August 05, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    Naresh Dewangan

    Naresh Dewangan

    बस्तर जिला पत्रकार संघ में आयोजित हुआ श्रद्धांजलि सभा का कार्यक्रम

    जगदलपुर, शौर्यपथ । बस्तर के वरिष्ठ पत्रकार स्व. राजेंद्र बाजपेयी के निधन के उपरांत रविवार को नयापारा स्थित बस्तर जिला पत्रकार संघ भवन में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

    कार्यक्रम की शुरुआत स्व. बाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके पश्चात उपस्थित पत्रकारों ने उनके साथ बिताए संस्मरणों को साझा किया और पत्रकारिता क्षेत्र में उनके योगदान को अनुकरणीय बताया।

    श्रद्धांजलि सभा में अध्यक्ष मनीष गुप्ता, सचिव धर्मेंद्र महापात्र, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शिव प्रकाश सीजी, कनिष्ठ उपाध्यक्ष निरंजन दास, कोषाध्यक्ष सुब्बा राव, संयुक्त सचिव बादशाह खान सहित वरिष्ठ पत्रकार हेमंत कश्यप, गुप्तेश्वर सोनी, अनिल सामंत, संजीव पचौरी, सुनील मिश्रा समेत अनेक पत्रकार शामिल हुए।

    इस अवसर पर अध्यक्ष मनीष गुप्ता ने कहा कि "बस्तर की पत्रकारिता में स्व. राजेंद्र बाजपेयी का योगदान अविस्मरणीय है। संघ इस दुख की घड़ी में बाजपेयी परिवार के साथ खड़ा है।"

    कार्यक्रम के अंत में सचिव धर्मेंद्र महापात्र ने जानकारी दी कि स्व. राजेंद्र बाजपेयी की तेरहवीं एवं शांतिभोज का आयोजन आगामी 1 अक्टूबर को पत्रकार संघ भवन परिसर में किया जाएगा।

    दीपक वैष्णव की खास रिपोर्ट

    कोंडागांव, शौर्यपथ। कोंडागांव जिला मुख्यालय में एक ऐसे अधिकारी भी मौजूद है, जो हर छोटे से छोटे त्यौहार कहे या बड़े त्यौहार हमेशा जिले के हर खाद्य दुकान चाहे वो किराना हो फल या फिर होटल हो वहाँ पहुँच जाते है और खाद्य सामग्रियों का सेंपल तो जरूर लेते है पर सेम्पल ले जाने के पश्चात कभी वापस यह नहीं बताते की आप की सामग्री अच्छी है या बुरी या इन खाने के चीजों में यह कमियां पाई गई है ।

    कोंडागांव के फ़ूड सेफ्टी खाद्य सुरक्षा अधिकारी डी के देवांगन अब चर्चा का विषय बन के रह गए है एक वर्ष होने होने को है दीपों का त्यौहार दीपावली पुनः आने वाली है। आपको बता दें कि खाद्य अधिकारी डी के देवांगन के द्वारा रक्षा बंधन पर भी औचक निरक्षण कर सभी दूकानों का सेम्पल लिया गया था मगर किसी भी दुकानदार को अब तक यह नहीं बताया गया कि आप की खाद्य में अनियमितता प्राप्त हुआ है या नहीं।

    चर्चा में क्यों है फ़ूडसेफ्टी ऑफिसर

    सुत्रो की माने तो हर त्यौहार में इनके द्वारा सेम्पल लिया जाता है एक साल बीतने वाला है फिर 30 दिनों बाद दीपावली का त्यौहार आने को है मगर अब तक महोदय द्वारा सेफ्टी कैप व सेफ्टी दस्ताना पहनवाने में असफलता हासिल किया है एक साल पहले से कई जगहों का निरीक्षण करते हुए सेम्पल लिया गया मगर अब तक किसी के ऊपर कार्यवाही न किया गया न ही किसी को नहीं बताया गया कि कितनी अनियमितता हासिल हुई है जिससे उनके कार्यशैली पर सवाल खड़े होते नजर आ रहे है ।

    कुछ समय पहले भी शौर्यपथ की टीम के द्वारा उनसे रिकार्डडेट सवाल कैमरा चालू कर पूछा गया था कि कितने प्रतिष्ठानो को नोटिस जारी किया गया सेफ़्टी के नाम पे और कितने पर कार्यवाही की गई। पर जनाब ने बातों को काटा और दिखाता हु कह कर कैमरा बंद करा दिया गया । मगर अंत तक नोटिस नहीं दिखाया गया ।

    क्या है सवाल

    फ़ूडसेफ्टी ऑफिसर दीपक कुमार देवांगन के ऊपर अब सवाल खड़े हो रहे है कि एक साल बीत जाने के पश्चात भी अब तक असफलता क्यों हाथ लगी।

    क्यों बीच बीच मे दुकानदारों से सेंपल लेने के पश्चात भी परिणाम सामने नही आया, क्यों उन्हें अवगत नही कराया गया। या सिर्फ खाना पूर्ति कर दिखावे की कार्यवाही कर औचक निरीक्षण करते धौस जमाते घूमने का कार्य ही होता रहा है।

    जगदलपुर, शौर्यपथ।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आज जगदलपुर में मां दंतेश्वरी हवाई अड्डे पर आत्मीय स्वागत किया गया। वे धुरवा समाज और माहरा समाज के भवन का लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय के साथ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद बस्तर महेश कश्यप भी पहुंचे हैं।

    ​हवाई अड्डे पर वन मंत्री केदार कश्यप, ब्रेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, जगदलपुर के महापौर संजय पांडेय, पूर्व सांसद दिनेश कश्यप,पूर्व विधायक संतोष बाफना, महेश गागड़ा, डॉ सुभाऊ कश्यप, लच्छू कश्यप, बैदूराम कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदर राज पी., कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, सीईओ जिला पंचायत प्रतीक जैन ने स्वागत किया।

    By - नरेश देवांगन 

    जगदलपुर, शौर्यपथ। नवरात्र एवं बस्तर दशहरा पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की दंतेवाड़ा पैदल यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने बस्तर पुलिस व यातायात विभाग ने सराहनीय पहल की है। पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग के पर्यवेक्षण में शनिवार को परिवहन संघ सभागार, झाडेश्वर समिति नगरनार व बस स्टैंड जगदलपुर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    इस अवसर पर ट्रक मालिक, 300 ट्रक चालक व लगभग 100 ऑटो चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। यातायात डीएसपी संतोष जैन, प्रभारी मधुसूदन नाग व टीम ने चालकों से अपील की कि वे नियंत्रित गति में वाहन चलाएं, ओवरस्पीड व ओवरटेक से बचें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं तथा थकान होने पर विश्राम करें। साथ ही रात्रि में श्रद्धालु मार्ग पर परिवहन रोकने और वाहन की सभी लाइट चालू हालत में रखने जैसे महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

    पुलिस अधीक्षक ने श्रद्धालुओं से भी आग्रह किया कि वे यात्रा के दौरान सड़क के बाएं किनारे चलें, सड़क पर बैठकर विश्राम करने से बचें तथा सुरक्षित कैंपों का उपयोग करें। जरूरत पड़ने पर पुलिस पेट्रोलिंग वाहन या आपातकालीन नंबर से तुरंत सहायता लें।

    श्रद्धालुओं व वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर यातायात विभाग का यह सतत प्रयास जनहित में सराहनीय माना जा रहा है। “सुरक्षित सफर ही सुरक्षित जीवन” का संदेश पूरे जिले में जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है।

    By- नरेश देवांगन 

    जगदलपुर, शौर्यपथ।विश्कर्मा जयंती के पावन अवसर पर बुधवार को यातायात विभाग जगदलपुर ने अपने वाहनों की विशेष पूजा-अर्चना दंतेश्वरी मंदिर में कराई। पूजा-अर्चना के दौरान दंतेश्वरी माता से सुरक्षित यातायात व्यवस्था, दुर्घटनामुक्त सेवाओं और जनहित में निरंतर कार्य करने की प्रार्थना की गई। विभाग के कर्मचारियों ने इसे परंपरा और श्रद्धा से जुड़ा अवसर मानते हुए अपने वाहनों की साफ-सफाई कर उन्हें पूजा में सम्मिलित किया।

    इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों ने संदेश दिया कि वाहन केवल सरकारी संसाधन नहीं, बल्कि जनता की सेवा का साधन हैं। उनकी सुरक्षा, देखभाल और सदुपयोग ही विभाग की प्राथमिकता है।

    बस्तर की आराध्य देवी मां दन्तेश्वरी के रथारूढ़ होने नए रथ निर्माण की हुई शुरुआत

    जगदलपुर, शौर्यपथ।  छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व की दूसरी प्रमुख रस्म 'डेरी गड़ाई' आज पूरे धार्मिक उत्साह और पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न हो गई। यह रस्म बस्तर दशहरा की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिसके साथ ही बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की परिक्रमा के लिए रथ निर्माण की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से शुरू करने की अनुमति प्राप्त हुई। इस अवसर पर सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण देव, महापौर संजय पांडे, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, कलेक्टर हरिस एस, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण, बस्तर दशहरा पर्व के पारंपरिक सदस्य मांझी-चालकी, नाइक-पाइक, मेंबर-मेंबरिन और बड़ी संख्या में स्थानीय समुदाय उत्साहपूर्वक शामिल हुए।

                बस्तर दशहरा पर्व के डेरी गड़ाई रस्म के तहत बिरिंगपाल गांव से विशेष रूप से लाई गई साल की पवित्र टहनियों को सिरहासार में खंभों के साथ विधि-विधानपूर्वक गाड़ा गया। यह प्रक्रिया पारंपरिक वाद्य यंत्रों की स्वर लहरियों के बीच मंत्रोच्चार और परम्परागत रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई। इस रस्म का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह बस्तर दशहरा के रथ निर्माण की शुरुआत का प्रतीक है। रस्म के दौरान सिरहासार में रथ निर्माण की अनुमति के लिए विशेष पूजा-अर्चना की गई। 

              डेरी गड़ाई रस्म के अवसर पर महिलाओं ने हल्दी खेलने की परंपरा को निभाया, जिसमें वे एक-दूसरे पर हल्दी छिड़ककर उत्सव की खुशी को साझा करती हैं। यह दृश्य स्थानीय संस्कृति की जीवंतता और सामुदायिक एकता को दर्शाता है। हल्दी खेलने की यह परंपरा उत्साह बढ़ाती है। इसके साथ ही सामाजिक समरसता को भी मजबूत करती है। डेरी गड़ाई रस्म के समापन के साथ ही रथ निर्माण का कार्य विधिवत शुरू हो गया है। इस कार्य को झाड़ उमरगांव और बेड़ा उमरगांव के संवरा जाति के कुशल कारीगर संपन्न करेंगे। ये कारीगर अपनी परंपरागत तकनीकों और औजारों का उपयोग करते हुए रथ को तैयार करेंगे, जो आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की रथारूढ़ होने के साथ परिक्रमा के लिए उपयोग किया जाएगा। रथ का निर्माण पूरी तरह से पारंपरिक तरीके से किया जाता है, जिसमें आधुनिक उपकरणों का उपयोग नहीं होता। यह प्रक्रिया न केवल कारीगरी का उत्कृष्ट नमूना है, बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को भी जीवित रखती है। रथ का उपयोग बस्तर दशहरा के दौरान मां दंतेश्वरी की शोभायात्रा में किया जाएगा। यह रथ उत्सव का एक केंद्रीय प्रतीक है, जो मां दंतेश्वरी के प्रति श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। रथ की परिक्रमा बस्तर दशहरा के सबसे आकर्षक और धार्मिक दृश्यों में से एक होती है, जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं। साथ ही देश-विदेश के सैलानी भी ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व के साक्षी बनते हैं।

    जगदलपुर, शौर्यपथ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आज जगदलपुर में मां दंतेश्वरी हवाई अड्डे पर आत्मीय स्वागत किया गया। वे बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने और राहत कार्यों की समीक्षा करने के लिए पहुंचे हैं।

    ​हवाई अड्डे पर सांसद महेश कश्यप, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, जगदलपुर के महापौर संजय पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, आयुक्त नगर निगम प्रवीण वर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री साय के साथ वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और सचिव श्रीमती रीना बाबा साहब कंगाले भी पहुंचे हैं।

    ​हवाई अड्डे पर स्वागत के बाद मुख्यमंत्री श्री साय सड़क मार्ग से दंतेवाड़ा के लिए रवाना हो गए। वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे और स्थिति का जायजा लेंगे। इसके साथ ही, वे राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा भी करेंगे ताकि प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।

    एक पेड़ माँ के नाम 2.0 पौधारोपण के लक्ष्य को साय सरकार ने किया पूरा- केदार कश्यप 

    जगदलपुर, शौर्यपथ । आज प्रदेश के वनमंत्री केदार कश्यप बस्तर के बेसोली स्थित शासकीय महाविद्यालय में आयोजित वन महोत्सव और फल उद्यान लोकार्पण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। वनमंत्री श्री कश्यप ने इस अवसर पर "मौलश्री" का पौधा लगाकर वन विभाग बस्तर वन मंडल के वन महोत्सव का औपचारिक शुभारम्भ किया एवं वन मंत्री ने आम जनता से अपील की कि वे अपने घर, मोहल्ले और आसपास के क्षेत्रों में पौधारोपण कर इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

    वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि वर्ष 1950 से देशभर में वन महोत्सव का आयोजन किया जाता रहा है, जिसका उद्देश्य वनों का संरक्षण, पौधारोपण को बढ़ावा देना और वृक्षों के प्रति जन जागरूकता फैलाना है। उन्होंने कहा हमारी विष्णुदेव साय सरकार ने भी वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ में 2 करोड़ 76 लाख पौधरोपण का लक्ष्य तय किया था जिसे वन विभाग ने छत्तीसगढ़ के नागरिकों, स्व सहायता समूहों और महतारी वंदन योजना के हितग्राही महिलाओं के सहयोग से पूरा कर लिया है। लक्ष्य प्राप्ति के बाद भी विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ प्रदेश की हरियाली और सुंदरता को बनाये रखने के उद्देश्य से वृक्षारोपण के कार्य में लगी है। 

    उन्होंने कहा एक पेड़ माँ के नाम 2.0 अभियान के तहत पिछले दो महीनों में राज्य भर में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया गया। इसमें केवल वन विभाग ही नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास विभाग, जीविका समूह, उद्यान विभाग, अन्य सरकारी संस्थान, गैर-सरकारी संगठन और सामाजिक क्लब भी शामिल हुए। ऐसे सभी लोगों का ह्रदय से आभार। 

    फल उद्यान का लोकार्पण, पांच एकड़ में फैला है उद्यान

    आज वनमंत्री केदार कश्यप ने बेसोली फल वाटिका का उदघाटन किया। महाविद्यालय कैंपस के पाँच एकड़ क्षेत्र में लगभग 775 फलदार एवं अन्य पौधों का रोपण किया गया है। जिसमें आम 180, जामुन 175,अमरुद 175, कटहल 75, सीताफल 75, फ्लावरिंग 95 इसके साथ रामफल, लक्ष्मण फल, हनुमान फल, रूद्राक्ष, लक्ष्मी तरु, बेल इस तरह कुल अलग अलग किस्म के 775 पौधे रोपे गए हैं. 

     

    तेंदूपत्ता महिला हितग्राहियों को चरण पादुका का वितरण एवं चेक वितरण

     वन महोत्सव में वनमंत्री केदार कश्यप ने तेन्दुपत्ता संग्रहण करने वाले महिला हितग्राहियों को चरण पादुका का वितरण किया। वनमंत्री केदार कश्यप ने इस दौरान लोगों को बताया कि पिछले कांग्रेस शासन में न तेन्दु पत्ते का खरीदी हुआ बल्कि चरण पादुका जैसे महत्वपूर्ण योजना जो सीधा हमारे आदिवासी भाई बहनों के हित से जुड़ा था ऐसी हितग्राही मुलक योजना को बंद कर दिया गया था। उन्होंने कहा आज विष्णुदेव साय सरकार में यह योजना फिर से शुरू हो गयी है। वनमंत्री केदार कश्यप ने बताया कि बस्तर संभाग में अब तक पुरे प्रदेश में लगभग 2 लाख से अधिक चरण पादुका का वितरण किया जा चूका है। वनमंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम के दौरान ग्राम चेराकुर के श्रीधर बघेल को राज मोहिनी देवी तेंदूपत्ता सामाजिक सुरक्षा बीमा योजना के तहत 2 लाख का चेक प्रदान किया। 

     

    इस दौरान कार्यक्रम में कार्यक्रम में बस्तर के पर्व सांसद दिनेश कश्यप, बस्तर भाजपा जिलाध्यक्ष वेद प्रकाश पाण्डेय, निर्देश दीवान, शकुंतला कश्यप, पूर्व जिला अध्यक्ष रुपसिंह मण्डावी, मंडल अध्यक्ष प्रवीण सांखला, खितेश मौर्य, गौरव कश्यप, जमुना ठाकुर एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

    जगदलपुर, शौर्यपथ। बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर को देश-दुनिया के सामने लाने के उद्देश्य से आज जगदलपुर में “कनेक्ट बस्तर” का भव्य शुभारंभ हुआ। यह अनूठी पहल पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    उद्घाटन समारोह का शुभारंभ पारंपरिक स्वागत और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में किरण सिंह देव (विधायक), वेद प्रकाश पाण्डेय (बीजेपी जिला अध्यक्ष), रूप सिंह मंडावी (पूर्व जिला अध्यक्ष) सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

    समारोह में समिति द्वारा चयनित वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इसके साथ ही विभिन्न पर्यटन स्थलों पर आधारित विशेष पैकेज और एक ब्राउज़र प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया गया, जिससे पर्यटक बस्तर की खूबसूरती को डिजिटल माध्यम से आसानी से खोज सकेंगे।

    कार्यक्रम के दौरान कही गई अहम बातें वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा,

    “बस्तर क्षेत्र केरल से बड़ा है और इसकी प्राकृतिक सुंदरता अद्वितीय है। वर्ष 2026 तक इस क्षेत्र को नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य है। पर्यटन को उद्योग के रूप में विकसित करके स्थानीय लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।”

    विधायक किरण सिंह देव ने कहा,“‘कनेक्ट बस्तर’ बस्तर के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे गाँवों के लोगों को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर पहचान मिलेगी।”

    इस कार्यक्रम के प्रमुख आयोजकों में सीसीएफ सुश्री स्टायलो मंडावी, नवीन कुमार (निदेशक, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान) और उत्तम गुप्ता (डीएफओ बस्तर वनमंडल) रहे। कार्यक्रम का समापन भूषण साहू, डिप्टी एमडी, बस्तर वन मंडल द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।

    कनेक्ट बस्तर’ के प्रमुख उद्देश्य

    पर्यटन बढ़ावा: बस्तर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करना।

    सांस्कृतिक संवर्धन: बस्तर की लोकसंस्कृति, लोकनृत्य, संगीत, हस्तशिल्प और त्योहारों को बढ़ावा देना।

    स्थानीय रोजगार: होमस्टे, गाइडिंग, हस्तशिल्प और पर्यटन से जुड़े रोजगार के अवसर सृजित करना।

    प्रकृति एवं वन्यजीव संरक्षण: पर्यटकों में पारिस्थितिकी और जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना।

    सांस्कृतिक और प्राकृतिक अनुभव: झरनों, गुफाओं, मंदिरों और बस्तर की पारंपरिक जीवनशैली का अनुभव कराना।

    ‘कनेक्ट बस्तर’ पहल न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक पहचान और पारिस्थितिक संरक्षण को भी नई ऊँचाई प्रदान करेगी।

    महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा महतारी सदन- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

    जगदलपुर, शौर्यपथ।  प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायतों में ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने तथा आपसी समरसता स्थापित करने सामायिक कार्यक्रमों में सामूहिक भागीदारी तथा महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देशानुसार महतारी सदन का निर्माण कार्य किया जाना है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयास से 166 महतारी सदन की स्वीकृति आदेश जारी किया गया है, इसके लिए 49 करोड़ 80 लाख रुपये की स्वीकृति जारी की गई है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि न्यू इंडिया के ग्रोथ साइकल में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत अभियान महिलाओं की क्षमता को देश के विकास के साथ जोड़ रहा है। प्रदेश के ग्राम पंचायतों में बनने जा रहा महतारी सदन भी इसी दिशा में एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि लगातार ग्राम भ्रमण के दौरान महिलाओं द्वारा बैठने की स्थान न होने की शिकायत की और बैठने हेतु स्थान दिलाने की मांग की जाती रही इसलिए महतारी सदन बनाने का विचार आया। ततपश्चात महिलाओं को रोजगार दिलाने और उनको काम काज के लिए स्थान उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार गांवों में महतारी सदन बनाने जा रही है। अब तक 368 महतारी सदन की स्वीकृति इसी उद्देश्य को पूर्ति के लिये जारी किया गया है। कार्यों में एकरूपता के दृष्टिकोण से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कार्य का एक मानक डिजाईन एवं प्राक्कलन तैयार किया गया है। प्रति महतारी सदन की लागत राशि रुपये 30 लाख होगी। 

     

    5 वर्षो में सभी ग्राम पंचायतों में महतारी सदन बनाने की योजना

    प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में महतारी सदन बनाया जाएगा। महतारी सदन बनाने की शुरुआत हो गयी है। पहले चरण में प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में महतारी सदन बनना प्रारंभ किया जा रहा है व 5 साल में सभी ग्राम पंचायत में महतारी सदन बनेंगे। प्रदेश में बनने वाले महतारी सदन का निर्माण लगभग 25 सौ वर्गफुट में कराया जाएगा। सदन में कमरा, शौचालय, बरामदा, हाल, किचन और स्टोररूम जैसी सुविधाएं शामिल हैं। पानी के लिए ट्यूबवेल के साथ वाटर हार्वेस्टिंग भी किया जाएगा। महिलाओं की सुरक्षा के लिए इसमे बॉउंड्रीवाल भी बनाये जाएंगे। महतारी सदन में सामुदायिक शौचालय का भी निर्माण किया जाएगा।

     

    बस्तर जिले में नए आठ महतारी सदन स्वीकृत

    बस्तर जिले में आठ नए महतारी सदन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें बस्तर विकासखंड का करंदोला, केशरपाल, चमिया, परचनपाल जगदलपुर विकासखंड का आड़ावाल, दरभा विकासखंड का दरभा और ग़ुमड़पाल, बकावंड विकासखंड का करपावन्ड शामिल है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी बस्तर जिले में 10 महतारी सदन निर्माण की स्वीकृति राज्य शासन द्वारा प्रदान की जा चुकी है, जिसमें दरभा विकासखंड के चिंगमपाल, तोकापाल विकासखंड के परपा और लोहंडीगुड़ा विकासखंड के उसरीबेड़ा में महतारी सदन के निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष महतारी सदन निर्माण का कार्य प्रगति पर हैं।

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision