September 21, 2026
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    चाकू या बंदूक? महमरा की वारदात में आरोपी अब भी फरार

    • doing of business

    चार दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं, पीड़ितों के आरोप और चौकी प्रभारी के बयान में फर्क; मजदूरों में डर, पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

    दुर्ग ग्रामीण। अंजोरा चौकी क्षेत्र के महमरा में करीब चार दिन पहले हुई चाकूबाजी और कथित लूट की घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है, लेकिन वारदात में शामिल बताए जा रहे आरोपी की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है—आखिर आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर क्यों है?

    पीड़ित पक्ष का आरोप है कि वारदात के दौरान बंदूक की नोक पर चाकूबाजी और लूटपाट की गई। पीड़ितों के मुताबिक मोबाइल, नगदी और बाइक की चाबी ले जाने की बात भी सामने आई है। दूसरी ओर अंजोरा चौकी प्रभारी चंद्रशेखर सोनी का कहना है कि पीड़ितों को शायद भ्रम हुआ हो और घटना में बंदूक नहीं बल्कि उंगली की नोक जैसी स्थिति रही होगी। बंदूक थी या नहीं, यह जांच का विषय है, लेकिन घटना में चाकूबाजी और कथित लूट के आरोपों की जांच पुलिस के सामने अहम चुनौती है।

    अनुभवी प्रभारी, फिर गिरफ्तारी में देरी क्यों?

    अंजोरा चौकी की जिम्मेदारी फिलहाल चंद्रशेखर सोनी संभाल रहे हैं। पुलिस विभाग में लंबे अनुभव के साथ वे क्राइम ब्रांच में भी सेवाएं दे चुके हैं। ऐसे में गंभीर घटना के चार दिन बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्रवाई की गति पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

    सवाल यह भी है कि यदि पुलिस के पास घटना से संबंधित पर्याप्त जानकारी और सुराग हैं, तो आरोपी तक पहुंचने में आखिर इतनी देरी क्यों हो रही है? क्या पुलिस की जांच किसी खास बिंदु पर अटकी हुई है, या आरोपी की तलाश के लिए अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई चल रही है?

    क्राइम ब्रांच की भूमिका भी सवालों के घेरे में

    घटना की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच की भूमिका को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। यदि वारदात में हथियार के इस्तेमाल और लूट के आरोप सामने आए हैं, तो आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई कितनी तेजी से आगे बढ़ रही है—इसका जवाब क्षेत्र के लोग जानना चाहते हैं।

    मजदूरों में डर, शाम ढलते ही सुरक्षा की चिंता

    महमरा और आसपास के क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे मजदूर और गरीब परिवार हैं, जो रोज सुबह काम की तलाश में घर से निकलते हैं और देर शाम वापस लौटते हैं। ऐसे में चाकूबाजी और कथित लूट की घटना की चर्चा ने उनके बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

    लोगों का सवाल सीधा है—जब आम आदमी रोजी-रोटी के लिए सुबह घर से निकलता है और देर रात लौटता है, तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?

    अब पुलिस से तीन सीधे सवाल

    पहला— घटना के चार दिन बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?

    दूसरा— पीड़ितों के बंदूक के आरोप और चौकी प्रभारी के “भ्रम” वाले बयान की पुलिस जांच किस निष्कर्ष तक पहुंची?

    तीसरा— चाकूबाजी और कथित लूट की इस घटना का पुलिस खुलासा आखिर कब करेगी?

    फिलहाल बंदूक थी या नहीं, यह जांच का विषय है, लेकिन चाकूबाजी और कथित लूट की घटना ने क्षेत्र में डर जरूर पैदा किया है। अब निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर हैं। आरोपी कब पकड़ा जाएगा और मामले का पूरा सच कब सामने आएगा—यह सवाल महमरा के लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

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