September 07, 2026
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    सबसे बढ़िया लगता है गिल्ली डंडा, कलेक्टर से अपनी पसंद बताई दुर्ग के बच्चों ने

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    जेआरडी स्कूल खेल मैदान पहुंचे थे कलेक्टर, कौन सा खेल अच्छा लगता है पूछने पर बच्चों ने बताया:

    दुर्ग / शौर्यपथ / शहर में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की धूम है। बच्चे और बड़े उत्साह से इन खेलों में हिस्सा ले रहे हैं। आज इनकी हौसला अफजाई के लिए कलेक्टर  पुष्पेंद्र कुमार मीणा भी पहुंचे। कलेक्टर ने बच्चों से पूछा कि आप लोगों के लिए चौदह तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित हो रही हैं। आप लोग कौन सी प्रतियोगिता में हिस्सा लेना पसंद करते हैं। बच्चों ने पहली पसंद गिल्ली डंडा बताया और फिर पिट्ठूल का जिक्र किया। फिर कलेक्टर ने बच्चों से कहा कि दिखाओ कैसे खेलते हो गिल्ली डंडा। फिर बच्चों ने अपने जौहर दिखाये। कलेक्टर ने उन्हें कहा कि आप लोग तो बहुत अच्छा खेलते हैं। कलेक्टर ने फिर यहां प्रतियोगिता करा रहे शिक्षा विभाग और खेल विभाग के अधिकारियों और राजीव युवा मितान क्लब के वालंटियर्स के साथ चर्चा की। वालंटियर्स ने बताया कि बच्चों में इन प्रतियोगिताओं को लेकर बहुत खुशी है। हमारे ग्रामीण खेल इतने आकर्षक हो सकते हैं। इसके बारे में इनमें से कई को पता ही नहीं था। वालंटियर्स ने बताया कि हमारे लिए भी ये अपने बचपन के क्षणों की वापसी है जब हम लोग सुकून से देर तक गिल्ली डंडा और पिट्ठूल खेलते थे। स्कूल से आने के बाद देर शाम तक यह खेल खेलते थे और खूब तरोताजा महसूस करते थे। वालंटियर्स ने यह भी बताया कि खेल देखने बड़े लोग भी आ रहे हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की यह बहुत अच्छी पहल है। अभी के बच्चे अपना ज्यादा समय मोबाइल में गुजारते हैं। हमारे छत्तीसगढ़िया खेल इस तरह से बने हैं कि इन्हें बिना किसी संसाधन के खेला जा सकता है। केवल कुछ दोस्त इकट्ठा हो गये और खेलते रहे। इस दौरान निगम आयुक्त लोकेश चंद्राकर भी मौजूद रहे।आयुक्त लोकेश चंद्राकर ने कलेक्टर को बताया कि ओलंपिक खेलों को लेकर बढ़िया माहौल बना हुआ है और बच्चे काफी रुचि से खेल रहे हैं। पुरानी पीढ़ी के लोगों को भी अपने बचपन के दिन याद आ रहे हैं। हमने खेलों की नियमावली भी रखी है। बहुत से लोग तो इन नियमों को भूल चुके थे। नियमों के साथ यह खेल और आकर्षक लग रहे हैं।
    उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक का आयोजन 06 अक्टूबर 22 से 06 जनवरी 23 तक किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के 14 पारम्परिक खेल गिल्ली-डंडा, पिट्ठुल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकस्सी, बांटी (कंचा), बिल्लस, फुगड़ी, गेंड़ी दौड़, भंवरा, 100 मीटर दौड़ और लम्बी कूद का आयोजन किया जा रहा है। यह खेल दलीय और एकल पद्धति पर आधारित है। इस खेल प्रतियोगिता में बच्चों से लेकर महिला एवं पुरूष वर्ग के प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इसमें प्रथम वर्ग 18 वर्ष की आयु तक, दूसरा 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग और तीसरा वर्ग 40 वर्ष से अधिक उम्र के लिए है।
      मौके पर खेल शिक्षा विभाग प्रभारी  मनदीप सिंह भाटिया,नोडल अधिकारी प्रकाशचंद थावनी,सहायक अभियंता  जितेंद्र समैया, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली,उपअभियंता सुश्री आसमा डहरिया,विश्वनाथ पाणिग्राही, सहित अन्य मौजूद थे।

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