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जी टीवी का मशहूर सीरियल कुमकुम भाग्य अपने 2000 एपिसोड्स पूरे करने जा रहा है. इस उपलब्धि पर शो के लीड एक्टर्स ने अपनी-अपनी खुशी जाहिर की है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ /
जी टीवी का लोकप्रिय सीरियल कुमकुम भाग्य, साल 2014 में हुई अपनी शुरुआत से ही दर्शकों का दिल जीत रहा रहा है. टीवी जगत की महारानी एकता कपूर के निर्माण में बने इस शो में शबीर अहलुवालिया (अभि), सृति झा (प्रज्ञा), कृष्णा कौल (रणबीर) और मुग्धा चाफेकर (प्राची) जैसे कलाकार लीड रोल में हैं. यह फैमिली ड्रामा अलग-अलग भावनाओं और रिश्तों की गहराइयों में झांकता है. शो के लीड कलाकार अभि-प्रज्ञा और नई पीढ़ी की जोड़ी प्राची-रणबीर की आकर्षक केमिस्ट्री और अनेक दिलचस्प उतार-चढ़ाव के चलते इस शो ने हर सप्ताह दर्शकों को बांधे रखा है.
हफ्ते दर हफ्ते यह शो व्यूअरशिप चार्ट्स पर जबर्दस्त सफलता हासिल कर रहा है. अब तक इस शो ने 50 से ज्यादा अवार्ड्स अपने नाम कर लिए हैं. इस शो की ताजा उपलब्धि ये है कि यह शो आगामी 8 दिसंबर को अपना 2000वां एपिसोड दिखाने जा रहा है. इस मौके पर शो के प्रमुख कलाकारों ने अपने जज्बात जाहिर किए.
प्रज्ञा का रोल निभा रहीं सृति झा कहती हैं, ‘‘कुमकुम भाग्य मेरे लिए एक करिश्मे की तरह था, जो उस वक्त होने ही वाला था, जब एकता मैम ने सारी खूबियां एक साथ मिलाईं. इसने मुझे भाग्य का असली मतलब समझाया...सबसे बढ़िया लोगों को एक साथ लाने से बढ़िया कोई संयोग नहीं हो सकता. आखिर ये हर दिन तो नहीं होता, जब कोई हिंदी शो 2000 एपिसोड्स का पड़ाव पार कर जाए और यह सब हमारे प्यारे दर्शकों के प्यार और सपोर्ट के बिना मुमकिन नहीं हुआ होता”.
वहीं अभि का रोल निभा रहे शबीर अहलुवालिया कहते हैं, ‘‘मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि हमने ‘कुमकुम भाग्य' के 2000 एपिसोड्स पूरे कर लिए हैं. अभि-प्रज्ञा एक ऐसे जज़्बात बन गए हैं, जिनसे देश भर के दर्शक बड़े करीब से जुड़ गए हैं. हम सेट पर एक परिवार की तरह हैं और हमने मिलकर जो यादें बनाई हैं, वो ताउम्र हमारे साथ रहेंगी. मैं एकता का जितना शुक्रिया अदा करूं, उतना कम है, इसलिए मैं उन्हें सिर्फ यह कहूंगा कि मैं आपको पसंद करता हूं और आप मुझे प्रेरित करती हो”.
वैसे इस उपलब्धि पर हमारी तरफ से भी ‘कुमकुम भाग्य' की टीम को बहुत-बहुत बधाइयां! देखिए कुमकुम भाग्य, हर सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे, सिर्फ ज़ी टीवी पर.
: भले ही भारतीय आंवला खाना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है, लेकिन यह सभी के लिए सुरक्षित नहीं हो सकता है. आंवला के साइडइफेक्ट्स भी हैं. किसी विशेष स्थिति से पीड़ित होने पर अपने लक्षणों को नियंत्रण में रखने के लिए इस खट्टे फल से बचना सबसे अच्छा है.
हेल्थ टिप्स /शौर्यपथ /
भारतीय आंवला को आंवला के नाम से भी जाना जाता है जो पोषक तत्वों से भरपूर फल है. यह अपने कई स्वास्थ्य लाभों के लिए जाना जाता है. आंवला के फायदों की लिस्ट काफी लंबी है. आंवला अपने अनगिनत औषधीय गुणों के लिए आयुर्वेदिक औषधियों की दुनिया में बहुत प्रसिद्ध है. इस मौसम में आपको अपनी डाइट में आंवला को शामिल करने के कई कारण हैं. विंटर सुपरफूड विटामिन सी से भरपूर, जिसे अक्सर संभावित एंटीऑक्सीडेंट लाभों के लिए जाना जाता है. कहते हैं कि आंवला में संतरे की तुलना में 20 गुना अधिक विटामिन सी होता है, जो इसे एक हेल्दी और पौष्टिक फल बनाता है जिसे ठंड के मौसम में इम्यूनिटी को बढ़ावा देने के लिए डाइट में शामिल किया जाना चाहिए. यह भारत में व्यापक रूप से खाना पकाने के उद्देश्यों और औषधीय उपयोग के लिए विभिन्न रूपों में उपयोग किया जाता है.
भले ही भारतीय आंवला खाना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है, लेकिन यह सभी के लिए सुरक्षित नहीं हो सकता है. आंवला के साइडइफेक्ट्स भी हैं. किसी विशेष स्थिति से पीड़ित होने पर अपने लक्षणों को नियंत्रण में रखने के लिए इस खट्टे फल से बचना सबसे अच्छा है. यहां ऐसे लोगों के बारे में बताया गया है जिन्हें आंवला नहीं खाना चाहिए.
इन समस्याओं वाले लोग न खाएं आंवला |
1. कब्ज की समस्या वाले लोग
यह कब्ज के लिए एक प्राकृतिक उपचार है. आंवला में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है. हालांकि, अगर आप अधिक मात्रा में आंवला का सेवन करते हैं तो यह मल को सख्त कर सकता है. अगर आपके पानी का सेवन कम कर देता है तो स्थिति और खराब हो जाती है. अत: कब्ज से बचाव के लिए फलों को रस या सूखे आंवला पाउडर के रूप में पर्याप्त मात्रा में पानी के साथ लें.
2. एलर्जी
कुछ लोगों को आंवला से एलर्जी हो सकती है. एक व्यक्ति जिसे इस फल से एलर्जी है, उसे कुछ स्वास्थ्य समस्याओं का अनुभव हो सकता है जैसे पेट में ऐंठन, मतली, उल्टी, लालिमा, दस्त, पेट में दर्द और आपके मुंह के आसपास सूजन, सांस लेने में बाधा, चेहरे पर खुजली और लालिमा, सिरदर्द और चक्कर आना.
3. अगर आपको अक्सर एसिडिटी होती है
आंवला विटामिन सी से भरपूर होता है, एक पोषक तत्व जो फल की अम्लीय प्रकृति में योगदान देता है. हाइपरएसिडिटी से निपटने वालों के लिए यह लक्षणों को और खराब कर सकता है. हाइपरएसिडिटी वाले लोगों के लिए खाली पेट आंवला खाने से पेट की परत में जलन हो सकती है और एसिडिटी हो सकती है.
4. सर्जरी वाले लोगों को
जिन लोगों की सर्जरी होनी है, या जिनकी हाल ही में सर्जरी हुई है, उन्हें आंवला से बचना चाहिए. सर्दियों के इस फल का अधिक मात्रा में सेवन करने से रक्तस्राव का खतरा होता है. अगर रक्तस्राव लगातार और लंबे समय तक रहता है, तो इससे ऊतक हाइपोक्सिमिया, गंभीर एसिडोसिस या मल्टीऑर्गन डिसफंक्शन हो सकता है.
5. लो ब्लड शुगर वाले लोगों को
अध्ययन बताते हैं कि आंवला ब्लड शुगर लेवल को कम करने में मदद कर सकता है. हालांकि टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए आंवला फायदेमंद है, लेकिन यह उन लोगों के लिए अच्छा नहीं है जिनके पास अक्सर लो ब्लड शुगर लेवल होता है या जो एंटी डायबिटीज दवाएं ले रहे हैं.
6. गर्भवती हैं या स्तनपान करा रही हैं
इसके अधिक सेवन से पेट खराब, डायरिया और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. ये लक्षण गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए स्थिति को कठिन बना सकते हैं. हालांकि, स्तनपान और गर्भावस्था के दौरान खाना हानिकारक कैसे हो सकता है, इस पर अध्ययन नहीं हुए हैं, लेकिन इसे लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें.
Skin care: आपकी सेहत के साथ-साथ आपकी स्किन के लिए भी फायदेमंद है पपीता. आज हम आपको बताएंगे घर बैठे पपीते की मदद से बनाये जाने वाले फेस पैक, जो आपके चेहरे से धब्बे और पिंपल्स की समस्या को दूर कर आपको दे सकता है पार्लर जैसा ट्रीटमेंट.
नई दिल्ली /शौर्यपथ /
आजकल खूबसूरत दिखने के लिए लोग हजारों रूपये पार्लर में पानी की तरह बहा देते हैं. आज हम आपको इन खर्चों से छुटकारा दिलाने के लिए कुछ ऐसी टिप्स लेकर आये हैं, जो आपके फायदेमंद साबित होगी. विटामिन ए, सी और ई का एक समृद्ध स्रोत और एंटीऑक्सीडेंट गुण से भरपूर पपीता (Papaya) आपकी स्किन (Skin) को हाइड्रेट करने का काम करता है. बता दें कि पपती स्किन के लिए सुपरफूड (Superfood) माना जाता है. ये न केवल आपकी सेहत के लिए, बल्कि आपकी त्वचा के लिए काफी फायदेमंद है. इसमें मौजूद विटामिन ए (Vitamin A) और पापेन नामक एंजाइम डेड स्किन को हटाने के साथ स्किन पर को लचीला और बेहतर करने का काम करता है. आज हम आपको बताएंगे घर बैठे पपीते (Papaya) की मदद से बनाये जाने वाले फेस पैक, जो आपके चेहरे से धब्बे और पिंपल्स की समस्या को दूर कर आपको दे सकता है पार्लर जैसा ट्रीटमेंट.
पपाया फेस पैक बनाने की सामग्री
1 /4 कप पपीता (पका).
1 टेबलस्पून शहद.
1 टेबलस्पून नींबू का रस.
पपाया फेस पैक बनाने की विधि
पपीते को छोटे टुकड़ों में काट लीजिये.
एक कटोरी में अच्छी तरह से मसल लें.
दूध और शहद मिलाकर फिर मसल लें.
चाहें तो चंदन पाउडर/मुल्तानी मिट्टी को पानी में भिगोकर तैयार कर लें
सारी सामग्री मिलाकर फिर मसलें.
ख्याल रखें कि गुठली ना बनने पाए.
चिकना पेस्ट तैयार करें.
कितनी देर लगाएं पपाया फेस पैक
इस पैक को आप 10 से 15 मिनट लगा सकते हैं.
पपाया फेस पैक आप हफ्ते में दो बार जरूर लगायें.
भारतीय वायु सेना (IAF) के MI-सीरीज के हेलिकॉप्टर में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS), बिपिन रावत, उनके कर्मचारी और परिवार के सदस्य सवार थे, जो तमिलनाडु के कुन्नूर में कोयंबटूर और सुलूर के बीच दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई है जबकि दो बच गए हैं.
नई दिल्ली /शौर्यपथ /
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह संसद में आर्मी चॉपर क्रैश पर जानकारी देने वाले हैं. सूत्रों ने बताया है कि रक्षा मंत्री ने इस मसले पर आर्मी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए इसकी जानकारी पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दे दी है.
भारतीय वायु सेना के MI-सीरीज के हेलिकॉप्टर में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS), बिपिन रावत, उनके कर्मचारी और परिवार के सदस्य सवार थे, जो तमिलनाडु के कुन्नूर में कोयंबटूर और सुलूर के बीच दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई है जबकि दो बच गए हैं. उनकी पहचान अभी नहीं हो सकी है. समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया कि हेलिकॉप्टर में 14 लोग सवार थे.
भारतीय वायुसेना ने इस दुर्घटना की पुष्टि की है. एक ट्वीट में IAF ने कहा है, "सीडीएस जनरल बिपिन रावत के साथ एक IAF Mi-17V5 हेलीकॉप्टर आज तमिलनाडु के कुन्नूर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया. दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए एक जांच का आदेश दिया गया है."
मौके पर बचाव और राहत कार्य जारी है, लेकिन जंगली इलाका होने की वजह से इसमें मुश्किलें आ रही हैं. तमिलनाडु सरकार ने वरिष्ठ अधिकारियों को दुर्घटनास्थल पर भेजा है. ऊटी से एक मेडिकल टीम और कोयंबटूर से विशेषज्ञ टीम भी घटनास्थल के लिए रवाना हो गई है. , जिससे पहचान मुश्किल हो रही है. बचाए गए लोगों को गंभीर चोटें आई हैं.
हेलिकॉप्टर ने सुलूर में सेना के अड्डे से उड़ान भरी थी और वेलिंगटन के रास्ते में था. Mi सीरीज के हेलिकॉप्टर भारतीय वायु सेना के सबसे बड़े हथियार हैं और इनका इस्तेमाल ऊंचाई वाले ऑपरेशनों में किया जाता है. उनका उपयोग प्रधानमंत्री सहित वीआईपी के लिए भी किया जाता है.
कोण्डागांव /शौर्यपथ /
दुर्घटना एवं अकाल मृत्यु होने पर शासन द्वारा मृतक के परिजनों को आर्थिक राशि दिए जाने का प्रावधान है इसी प्रकार के 09 प्रकरणों में 36 लाख रूपये की राशि मृतकों के आश्रितों को जारी की गई। जिला कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के संशोधित प्रावधानों के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों को प्रयोग करते हुए प्राकृतिक आपदा एवं दुर्घटनाओं के कारण सहायता एवं अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। जिसमें दिनांक 08 सितम्बर 2021 को कु0 तन्वी पिता अजय उम्र 02 वर्ष ग्राम जुगानीकलार तहसील फरसगांव, दिनांक 14 अक्टूबर 2021 को सोनसाय पिता सदर उम्र 55 वर्ष ग्राम खण्डसरा तहसील फरसगांव, दिनांक 07 सितम्बर 2021 को पदुमनाथ राणा पिता सोमनसिंह उम्र 57 वर्ष ग्राम बड़ेडोंगर तहसील फरसगांव, दिनांक 16 सितम्बर 2021 को लक्ष्मन पिता सुकूराम उम्र 55 वर्ष ग्राम सारबेड़ा तहसील फरसगांव एवं दिनांक 16 सितम्बर 2021 को रतनीबाई कावड़े पति नवलसिंह कावड़े उम्र 60 वर्ष ग्राम बटराली तहसील केशकाल की मृत्यु पानी में डूबने से हुई थी। इस संबंध में उनके पीड़ित परिवार को चार-चार लाख रूपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
वहीं दिनांक 19 अप्रैल 2021 को चंदनलाल पिता चैनसिंह उम्र 18 वर्ष ग्राम लुभा तहसील माकड़ी की गाज गिरने से मृत्यु, दिनांक 09 मई 2021 को कु0 मोनिका नेताम पिता फुलसिंह नेताम उम्र 09 वर्ष ग्राम करमरी तहसील बड़ेराजपुर पर आंधी तुफान से आमवृक्ष का डंगाल टूटकर गिरने से मृत्यु, दिनांक 30 सितम्बर 2021 को सुरेशदास पिता झाडूदास उम्र 65 वर्ष ग्राम सिंगनपुर तहसील केशकाल एवं दिनांक 25 मई 2021 को धनमती पति जुगधर उम्र 55 वर्ष ग्राम मुनगापदर तहसील कोण्डागांव की सर्पदंश से मृत्यु होने पर चार-चार लाख रूपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। सहायता राशि चेक, बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से संबंधित को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कोण्डागांव के समक्ष प्रदान किया जायेगा।
रायपुर /शौर्यपथ/
गर्म पौष्टिक आहार स्वाद के साथ सेहत भी प्रदान करते हैं, इसे देखते हुए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के माध्यम से महिलाओं और बच्चों को गर्म पौष्टिक भोजन देने की शुरूआत की गई है। अभियान का सकारात्मक असर महिलाओं और बच्चों की पोषण की स्थिति में सुधार के रूप में देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे कुपोषण से बाहर आ रहे हैं। योजना के अंतर्गत कोरबा जिले के आंगनबाड़ी केन्द्र जूनापारा में सवा दो साल की नन्ही बालिका कृषिका अब कुपोषण से आजाद हो गई है।
जन्म के समय कम वजन की कृषिका अब पोषण स्तर कीे सामान्य श्रेणी में आ गई है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत कृषिका को आंगनबाड़ी के माध्यम से पौष्टिक रेडी-टू-ईट भोजन दिया गया। साथ ही पौष्टिक चिक्की और अण्डे भी दिये गये। आंगनबाड़ी में दिए गए स्वास्थ्यवर्धक पौष्टिक आहार और स्वास्थ्य सलाह से कृषिका कुपोषण से मुक्त हो चुकी हैं।
बालिका कृषिका कम खाने व देखभाल में कमी होने के कारण कमजोर हो गई थी। जिसके कारण उसका पोषण स्तर मध्यम कुपोषित श्रेणी में आ गया था। आंगनबाड़ी में कृषिका का वजन लिया गया तब छह किलो 800 ग्राम था और लंबाई 84.3 से.मी. थी, जो उसके उम्र के अनुसार मध्यम कुपोषित स्तर को बताता था। इसे देखते हुए कृषिका के पोषण स्तर में सुधार लाने के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से बच्ची को जोड़ा गया। उसे आंगनबाड़ी केन्द्र में पौष्टिक गरम भोजन चावल, रोटी, दाल, दो सब्जी, आचार, पापड़, सलाद, गुड, अण्डे, चिक्की दिया गया। आंगनबाड़ी के माध्यम से लगातार पौष्टिक आहार मिलने से कृषिका के पोषण स्तर में सुधार होने लगा। मुख्यमंत्री बाल संदर्भ शिविर में उसका स्वास्थ्य जांच भी कराया गया और दवाई भी दिया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा नियमित गृह भ्रमण कर स्वच्छता एवं पोषण के संबंध में कृषिका के माता-पिता को जागरूक कर गरम भोजन के लिए बच्चे की आंगनबाड़ी केन्द्र में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की गई। लगातार अच्छे पौष्टिक आहार मिलने से कृषिका का वजन 27 माह में 9.7 किलोग्राम हो गया और उसका पोषण स्तर सामान्य हो गया। अब कृषिका स्वस्थ्य एवं कुपोषण मुक्त हो गई है।
रायपुर /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन, विकास एवं श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, सूरजपुर एवं अम्बिकापुर जिले के प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार डॉ. डहरिया 8 दिसम्बर को रात्रि 9.30 बजे रायपुर से रेल द्वारा प्रस्थान कर 9 दिसम्बर को सवेरे 5.30 बजे सूरजपुर पहुंचेंगे और सवेरे 6 से 11 बजे तक सूरजपुर के विश्राम गृह में रहेंगे और 11 बजे वहां से बैकुण्ठपुर जिला कोरिया के लिए कार से प्रस्थान करेंगे। बैकुण्ठपुर में दोपहर 12.15 से 2.30 बजे तक स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे। डॉ डहरिया दोपहर 2.30 बजे बैकुंठपुर से शिवपुर चरचा जायेंगे और वहां 3.15 बजे से शाम 7 बजे तक स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद वहां से सूरजपुर जायेंगे एवं वहां विश्रामगृह में रात्रि विश्राम करेंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार डॉ. डहरिया 10 दिसम्बर को सवेेरे 10 बजे सूरजपुर से कार से प्रस्थान कर अम्बिकापुर जिला सरगुजा आयेंगे और अम्बिकापुर में 11 बजे से 12 बजे तक स्तरीय युवा महोत्सव में भाग लेने के बाद वहां से सूरजपुर जिले के प्रेमनगर जायेंगे और वहंा दो बजे से शाम 5 बजे तक स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे। डॉ डहरिया शाम 5 बजे प्रेमनगर से सूरजपुर के लिए प्रस्थान करेंगे और शाम 6.15 बजे सूरजपुर के विश्रामगृह पहुंचेंगे। डॉ. डहरिया रात्रि 10.50 बजे विश्राम गृह सूरजपुर से रेल्वे स्टेशन सूरजपुर जायेंगे और वहां से रात्रि 11.15 बजे ट्रेन से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।
माता-पिता के गुजरने के बाद गाँव के बड़े-बुर्जुगों को ही बनाया अपना अभिभावक
मनरेगा मेट बनकर बढ़ाई महिलाओं की भागीदारी
रायपुर /शौर्यपथ /
दुनिया में ऐसे कई दिव्यांग हैं, जिन्होंने अपनी कमजोरी को ही अपनी ताकत बनाया है। इन्होंने कभी हौसला नहीं खोया और सफलता के मुकाम पर पहुँचकर औरों के लिए आदर्श प्रस्तुत किया है। ऐसे ही उदाहरण प्रस्तुत करते हुए ग्राम मुंडाटोला विकासखण्ड छुईखदान जिला राजनांदगांव निवासी ठगन मरकाम ने दिव्यांगता को कभी जीवन में बाधक नहीं बनने दिया और कठिन परिश्रम से अपनी तकदीर को बदला है। दरअसल बात यह है दिव्यांग सुश्री ठगन मरकाम मुंडाटोला ग्राम पंचायत में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) में मेट बनकर न सिर्फ योजनाओं में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाया बल्कि वे स्वयं सश्क्त हुईं और अपने जीवन की शानदार नई शुरूआत की है। सुश्री ठगन मरकाम अपने काम से काफी खुश हैं और कहती हैं कि अगर व्यक्ति चाह ले तो सफलता में दिव्यांगता बाधक नहीं हो सकती है। गौरतलब है कि माता-पिता के गुजरने के बाद गाँव के बड़े-बुर्जुगों को ही अपना अभिभावक मानकर मनरेगा के जरिये गाँव के लिए कुछ कर गुजरने का हौसला रखने वाली वह आज सबके लिए आदर्श बन गई है।
35 वर्षीया सुश्री ठगन मरकाम एक पैर से दिव्यांग हैं और जनवरी 2021 से गाँव मुंडाटोला में महिला मेट की भूमिका का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही हैं। मेट बनने के बाद उन्होंने गाँव में नया तालाब निर्माण, विनय धुर्वे के खेत में भूमि सुधार कार्य एवं श्यामलाल के खेत में कूप निर्माण का कार्य करवाया है। उनकी सक्रियता से योजना के तहत खुले कामों में महिला श्रमिकों की भागीदारी बढ़कर 50 प्रतिशत पर पहुँच गई है। महात्मा गांधी नरेगा में वर्ष 2019-20 में जहाँ महिलाओं के द्वारा सृजित मानव दिवस रोजगार का प्रतिशत 42.36 था, वह वर्ष 2020-21 में बढ़कर 50.86 प्रतिशत हो गया। गाँव में महिलाओं के बीच अपने सरल व्यवहार को लेकर लोकप्रिय सुश्री ठगन ने अपनी लगनशीलता के बलबूते चालू वित्तीय वर्ष में भी महिलाओं की भागीदारी को 50 प्रतिशत बरकरार रखा है। नवम्बर, 2021 की समाप्ति तक गाँव में कुल रोजगार प्राप्त 615 श्रमिकों में से 310 महिला श्रमिकों को 6802 मानव दिवस का रोजगार मिल चुका है।
मनरेगा मेट ठगन का अतीत कठिन परिश्रम और संघर्षों से भरा रहा है। मनरेगा मजदूर से मनरेगा मेट बनने का सफर उनके लिए आसान नहीं था। माता-पिता के स्वर्गवास होने और बहनों के विवाह उपरांत वह परिवार में अकेली हो गई थी। एक पैर से दिव्यांग होने के कारण पंचायत से उन्हें उनकी क्षमता के अनुसार काम मिलता था। अपने अतीत के संघर्षों के बारे में ठगन मरकाम कहती हैं कि उनके पास लगभग डेढ़ एकड़ की पुश्तैनी कृषि भूमि है, जिसे वे अधिया में देकर कृषि कार्य कराती हैं। जीवन-यापन के सीमित साधनों के कारण उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। ऐसे में ग्राम रोजगार सहायक सरिता धु्रर्वे उनके लिए नवा बिहान (नई सुबह) बनकर आयी और उन्हें महात्मा गांधी नरेगा में महिला मेट के रुप में काम करने की सलाह दी। यह उनकी सलाह का ही परिणाम है कि ठगन गाँव में आज मनरेगा मेट के रुप में सम्मानपूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन कर पा रही हैं। मनरेगा से मिले पारिश्रमिक से उन्होंने अपने लिए एक सिलाई मशीन खरीद ली है, जिसका उपयोग वे अपनी आजीविका समृद्धि के लिए कर रही हैं।
रायपुर /शौर्यपथ /
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज उनके निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक शुरू।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रायपुर-बिलासपुर-दुर्ग संभाग के संभागायुक्त और जांजगीर-चांपा-राजनांदगांव-महासमुंद-बलौदाबाजार-बेमेतरा-रायगढ़-बालोद-रायपुर और बिलासपुर जिले के कलेक्टरों की बैठक ली।
बैठक में मुख्य रूप से गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष अब तक धान खरीदी की मात्रा तथा कृषक संख्या, मिलर बारदानें समिति में पहुंचाने की स्थिति, आगामी खरीदी हेतु बारदाना की उपलब्धता एवं स्टेकिंग प्लान, समितियों से धान उठाव, मिलर्स द्वारा चावल जमा करना, धान उपार्जन से संबंधित पंजीयन तथा राजस्व अभिलेखों की शुद्धि, धान खरीदी में संभावित संवेदनशील मामले, कृषकों को बेहतर अनुभव प्रदान करने तथा सूचनाएं एकत्रित करने हेतु जिले के प्रयास, धान खरीदी केन्द्रों पर टीकाकरण एवं कोविड टेस्टिंग की व्यवस्था और कोविड संक्रमण से निपटने हेतु जिलों की तैयारी के संबंध में समीक्षा की गई। निर्धारित विषयों पर जिला कलेक्टरों ने अब तक की प्रगति के विषय में विस्तार से मुख्य सचिव को जानकारी दी।
अमिताभ जैन ने बैठक में कहा है कि अलग-अलग बिन्दुओं पर धान खरीदी की प्रक्रिया के प्रगति की जानकारी से अवगत होने के लिए प्रति सप्ताह समीक्षा की जाएगी। आज की बैठक में नौ जिलों के प्रगति की समीक्षा की गई है। आगामी दिनों में भी जिलों में चल रहे धान खरीदी के प्रगति की समीक्षा की जाएगी। बैठक में जिलों के फीड बैक के आधार पर धान खरीदी में आ रही कठिनाईयों एवं अन्य तकनीकी विषयों का निराकरण राज्य स्तर पर किया जाएगा। जैन ने धान खरीदी केन्द्रों के लिए तैनात जोनल अधिकारियों को खरीदी केन्द्रों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए है। उन्होंने सभी कलेक्टरों से कहा है कि जिलों में जोनल अधिकारियों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक लेकर धान खरीदी केन्द्रों में आ रही कठिनाईयों, बेहतर प्रक्रियाओं की जानकारी ले और खरीदी की प्रक्रिया सुचारू रूप से संपादित कराएं। उन्होंने धान के उठाव में तेजी लाने के निर्देश दिए है।
मुख्य सचिव जैन ने धान खरीदी केन्द्रों में टेस्टिंग और टीकाकरण कैम्प नियमित रूप से लगाए जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा है कि धान खरीदी केन्द्रों को कलस्टर के रूप में बाटकर टीकाकरण और जांच की प्रक्रिया में तेजी लाए। जैन ने विदेशों से छत्तीसगढ़ आने वाले यात्रियों की टेस्टिंग के कार्य को गंभीरता पूर्वक करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा है कि हवाई अड्डों में स्थापित हेल्प डेस्क में ऐसे यात्रियों के नाम, पता एवं अन्य जानकारियां दर्ज कर ली जाए, जिससे उनकी टेªसिंग और जरूरी होने पर उपचार शुरू करने में सुविधा हो सके।
बैठक में खाद्य विभाग के सचिव श्री टोपेश्वर वर्मा, प्रबंध संचालक मार्कफेड सुश्री किरण कौशल, पंजीयक सहकारी समिति हिमशिखर गुप्ता, संचालक स्वास्थ्य नीरज बंसोड, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी अब्दुल कैसर हक उपस्थित थे। अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय सुब्रत साहू वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
