हो पाया। अंतिम सत्र में जब खराब रोशनी के कारण खेल रोकना पड़ा तब 14 ओवर फेंके जाने शेष थे। अब यह मैच ड्रॉ हो या इंग्लैंड जीते, मेजबान टीम के हाथों में सीरीज आ गई है। इंग्लैंड पहला टेस्ट जीतकर सीरीज में 1-0 से आगे है। इस बीच ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज गेंदबाज ब्रैड हॉग ने पाकिस्तान को लेकर एक ट्वीट किया, जिस पर आकाश चोपड़ा ने पाक टीम को बुरी तरह ट्रोल कर दिया।
पाकिस्तान के साथ तीसरे और अंतिम टेस्ट में टॉस जीतने के बाद इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 583 रन बनाकर पारी घोषित की। युवा जैक क्राउले ने 267 रन की विशाल पारी खेली। जोस बटलर ने 152 रन बनाकर उनका बखूबी साथ दिया। जवाब में पाक कप्तान अजहर अली ने 272 गेंदों पर नाबाद 141 रनों की पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 21 चौके लगाए। मोहम्मद रिजवान ने भी 113 गेंदों में 53 रन बनाए। बावजूद इसके पाकिस्तान फॉलोऑन नहीं टाल पाया।
पाकिस्तान की पूरी टीम 273 रन बनाकर आउट हो गई। मैच के चौथे दिन पाकिस्तान ने बिना किसी नुक्सान के 41 रन बनाए। साथम्पटन के एजेस बाउल टेस्ट की मौजूदा स्थितियों को देखते हुए पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ब्रैड हॉग ने कहा है कि अगर पाकिस्तान 120 रन और बनाता है तो वह बड़ा अपसैट कर सकता है।
ब्रैड हॉग ने अपनी राय टि्वटर के जरिये दी। इसके साथ ही उनके इस राय पर बहुत सारे हैशटैग दिए, जो सबकी नजरों में आ गए। ब्रैड हॉग के इन हैशटैग्स को देखते हुए पूर्व भारतीय क्रिकेटर और वर्तमान कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम टीम को ट्रोल दिया। आकाश चोपड़ा ने ब्रैड हॉग के इस ट्वीट पर कमेंट करते हुए लिखा- यदि पाकिस्तान केवल इतनी ही फाइट करे, जितनी संख्या में आपने हैशटैग का इस्तेमाल किया है मेरे दोस्त।
बता दें कि इंग्लैंड ने मैनचेस्टर में खेला गया पहला टेस्ट मैच जीता था। साउथम्पटन में खेला गया दूसरा टेस्ट मैच बारिश की वजह से ड्रॉ हो गया था। अगर इंग्लैंड तीसरे टेस्ट में जीत हासिल करता है तो वे 2010 के बाद पाकिस्तान पर पहली टेस्ट सीरीज जीत जाएंगे।
दुर्ग । शौर्यपथ । जब जनप्रतिनिधि ही दोहरा मापदंड अपनाने लगे तो अधिकारियों की बल्ले बल्ले ही होगी और आम जनता परेशान कुछ ऐसा ही हाल दुर्ग निगम में चल रहा है । जो कार्य वार्ड प्रतिनिधि को साल भर पहले जो कार्य गलत लग रहा था वही कार्य अब जनहित का लगने लगा और सारे नियम ताक पर रख दिया गया और निगम के जल विभाग के इंजीनियर भी इस कार्य मे सहभागी बन रहे है वैसे भी निगम के इंजीनियर जनहित की कम स्वहित के कार्यो में ज्यादा ध्यान देते है ऐसा प्रतीत होता है जनहित के कार्य मे ध्यान देते तो जो निर्माण अब हुआ वह पहले हो जाता । मामला है इंदिरा मार्केट स्थित वाटर एटीएम का जिसका निर्माण कार्य पिछले साल हुआ था किंतु तब विपक्ष में रही कॉन्ग्रेस के पार्षद द्वारा कार्य को रुकवा दिया गया थ किन्तु साल भर बाद उसी स्थान पर वाटर एटीएम बन गया और अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब सत्ता में रही कांग्रेस और पार्षद की सहमति बन गयी ऐसा क्या हुआ कि एक साल पहले जो निर्माण गलत था अब जनहित का हो गया । वैसे भी व्यस्तम मार्केट में जनहित के कार्य मे कई तरह की खामियां है किंतु निगम प्रशासन की यह खामियां उसके स्वयम के लिए ठीक है । अगर आम जनता नाली के ऊपर को निर्माण कर तो निगम के ईमानदार इंजीनियर तोड़ फोड़ करने पहुंच जाते है किंतु स्वयम निर्माण करे तो तो यह विधि सम्मत हो जाता है । क्या निगम प्रशासन अपने बनाये नियम पर कभी चलेगा ? क्या जनप्रतिनिधि अपनी राय पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के कारण राय बदलते रहेंगे । क्या ऐसे ही धारणा वाले जनप्रतिनिधि को जनता चुनती रहेगी ? क्या ऐसे ही सुशासन की बात करती है कांग्रेस ?
मनोरंजन / शौर्यपथ / बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त का परिवार मुश्किल दौर से गुजर रहा है। जब से पता चला है कि संजय दत्त को लंग कैंसर हुआ तब से उनके घर में गम का माहौल है। अब संजय दत्त अपने इलाज के लिए न्यूयॉर्क जाने की तैयारी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि वह न्यूयॉर्क में उसी अस्पताल में ट्रीटमेंट करवाएंगे, जहां पर उनकी मां नरगिस के कैंसर का इलाज हुआ था।
मिड डे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, संजय दत्त को ट्रीटमेंट के लिए अमेरिका का 5 साल का वीजा मिल सकता है और वह मेमोरियल स्लोन कैंसर सेंटर में अपना इलाज करा सकते हैं। रिपोर्ट की मानें तो संजय की मां नरगिस ने 1980 और 1981 में उसी हॉस्पिटल में एडमिट थीं, जहां पर उन्होंने पैनक्रिएटिक कैंसर का इलाज करवाया था। सोर्स ने बताया कि संजय ने लंग कैंसर की जानकारी होने के बाद वीजा के लिए अप्लाई किया था। हालांकि, 1993 बम ब्लास्ट में दोषी होने के कारण उन्हें वीजा पाने में मुश्किल हो रही थी।
पोर्टल को एक सोर्स ने बताया कि संजय को वीजा पाने के लिए उनके करीबी दोस्त ने मदद की है। वह इलाज के लिए पत्नी मान्यता और बहन प्रिया के साथ न्यूयॉर्क जा सकते हैं। खैर, संजय ने पहले से यह प्लान बनाकर रखा था कि अगर उन्हें यूएस का वीजा नहीं मिलता है तो वह कैंसर के इलाज के लिए सिंगापुर जाएंगे। हालांकि, अब जब सबकुछ ठीक है तो वह जल्द ही न्यूयॉर्क के लिए रवाना हो सकते हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
