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शौर्यपथ ब्यूरो, नई दिल्ली।
'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' के संकल्प को नई ऊंचाई देते हुए इस्पात मंत्रालय के अधीन महारत्न कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इण्डिया लिमिटेड (SAIL) ने देश की समुद्री सुरक्षा को अभेद्य बनाने में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर पार किया है। भारतीय नौसेना के बेड़े में हाल ही में शामिल किए गए तीन अत्याधुनिक और उन्नत जहाजों के निर्माण के लिए सेल ने अकेले ही 5,700 टन विशेष रक्षा-ग्रेड (Defense-Grade) स्टील की आपूर्ति की है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में किया कमीशन
इन तीनों उन्नत और स्वदेशी जहाजों को 21 जून, 2026 को कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर आयोजित एक ऐतिहासिक और भव्य समारोह के दौरान माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा औपचारिक रूप से भारतीय नौसेना में शामिल (कमिशन) किया गया। इन जहाजों में शामिल हैं:
आईएनएस दूनागिरी (INS Dunagiri): उन्नत स्टील्थ फ्रिगेट
आईएनएस अग्रय (INS Agray): एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट
आईएनएस संशोधक (INS Sanshodhak): विशाल सर्वेक्षण पोत (लार्ज)
भिलाई, बोकारो और राउरकेला प्लांट का साझा पराक्रम
सेल ने इन तीनों अत्याधुनिक जहाजों की सुरक्षा और मजबूती के लिए विशेष गुणवत्ता वाले DMR 249A ग्रेड हॉट-रोल्ड शीट और प्लेट की सप्लाई की है। इस विशिष्ट डिफेंस ग्रेड स्टील का उत्पादन सेल ने अपने तीन प्रमुख संयंत्रों के जरिए किया है:
भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP)
बोकारो इस्पात संयंत्र (BSL)
राउरकेला इस्पात संयंत्र (RSP)
इस उच्च स्तरीय स्टील का बेहद सावधानीपूर्वक किया गया उत्पादन यह प्रमाणित करता है कि 'सेल' के पास देश की समुद्री सुरक्षा की जटिल और बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए विश्वस्तरीय तकनीकी क्षमता मौजूद है।
आयात पर निर्भरता खत्म, राउरकेला में उत्पादन क्षमता बढ़ी
रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती जरूरतों और विदेशी आयात को प्रतिस्थापित (Import Substitution) करने के लिए सेल ने अपनी कमर कस ली है। कंपनी ने डीएमआर (DMR) ग्रेड प्लेटों का उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष रूप से राउरकेला स्टील प्लांट के 'स्पेशल प्लेट प्लांट' में अतिरिक्त एवं आधुनिक पहल लागू किए हैं, ताकि भारतीय सेनाओं को कभी भी स्टील की कमी न हो।
शानदार है सेल का ट्रैक रिकॉर्ड (देश के समुद्री रक्षक)
यह पहली बार नहीं है जब सेल के फौलाद ने देश की सीमाओं को सुरक्षित किया है। इससे पहले सेल ने:
भारत के पहले स्वदेशी विमान वाहक आईएनएस विक्रांत के लिए स्टील दिया।
विशिष्ट प्रोजेक्ट 17A स्टील्थ फ्रिगेट्स - आईएनएस नीलगिरि, आईएनएस हिमगिरि और आईएनएस उदयगिरि का निर्माण किया।
इसके अलावा आईएनएस अजय, आईएनएस निस्तार और आईएनएस अंजदीप जैसे शक्तिशाली जहाजों की रीढ़ भी सेल का विशेष स्टील ही है।
"रणनीतिक स्वतंत्रता को मिलेगी मजबूती" — डॉ. अशोक कुमार पंडा (सीएमडी, SAIL)
सेल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. अशोक कुमार पंडा ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा, "भारत के रक्षा क्षेत्र के एक प्रमुख भागीदार के रूप में, SAIL देश की आत्मनिर्भरता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमने रक्षा क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए राउरकेला के स्पेशल प्लेट प्लांट की उत्पादन क्षमता को पहले ही अपग्रेड कर दिया है। इन उच्च-क्षमता वाली DMR 249A स्टील प्लेटों की आपूर्ति न केवल भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता को मजबूती देती है, बल्कि यह सेल की अत्याधुनिक तकनीकी विशेषज्ञता का भी जीता-जागता प्रमाण है।"
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Feb 09, 2021 Rate: 4.00
