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दुर्ग / शौर्यपथ / इस ठिठुरती ठंड से बचने के लिए गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी जन समर्पण सेवा संस्था दुर्ग, द्वारा जरूरतमंदों को नये कम्बल एवं नये गर्म कपड़े का वितरण प्रतिदिन अलग अलग दिन अलग अलग स्थानों में जाकर किया जा रहा है..
जन समर्पण सेवा संस्था, दुर्ग द्वारा इस वर्ष अंजोरा चौक से लेकर कुम्हारी चौक तक जितने भी फुटपात है, जहां गरीब, असहाय, विक्षित, एवं जरूरतमंद लोग खुले आसमान के नीचे जीवन यापन कर रहे है, ऐसे लोगों को ठंड से बचने के लिए कम्बल का वितरण का कार्य 1 दिसम्बर से प्रतिदिन जारी है..
दिसम्बर के आते ही ठंड ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। सुबह आंख खुले तो चारों तरफ धुंध और कोहरे की चादर छाई मिलती है और रात हो तो भी नजारा बदलने का नाम नहीं लेता।
हर कोई सलाह देता नजर आ रहा है कि रात को घर से निकलते समय ठंड से बचने के लिए गरम कपड़े साथ रखें, बहुत ज़रूरी हो तभी घर से बाहर निकलें।
ये करें .. वो करें.. लेकिन वो क्या करें खुला आसमान ही जिनकी छत है, धरती की गोद ही जिनका घर है और कपड़ों के नाम पर चंद चिथड़े जिनके शरीर को बमुश्किल ढांपते हैं। क्या ऐसे लोगों के लिए भी हमारे पास कोई सलाह है। वर्तमान में जिनके लिए दो वक्त की रोटी जुटाना मुश्किल हैं वो अपने लिए गर्म कपड़े कहां से लाएं।
न जाने कितने बच्चे एवं गरीब इस भीषण सर्दी में कापने को, ठिठुरने को मजबूर होंगे। इस सर्दी को भला वो कैसे झेल रहे होंगे। ना तो उनके पास गर्म कपड़े हैं, ना रजाई या कंबल, ना पेट भरने को रोटी है और ना ही रात गुजारने का कोई ठिकाना।
क्या इस ठण्ड में इन अनाथ बच्चों एवं गरीबों के लिए कुछ किया जा सकता है ?
संस्था के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा बंटी ने बताया कि गत 6 वर्षों कि तरह इस वर्ष भी ठंड में जरूरतमंदों को सहायता करने के उद्देश्य से जन समर्पण सेवा संस्था, दुर्ग द्वारा कम्बल वितरण किया जा रहा है, जन समर्पण सेवा संस्था, दुर्ग इस वर्ष कम्बल वितरण सेवा कार्य का प्रारंभ दिनाँक 1 दिसम्बर से प्रारंभ किया गया, आज 15 दिनों में दुर्ग शहर के विभिन्न स्थानों में ठंड से ठिठुरते लगभग 470 से अधिक जरूरतमंदों लोगों को कम्बल एवं 130 से अधिक गरीब बच्चों को गर्म कपड़े का वितरण किया जा चुका है..
ज्ञात हो कि जन समर्पण सेवा संस्था, दुर्ग द्वारा लगभग 6 वर्षों से प्रतिदिन गरीब, असहाय, विकलांग, एवं जरूरतमंदों को निशुल्क भोजन, जरूरत की हर सामग्री, विकलांग जनों को व्हीलचेयर, बैसाखी, बर्तन, कपड़े, ट्राइसिकल, मेडिकल पलंग, एवं अन्य जरूरत की सामाग्री निशुल्क उपलब्ध कराई जाती आ रही है.
संस्था द्वारा इस ठिठुरती ठंड से बचने के लिए अंजोरा चौक से कुम्हारी चौक तक के सभी फुटपात, स्टेशन, बस स्टैंड एवं रोड में जीवन यापन करने वाले गरीब, असहाय एवं जरूरतमंदों को कम्बल बच्चों को गर्म कपड़े का वितरण प्रतिदिन अलग अलग स्थानों में जाकर किया जा रहा है, संस्था द्वारा 1 दिसम्बर से प्रतिदिन अलग अलग स्थान जिसमें बस स्टैंड, समृद्धि बाजार, अग्रसेन चोक, मालवीय नगर चौक, नेहरू नगर चौक, सुपेला, पावर हाउस, भिलाई, चरोदा, पुलगांव नाका, अंजोरा के आस पास जाकर रोड या फुटपात में जीवन यापन कर रहे जरूरतमंदों को कम्बल वितरण किया गया.
दिनाँक 14 दिसम्बर को संस्था द्वारा अपनी संस्था के युवा सदस्य अनिरुद्ध उपाध्याय अनी जिसका दुर्घटना से आकस्मिक निधन 3 दिसम्बर को हुआ था, जिसकी याद में संस्था के सदस्यों ने दुर्ग रेलवे स्टेशन में श्रद्धांजलि सभा रखी गयी, और उसकी स्मृति में सभी जरूरतमंदों को बैठाकर भोजन कराया गया एवं लगभग 150 से अधिक जरूरतमंदों को ठंड से बचने के लिए कम्बल और 10 गरीब बच्चों को नया जैकेट का वितरण किया गया.
जन समर्पण सेवा संस्था, दुर्ग द्वारा पिछले वर्ष में ठंड पर सभी के सहयोग से लगभग 800 कम्बल का वितरण गरीब, असहाय जरूरतमंदों को किया गया था, इस वर्ष भी संस्था द्वारा जन सहयोग से लगभग 1000 जरूरतमंदों को ठंड से बचाव के लिए कम्बल वितरण करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे इस वर्ष जिले के किसी भी जरूरतमंद को ठंड से तकलीफ न हो और न स्वास्थ्य खराब हो.
इस आयोजन में संस्था के अर्जित शुक्ला, शिशु शुक्ला, आशीष मेश्राम, प्रकाश कश्यप, रुपल गुप्ता, दद्दू ढीमर, संजय सेन, मृदुल गुप्ता, राजेन्द्र ताम्रकार, हरिश ढीमर, शुभम सेन, अख्तर खान, शब्बू खान, मोहित पुरोहित, चिंटू शर्मा, रिषी गुप्ता, बिट्टू खान, कृतज्ञ शर्मा, समीर खान, अनमोल पांडेय, सुजल शर्मा, शिबू खान, एवं संस्था के अन्य सदस्य उपस्थित हो रहे है..
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Feb 09, 2021 Rate: 4.00
