July 28, 2026
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    फाल्गुन एकादशी पर दुर्ग में पहली बार खाटू धाम जैसी भव्य श्री श्याम निशान यात्रा, शहर बनेगा श्याममय

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    नगर के सभी देवी–देवताओं को मंदिर जाकर आमंत्रण, गुजरात से मंगवाया गया अलौकिक ध्वज, फूल–इत्र वर्षा के साथ निकलेगी ऐतिहासिक यात्रा

    दुर्ग / 

    छत्तीसगढ़ की धार्मिक नगरी दुर्ग इस वर्ष फाल्गुन एकादशी के पावन अवसर पर भक्ति और श्रद्धा के एक अद्भुत दृश्य की साक्षी बनने जा रही है। पहली बार शहर में श्री श्याम बाबा की खाटू धाम की तर्ज पर विशाल और भव्य फाल्गुन निशान यात्रा निकाली जाएगी। इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर पूरे शहर में धार्मिक उत्साह और श्याम भक्ति का माहौल बन गया है।

    फाल्गुन मास की पावन ग्यारस पर आयोजित होने वाली श्री श्याम फाल्गुन निशान यात्रा 2026 की तैयारियां पूरे जोर-शोर से चल रही हैं। आयोजन का मुख्य उद्देश्य उन श्याम भक्तों को खाटू श्याम की अनुभूति कराना है, जो किसी कारणवश राजस्थान के सीकर स्थित खाटू धाम नहीं पहुंच पाते। अब दुर्ग में ही भक्तों को खाटू जैसी परंपरा, रीति-रिवाज और भव्यता के साथ बाबा श्याम के सजीव दर्शन का सौभाग्य मिलेगा।

    खाटू की झलक दिखेगी दुर्ग की सड़कों पर
    निशान यात्रा आयोजक समिति के योगेन्द्र शर्मा ‘बंटी’ ने बताया कि फाल्गुन एकादशी के दिन दुर्ग की सड़कों पर खाटू धाम जैसा दिव्य वातावरण नजर आएगा। बाबा श्याम का रथ, घोड़े-बग्गी, मधुर भजनों की स्वर लहरियां, फूलों व इत्र की वर्षा और सैकड़ों श्रद्धालुओं के हाथों में श्याम बाबा का निशान—यह यात्रा श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम होगी।

    यात्रा की प्रमुख विशेषताएं
    निशान यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी, जहां जगह-जगह पुष्पवर्षा और इत्र वर्षा की विशेष व्यवस्था की जा रही है। सैकड़ों की संख्या में श्याम भक्त केसरिया, नारंगी और लाल रंग के पवित्र निशान लेकर बाबा के जयकारों के साथ पदयात्रा करेंगे।

    निशान का धार्मिक महत्व
    बंटी शर्मा ने बताया कि बाबा खाटू श्यामजी को चढ़ाया जाने वाला निशान (ध्वज) विजय, बलिदान और दान का प्रतीक है। मान्यता है कि बाबा ने भगवान श्रीकृष्ण के कहने पर धर्म की विजय के लिए अपना शीश समर्पित किया था। इसी परंपरा के तहत भक्त मन्नत पूरी होने पर या मन्नत पूर्ण होने से पहले भी निशान चढ़ाते हैं। इस ध्वज पर श्रीकृष्ण व श्याम बाबा के चित्र, मंत्र, नारियल और मोरपंख अंकित होते हैं। मान्यता है कि निशान चढ़ाने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन मंगलमय होता है।

    नगर के देवी–देवताओं को दिया गया आमंत्रण
    भव्य आयोजन से पूर्व आयोजक समिति ने धार्मिक परंपरा का पालन करते हुए नगर के प्रमुख मंदिरों में जाकर देवी–देवताओं का आह्वान किया और निशान यात्रा में आशीर्वाद देने हेतु आमंत्रण पत्र भेंट किया। सत्ती माता मंदिर, माँ दुर्गा मंदिर, लंगूरवीर मंदिर, श्याम मंदिर, राम मंदिर, सिद्धि विनायक गणेश मंदिर, राधा-कृष्ण मंदिर, रामदेव बाबा मंदिर सहित अन्य मंदिरों में पूजा-अर्चना कर यात्रा की विधिवत शुरुआत की गई।

    गुजरात से मंगवाया गया अलौकिक ध्वज
    आयोजकों ने बताया कि गुजरात से विशेष रूप से बाबा श्याम का आकर्षक और अलौकिक निशान मंगवाया गया है, जिसे श्री सत्तीचौरा माँ दुर्गा मंदिर में श्याम भक्तों द्वारा विधि-विधान से तैयार किया जाएगा।

    सर्वसमाज का सहयोग, शहर में भक्तिमय माहौल
    निशान यात्रा को लेकर दुर्ग शहर में उत्साह चरम पर है। सभी समाजों के लोग इस धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं। फाल्गुन एकादशी पर दुर्ग नगरी श्याम भक्ति के रंग में रंगी नजर आएगी और यह आयोजन आने वाले वर्षों के लिए एक नई धार्मिक परंपरा की नींव रखेगा।

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