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नई दिल्ली / शौर्यपथ / उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रत्येक थाना, चिकित्सालय, राजस्व न्यायालय एवं तहसील, विकास खण्ड तथा जेल में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना करने के मंगलवार को निर्देश दिये. योगी ने कहा कि हेल्प डेस्क पर कोविड-19 से बचाव सम्बन्धी सावधानियों के पोस्टर लगाए जाएं. कोविड हेल्प डेस्क पर पल्स ऑक्सीमीटर, इंफ्रारेड थर्मामीटर तथा सैनेटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. चिकित्सीय उपकरणों के संचालन के सम्बन्ध में कोविड हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाए. इन कर्मियों को मास्क तथा दस्ताने उपलब्ध कराए जाएं.
मुख्यमंत्री यहां लोक भवन में बुलाई गई उच्च स्तरीय बैठक में लॉकडाउन हटाने की व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे. उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोविड हेल्प डेस्क पर हमेशा एक से दो कर्मी अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहें. कोविड हेल्प डेस्क का प्रतिदिन सुबह से शाम तक संचालन किया जाए.
निजी अस्पतालों को भी कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना के लिए प्रेरित किया जाए. उन्होंने स्थापित किए गए कोविड हेल्प डेस्क की सूची उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए. उन्होंने विशेष सचिव स्तर के अधिकारियों को जनपदों में रहकर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर करने में सम्बन्धित मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए.
साथ ही कहा कि कोविड-19 आपदा काल में इन अधिकारियों द्वारा किए जाने वाले कार्यों का विशेष रूप से मूल्यांकन किया जाएगा. योगी ने कहा कि जांच में लगातार वृद्धि की जाए। निगरानी व्यवस्था को और बेहतर करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए जनपदों में विशेष सचिव स्तर के अधिकारी भेजे जा रहे हैं. सर्विलांस कार्य को सुदृढ़ करने से जांच बढ़ाने में मदद
उन्होंने स्क्रीनिंग कार्य के लिए अविलंब एक लाख से अधिक टीम गठित करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि टीम के द्वारा प्रत्येक व्यक्ति की हर सप्ताह नियमित तौर पर जांच की जाए. टीम के सदस्यों को मास्क, दस्ताने एवं सैनेटाइजर उपलब्ध कराया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड चिकित्सालयों में बेड की संख्या बढ़ाने के लिए निरन्तर प्रयास किए जाएं. कोविड तथा गैर कोविड अस्पतालों में प्रोटोकॉल का पूर्ण पालन करते हुए उपचार किया जाए.
अस्पतालों में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। चिकित्सालय में भर्ती मरीजों की नियमित देखरेख की जाए. उन्होंने चिकित्सा कर्मियों को संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए प्रशिक्षण दिए जाने पर विशेष बल दिया. उन्होंने कहा कि रेडियो तथा टेलीविजन के माध्यम से कोविड-19 से बचाव के सम्बन्ध में जागरुकता फैलाने का निरन्तर प्रचार-प्रसार किया जाए.
सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली का उपयोग करते हुए लोगों को मास्क लगाने, शारीरिक दूरी बनाए रखने तथा संक्रमण के लक्षणों आदि के बारे में जागरुक किया जाए। योगी ने निर्देश दिए कि निःशुल्क राशन वितरण का कार्य सुचारु ढंग से कराया जाए.
कोविड-19 से बचाव की समुचित सावधानी बरतते हुए खाद्यान्न वितरित किया जाए. उन्होंने गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि बरसात के मौसम में पशु रोगों के दृष्टिगत गोवंश के स्वास्थ्य के प्रति भी आवश्यक सावधानियां बरती जाएं.
मुंबई / शौर्यपथ / चीन के साथ सीमा विवाद पर शिवसेना ने कहा कि पड़ोसी देश को जवाब देने के लिए भारत को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निर्भर रहने के बजाय 'आत्मनिर्भर' होना पड़ेगा. शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में यह भी कहा गया है कि चीन के साथ कारोबार 20 बहादुर सैनिकों की कुर्बानी का अपमान होगा जो पिछले सप्ताह गलवान घाटी में चीन के सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में शहीद हुए.
मराठी भाषा के मुखपत्र में कहा गया, 'अगर हम चीन के साथ लड़ना चाहते हैं तो राजनीति कम होनी चाहिए और राष्ट्रीय हित ज्यादा होना चाहिए. इसके लिए हमें राष्ट्रपति ट्रंप की जरूरत नहीं है. हमें 'आत्मनिर्भर' होना पड़ेगा.' सामना में कहा गया, 'चीन के साथ कारोबार करना 20 बहादुर सैनिकों की शहादत का अपमान है.'
शिवसेना ने कहा है कि अगर भारत चीन की आर्थिक कमर तोड़ना चाहता है तो उसे विनिर्माण क्षेत्र पर ज्यादा ध्यान देना होगा. सामना में कहा गया है, 'हमें औद्योगीकरण की रफ्तार बढ़ाने के लिए बड़े कार्यक्रमों की घोषणा करनी होगी. इसके लिए हमें पूंजी के साथ साथ बिजली की जरूरत है. औद्योगीकरण की नींव कृषि विकास है जिसे हमें मजबूत करने की जरूरत है.'
शिवसेना ने कहा कि देश में चीनी निवेश को लेकर क्या किया जाए, इसपर नरेंद्र मोदी सरकार को एक नीति की घोषणा करनी होगी. उद्वव ठाकरे नीत पार्टी ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने चीन की तीन कंपनियों के साथ 5,000 करोड़ रुपये मूल्य के एमओयू (समझौता ज्ञापन) अभी रोक दिए हैं. पार्टी ने कहा, 'उत्तर प्रदेश, हरियाणा और गुजरात में भी चीनी निवेश हैं. वे उसके साथ क्या करेंगे?'
सामना में कहा गया है कि भारत फार्मास्यूटिकल, रसायन, ऑटोमोबाइल के लिए कच्चे माल और इलेक्ट्रोनिक्स के लिए चीन पर निर्भर है. गलवान घाटी में झड़प के बाद बीएसएनएल और रेलवे ने चीनी कंपनियों के साथ संविदा खत्म कर दिया और महाराष्ट्र ने भी ऑटोमोबाइल क्षेत्र की तीन संविदाओं पर अभी रोक लगा दी है.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / पूर्वी लद्दाख में भारत और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक संघर्ष ) के बाद देश में चीन को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है. जगह-जगह चीन के खिलाफ प्रदर्शन किए जा रहे हैं और लोगों से चीनी सामान के बहिष्कार की अपील की जा रही है. लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर चीनी सैनिकों के आक्रामक रुख के विरोध में नई दिल्ली स्थित चीनी दूतावास पर हिंदू सेना के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. कार्यकर्ताओ ने चीन के विरोध में नारेबाजी की और 'हिंदी-चीनी बाय-बाय' का पोस्टर चस्पा किया.
गौरतलब है कि एलएसी पर चीन के आक्रामक रुख को लेकर पूरे देश के लोगों में रोष है. व्यापारियों के अखिल भारतीय संगठन, कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने चीनी सामान के बायकॉट का आह्वान किया है. संगठन ने अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार, महेंद्र सिंह धोनी, और सचिन तेंदुलकर सहित मशहूर हस्तियों से अपील की है कि वे 'भारतीय सामान-हमारा अभिमान' अभियान के तहत चीनी उत्पादों को एंडोर्समेंट बंद करें. सात करोड़ व्यापारियों और 40,000 व्यापार संघों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाले CAIT ने वस्तुओं की एक सूची जारी की है जिसके बारे में कहा गया है कि इसका बहिष्कार किया जा सकता है. इस अभियान के एक हिस्से के रूप में यह संगठन न सिर्फ व्यापारियों को चीनी सामान नहीं बेचने के लिए प्रेरित करेगा बल्कि उपभोक्ताओं से स्वदेशी उत्पाद खरीदने का आग्रह करेगा. भारत के प्रति चीन के दुश्मनी का लगातार रवैये और कटुता को लेकर CAIT ने मशहूर हस्तियों को 'ओपन लेटर' लिखा है.
गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में सोमवार रात चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में भारतीय सेना के एक कर्नल सहित 20 सैन्यकर्मी शहीद हो गए थे. झड़प में चीनी पक्ष के करीब 45 सैनिकों के मारे जाने या बुरी तरह से घायल होने की खबर सामने आई थी. जानकारी के अनुसार, लद्दाख में हिंसक झड़प उस समय शुरू हुई थी जब भारतीय सैनिक सीमा के भारत की तरफ चीनी सैनिकों द्वारा लगाए गए टेंट को हटाने गए थे. चीन ने 6 जून को दोनों पक्षों के लेफ्टिनेंट जनरल-रैंक के अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद इस टेंट को हटाने पर सहमति जताई थी.
दूध से बनने वाला दही हर तरह से गुणकारी है, क्योंकि इसमें ऐसे तत्व मौजूद हैं, जो कई तरह की बीमारियों से बचाव करते हैं। दही खाने में जितना स्वादिष्ट है, उतना ही स्वास्थ्य और सौंदर्य की दृष्टि से लाभकारी भी है। अधिकतर मरीजों को डाइटीशियन भी दही खाने की सलाह देते हैं, ताकि वो जल्दी से ठीक हो जाएं। यह अजीब है कि दूध से बनने वाला दही दूध से भी ज्यादा गुणकारी है। इसका कारण है कि दूध में अधिक मात्रा में फैट होता है, जिसकी अधिकता शरीर को नुकसान पहुंचाती है। इसके विपरीत दही में फैट बहुत कम होता है, जो शरीर के लिए फायदेमंद है।
सेहत /शौर्यपथ / दही मे पाए जाने वाले पोषक तत्व
दही में सबसे ज्यादा मात्रा में कैलोरी पाई जाती है, इसके अलावा इसमें प्रोटीन, विटामिन-डी, कैल्शियम होता है और फास्फोरस, लेक्टोज और आयरन तत्व भी शामिल होते हैं। दही खाने से कई तरह की शारीरिक परेशानियां ठीक हो सकती हैं। आइए जानते हैं कि दही से कैसे शारीरिक समस्याओं का निराकरण किया जा सकता है -
पाचन शक्ति मजबूत करने के लिए
दही खाने से पाचनशक्ति मजबूत होती है और पेट से संबंधित समस्याएं जैसे कब्ज, एसिडीटी आदि ठीक होती हैं। लिवर, किडनी और अल्सर की समस्या से ग्रसित लोगों को रोज ताजा दही खाना चाहिए, इससे उन्हें फायदा होगा।
दिल की बीमारियां ठीक करने के लिए
आजकल लोग जंक फूड खाने के आदि हो गए हैं और खानपान भी अनियमित हो गया है। अधिक वसायुक्त भोजन खाने से लोग दिल से जुड़ी बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। जैसे हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल में असंतुलन जैसी परेशानियां बढ़ रही हैं। दिल के मरीजों के लिए दही काफी फायदेमंद होता है, क्योंकि इसमें फैट कम होता है और यह कोलेस्ट्रॉल व ब्लड प्रेशर के लेवल को संतुलित रखने में मदद करता है।
हड्डियों की परेशानियों को दूर करने के लिए
दही में कैल्शियम होने के कारण यह हड्डियों के लिए भी काफी लाभकारी है। दांत के लिए भी कैल्शियम जरूरी होता है। ऐसे में दही का सेवन शरीर का ढांचागत मजबूती देता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए
दही में लेक्टबेसिलस बैक्टीरिया मौजूद होते हैं, जो शरीर के कीटाणुओं से लड़ने में सहायक होते हैं और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसलिए दही का सेवन रोज करना चाहिए।
वजन कम करने के लिए
दही खाने से वजन भी कम किया जा सकता है क्योंकि दही खाने से पेट में खाने की पूर्ति हो जाती है और अधिक समय तक भूख भी नहीं लगती है। दही शरीर की वसा को कम करने में सहायक होता है और इससे प्रोटीन विटामिन्स भी मिल जाते हैं। व्यायाम करने के साथ ही रोज दही खाने से वजन कम किया जा सकता है।
त्वचा में निखार लाने के लिए
दही खाने से त्वचा में भी निखार आता है और धूप से जली हुई त्वचा भी ठीक होती है। दही का इस्तेमाल न सिर्फ खाने के लिए किया जाता है, बल्कि इसका उपयोग त्वचा को निखारने के लिए फैसपैक के रूप में भी किया जाता है। इससे मुंहासे और चेहरे के दाग धब्बे भी दूर होते हैं। दही में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो त्वचा की कोशिकाओं को संगठित करने में मदद करता है और टॉक्सिन को दूर करने में मदद करता है।
सेहत / शौर्यपथ / सब्जी विक्रेताओं से शहर के करीब एक दर्जन से अधिक लोग कोविड-19 संक्रमित हो चुके हैं लोगों को चिंता सताने लगी है कि कहीं सब्जी के माध्यम से कोरोना वायरस घरों में नहीं घुस रहा है। इसे लेकर लोग कई तरह की सावधानियां भी बरत रहें हैं
वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि इससे डरने की नहीं सावधानी बरतने की जरूरत है। सब्जी मंडी में कोविड-19 का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने सेक्टर-16 और डबुआ सब्जी मंडी को शनिवार से चार दिनों के लिए बंद करने का नर्णिय लिया है। यहां से करीब 8 से 10 सब्जी विक्रेता और आढ़ती इसकी चपेट में आ चुके हैं।
ऐसे में बाजार से सब्जी खरीदने को लेकर लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। उन्हें यह चिंता सताने लगी है कि आखिर सब्जियों को खरीदें कैसे? कोविड-19 संक्रमण के दौरान सब्जियों को खरीदने का सही तरीका क्या है? खुद को कोरोना से कैसे बचाए। वहीं, आहार रोग विशेषज्ञ शिल्पा ठाकुर कई गुर बता रही हैं।
सब्जी विक्रेताओं से कोविड-19 संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। पिछले एक सप्ताह के दौरान डबुआ सब्जी मंडी, एनआईटी-एक, मुजेसर और सेक्टर 16 सब्जी मंडी से करीब 12 लोग इसकी चपेट में आ गए हैं। अब सब्जी के माध्यम से घर में घुसने वाले कोराना वायरस का डर सताने लगा है। एनआईटी पांच स्थित सुषमा नागर का कहना है कि कोविड-19 संक्रमण के डर से घर से निकलना तो बंद हो गयाा। खाने पर कैसे अंकुश लगाया जा सकता है।
फल और सब्जियों को धोने के खास तरीके
सब्जियों और फलों को 10 मिनटपानी में भिगो कर छोड़ दे, उसके बाद धो लें
फूलगोभी, पालक, बंदगोभी को दो प्रतिशत नमक वाले गर्म पानी से धोएं
सब्जियों को पानी से धोने के बाद सिरका या नींबू वाले पानी से धोएं तो बेहतर
छिलका सहित खाने वाले फलों को एक घंटे तक पानी में भिगोएं
अगर सब्जियां अच्छी हैं तो उन्हें कुछ देर धूप में भी रख सकते हैं
सब्जी को एक दिन बाद बनाने का प्रयास करें
सब्जी धोने से पहले और सब्जी धोने के बाद हाथों को साबुन से धोएं
क्या खाएं, क्या नहीं खाएं?
पौष्टिक आहार की मात्रा अधिक लें
मसालेदार खाना,तेल कम प्रयोग करें
खाने में सलाद का सेवन करें
फलों के नियमित सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है
ड्राईफ्रूट्स का इस्तेमाल करें और खाने में दालों का उपयोग करें
''कोरोना वायरस से घबराने की नहीं, सावधानियां बरतने की जरूरत है। सब्जियों से वायरस नहीं आता, भीड़ में मौजूद संक्रमित व्यक्ति से ही कोरोना वायरस का संक्रमण आपके घर में आता है। सब्जियों को कपड़े के थैले में लाएंष सब्जी को बाहर निकालकर उसे अच्छी तरह धो लें। वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए आपको संतुलित आहार की जरूरत है।''
सेहत / शौर्यपथ / चावल अब केवल पेट भरने की वस्तु नहीं रही बल्कि इसे कुपोषण की समस्या को दूर करने के लिए प्रोटीन और जिंक जैसे पोषक तत्वों से लैस कर दिया गया है तथा इसकी खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के प्रयास से देश में काम से कम धान की छह बायोफोटिफाइड किस्मों का विकास किया गया है जो जीवन के लिए जरूरी तथा शारीरिक विकास में सहायक प्रोटीन और जिंक से भरपूर है ।
धान का सी आर धान 31० प्रोटीन से भरा है जबकि डी डी आर धान 45 , डी डी आर धान 48 , डी डी आर धान 49 और जिनको राइस एम एस जिंक से लैस है । सी आर धान 311 ( मुकुल) प्रोटीन और जिंक दोनों की कमी को दूर करता है ।
प्रोटीन टिश्यू के विकास और उसकी मरम्मत के लिए जरूरी अमीनो एसिड तैयार करता है । इसकी कमी से लोगों का बौद्धिक विकास प्रभावित होता है और कई बार इसकी कमी से मौत भी हो जाती है । लाइसिन प्रोटीन में ब्लॉक तैयार करता है । इसकी कमी से अनेमिया की शिकायत हो सकती है और शारीरिक विकास रुक सकता है । जिंक एक प्रकार का खनिज है जिसकी कमी से शारीरिक विकास रुकता है और शरीर रचना की कई क्रियाएं प्रभावित होती है।
आम तौर पर चावल में सात से आठ प्रतिशत प्रोटीन होता है जबकि सी आर धान 31० में 1०.3 प्रतिशत प्रोटीन है । राष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान कटक ने इस किस्म का विकास किया है । खरीफ सीजन के लिए यह किस्म उपयुक्त है जो 125 दिनों में तैयार होता है और प्रति हेक्टेयर 45 क्विंटल तक की पैदावार देता है । ओडिशा , मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में इसकी खेती की जाती है ।
डी डी आर धान 45 में 22.6 पी पी एम जिंक पाया जाता है जबकि प्रचलित किस्मों में इसकी मात्रा 12 से 16 पी पी एम होती है । करीब 13० दिनों में तैयार होने वाली इस किस्म की प्रति हेक्टेयर 5० क्विंटल पैदावार है । भारतीय धान अनुसंधान संस्थान हैदराबाद ने इसका विकास किया है जो खरीफ सीजन के लिए उपयुक्त है तथा कनार्टक , तमिलनाडु , आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में इसकी खेती की जाती है ।
भारतीय धान अनुसंधान संस्थान हैदराबाद ने ही डी डी आर धान 48 किस्म का विकास किया है जिसमें 24 पी पी एम जिंक है । करीब 138 दिनों में तैयार होने वाली इस किस्म की प्रति हेक्टेयर 52 क्विंटल पैदावार है । आंध्र प्रदेश , तेलंगाना , तमिलनाडु , केरल और कनार्टक में इसकी खेती की जाती है ।
डी डी आर धान 49 में 25.2 पी पी एम जिंक हैं जिसकी प्रति हेक्टेयर 5० क्विंटल पैदावार है । खरीफ और रबी सीजन में की जाती है जो 13० दिनों में तैयार हो जाती है । केरल , गुजरात और महाराष्ट्र में इसकी खेती की जाती है । जिनको राइस एम एस में 27.4 पी पी एम जिंक है जिसकी पैदावार 58 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है । पश्चिम बंगाल , ओडिशा और छत्तीसगढ़ में इसकी खेती की जाती है ।
सी आर धान 311 में 1०.1 प्रतिशत प्रोटीन और 42 पी पी एम जिंक है । राष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान कटक ने इसका विकास किया है जो प्रति हेक्टेयर 46.2 क्विंटल की पैदावार देता है । करीब 124 दिनों में तैयार होने वाली इस किस्म की खेती ओडिशा में की जा रही है ।
खाना खजाना / शौर्यपथ / मीठे के शौकीन लोग मीठा खाने के लिए किसी त्योहार या मौके के मोहताज नहीं होते। मीठे का नाम सुनते ही मन में गाजर का हलवा,मूंग दाल हलवा या फिर लौकी के हलवे का ख्याल सबसे पहले आता है। लेकिन मीठे में एक डेसर्ट ऐसा भी है जो डाइनिंग टेबल पर आते ही स्वाद में इन सब हलवों की छुट्टी कर देता है। जी हां और वो है कद्दू का हलवा। तो देर किस बात की क्यों न आज ही घर पर परिवार के लोगों को यह मीठा सरप्राइज दिया जाए। चलिए जानते हैं कैसे बनाया जाता है कद्दू का हलवा।
सामग्री-
3 कप कद्दू
1 कप पानी
2 चम्मच खरबूज के बीज
2 चम्मच घी
1/2 कप चीनी
1 मुट्ठी ड्राई फ्रूट्स
4 हरी इलायची
कद्दू का हलवा बनाने की विधि-
कद्दू का हलवा बनाने के लिए सबसे पहले कद्दू को छिलके निकालकर उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। कद्दू काटने के बाद सभी ड्राई फ्रूट्स को भी बारीक काट लें। अब एक प्रेशर कुकर को गैस पर मध्यम आंच पर रख दें। कुकर में थोड़ा सा घी गर्म करके उसमें कटा हुआ कद्दू डालकर करीब 10 मिनट तक चलाएं। जब कद्दू पानी छोड़ने लगे तो उसमें थोड़ा सा पानी और डालकर उसे अच्छे से मिला लें। अब कुकर बंद करके उसमें 4 से 5 सीटी लगा लें।
जब प्रेशर कुकर की सारी सीटी निकल जाएं तो ढक्कन खोलकर देख लें कि कद्दू पका है या नहीं। इसके बाद गैस को धीमी आंच पर करके कद्दू को मैश करके थोड़ी देर के लिए ऐसे ही रख दें।अब कद्दू में चीनी और इलायची पाउडर मिला कर तब तक चलाएं जब तक कि वह गाढ़ा न हो जाए। गाढ़ा होने के बाद खरबूजे के बीज और ड्राई फ्रूट्स डालकर हलवे को एक मिनट तक पकाते रहें। जब हलवा बन जाए तो उसे एक सर्विंग बाउल में निकालकर खरबूजे के बीज और कटे हुए ड्राई फ्रूट्स से गार्निश करके सर्व करें। अब इस हलवे को ठंडा या गर्म, हर तरह से खा सकते हैं।
पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ का मंदिर रहस्यों से भरा हुआ है। पुराणों के अनुसार, पुरी में भगवान विष्णु ने पुरुषोत्तम नीलमाधव के रूप में अवतार लिया। यह मंदिर भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है। इनकी नगरी जगन्नाथपुरी या पुरी कहलाई। पुरी को चार धाम में से एक माना जाता है। पुरी को धरती का बैकुंठ भी कहा गया है।
इस मंदिर में भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ भगवान विराजमान हैं। चैतन्य महाप्रभु इस नगरी में कई साल रहे। पुरी की रथयात्रा विश्व की सबसे बड़ी रथयात्रा मानी जाती है। इस मंदिर का रसोई घर दुनिया का सबसे बड़ा रसोईघर माना जाता है। कितने भी श्रद्धालु मंदिर में आ जाएं, लेकिन यहां अन्न की कभी कमी नहीं होती है। मंदिर के पट बंद होते ही प्रसाद भी समाप्त हो जाता है। रसोईघर में चूल्हे पर एक के ऊपर एक सात बर्तन रखकर प्रसाद तैयार किया जाता है और सबसे ऊपर वाले बर्तन का प्रसाद सबसे पहले तैयार होता है। मंदिर के शिखर पर लगा पवित्र सुदर्शन चक्र अष्टधातु से निर्मित है। इसे स्थापित करने की तकनीक आज भी रहस्य है। पुरी में आप कहीं भी हों, सुदर्शन चक्र को हमेशा सामने ही पाएंगे। मंदिर के शिखर पर लगा ध्वज हमेशा हवा के विपरीत लहराता है। कहा जाता है कि इस मंदिर के ऊपर से कभी कोई पक्षी या विमान नहीं उड़ पाता है। एक पुजारी मंदिर के 45 मंजिला शिखर पर स्थित ध्वज को रोजाना बदलते हैं। कहा जाता है कि अगर एक दिन भी ध्वज नहीं बदला गया तो मंदिर 18 वर्षों के लिए बंद हो जाएगा। मंदिर के मुख्य गुंबद की छाया किसी भी समय जमीन पर नहीं पड़ती है। महान सिख सम्राट महाराजा रणजीत सिंह ने मंदिर को प्रचुर मात्रा में स्वर्ण दान किया था। उन्होंने वसीयत की थी कि कोहिनूर हीरा इस मंदिर को दान कर दिया जाए।
लाइफस्टाइल /शौर्यपथ / कड़ी मेहनत के बावजूद भी अगर सफलता का रास्ता आपको कोसों दूर लग रहा हैं, जिसकी वजह से आपके भीतर छिपा आत्मविश्वास कम होने लगा है तो घबराइए मत बस जीवन में कामयाबी हासिल करने के लिए अपनाएं ये 5 सक्सेस मंत्र।
असफल होने से न डरें-
कई बार जीवन में मिलने वाली असफलता व्यक्ति का मनोबल तोड़कर रख देती है। ऐसे में सफलता हासिल करने के लिए जरूरी है सबसे पहले अपने मन से खुद के असफल होने का डर निकाल दीजिए। असफलता का डर ही व्यक्ति को कड़ी मेहनत के बावजूद सफलता के शिखर पर नहीं पहुंचने देता है।
लोगों से बढ़ाएं संपर्क-
जीवन में वही व्यक्ति सफल होता है जो मेहनत के साथ-साथ लोगों के साथ अपने संपर्क भी मधुर बनाए रखता है। ऐसा करने से उसे विभिन्न बातों के बारे में जानकारी सहज रूप से प्राप्त हो जाती है जो उसे उसके लक्ष्य तक पहुंचने में उसकी मदद करती है।
प्रतिस्पर्धा के लिए हमेशा रहें तैयार-
सफल होने के लिए व्यक्ति को हमेशा प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार रहना चाहिए। इसके अलावा हमेशा अपने कॉम्पिटिटर से भी नई-नई चीजें सीखने की कोशिश करनी चाहिए। वह किस तरह सफल हो रहे हैं, इस बात से इंस्प्रेशन लें ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर आप भी उसी युक्ति से जीवन में सफलता हासिल कर सकें।
जीवन में बनाएं अपने खुद के नियम-
पर्सनल लाइफ हो या प्रोफेशनल, हर व्यक्ति को जीवन में अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए कुछ उसूल जरूर बनाने चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति अनुशासन से बंधा रहता है जो उसे सफलता की सीढ़ी चढ़ने में मदद करता है।
निरन्तर करें प्रयास-
हर महान व्यक्ति ने जीवन में सफलता हासिल करने के लिए कठिन परिश्रम का ही सहारा लिया है। सफल होने के लिए व्यक्ति को अपने पहले प्रयास में की गई गलती को खोजना चाहिए। उस गलती को सुधारने की कोशिश करें। धीरे-धीरे सफलता के रास्ते की बाधा बनने वाली आपकी सारी कमियां दूर हो जाएंगी।
पुरी / शौर्यपथ / ओडिशा के सुप्रसिद्ध पुरी के भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा मंगलवार से शुरू हो गई है, लेकिन ऐसा यात्रा के इतिहास में पहली बार है कि इस धार्मिक यात्रा में श्रद्धालु हिस्सा नहीं ले रहे हैं. इस बार कोरोनावायरस के चलते लागू लॉकडाउन के तहत सोशल डिस्टेंसिंग नियमों को देखते हुए श्रद्धालुओं को इस यात्रा में हिस्सा लेने की मनाही है. इसके अलावा ऐसा पहली बार हुआ है, जब यात्रा पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है. सुप्रीम कोर्ट ने बीते 18 जून को इस यात्रा पर रोक लगा दी थी लेकिन सोमवार को हुई सुनवाई में इसे सशर्त मंजूरी दे दी गई थी.
मंगलवार की सुबह पुरी की यह जगन्नाथ यात्रा शुरू हो गई, जिसके लिए यहां बड़ी संख्या में पुजारी और मंदिर में काम करने वाले सेवायत इकट्ठा हुए. लेकिन इस बार श्रद्धालु नहीं आए हैं. श्रद्धालुओं के लिए रथयात्रा का लाइव टेलीकास्ट किया जाना है. रथयात्रा के मौके पर मंदिर को सजाया गया है, वहीं पूजा-पाठ शुरू होने से पहले मंदिर परिसर को सैनिटाइज़ भी किया गया है.
रथयात्रा के आरंभ होने के दौरान के कुछ विजुअल्स आए हैं, जिसमें मौके पर पुजारियों और सेवायतों की बड़ी भीड़ दिखाई दे रही है. न्यूज एजेंसी ANI की ओर से शेयर किए गए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि कई सेवायत भगवान बालभद्र की मूर्ति को रथ तक गाते-बजाते हुए ले जा रहे हैं. वहीं एक दूसरे वीडियो में देखा जा सकता है कि रथ पर भगवान को विराजमान किया जा रहा है और रथ के चारों ओर भीड़ लगी हुई है.
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 22 जून के अपने ऑर्डर में रथयात्रा को मंजूरी देते हुए कहा था कि यात्रा कोविड-19 के गाइडलाइंस के तहत हो, इसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकार पर होगी. कोर्ट ने शर्त रखी कि जहां-जहां भी रथयात्रा निकाली जाएगी, वहां रथ को 500 से ज्यादा लोग नहीं खींचेंगे और इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जाएगा. जिन लोगों को कोरोनावायरस टेस्ट निगेटिव आया है, वहीं यात्रा में हिस्सा ले पाएंगे. कोर्ट ने कहा कि दो रथों के बीच में एक घंटे का अंतर होना चाहिए. वहीं रथ को खींचने वाले सेवायतों के बीच में रथ खींचने से पहले, इस दौरान और इसके बाद सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखना होगा.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
