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बीजापुर अस्पताल को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन एवं नारायणपुर व कवर्धा जिला अस्पतालों को लक्ष्य सर्टिफिकेशन
रायपुर / शौर्यपथ / कोरोना महामारी के संकट काल में भी छत्तीसगढ़ राज्य के 03 शासकीय जिला अस्पतालों बीजापुर, नारायणपुर,कवर्धा को भारत सरकार द्वारा उत्कृष्टता स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रमाण पत्र दिया गया है | मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस उपलब्धि के लिए स्वास्थ्य विभाग सहित संबंधित जिलों के मैदानी अधिकारियों को बधाई दी है। स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने भरोसा जताया है कि ये अस्पताल आगे भी अपनी उत्कृष्टता बरकरार रखते हुए मरीजों की सेवा करेंगे ।उन्होंने समर्पित स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उत्कृष्टता प्रमाण-पत्र हासिल करने वाले सभी अस्पतालों के अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई दी है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा बीजापुर के जिला अस्पताल को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाण-पत्र (NQAS – National Quality Assurance Standard) दिया गया है |
इसी प्रकार जिला अस्पताल नारायणपुर और जिला अस्पताल कवर्धा को प्रसव सम्बन्धी उत्कृष्ट सेवाएं देने के लिए लक्ष्य सर्टिफिकेशन प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया है। जिला अस्पताल नारायणपुर के मेटरनिटी ऑपरेशन थियेटर व लेबर रूम को 89-89 प्रतिशत एवं जिला अस्पताल कवर्धा के मेटरनिटी ऑपरेशन थियेटर को 89 प्रतिशत व लेबर रूम को 87 प्रतिशत अंक मिले हैं। प्रमाण-पत्र प्रदान करने के पूर्व भारत सरकार की विशेषज्ञों की टीम द्वारा इस वर्ष फरवरी में अस्पतालों की ओपीडी, आई.पी.डी, प्रसव कक्ष, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और जनरल एडमिन व्यवस्था का मूल्यांकन किया गया। मूल्यांकन में खरा उतरने वाले अस्पतालों को ही केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रमाण-पत्र जारी किए जाते हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कहा कि इन तीनों सरकारी अस्पतालों द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाण-पत्र व लक्ष्य सर्टिफिकेशन प्रमाण-पत्र हासिल करने से प्रदेश के दूसरे अस्पताल भी लोगों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने को प्रेरित होंगे।
नई दिल्ली। शौर्य पथ । स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड ने कोविड.19 की इस दूसरी लहर और चुनौतीपूर्ण समय में अपने बेहद महत्वपूर्ण ग्राहकों से अपने जुड़ाव को और मजबूती प्रदान करने के लिए 24 मई को ग्राहकों से एक ऑनलाइन मुलाकात का आयोजन किया। सेल अध्यक्ष श्रीमती सोमा मंडल ने सेल के केंद्रीय विपणन संगठन के अन्य निदेशकों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ देश भर से कंपनी के 26 प्रतिष्ठित ग्राहकों के साथ बातचीत की। सेल का दृढ़ विश्वास है कि ग्राहक सेल की प्रगति में भागीदार हैं और सेल ग्राहकों के साथ अपने जुडााव को लगातार और मजबूत कर रहा है। इस ऑनलाइन मुलाकात में वे ग्राहक शामिल रहे, जिन्होंने पिछले वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान अपनी अधिकांश जरूरतों की खरीद सेल से की। इस ऑनलाइन मुलाकात के जरिये ग्राहकों से महत्वपूर्ण फीडबैक और सुझाव प्राप्त करने में मदद मिली,जो ग्राहकों के कंपनी के साथ अपने लेनदेन के दौरान सेल को ग्राहकों के अनुभव को और बेहतर करने में मदद करेगा। कार्यक्रम के दौरान सेल की अध्यक्ष श्रीमती सोमा मंडल ने विभिन्न इस्पात उत्पादों की खरीद के लिए ग्राहकों की पसंदीदा पसंद बने रहने के लिए कंपनी द्वारा की गई ग्राहक.केंद्रित पहलों को रेखांकित किया। उन्होंने ग्राहकों के महत्व को दर्शाते हुए कहाए श्ग्राहक किसी भी कंपनी के उन मुख्य स्तंभों में से एक हैं जो किसी भी कंपनी की व्यावसायिक सफलता सुनिश्चित करते हैं। एक संतुष्ट ग्राहक सबसे अच्छा राजदूत होता है जो एक संगठन के पास हो सकता है। यह उल्लेख करते हुए कि महारत्न स्टील उत्पादक सेल पिछले 60 से भी अधिक वर्षों से स्टील उत्पादन से जुड़वा हुआ हैञ उन्होंने कहा इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह हमारे मूल्यवान ग्राहक हैं जिन्होंने हमारे उत्पादों में, उनकी उत्पाद जरूरतों को पूरा करने की हमारी क्षमता में और ब्रांड सेल में अपना अटूट विश्वास दिखाया है जिसने हमें मौजूदा सेल के वजूद को बनाने और उसे हासिल करने की ताकत दी है। इस ऑनलाइन मीटिंग इस अभूतपूर्व और विपरीत कोरोना परिस्थितियों के मद्देनजर आयोजित की गई थीए कंपनी को भरोसा है कि सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ संवाद करने से उसका पारस्परिक पेशेवर विश्वास मजबूत होगा और निरंतर सफलता की ओर ले जाएगा।
राज्य में टेस्टिंग की संख्या बढ़ी, ट्रेसिंग में भी तेजी
पॉजिटिविटी रेट में निरंतर कमी, मरीजों की संख्या घट रही
ग्रामीण क्षेत्रों में टीमें तैनात कर दिया जा रहा विशेष ध्यान
अस्तपालों में बेड की उपलब्धता की गई है आनलाइन
राज्य में आक्सीजन की कमी नहीं
वैक्सीनेशन की कमी को दूर करने का अनुरोध
आक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुए उद्योगों को 80ः20 के अनुपात में आक्सीजन उपलब्ध कराने का भी अनुरोध
प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री की दोनों मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का दिया आश्वासन
रायपुर / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज दूरभाष पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से प्रदेश में कोविड-19 के संबंध में विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री भूपेश बघले ने प्रधानमंत्री से कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए उनके और केन्द्र सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशोें का छत्तीसगढ़ द्वारा पूरा पालन किया जा रहा है। राज्य में टेस्टिंग की संख्या में बढ़ोतरी की गई है। ट्रेसिंग में भी तेजी आई है। पॉजिटिविटी दर में निरंतर कमी आ रही है, मरीजों की संख्या घट रही है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिन इलाकों में अभी भी केस बढ़ रहे हैं वहां अतिरिक्त टीमें लगायी गई हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को यह भी जानकारी दी कि प्रदेश में शासकीय और निजी कोविड अस्पतालों और केयर सेंटरों के बेडों की पूरी जानकारी को आनलाईन किया गया है ताकि कोई भी व्यक्ति आसानी से इनका लाभ ले सके। मुख्यमंत्री बघेल ने प्रधानमंत्री का राज्य में वैक्सीनेशन की कमी की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री से यह भी अनुरोध किया कि चूकि वर्तमान में आक्सीजन की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है कि अतः 80 प्रतिशत अस्पतालों को और 20 प्रतिशत छोटे-मोटे उद्योगों को उपलब्ध कराने की मंजूरी दी जाए ताकि ये उद्योग भी अपना काम प्रारंभ कर सके। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उक्त दोनो मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया है।
• होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को रेमेडेसिवीर इंजेक्शन इस्तेमाल नहीं करने की सलाह
• मरीज की देखभाल करने वालों को भी सतर्क रहने की जरूरत
• सांस लेने में दिक्कत, छाती में दर्द एवं ऑक्सीजन स्तर 94 से कम होने पर ही अस्पताल जाने की सलाह
• कम से कम 10 दिन होम आईसोलेशन में रहना जरुरी
• मास्क के भींगने पर तुरंत बदल लें मास्क, आठ घंटे से अधिक नहीं करें इस्तेमाल
रायपुर / शौर्यपथ / पिछले साल 2 जुलाई को केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोविड-19 के माइल्ड (हल्के) एवं बिना लक्षण वाले मरीजों के लिए होम आईसोलेशन की सलाह दी थी एवं इसको लेकर दिशा-निर्देश भी जारी किया था. इस वर्ष पूरे देश में कोरोना की दूसरी लहर के कारण संक्रमण के स्वरुप में काफ़ी बदलाव देखने को मिल रहे हैं. इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने होम आईसोलेशन के लिए संशोधित दिशा-निर्देश जारी किया है, जिसमें होम आईसोलेशन के लिए मरीजों की योग्यता, होम आईसोलेशन में मरीजों द्वारा ध्यान देने योग्य बातें, मरीजों की देखभाल करने वाले लोगों के लिए सलाह, चिकित्सकीय सलाह एवं अस्पताल में भर्ती होने की परिस्थितियों सहित होम आईसोलेशन में जरुरी ईलाज आदि बातों की विस्तार से जानकारी दी गयी है.
गाइडलाइन में कहा गया है कि माइल्ड या बिना लक्षण(असिम्टोमेटिक) वाले रोगी ही होम आइसोलेशन के लिए योग्य हैं. माइल्ड लक्षण वाले रोगियों को बुखार, कफ, खांसी, नाक बहना या बदं होना, सिरदर्द, थकान आदि रहता है.
चिकित्सा पदाधिकारी की सलाह के बाद होम आइसोलेशन:
गाइडलाइन में कहा गया है कि चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा कोरोना संक्रमित मरीज में माइल्ड अथवा बिना लक्षणों की पुष्टि किये जाने के बाद रोगी को होम आइसोलेशन में रहना चाहिए. सेल्फ आइसोलेशन के दौरान ऐसे रोगियों के लिए हरसमय एक देखभालकर्ता को मौजूद होना जरूरी है. होम आइसोलेशन के दौरान रोगी के स्वास्थ्य के निगरानी व अद्यतन जानकारी देने के लिए देखभालकर्ता को अस्पताल के साथ संवाद बनाये रखना बहुत जरूरी है. वैसे कोविड मरीज जिनकी उम्र 60 साल से अधिक है तथा हाइपरटेंशन, मधुमेह तथा लंग, लीवर, किडनी तथा तंत्रिका तंत्र से जुड़े गंभीर रोग से ग्रसित हैं उन्हें चिकित्सा पदाधिकारी के निर्देश व सलाह के बाद ही होम आइसोलेशन में रखा जाना चाहिए.
इन मरीजों को होम आइसोलेशन में नहीं रखने की सलाह:
गाइडलाइन में कहा गया है कि होम आइसोलेशन के दौरान रेमेडिसिविर का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना है. इसके साथ ही यह जानकारी दी गयी है कि वैसे रोगी जिनका अंग प्रत्यारोपण हुआ हो, एचआइवी ग्रसित हों या फिर कैंसर थेरेपी आदि हुआ है उन्हें होम आइसोलेशन में नहीं रखा जाना चाहिए. ऐसे मरीजों के लिए चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा सभी जांच के बाद ही होम आइसोलेशन में रखे जाने की सलाह दी गयी है. कोविड रोगी के देखभाल करने वाले व उनके संपर्क में आने वाले सभी लोगों को तीन लेयर वाले मास्क का इस्तेमाल करें.
कोविड रोगी एवं देखभालकर्ता इन बातों का रखें ध्यान:
गाइडलाइन में कोविड रोगी को घर के एक कमरे में रहने तथा विशेषतौर पर परिवार में मौजूद गंभीर रोगों से ग्रसित लोगों से दूरी बनाकर रहने के लिए कहा गया है. साथ ही कमरे में पर्याप्त फ्रेश हवा की मौजूदगी एवं इसके लिए वेंटिलेशन का पूरा ध्यान रखने की सलाह दी गयी है. कमरे में देखभालकर्ता तथा रोगी दोनों तीन लेयर के मास्क इस्तेमाल करने की सलाह दी गयी है. साथ ही अधिकतम आठ घंटे तक ही एक मास्क का इस्तेमाल करने की बात कही गयी है. मास्क के भींग जाने के बाद उसे तुरंत बदल लें. देखभालकर्ता को मरीज से शारीरिक दूरी, नियमित अन्तराल पर हाथों की सफ़ाई एवं रोगी के द्वारा इस्तेमाल की जा रही चीजों का घर के अन्य सदस्यों से दूर रखने की हिदायत भी दी गयी है. गाइडलाइन में मास्क एवं अन्य चीजों के सुरक्षित डिस्पोजल की भी सलाह दी गयी है.
इन परिस्थितियों में चिकित्सकीय सलाह जरुरी:
·सांस लेने में तकलीफ़ होने पर
·ऑक्सीजन का स्तर 94 से कम होने पर
·छाती में लगातार दर्द का बने रहना या अचानक बढ़ जाना
·मानसिक रूप से अधिक परेशान होने पर
10 दिन बाद आ सकते हैं आइसोलेशन से बाहर:
होम आइसोलेशन में रहने वाले रोगी 10 दिनों के बाद बाहर आ सकते हैं. होम आइसोलेशन से बाहर आने के बाद जांच की कोई आवश्यकता नहीं होती है. होम आइसोलेशन के दौरान रोगी अधिक से अधिक आराम करें और खूब पानी पीकर शरीर में पानी की मात्रा को बढ़ायें. श्वसन संबंधी सुरक्षा तथा व्यवहार के नियमों का पालन करें. साबुन पानी से हाथों को नियमित रूप से 40 सेकेंड तक अवश्य धोंयें. व्यक्तिगत इस्तेमाल वाली चीजें साझा नहीं करें. रोगी के कमरे को एक प्रति हाइपोक्लोराइट से टेबल, दरवाजे, आदि साफ करें. कोविड के माइल्ड लक्षण वाले रोगी अपने शरीर के आॅक्सीजन स्तर की निगरानी करते रहें.
रायपुर / शौर्यपथ / भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दूरभाष पर राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से चर्चा कर प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति तथा वैक्सीनेशन की स्थिति की जानकारी ली । उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोविड संक्रमण की स्थिति को देखते हुए इस संकट से निपटने के लिये प्रदेश में निवासरत सेना के भूतपूर्व चिकित्सकों, नर्स, लैब टैक्नेशियन एवं भूतपूर्व सैनिकों की सेवाये ली जा सकती हैं। इसके साथ ही साथ स्काउट गाईड, एनएसएस के स्वंयसेवक, एनसीसी केडेटों की भी सेवाएं ली जा सकता है। इसके लिये संबंधितों के साथ वर्चुअल बैठक कर सुझाव एवं सहयोग लिया जा सकता है। रक्षामंत्री ने कहा है कि इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री से चर्चा करें और उन्हें इस सुझाव से अवगत करावें।
इसके उपरांत राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से फोन पर चर्चा कर रक्षामंत्री के इन सुझावों एवं निर्देशों से अवगत कराते हुए कहा कि सेना के इन पूर्व कर्मियों से सहयोग प्राप्त करने के लिये इनके प्रमुखों के साथ वर्चुअल मीटिंग लेकर इनके सुझाव प्राप्त किया जाए ताकि प्रदेश में कोरोना संक्रमण से उत्पन्न संकट से निपटने में सहायता मिल सके। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि भूतपूर्व सेना कर्मियों का कोरोनो संकट काल में सहयोग लेने का सुझाव बहुत अच्छा है और संकट की स्थिति से निपटने में उपयोगी हो सकता है। राज्यपाल सुश्री उइके ने मुख्यमंत्री श्री बघेल से भूतपूर्व सैनिकों और सैन्य सेवा में रहे पूर्व चिकित्सकों के साथ शीघ्र वर्चुअल बैठक आयोजित कर सहयोग की कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी रूप से क्रियान्वयन कराने की बात कही है।
रेडमेसिविर और अन्य जीवन रक्षक दवाईयों के उत्पादक राज्यों द्वारा अन्य राज्यों में भी प्राथमिकता से आपूर्ति के लिए मुख्यमंत्री ने गाइडलाइन जारी करने प्रधानमंत्री से किया अनुरोध
स्टील उद्योगों की ऑक्सीजन की आपूर्ति रुकने से हज़ारों लोगों का रोज़गार प्रभावित होगा, निर्णय पर पुनर्विचार की मांग
मुख्यमंत्री कोरोना नियंत्रण की व्यवस्था और टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित मुख्यमंत्रियों की वर्चुअल बैठक में हुए शामिल
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से केंद्र सरकार को कोरोना के टीके मिलने की दर पर ही राज्यों को भी टीका उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इससे राज्यों पर वित्तीय भार कम होगा। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कर्स और 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के टीकाकरण के लिए प्रदेश को केंद्र सरकार से मिलने वाले वैक्सीन की आपूर्ति की समय सारणी से भी अवगत कराने का आग्रह किया है, जिससे राज्य में सभी पात्र लोगों के टीकाकरण की कार्ययोजना बनाई जा सके। मुख्यमंत्री बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना नियंत्रण की व्यवस्था और टीकाकरण की प्रगति की वर्चुअल समीक्षा बैठक में यह अनुरोध किया। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू और मुख्य सचिव अमिताभ जैन भी शामिल हुए। वहीं नई दिल्ली में प्रधानमंत्री के साथ गृहमंत्री अमित शाह, रेल मंत्री पीयूष गोयल और नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी.के. पॉल भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री बघेल ने बैठक में प्रधानमंत्री से कहा कि जिस तरह से ऑक्सीजन उत्पादक राज्य अपनी जरूरत के बाद का अतिरिक्त आक्सीजन प्राथमिकता से दूसरे राज्यों को उपलब्ध करा रहे हैं। वैसे ही रेडमेसिविर और अन्य जीवन रक्षक दवाइयों के उत्पादक राज्य प्राथमिकता से इन्हें दूसरे राज्यों को भी उपलब्ध कराएं। इसके लिए भारत सरकार द्वारा गाइडलाइन जारी किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से यह अनुरोध भी किया कि छत्तीसगढ़ में इस्पात उद्योगों की अधिकता को देखते हुए औद्योगिक ऑक्सीजन के उत्पादन और उसके उपयोग की अनुमति दी जाए, जिससे अर्थव्यवस्था पर विपरीत प्रभाव न पड़े और इन उद्योगों से जुड़े हज़ारों परिवारों के समक्ष रोज़गार का संकट न उत्पन्न हो।
मुख्यमंत्री बघेल ने कोरोना टीकाकरण की प्रगति के बारे में प्रधानमंत्री को बताया कि प्रदेश की 18 प्रतिशत आबादी को इसकी पहली खुराक दी जा चुकी है। उन्होंने जानकारी दी कि 90 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों, 84 प्रतिशत फ्रंटलाइन वर्कर्स और 45 वर्ष से अधिक के 69 प्रतिशत लोगों को कोरोना से बचाव का पहला टीका लगाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि दूसरे राज्यों से कोरोना संक्रमितों का प्रवेश रोकने के लिए अंतर्राज्यीय सीमाओं, एयरपोर्ट, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर कोरोना की जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री बघेल ने बताया कि कोरोना मरीजों के इलाज के लिए अस्पतालों और कोविड केयर सेंटर्स में व्यवस्थाएं लगातार बढ़ाई जा रही हैं। निजी अस्पतालों में भी संक्रमितों के इलाज की दरें तय की गई हैं। चिकित्सा क्षेत्र में मानव संसाधन बढ़ाने के लिए सेवानिवृत्त डॉक्टरों और अन्य मेडिकल स्टाफ के साथ ही नए डॉक्टरों की भर्ती की जा रही है। रेडमेसिविर की कालाबाजारी रोकने और जरुरतमंदों तक इसे पहुंचाने के लिए व्यवस्था बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि चिकित्सा विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों के साथ ही सभी नगरीय निकायों एवं पंचायतीराज संस्थाओं से लगातार चर्चा कर कोरोना प्रबंधन में उनकी सहायता ली जा रही है। डीएमएफ, सीएसआर, सांसद निधि विधायक निधि और महापौर निधि की राशियों का भी उपयोग कोविड-19 की रोकथाम के लिए व्यवस्थाएं विकसित करने में की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ में ऑक्सीजन उत्पादन के लिए आठ नई औद्योगिक इकाइयों को लाइसेंस जारी किए गए हैं। प्रदेश में कुल 29 यूनिटों द्वारा मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा रहा है। राज्य की जरूरत के बाद का अतिरिक्त ऑक्सीजन हम दूसरे राज्यों को भी दे रहे हैं। समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी. पिल्लै, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला भी मौजूद थीं।
1 मई 2021 से राज्य में टीकाकरण का महा-अभियान होगा आरंभ
18 वर्ष से अधिक आयु वाले सभी नागरिकों के लिये वैक्सीन की राज्य सरकार द्वारा की जायेगी निःशुल्क व्यवस्था
बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन कार्यक्रम संचालित करने हेतु वृहद कार्य योजना तैयार करना आवश्यक
भारत सरकार की ओर से राज्य को माहवार प्रदाय की जाने वाली वैक्सीन की संख्या की मांगी जानकारी
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ में 18 वर्ष से अधिक आयु वाले सभी नागरिकों के लिये वैक्सीन की राज्य सरकार द्वारा निःशुल्क व्यवस्था करते हुए बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन कार्यक्रम संचालित करने हेतु वृहद कार्य योजना तैयार करने हेतु आवश्यक जानकारी प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने मांग किया है कि वैक्सीन के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकारों से समान दरें ली जाये।
मुख्यमंत्री ने पत्र में उल्लेख किया है कि भारत सरकार के 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों के 1 मई 2021 से वैक्सीनेशन किये जाने के निर्णय के परिपेक्ष्य में राज्य सरकार द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि भारत सरकार से प्राप्त होने वाली वैक्सीन के अतिरिक्त शेष 18 वर्ष से अधिक आयु वाले सभी नागरिकों के लिये वैक्सीन की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा निःशुल्क की जायेगी। बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन कार्यक्रम संचालित करने हेतु वृहद कार्य योजना तैयार करना आवश्यक है। 1 मई 2021 आने में 9 दिनों से भी कम समय शेष है। अतः भारत सरकार की ओर से राज्य को माहवार प्रदाय की जाने वाली वैक्सीन की संख्या, सीरम इन्स्टीट्यूट एवं भारत बायोटेक द्वारा राज्य को माहवार उपलब्ध करायी जाने वाली वैक्सीन की अनुमानित संख्या, सीरम इन्स्टीट्यूट एवं भारत बायोटेक द्वारा केन्द्र एवं राज्य सरकार को उपलब्ध करायी जाने वाली वैक्सीन की दरों के संबंध में भारत सरकार से त्वरित जानकारी अपेक्षित है।
मुख्यमंत्री बघेल ने पत्र में अनुरोध किया है कि केन्द्र एवं राज्य सरकारों से समान दरें ली जाये। चूंकि को-वैक्सीन भारत सरकार के सहयोग से विकसित की गयी है , अतः भारत बायोटेक द्वारा "सीरम" की तुलना में कम दरों पर वैक्सीन की आपूर्ति की जाये। चूंकि केन्द्र एवं राज्य सरकारें दोनों ही नागरिकों से करों के माध्यम से आय अर्जित करती है अतः वैक्सीन की दरें समान होना न्यायोचित होगा।
मुख्यमंत्री बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अनुरोध किया है कि उपरोक्त जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराने हेतु सम्बन्धितो को निर्देशित करने का कष्ट करें ताकि राज्य सरकार इस हेतु आवश्यक बजट व्यवस्था, तकनीकी कर्मचारियों के प्रशिक्षण एवं अन्य आवश्यक तैयारी कर सकें। साथ ही 1 मई 2021 से ही राज्य में टीकाकरण का महा-अभियान आरंभ किया जा सके तथा निर्धारित समयावधि में सभी पात्र नागरिकों के टीकाकरण का कार्य पूर्ण किया जा सके।
गोरखपुर / शौर्यपथ / कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार ने 18 साल से ऊपर के सभी नागरिकों को टीका लगवाने का ऐलान कर दिया है। एक मई से टीकाकरण का विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस बीच गोरखपुर से भाजपा विधायक डा.राधा मोहन दास अग्रवाल ने वैक्सीन की लागत और आम आदमी के लिए कंपनी द्वारा बताई जा रही उसकी कीमत को लेकर सवाल उठाया है। विधायक ने एक ट्वीट के जरिए कहा कि वैक्सीन कोविशील्ड को जिन कीमतों पर भारत सरकार, राज्य सरकार और आम नागरिकों को उपलब्ध कराने की बात कही गई है उसमें बड़ी विसंगति है।
पेशे से चिकित्सक, डा.राधा मोहन दास अग्रवाल ने बताया कि कंपनी ने कहा है कि भारत सरकार को यह वैक्सीन दो सौ रुपए, राज्य सरकार को चार सौ और जनता को छह सौ रुपए में दी जाएगी। कंपनी ने वैक्सीन की लागत 220 रुपए बताई है। जब कंपनी भारत सरकार को 200 रुपए में वैक्सीन दे सकती है तो जनता को छह सौ रुपए में क्यों देगी? क्या इस संकट काल में वैक्सीन से कमाई की सीमा नहीं तय होनी चाहिए? पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष और स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को टैग करते हुए उन्होंने लिखा कि ऐसी फैक्ट्री का एपिडेमिक ऐक्ट में अधिग्रहण कर लेना चाहिए। विधायक ने कहा कि संकट काल में आखिर इन्हें कितना प्राफिट मार्जिन चाहिए। ( साभार हिन्दुस्तान टाइम्स )
नई दिल्ली / शौर्यपथ / भारत में कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार राष्ट्र को संबोधित किया. पीएमओ की ओर से रात करीब 8 बजे संबोधन के संबंध में जानकारी दी गई. पीएम के संबोधन के लिए 8:45 का समय बताया गया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'कोरोना के खिलाफ देश आज फिर एक बहुत बड़ी लड़ाई लड़ रहा है. कुछ समय पहले तक स्थितियां संभली हुई थीं, फिर ये कोरोना की दूसरी वेव तूफान बनकर आ गई. जो पीड़ा आपने सही है, जो आप सह रहे हैं, उसका मुझे पूरा अहसास है. जिन लोगों ने बीते दिनों में अपने को खोया है, मैं सभी देशवासियों की तरफ से संवेदनाएं प्रकट करता हूं. मैं आपके दुख मैं शामिल हूं. चुनौती बड़ी है लेकिन हमें मिलकर अपने संकल्प, अपने हौसले और तैयारी के साथ इसको पार करना है.'
पीएम मोदी ने कहा, 'इस बार जैसे ही कोरोना के केस बढ़े, फार्मा सेक्टर ने दवाइयों का उत्पादन और बढ़ा दिया है. इसे अभी और तेज किया जा रहा है. प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए हर तरीके से दवाई कंपनियों की मदद ली जा रही है. हमारे पास इतना मजबूत फार्मा सेक्टर है. अस्पतालों में बेड की संख्या को बढ़ाने का भी काम चल रहा है.'
पीएम मोदी ने कहा, 'कठिन से कठिन समय में भी हमें धैर्य नहीं खोना चाहिए. तभी हम विजय हासिल कर सकते हैं. जो फैसले लिए गए हैं, वह स्थिति को तेजी से सुधारेंगे. ऑक्सीजन की डिमांड बहुत ज्यादा बड़ी है. इस दिशा में बहुत तेजी से काम किया जा रहा है.'
पीएम ने कहा, 'हर जरूरतमंद को ऑक्सीजन मिले इसके लिए कई स्तर पर उपाय किए जा रहे हैं. राज्यों में नए ऑक्सीजन प्लांट, राज्यों को 1,00,000 सिलेंडर पहुंचाने हो, औद्योगिक इकाइयों में इस्तेमाल हो रही ऑक्सीजन का मेडिकल इस्तेमाल हो, रेल हो...हर स्तर पर प्रयास हो रहा है.'
उन्होंने आगे कहा, 'आज दुनिया की सबसे सस्ती वैक्सीन भारत में है. वैक्सीन को फास्ट ट्रैक अप्रूवल और रेगुलेटरी सेवक के तहत तैयार किया गया. दुनिया में सबसे तेजी से भारत में 12 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन दिया गया है. 1 मई के बाद से 18 वर्ष के ऊपर के किसी भी व्यक्ति को वैक्सीनेट किया जा सकेगा. पहले की तरह सरकारी अस्पतालों में मुफ्त वैक्सीन मिलती रहेगी.'
पीएम मोदी ने कहा, 'यह एक टीम एफर्ट है, जिसके कारण हमारा भारत, दो मेड इन इंडिया वैक्सीन्स के साथ दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू कर पाया. टीकाकरण के पहले चरण से ही गति के साथ ही इस बात पर जोर दिया गया कि ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रों तक, जरूरतमंद लोगों तक वैक्सीन पहुंचे.'
पीएम मोदी ने कहा, 'मैं राज्यों से कहूंगा कि वह लॉकडाउन को आखिरी विकल्प के तौर पर ही देखें. लॉकडाउन से हमें बचने की भरपूर कोशिश करनी है. राज्य माइक्रो कंटेनमेंट जोन पर ज्यादा ध्यान दें. युवा साथियों से अनुरोध है कि अपने मोहल्ले में कमेटियां बनाकर कोविड-19 शासन करवाने में मदद करें. घर का माहौल कम करना जरूरी लोग अफवाहों में ना आए.'
प्रधानमंत्री ने कहा, 'मेरा राज्य प्रशासन से आग्रह है कि वो श्रमिकों का भरोसा जगाए रखें. उनसे आग्रह करें कि वो जहां हैं, वहीं रहें. राज्यों द्वारा दिया गया ये भरोसा उनकी बहुत मदद करेगा कि वो जिस शहर में हैं, वहीं पर अगले कुछ दिनों में वैक्सीन भी लगेगी और उनका काम भी बंद नहीं होगा.'
प्रधानमंत्री ने कहा, 'हमारे शास्त्रों में कहा गया है- त्याज्यं न धैर्यं विधुरेऽपि काले. कठिन से कठिन समय में भी हमें धैर्य नहीं खोना चाहिए. किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए हम सही निर्णय लें, सही दिशा में प्रयास करें तभी विजय हासिल कर सकते हैं. इसी मंत्र को लेकर आज देश दिन-रात काम कर रहा है.'
पीएम मोदी ने कहा, 'अपने बाल मित्रों से एक बात विशेष तौर पर कहना चाहता हूं. मेरे बाल मित्र, घर में ऐसा माहौल बनाएं कि बिना काम, बिना कारण घर के लोग, घर से बाहर न निकलें. आपकी जिद बहुत बड़ा परिणाम ला सकती है.'
बता दे कि भारत में COVID-19 के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. कोरोना से मौतों का भी आंकड़ा बढ़ा है. आज (मंगलवार) सुबह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,59,170 नए मामले सामने आए. संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 1,53,21,089 हो गई है. इस दौरान 1,761 और लोगों की मौत हो गई. कुल मृतक संख्या बढ़कर 1,80,530 हो गई है. देश में इस समय कोरोना से संक्रमित 20,31,977 लोगों का इलाज चल रहा है.
साभार - डी डी न्यूज़
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
