
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
दुर्ग / शौर्यपथ /
दुर्ग सहित छत्तीसगढ़ में युवा कांग्रेस के संगठन का चुनाव इन दिनों चरम सीमा पर है पुरे प्रदेश के युवा कांग्रेसी प्रत्याशी अपने अपने चुनाव एवं अपने प्रिय प्रत्याशियों को जिताने में लगे हुए है और सभी ऐसे साधनों का उपयोग कर रहे है जिनसे प्रचार में मदद मिले किन्तु वही दुर्ग युवा कांग्रेस संगठन के प्रत्याशी की बात करे तो दुर्ग से दो प्रत्याशी संदीप वोरा और आयुष शर्मा के मैदान में उतरने एवं चुनाव लडऩे से दुर्ग की राजनीती फिजा में इन दिनों अजीब से कशमकश और उथल पुथल मची हुई है . एक ओर जहाँ संदीप वोरा प्रदेश महामंत्री पद के लिए युवा कांग्रेस से प्रत्याशी है वही दुर्ग जिला अध्यक्ष के लिए आयुष शर्मा भाग्य आजमा रहे है . कांग्रेस के सत्ता में आने के पहले दुर्ग विधायक अरुण वोरा की छवि एक मिलनसार सभी को साथ लेकर चलने वाले नेता के रूप में होती थी किन्तु वर्तमान में जब प्रदेश में 15 सालो बाद और निगम में 20 सालो बाद कांग्रेस के कब्ज़े के बाद स्थिति में बहुत परिवर्तन हो गया .
कांग्रेस के ऐसे कार्यकर्ता जो सालो से विधायक वोरा का समर्थन करते आ रहे है उन्हें दरकिनार कर विधायक द्वारा ऐसे नए नए चेहरों को प्राथमिकता दी जा रही है जिनका राजनितिक क्षेत्र में अस्तित्व शून्य के बराबर है जिनकी चर्चा दुर्ग कांग्रेसियों के बीच एक प्रमुख मुद्दा बन चुका है . ऐसे में पुराने जमीनी कार्यकर्ताओ को उपेक्षा का शिकार होना पड़ रहा है . कई कांग्रेसी पार्षद दबी जुबान में तो कई खुल कर विधायक की नीतियों का विरोध कर रहे है . पिछले दिनों राज्यसभा सांसद ने भी खुले रूप से एक पर एक फ्री महापौर की बात कहकर विधायक वोरा के निगम के कार्यो में जबरदस्त हस्तक्षेप की बात कह दी .
बात हो रही कांग्रेस संगठन के चुनाव की तो इस बार वोटिंग द्वारा पदाधिकारियों के चयन के लिए ऑनलाइन की प्रक्रिया को कांग्रेस द्वारा अपनाया गया है किन्तु इस प्रक्रिया का अगर दूसरा रूप देखे तो दुर्ग कांग्रेस में संगठन और सत्ता पर अपनी मजऱ्ी चलाने का तमगा विधायक वोरा के ऊपर शुरू से ही लगता आ रहा है . दुर्ग कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष की निष्क्रियता की बात भी लगातार उठती रही है कार्यकर्ताओ की नाराजगी भी संगठन की निष्क्रियता पर हमेशा भारी पड़ी है किन्तु शायद दुर्ग विधायक को इन सब बातो से कोई मतलब नहीं नजर आता . प्रोटोकाल और विधायक होने के नाते भीड़ से घिरे रहने के कारण विधायक वोरा को अब भी ऐसा प्रतीत होता है कि वही दुर्ग के सर्वमान्य कांग्रेस नेता है किन्तु जमीनी हकीकत इसके विपरीत नजर आ रही है . कांग्रेस के कई पार्षदों का खुले रूप से विरोध और कई पार्षदों का दोहरा चेहरा जो आने वाले समय में विधायक वोरा की राजनीती के लिए बड़े संकट की ओर इशारा कर रहा है .
दुर्ग में जिस तरह युवा कांग्रेस के प्रत्याशी आयुष शर्मा और संदीप वोरा के लिए मतदान करवाने की जिम्मेदारी या यह कह सकते है टारगेट पार्षदों , एल्डरमैन , मंडल अध्यक्षों ,युवा कांग्रेसियों एवं वरिष्ठ कांग्रेसियों को दिया गया है वह कही ना कही आने वाले विधान सभा में विधायक प्रत्याशी के रूप में विधायक वोरा के लिए ही परेशानियों का सबब बनेगा . आज भले ही युवा संगठन के चुनाव में आयुष शर्मा और संदीप वोरा की जीत हो जाए क्योकि इस चुनावे में परिणाम कुछ भी हो विधायक वोरा की खुर्सी पर कोई असर नहीं पड़ेगा किन्तु आने वाले विधान सभा में कांग्रेस को विपक्ष पार्टी से ज्यादा कांग्रेसियों को ही साधने में बीत जाएगा . अब दुर्ग में वोरा बंगले के पास ऐसा कोई बड़ा नाम नहीं जिनके कारण मतदान की दिशा को बदलने वाले लोगो का समर्थन प्राप्त हो . वोरा बंगले की मजबूत दीवार के रूप में निर्विवाद राजनीती करने वाले और सहज सरल स्वभाव के एवं अपनी कही बातो को समय पर अमल करने के लिए पहचाने जाने वाले स्व. मोतीलाल वोरा जी के बिना दुर्ग कांग्रेस दिशाहीन हो चुकी है . जब तक स्व. मोतीलाल जी वोरा थे वोरा बंगले का हर फैसला पत्थर की लकीर माना जाता था किन्तु अब स्थिति वैसी नहीं रही कई कांग्रेसी मुखर विरोधी है तो कई कांग्रेसी परदे के पीछे विधान सभा चुनाव का इंतज़ार कर रहे है . ऐसे में स्थिति यह है कि आम जनता पर पकड़ बनाने की कला जानने वाले अब वोरा बंगले से दुरी बना चुके है और जो करीबी है वो वार्ड में भी पक्ष में मतदान करा सके ऐसी स्थिति में नहीं है वर्तमान में तो पद है इसलिए सभी आस पास नजर आ रहे है किन्तु सभी को सही समय का इंतज़ार है और ऐसे कांग्रेसियों की फेहरिस्त काफी लम्बी है जो चुनावी समर में आम जनता को काफी प्रभावित कर सकते है .
वर्तमान में जिस तरह युवा संगठन चुनाव के लिए कांग्रेसियों पर प्रेशर डाल कर पक्ष में मतदान कराने का खेल चल रहा है यह प्रेशर आने वाले विधान सभा चुनाव में वोरा गुट के लिए बड़ा संकट पैदा कर सकता है . युवा संगठन के चुनाव में अभी भी ऐसे कई युवा कांग्रेसी है जो खुले रूप से विधायक की पहली और एकमात्र पसंद युवा कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार आयुष शर्मा के होने के बावजूद भी कई युवा कांग्रेसियों का मैदान में उतरना ही यह इशारा करता है कि ऐसे भी कई लोग है जो विधायक के फैसले के खिलाफ है .
परिणाम तो 12 जून के बाद आ ही जायेंगे किन्तु परिणाम आने के बाद संगठन अब विधान सभा चुनाव की तैयारियों में व्यस्त हो जाएगा वही अगर राज्य सभा सांसद सरोज पाण्डेय अपनी पूरी शक्ति के साथ आने वाले चुनाव की तैयारी में मैदान में उतारी तो संगठन की अपनी मजबूत पकड़ और कट्टर समर्थको के समर्थन से दुर्ग की राजनितिक फिजा बदल सकती है . काफी सालो तक केंद्र की राजनीती करने के बाद एक बार फिर प्रदेश की राजनीती में केन्द्रीय भूमिका निभाने का मादा रखने वाली राज्यसभा संसद सरोज पाण्डेय की राजनितिक नीतियों का मुकाबला कर सके ऐसा कोई कांग्रेसी विधायक गुट से नजर नहीं आता किन्तु राजनीति है इसमें कब कौन आगे निकल जाए कोई भरोसा नहीं प्रतिभाये बहुत है किन्तु मौका हर किसी को नहीं मिलता वाली कहावत राजनीती में चरितार्थ है .दुर्ग कांग्रेस में भी ऐसे कई चेहरे हो सकते है जो कुशल राजनीतिज्ञ हो किन्तु सभी को तलाश है मौके का . युवा संगठन के चुनाव का परिणाम जो भी हो आने वाले विधान सभा चुनाव में विधायक प्रत्याशी के रूप में अरुण वोरा को कई मैदानों पर एक साथ जंग लडऩा होगा और सफलता प्राप्त कर ये साबित करना होगा कि स्व. मोतीलाल वोरा की तरह उनमे भी सक्षम राजनीतिज्ञ बनाने के सभी गुण मौजूद है . युवा संगठन का चुनाव तो आने वाले विधान सभा चुनाव का एक आगाज बस है .
Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
