August 04, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    दुर्ग / शौर्यपथ / भाई - बहन के सबसे बड़े त्यौहार में जिला प्रशासन ने लॉक डाउन में कुछ रियायत बरतते हुए आम जनता के लिए सुकून भरा आदेश पारित किया . जिला प्रशासन दुर्ग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए किराना दुकान एवं राखी के स्टाल 31 जुलाई और 1 अगस्त को सुबह 6 बजे से सुबह 10 बजे तक खुले रहने का आदेश दिया है .

    भिलाई / शौर्यपथ / आने वाले दिनों में त्योहारों को देखते हुए मेयर व भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भुरे को पत्र लिख कर मांग की है कि जिला प्रशासन जनता को त्योहारी सीजन में खरीदी करने का समय दे। शहर के बाजारों को दो दिन शुक्रवार और शनिवार तक और खोला जाए। ताकि त्योहार के लिए लोग खरीदी कर सके।
    गौरतलब है कि कोविड 19 के संक्रमण और बढ़ते केस को देखते हुए शासन के आदेशा नुसार शहर में लॉक डाउन कर दिया गया है। इस कारण से अधिकांश दुकानें व बेहद जरूरी सेवाओं को छोड़ कर सभी बंद रहेगी। लेकिन आने वाले दिनों में देश का बड़ा पर्व है। इन त्याेहारी सीजन को देखते हुए मेयर देवेंद्र यादव ने कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भुरे को पत्र लिख कर मांग की है कि प्रशासन त्योहारी सीजन में जनता को थोड़ी राहत दे और दो दिन शहर के बजारों को खुला रहने का आदेश जारी करें। साथ ही मेयर ने यह भी कहा कि दुकान खोलने के साथ ही सोसल डिस्टेंसिंग, मास्क आदि सावधानियों का सख्ती से पालन भी किया जाए ।

    दुर्ग / शौर्यपथ / नगर निगम में केंद्र सरकार की पीएम आवास योजना का हाल बेहाल है। दो साल पहले तत्कालीन महापौर चंद्रिका चंद्राकर ने 88 परिवारों को कार्यक्रम आयोजित कर पक्के आवासों की चाबी सौंपी। यहां रहने आए लोग लौट गए क्योंकि आवासों में न तो पानी-बिजली जैसी बुनियादी सुविधा ही नहीं थी। करीब 25 करोड़ की लागत से 21 ब्लॉकों में बने 252 आवासों में सन्नाटा पसरा है। केंद्र सरकार की योजना में राज्य सरकार का भी पैसा लगा है। शासन के निर्देश पर नगर निगम की पिछली परिषद ने शहर में आवासहीन या किराए पर रहने वाले लोगों से आवेदन जमा कराए थे। सबको पक्के मकान देने का खूब शोर मचाया गया। दुर्ग शहर में कुल 25 हजार लोगों ने आवेदन जमा किया। पिछले पांच साल में कछुआचाल से चली योजना के पहले चरण में बनाए गए पक्के आवासों का न तो काम पूरा हुआ न आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो पाई है। बोरसी में कुल 24 करोड़ 83 लाख रुपए की लागत से बने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कुल 252 आवास बनाने का काम पूरा करने की समयसीमा खत्म हो चुकी है। यहां के 10 ब्लॉकों के 132 मकानों में किचन और टायलेट के काम अधूरे हैं। कहीं किचन का सिंक नहीं लगा है तो कहीं वाशरूम के नल ही नहीं लगे हैं। सभी आवासों में इलेक्ट्रिक कनेक्शन देने का काम भी अधूरा पड़ा है। यहां सबसे पहले ठगड़ा बस्ती की कच्ची झोपड़ी में रहने वालों को शिफ्ट करने का प्लान बनाया गया। करीब 88 लोगों को पक्के आवासों का आवंटन किया गया। यहां कई लोग सामान के साथ रहने के लिए पहुंचे। हकीकत पता चली तो सभी परिवार वापस लौट गए। वजह ये थी कि इन आवासों में पानी सप्लाई के लिए मेन पाइप से कनेक्शन जोडऩे का काम ही नहीं हुआ था। आवासों में लाइट फिटिंग थी लेकिन बिजली कनेक्शन जोडऩे का काम नहीं किया गया था। पक्के आशियाने का सपना लेकर पहुंचे लोग चंद घंटों में ही बैरंग अपनी झोपड़ी में लौट गए।
    इस मामले में विधायक अरूण वोरा ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि योजना पर 25 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। वोरा ने तल्ख लहजे में कहा कि अगर गरीबों को पक्के आवास बनाकर नहीं देना थाए तो इतनी बड़ी राशि क्यों खर्च की गई। भाजपा शासनकाल में सिर्फ वादे किए गए। इन वादों को पूरा नहीं किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आवासहीन परिवारों को मकान देने का काम प्राथमिकता से करने की घोषणा की है। यह काम सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने निगम प्रशासन के साथ.साथ जिला प्रशासन से भी आग्रह किया है कि योजना के अधूरे कार्यों को प्राथमिकता से पूरा कराएं और तत्काल पात्र हितग्राहियों को आवास आवंटित करें।

    जयपुर / शौर्यपथ / राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे देश के लिए अनर्थकारी साबित हुई हैं. गहलोत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के एक ट्वीट को ''रिट्वीट'' करते हुए लिखा है, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी की गलत नीतियां देश के लिए विनाशकारी साबित हुई हैं. जैसा कि राहुल गांधी ने रेखांकित किया है कि चाहे वह नोटबंदी हो, जीएसटी का कार्यान्वयन हो या कोरोना वायरस के दौरान कुप्रबंधन या गिरती अर्थव्यवस्था...रोजगार छिनने से चारों तरफ अंधेरा है. दस करोड़ रोजगार छिनने का भय भयावह है.'' इससे पहले राहुल गांधीने कोरोना वायरस के कारण दस करोड़ नौकरियां खतरे में पड़ने वाले समाचार को शेयर करते हुए लिखा, ‘‘मोदी देश को बर्बाद कर रहे हैं.''
    गौरतलब है कि अशोक गहलोत इस समय राजस्‍थान में सियासी चुनौती का सामना कर रहे हैं. सचिन पायलट की अगुवाई में डेढ़ दर्जन विधायकों ने उनके खिलाफ बागी तेवर अख्तियार कर रखे हैं. गहलोत ने राज्य में जारी राजनीतिक गतिरोध की ओर संकेत करते हुए बुधवार को दावा किया था कि ‘‘यह लड़ाई हम जीतेंगे.'' इसके साथ ही मुख्‍यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार स्थायी व मजबूत है.

    गहलोत ने कहा था, ‘‘केंद्र सरकार के सहयोग से, भाजपा के षड्यंत्र से और धनबल के प्रयोग से राज्य की कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने की साजिश रची जा रही है.'' पार्टी से बगावत करने वालों को माफी को लेकर गहलोत ने कहा कि इस बारे में फैसला आलाकमान को करना है. उन्होंने कहा, ‘‘यह लड़ाई हम जीतेंगे और जिन लोगों ने पार्टी को धोखा दिया है वे या तो वापस आ जाएंगे, माफी मांग लेंगे पार्टी आलाकमान से कि गलती हो गई. आलाकमान जो भी फैसला करेगा, हमें मंजूर होगा.''

     

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / सुप्रीम कोर्ट ने फसलों को बचाने के लिए कुछ राज्यों में नीलगाय जैसे जंगली जानवरों को मारने की अनुमति दिए जाने के खिलाफ दाखिल याचिका पर राज्यों को नोटिस जारी किया है. CJI एसए बोबडे ने कहा कि इस मामले में हम जानना चाहते हैं कि वन विभाग क्या कर रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने मामले को केरल में हथिनी की मौत के मामले के साथ जोड़ा है.
    सांसद अनुभव मोहंती ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है और भारत में जंगली जानवरों की अंधाधुंध और नृशंस हत्या के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से दखल देने की मांग की है. अपनी याचिका में केंद्रपाड़ा के बीजेडी सांसद ने दलील दी है कि बिहार, हिमाचल प्रदेश और केरल जैसे कई राज्यों की सरकारों ने नीलगाय और जंगली सुअर जैसे जंगली जानवरों की हत्या को वित्तीय रूप से प्रोत्साहित किया है. दुर्भाग्य से राज्य सरकारों द्वारा पुरस्कृत होने का एक लोकप्रिय तरीका जंगलों में बम और जहर लगाकर जानवरों की हत्या करना है.

    सुप्रीम कोर्ट ने इस पर बिहार, हिमाचल, केरल और अन्य राज्यों को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने टिप्पणी की है कि मनुष्य और पशुओं के बीच टकराव रोकने का उपाय ढूंढा जाना चाहिए. चीफ जस्टिस ने कहा कि हम इस मामले को चिंता के साथ ले रहे हैं. क्या होगा अगर जंगली जानवर खेत की भूमि को नष्ट कर दें. फसलों को नष्ट करने वाले एक जंगली बाघ या दुष्ट हाथी को मारा जा सकता है या नहीं? हां, 50 नीलगायों को मारना न्यायसंगत नहीं है.


    चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने कहा कि रबर की गोलियां होती हैं, जिनका उपयोग किया जा सकता है, जिन्हें विस्फोटक
    के स्थान पर इस्तेमाल किया जा सकता है. याचिका में सुझाव दें और यह भी देखें कि क्या ऐसा हो रहा है कि जंगलों के अंदर जानवरों की जमीन पर अतिक्रमण हो रहा है? CJI ने कहा कि हमें एक समाधान की आवश्यकता है. कोई समाधान केवल यह कहने में नहीं है कि उन्हें मत मारो.

     

    दुर्ग / शौर्यपथ / ब्राम्हण पारा वार्ड 32 में गोस्वामी परिवार का कच्चा मकान लगातार बारिश और तूफान के कारण कमजोर और जर्जर हो गया था जो आज प्राकृतिक आपदा के तहत् गिर गया । इससे किसी भी प्रकार की जानमाल की हानि नहीं हुई । घटना की जानकारी मिलते ही निगम महापौर धीरज बाकलीवाल मौके पर पहुॅचें। उन्होनें प्रभावित परिवार के मुखिया से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और यथा संभव सहयोग का आश्वासन दिये। इस दौरान तहसीलदार श्रीमती पार्वती पटेल, निगम कार्यपालन अभियंता मोहनपुरी गोस्वामी के अलावा भवन अधिकारी गिरीश दीवान, उपअभियंता विनोद मांझी, वार्ड निवासी अनिल ताम्रकार, दिलीप बाकलीवाल, दीपक तम्बोली आदि उपस्थित थे ।
    मौके पर उपस्थित निवासियों ने महापौर को जानकारी में बताया कि यह कच्चा मकान सतीश गोस्वामी का है। जहाॅ 4 परिवार के 18 लोग निवास करते हैं। महापौर ने परिवार के मुखिया से मुलाकात कर सांत्वना देते हुये अभी अस्थायी रुप से निगम की आईएचएसडीपी आवास में आवास देने की पहल की । उन्होनें कहा इस भूमि मकान का पारिवारिक समस्याओं को दूर करने के बाद यहाॅ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् आवास का निर्माण करा दिया जावेगा । उन्होनें उपस्थित निगम अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने निर्देश दिये। साथ ही उन्होनें कहा शहर के अंदर और भी एैसे ही पुराने कमजोर और जर्जर मकान होगें सभी का सर्वे किया जावे । और समय रहते उसे डिसमेंटल की कार्यवाही कर संबंधितों को योजनाओं के तहत् लाभ दिया जावे।

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / सुशांत सिंह राजपूत मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बिहार पुलिस को पत्र लिखकर दर्ज हुई एफआईआर की प्रति मांगी है. एक अधिकारी ने बताया कि ऐसे में अब मामला पीएमएलए के तहत दर्ज किया जा सकता है. सुशांत के पिता ने एफआईआर में रिया चक्रवर्ती पर आरोप लगाया है कि उनके बेटे के बैंक खाते से कम से कम 15 करोड़ रुपये अज्ञात खाते में ट्रांसफर किए गए हैं. अब इस लेनेदेन की जांच ईडी कर सकती है. बीते महीने की 14 तारीख को सुशांत सिंह राजपूत अपने आवास पर मृत पाए गए थे.
    मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :
    प्रवर्तन निदेशालय ने बिहार पुलिस से सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह द्वारा रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर की प्रति मांगी है.
    एफआईआर में रिया चक्रवर्ती के परिवार के सदस्यों के अलावा अन्य छह लोगों के नाम भी हैं. सुशांत के पिता ने सुशांत को आर्थिक रूप से धोखा देने, उसे मानसिक रूप से परेशान करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का करने का आरोप लगाया था.
    सुशांत सिंह राजपूत के पिता ने रिया पर आरोप लगाया कि उसने एक्टर के अकाउंट से 15 करोड़ रुपये अंजान लोगों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए थे. अब मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल को ध्यान में रख ईडी मामले की जांच कर सकती है.
    एजेंसी के सूत्रों ने एनडीटीवी को इस संबंध में बताया कि ईडी ने अभी तक धन शोधन निवारण अधिनियम केस के तहत कोई मामला दर्ज नहीं किया है. हमने बिहार पुलिस से सिर्फ विवरण की मांग की है. बिहार पुलिस से विवरण और दस्तावेजों की जांच के बाद मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू करने के बारे में निर्णय किया जाएगा.
    इससे पहले दिन में,सुप्रीम कोर्ट ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपने की अपील को खारिज कर दिया था.
    चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने याचिकाकर्ता अलका प्रिया को निर्देश दिया कि अगर आपके पास कुछ भी ठोस है तो वो बॉम्बे हाई कोर्ट जाएं. अन्यथा पुलिस को अपना काम करने दें.
    सीबीआई जांच के लिए विभिन्न नेताओं द्वारा आवाज उठाने के बाद बुधवार रात महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा था कि इस मामले को सीबीआई को नहीं दिया जाएगा.
    सुशांत सिंह राजपूत के पिता ने भी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने पटना से मुंबई तक उनके द्वारा दायर मामले को स्थानांतरित करने के लिए रिया चक्रवर्ती की याचिका पर फैसला करने से पहले इसे सुनने के लिए कहा है. रिया चक्रवर्ती ने इससे पहले अमित शाह से सीबीआई जांच की अपील की थी.
    सुशांत सिंह राजपूत 14 जून को मुंबई के बांद्रा में अपने अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे. मुंबई पुलिस हर एंगल से इस मामले की जांच कर रही है.
    सुशांत सिंह राजपूत केस में रिया चक्रवर्ती सहित अब तक 40 लोगों से पूछताछ हो चुकी और उनके बयान दर्ज किए जा चुके हैं.

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज फिर से सुप्रीम कोर्ट जाने पर विचार कर रहे हैं. सोज जम्मू-कश्मीर प्रशासन के खिलाफ अवमानना याचिका दायर कर सकते हैं जिसने कहा है कि सोज़ हिरासत में नहीं हैं, वे स्वतंत्र हैं. सोज़ ने बताया है कि वह अभी भी हिरासत में हैं और उन्हें स्वतंत्र घूमने की अनुमति नहीं दी गई है. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर प्रशासन के हलफनामा दाखिल करने के बाद सोज की पत्नी की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई बंद कर दी.
    सैफुद्दीन सोज़ के वकील डॉ अभिषेक मनु सिंह ने NDTV इंडिया को बताया कि वे इस मामले में सुप्रीम कोर्ट जाने पर विचार कर रहे हैं. डॉ सिंघवी ने कहा कि तथ्यों के आधार पर और सोज़ पर लगी पाबंदियों की प्रकृति के आधार पर वह आगे की कार्रवाई तय करेंगे. उन्होंने कहा कि यदि साबित होता है कि सोज पर प्रतिबंध लागू हैं तो यह अदालत में झूठा शपथ पत्र और अवमानना दोनों होगा.
    दरअसल बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू और कश्मीर प्रशासन के हलफनामे को स्वीकार कर लिया था कि सोज़ स्वतंत्र हैं और हिरासत में नहीं हैं. सोज़ की पत्नी ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका याचिका दाखिल की थी. बाद में सोज़ ने बताया कि वह अभी भी हिरासत में हैं और उन्हें स्वतंत्र घूमने की अनुमति नहीं दी गई है.

     

    बेंगलुरु / शौर्यपथ / बेंगलुरु में एक पोर्न वेबसाइट पर कॉलेज की छात्राओं की तस्वीरें अपलोड करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने कहा कि छात्राओं के फोटो उनके सोशल मीडिया अकाउंट से लिए गए थे. पोर्न वेबसाइट से तस्वीरें अब हटा दी गई हैं. वरिष्ठ अधिकारी संदीप पाटिल ने ट्वीट किया, '' CCB साइबर क्राइम विंग ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिन्होंने पोर्न साइट्स पर पीड़िताओं की तस्वीरें अपलोड कीं थीं. मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है ."

    बता दें कि मामले में कार्रवाई तब की गई जब छात्रों के एक समूह ने सोशल मीडिया तस्वीरों के गलत इस्तेमाल करने को लेकर पुलिस से शिकायत की. बेंगलुरु के छात्रों ने पुलिस को एक पत्र लिखा, "कॉलेज के छात्र असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और अपने सोशल स्पेस को लेकर चिंतित हैं."

    पीड़िताओं के दोस्तों ने कहा कि सिस्टम को बेहतर तरीके से रिस्पॉन्स करना होगा. एक छात्र ने एनडीटीवी को बताया, "हमें लगता है कि पीड़ित की मदद करना जरूरी है. उन्हें लगातार ये बात बताना जरूरी है कि इसमें उनकी गलती नहीं है." एक अन्य छात्र,ने कहा, "मैं पीड़ितों के परिवारों से सबसे अधिक सहायक होने की अपील करता हूं. विशेष रूप से इस समय में, जब हम ज्यादातर समय घर पर रहते हैं. पुलिस को छात्रों के साथ सहानुभूति रखने में अधिक मुखर होना चाहिए था. ऐसे में माता-पिता की प्रतिक्रिया भी अहम हो जाती है. "

     

    इंदिरा मार्केट कुॅआ से शहर के कुॅओं की सफाई कार्य प्रारंभ किया गया ,बरसों बाद कुॅआ की हुई सफाई, निकाला गया 2 टेक्टर कचरा..

    दुर्ग / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम दुर्ग ने शहर में कुॅओं की सफाई कार्य इंदिरा मार्केट में स्थित कुॅआ की सफाई से प्रारंभ किया है। विधायक वोरा की मंशा और महापौर धीरज बाकलीवाल के निर्देश पर शहर के धरोवर को संरक्षित करने कार्य प्रारंभ किया गया है। कुॅआ सफाई कार्य के दौरान कार्यपालन अभियंता मोहनपुरी गोस्वामी उपस्थित थे।
    इस संबंध में महापौर बाकलीवाल ने बताया लम्बे समय से वार्ड पार्षद एवं इंदिरा मार्केट के व्यापारी संगठन द्वारा इंदिरा मार्केट में स्थित कुॅआ की सफाई की मांग कर रहे थे । इंदिरा मार्केट के कुॅआ के साथ शहर में सभी कुॅओं को जलसंरक्षण के तहत् सुरक्षित और संरक्षित किया जावेगा। इसकी शुरुआत यहाॅ से की गई है।
    उन्होनें बताया प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा लोकवाणी के दौरान नरवा, घुरवा, बारी योजना के माध्यम से प्रदेश के जल स्त्रोतों को सुरक्षित ओर संरक्षित करने के निर्देश दिये गये हैं । जिसके तहत् शहर के कुॅआ, तालाब, बावली आदि को सुरक्षित और स्वच्छ रखने कार्य प्रारंभ किया गया है। उन्होने बताया जानकारी के तहत् दुर्ग शहर में शासकीय और निजी मिलाकर लगभग 130 कुॅआ था। स्थानीय लोगों की उदासीनता से बहुत से कुॅओं को लोगों ने पाट दिये। जो बचे कुॅएॅ हैं उसकी सुरक्षा की जाएगी। उन्होनें कहा प्राकृति रुप से कुॅआ, तालाब, बावली हमारा जल स्त्रोत हैं। इस धरोवर को सहेज कर रखना आवश्यक हैं।

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