August 30, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

    गोबर खरीदी और खाद बिक्री के गणित में शत प्रतिशत सफ लता की ओर बढ़ रही गोधन न्याय योजना

    • doing of business

    दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने आज नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी योजना तथा गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की। समीक्षा में उन्होंने 31 मार्च तक विक्रय किये गये गोबर के ट्रीटमेंट और इस पर बनाये खाद के विक्रय की समीक्षा की। समीक्षा में पाया गया कि 31 मार्च तक लगभग ढाई लाख क्विंटल गोबर की खरीदी की गई। इसमें 4 करोड़ 89 लाख रुपए हितग्राहियों को भुगतान किया गया। इससे कंपोस्ट खाद, सुपर कंपोस्ट और अन्य उत्पाद बनाये गये। लगभग 65 हजार क्विंटल वर्मी कंपोस्ट और सुपर कंपोस्ट तैयार किया गया। इसका 74 फीसदी बेचा जा चुका है। लगभग साढ़े चार करोड़ रुपए की राशि प्राप्त हो चुकी है और पचास लाख रुपए की राशि बैंकों में ट्रांसफर की जा चुकी है। इस प्रकार गोधन न्याय योजना के माध्यम से 4 करोड़ 99 लाख रुपए अर्थात लगभग पांच करोड़ रुपए का खाद बेचा जा चुका है। अभी 25 फीसदी खाद बेचना शेष है जिसके लिए निर्देश जारी कर दिये गये हैं। जल्द ही इनका विक्रय कर लिया जाएगा। इस तरह मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप गोधन न्याय योजना के माध्यम से स्वावलंबी गौठान की नींव रखे जाने की प्रक्रिया मजबूती से बढ़ रही है। कलेक्टर ने आज समीक्षा बैठक में अच्छा कार्य कर रहे निकायों की प्रशंसा की और अपेक्षानुरूप प्रगति न लाने वाले निकायों को मानिटरिंग तेज करने को कहा तथा सर्वोच्च प्राथमिकता से गोधन न्याय योजना के लिए कार्य करने के लिए निर्देशित किया। कलेक्टर ने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि गोबर खरीदी की मानिटरिंग करते रहें। हितग्राहियों को गोबर बेचने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। गोबर की आवक के हिसाब से पिट आदि की व्यवस्था करें। कलेक्टर ने कहा कि गोधन न्याय योजना ऐसी योजना है जिसमें स्थायी रूप से स्वावलंबन का मार्ग तैयार होता है। गोबर खरीदी से लेकर कंपोस्ट खाद निर्माण और इसके विक्रय की व्यवस्था करें। ग्रामीण क्षेत्रों में सोसायटियों के माध्यम से और सीधे किसानों को तथा शहरी क्षेत्रों में कंपोस्ट खाद की जरूरत वाले उपभोक्ताओं से संपर्क कर खाद की बिक्री सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि हर गौठान के साथ ही चारागाह होना चाहिए। गौठानों में पानी और चारा जैसी बुनियादी सुविधाएं होनी चाहिए। गोबर खरीदी नियमित रूप से जारी रहनी चाहिए। इसके साथ ही पशुओं की जांच के लिए शेड्यूल के मुताबिक कार्य होना चाहिए। गौठानों में समतलीकरण का कार्य होना चाहिए। किसी तरह का कीचड़ यहां नहीं होना चाहिए, इसके लिए भी पुख्ता व्यवस्था करें। उन्होंने गौठानों में आजीविकामूलक गतिविधियों को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिये। बैठक में भिलाई नगर निगम आयुक्त श्री ऋतुराज रघुवंशी, अपर कलेक्टर सुश्री नूपुर राशि पन्ना, जिला पंचायत सीईओ श्री सच्चिदानंद आलोक, सहायक कलेक्टर श्री हेमंत नंदनवार, रिसाली कमिश्नर श्री प्रकाश सर्वे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
    जो कृषि विस्तार अधिकारी नियमित गौठान का निरीक्षण नहीं कर रहे, उन पर होगी कार्रवाई- कलेक्टर ने बैठक में कहा कि गौठानों में व्यवस्था सुचारू रूप से बनाये रखने के लिए इनका नियमित निरीक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन जरूरी है। इस संबंध में आप लोगों ने एआरईओ के कार्यों की मानिटरिंग की होगी। जिन लोगों ने इस अहम कार्य में गंभीर लापरवाही बरती है उन पर प्रस्ताव आने पर विचार उपरांत निलंबन जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी। गौठान समितियों के माध्यम से काफी अच्छे कार्य गौठान में किये गये हैं। गौठान समितियों को इसके लिए राशि भी उपलब्ध कराई जाती है। इसका किस तरह से बेहतर उपयोग हो रहा है इसकी समीक्षा भी करने के निर्देश कलेक्टर ने दिये। उन्होंने शहरी क्षेत्रो में आयुक्तों को एवं नगर पालिका अधिकारियों को हर दिन गोबर खरीदी की समीक्षा के निर्देश दिये।

    Rate this item
    (0 votes)

    Leave a comment

    Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision