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दुर्ग। शौर्यपथ । दुर्ग NSUI शहर अध्यक्ष हितेश सिन्हा के नेतृत्व में आज नगर पुलिस अधीक्षक श्री विवेक शुक्ला जी को दुर्ग शहर के साथ ही आस पास के ग्रामीण आंचलों में हर गाली मोहल्ले में चल रहे अवैध कारोबार सट्टा,जुआ के साथ ही प्रतिबंधित चीजे गांजा शराब बिक्री को तत्काल बंद करवाने के लिए ज्ञापन सौप करके पुलिस प्रशासन को जानकारी देकर चल रहे अवैध कारोबार जो भयंकर रूप से फलफूल रहा है जिसके को लेकर दुर्ग NSUI ने तत्काल बंद कराने एवं जो भी व्यक्ति इस कारोबार को बढ़ावा देने में लिप्त है ऐसे लोगो को चिंहित कर जल्द से जल्द कार्यवाही करने की मांग की किए एक सप्ताह के अंदर अवैध कारोबार पर अंकुश नही लगा तो प्रदेश के मुखिया श्री भूपेश बघेल जी,गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू से मिल करके इसकी शिकायत कर उचित कार्यवाही करने की मांग करेंगे.।।
*नीचले बस्तियों में जल भराव ना हो, निगम ने की है तैयारी...* *निगम, नाला और नालियों से कचरा निकालने का चला रहा है अभियान....* *आम जनता से अपील अपने घर के आस-पास नालियों में घर का कचरा ना डाले....निगम*
दुर्ग /शौर्यपथ/ बारिश के समय शहर के निचली बस्तियों में बारिश के पानी से जलभराव की स्थिति निर्मित ना हो इसके लिए विशेष अभियान चलाकर नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा शहर के सभी बड़े नाला और वार्ड बस्तियों में स्थित छोटी बड़ी नालियों से कचरा मलमा निकालकर तल से सफाई की जा रही है । समस्त आम जनता से अपील है कि आपके द्वारा अपने घरों का कचरा घर के आस- पास के नालियों में डाल दिए जाने के कारण छोटी नाली से होकर बड़े नाला में कचरा आकर फंस जाता है । जिससे निचली बस्तियों में पानी भरने की समस्या होती है । नगर निगम द्वारा सभी नालियों से कचरा और मलबा निकालने का कार्य किया जा रहा है अत: अनुरोध है कि कोई भी व्यक्ति अपने घरों का कचरा अपने घर के आस-पास की नालियों में बिल्कुल ना डालें । उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत स्वच्छता सर्वेक्षण के स्टार रेटिंग में केवल नालियों में कचरा मिलने के कारण ही दुर्ग निगम स्टार रेटिंग फेल हुआ है । पूरे शहर के छोटे बड़े नालियों से कचरा निकालने का अभियान निरंतर चलाया गया है । इसके साथ ही बड़े नाला से भी जेसीबी के माध्यम से मलमा और कचरा निकाला जा रहा है ताकि आने वाले समय में बारिश के दौरान किसी भी बस्ती व क्षेत्र में जलभराव की स्थिति ना हो और पानी सुगमता से निकास हो सके । इस कड़ी में नगर निगम दुर्ग द्वारा पोटिया कला वार्ड विवेकानंद नगर में स्थित बड़े नाला से कचरा मलमा निकाल कर जेसीबी से सफाई किया गया । इसी तरह से मग्गा होटल के पास से होकर मिलपारा की बड़ी नाली की सफाई की गई । इसी कड़ी में न्यू पुलिस लाइन वार्ड 48, गायत्री मंदिर वार्ड 25 गंजपारा वार्ड 36, नयापारा वार्ड 1, शंकर नगर वार्ड 10, --11, पोलसाय पारा वार्ड 27, संतरा बाड़ी वार्ड 26, आमदी मंदिर वार्ड 24, दीपक नगर वार्ड 23, शंकर नाल, गिरधारी नाला, पोटिया नाला, कसारीडीह नाला, केलाबाड़ी नाला, शक्ति नगर नाला, तकिया पारा, पोटियाकला वार्ड 54, आजाद वार्ड 37, आदि नालियों से कचरा निकाल कर सफाई की गयी । आयुक्त बर्मन ने बताया बारिश के दौरान किसी भी क्षेत्र में बारिश का पानी नालियों के कारण ना भरे इसके लिए अभियान चलाकर सभी नालियों से कचरा और मलमा निकाला जा रहा है । उन्होंने कहा शहर के बहुत से लोग अपने घरों का कचरा नालियों में डाल दे रहे हैं जिसके कारण कचरा छोटी नाली से होकर नाला में आकर फंसता है और इससे नाली में पानी निकासी रुक जाता है और संबंधित क्षेत्र में पानी भरने की समस्या होती है सभी लोगों से अपील है की वे नालियों में कचरा ना डालें शहर को साफ सुथरा रखने में नगर निगम को सहयोग प्रदान करे ।
शौर्यपथ लेख । फेसबुक वॉल में एक विचार दिखा जिसे एक महिला द्वारा पोस्ट किया गया था । पोस्ट में लिखी बाते सोंचने पर मजबूर कर देती है कहने को तो भारत मे अभिव्यक्ति की आजादी है महिलाओं का सम्मान भी है किंतु ऐसे कई क्षेत्र है जहां महिलाओं का सिर्फ उपयोग ही किया जाता है उन्ही क्षेत्री में एक क्षेत्र है विज्ञपन कि दुनिया का । विज्ञपन की दुनिया मे शायद ही कोई विज्ञपन का निर्माण हुआ हो जिसमें महिलाओं की भागीदारी ना हो किन्तु इसमे से कई विज्ञपन ऐसे है जो महिलाओं की उपयोग की वस्तु ना होने के बाद भी उनमें भागीदारी दिखती है । मेंस शेविंग क्रीम , मेंस वियर , मेंस ऑटो , मेंस ड्रिंक्स जैसे कई प्रोडूक्त है जिनका महिलाओं से कोई परोक्ष सम्बन्ध नही होता किन्तु बावजूद इसके ऐसे विज्ञापनों में इनकी भागीदारी एक विशेष ड्रेसिंग सेंस के साथ दिखाई जाती है ऐसे ही कुछ विज्ञापनों के बारे में एक महिला ने अपने विचार प्रकट किए है जो सोंचने पर मजबूर कर देते है कि क्या ये सही है ... पोस्ट के अंश आप सम्मानित पाठकों को समर्पित यह एक ऐड है जिसमें स्कूटर दिख रहा है.. स्कूटर बिक रहा हैसच कहूँ तो पहली नजर में स्कूटर दिखा ही नहीं..क्योंकि सबकी नजर स्कूटर पर गयी ही नही होगी ...? क्यों सच छिपाऊं,, मैं सोच रही हूँ ,, आखिर ये हो क्या रहा है..?? नारी क्यों देख औेर समझ नहीं पा रही कि बाजार ने उसे एक वस्तु बना दिया है,, वो क्यों विरोध नही करती..?? अगरबत्ती के ऐड में महिला,, शेविंग क्रीम के ऐड में महिला,, डिओ के ऐड में महिला की अमुक डिओ लगाओगे तो,, खिंची चली आंती है ,, पुरुषों के इनर वियर में महिला.. 18-20 साल के लड़के ओर लड़कियों पर इसका क्या असर हो रहा है? उसका समाज पर क्या असर होगा..?? एक परफ्यूम का विज्ञापन है जिसमें लड़की अपने पुरूष मित्र का परिचय माता पिता से कराती है। जब लड़का लड़की की माँ को आण्टी कहकर संबोधित करता है तो प्रौढ़ महिला उसे उसका नाम लेकर पुकारने को कहती है। उधर उसके पति के हाथ में पकड़े हुये पॉपकार्न के पैकेट भिंच जाते हैं, यह विज्ञापन क्या संदेश दे रहा है, समाज को..?? क्या परफ्यूम इतना प्रभाव कारी है कि एक अधेड़ महिला उससे प्रभावित होकर पति और बेटी के सामने इतनी निर्लज्ज हो जाती है..?? कुछ लड़कियां कहती है कि हम क्या पहनेंगे ये हम तय करेंगे, पुरुष नहीं..मैं आपकी बात से सहमत हो सकती हूँ लेकिन वुमन empowerment के नाम जो समाज के सामने जो अश्लीलता परोसी जा रही है उसके कारण देश के युवाओं और समाज पर जो इफेक्ट आ रहा है उसका जिम्मेदार कौन है..?? वह जो जिसे दिखाया जा रहा है या वह जो यह दिखा कर फायदा अपना फायदा उठा रहा। किसी भी प्रोडक्ट को बेचने के लिए किसी औरत या लड़की को अश्लील तरीके से दिखाना कहाँ तक वुमन इंपावरमेंट के अंदर आता है..?? समय बदल रहा है ...कहकर अंग प्रदर्शन करना कहा तक उचित है .. हा मानती हूँ समय अनुसार चलना चाहिए ..पर किस किताब मे लिखा है की ..अंग प्रदर्शन करो .. आज लड़के और लड़कियों मे कोई भेद नही बल्कि मे तो कहूँगी लड़कियां हर फिल्ड मे आगे है आज समाज मे .. आधुनिकता को इतना मत ओढ़ लो की अपनी सभ्यता ही भूल जाओ .. मे भी एक पढ़ी लिखी डॉक्टर हूँ .. पर पैसा कमाने के लिए देह प्रदर्शन का विरोध करती हूँ . सत्य ये है की अश्लीलता को किसी भी दृष्टिकोण से सही नहीं ठहराया जा सकता। ये कम उम्र के बच्चों को यौन अपराधों की तरफ ले जाने वाली एक नशे की दूकान है।ऊंचा उठने के लिए अंग प्रदर्शन नही ...बल्कि अपने अंग को ढककर ऊंचा बनकर दिखाओ आपकी पहचान आपके कम कपड़ों के फोटो से नही ..बल्कि नाम से होनी चाहिए .असल मे वहीं आपकी सच्ची सफलता है
बेमेतरा । शौर्यपथ । संत आशारामजी बापू द्वारा प्रेरित युवा सेवा संघ जिला बेमेतरा ने विश्व पर्यावरण दिवस एवं वट पूर्णिमा व कबीरजी जयंती के उपलक्ष्य पर विभिन्न जगहों में किया वृक्षारोपण । युवा सेवा संघ जिला बेमेतरा के अध्यक्ष सोनू साहू ने बताया पीपल का वृक्ष दमानाशक, हृदयपोषक, ऋण-आयनों का खजाना, रोगनाशक, आह्लाद व मानसिक प्रसन्नता का खजाना तथा रोगप्रतिकारक शक्ति बढानेवाला है । बुद्धू बालकों तथा हताश-निराश लोगों को भी पीपल के स्पर्श एवं उसकी छाया में बैठने से अमिट स्वास्थ्य-लाभ व पुण्य-लाभ होता है । पीपल की जितनी महिमा गायें, कम है । पर्यावरण की शुद्धि के लिए जनता-जनार्दन एवं सरकार को बबूल, नीलगिरी (यूकेलिप्टस) आदि जीवनशक्ति का ह्रास करनेवाले वृक्ष सडकों एवं अन्य स्थानों से हटाने चाहिए और पीपल, आँवला, तुलसी, वटवृक्ष व नीम के वृक्ष दिल खोलके लगाने चाहिए । इससे अरबों रुपयों की दवाइयों का खर्च बच जायेगा । ये वृक्ष शुद्ध वायु के द्वारा प्राणिमात्र को एक प्रकार का उत्तम भोजन प्रदान करते हैं । पूज्य बापूजी कहते हैं कि ये वृक्ष लगाने से आपके द्वारा प्राणिमात्र की बडी सेवा होगी । यह लेख पढने के बाद सरकार में अमलदारों व अधिकारियों को सूचित करना भी एक सेवा होगी । खुद वृक्ष लगाना और दूसरों को प्रेरित करना भी एक सेवा होगी । जिसमे प्रदीप साहू, शिद्धान्त चौहान,कुश कश्यप, हेमलाल साहू, महेश, रेवाराम,राधेश्याम,सुमन साहू,अनूप, खेमलाल ,प्रह्लाद साहू,आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे।*
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर पालिक निगम में अधिकारियों कर्मचारियों के अनियमितता के मामले आये दिन उजागर होते ही रहते है भर्ष्टाचार / अनियमितता का दूसरा पर्याय के रूप में दुर्ग निगम की पहचान बनते जा रही है . एक तरफ निगम की नाक के नीचे घटिया पेंट ( एम् आई सी भवन ) के नज़ारे के बाद भी अधिकारियों के ख़ास बने ठेकेदारों को ऑफलाइन ठेके पद्दति से नित नए काम मिल रहे है और घटिया निर्माण / कार्य पर अधिकारी आँख बंद रखे हुए है वही ठ्केदारो की फाइल जो नियमतः कार्यालय में होनी चाहिए किन्तु अधिकतर ठेकेदार अपनी फाइल अपने पास ही रखते है और बिना निरिक्षण दस्खत करने का कार्य इंजिनियर अपने केबिन में बैठ कर करते है . स्थल जाँच कार्यो में हो इसकी संभावना कम ही नजर आती है . हो सकता है कोई बड़ा कमीशन का खेल हो ठेकेदारों और इंजीनियरों में क्योकि साल भर पहले ही ऐसे ही एक मामले में सब इंजिनियर व्ही.पी. मिश्रा द्वारा सड़क पर सडक का निर्माण हुआ और ठेकेदारों को दोनों ही कार्यो के बिल का भुगतान हुआ . क्योकि जिनकी शिकायत के बाद भी किसी तरह की कार्यवाही नहीं हुई .
वर्तमान समय में निगम प्रशासन के मुखिया के तौर पर आयुक्त बर्मन द्वारा एक अहम् फैसला लिया गया जिसके तहत सहायक राजस्व निरीक्षक थान सिंह को बाज़ार प्रभारी के रूप में नियुक्त किया गया . किन्तु सबसे बड़ा सवाल यह है कि थान सिंह जो सालो से बाज़ार विभाग का कार्य देख रहे है अब जबकि प्रभारी है तो क्या इनके द्वारा इंदिरा मार्केट में सडको तक सामान फैला कर व्यापार करने वाले बड़े बड़े व्यापारियों पर कार्यवाही की जाएगी या सिर्फ निगम प्रशासन को कार्यवाही के नाम पर गुमराह करते रहेंगे और पद की गरिमा को धूमिल करेंगे ? क्या थान सिंह इंदिरा मार्केट में निगम के द्वारा लीज में दी गयी दुकाने जो बिना अनुमति के अपने मूल स्वरूप में परिवर्तन कर बरामदे तक सामन फैला कर व्यापार कर रहे है उन व्यापारियों पर कार्यवाही करेंगे या फिर ऐसे व्यापारियों पर विशेष कृपा दृष्टी रहेगी ? क्या थान सिंह शहर के ऐसे व्यापारी जो नियमो की अवहेलना करते हुए व्यापार कर रहे है उन पर कार्यवाही करेंगे या निगम प्रशासन का जोर एक बार फिर गरीबो पर ही मेहरबान रहेगा . निगम आयुक्त बर्मन द्वारा एक महत्तवपूर्ण फैसला लिया गया है और थान सिंह को बड़ी जिम्मेदारी दी गयी है क्या आयुक्त के फैसले पर थान सिंह खरे उतरेंगे या सिर्फ दिखावा में ही कार्य होगा . थान सिंह बाज़ार विभाग के सभी कार्यो से भलीभांति परिचित है बस अब समय है अपने पद की गरिमा को बनाए रखने की और निष्पक्ष ( भर्ष्टाचार से परे )होकर निगम के शासकीय कार्यो को करने की तथा ये साबित करने की सहायक क को महत्तवपूर्ण प्रभार देकर आयुक्त ने कोई गलती नहीं की .
दुर्ग / शौर्यपथ / आज से करीब साल भर पहले यही जून का महिना था और छावनी क्षेत्र में तेज आंधी तूफ़ान से एक बड़ी दुर्घटना घटने से बच गयी जिसके बाद मामला सामने आया ठेकेदार की कार्य में लापरवाही का .
मामला है आज से एक साल पहले का छावनी क्षेत्र के शासकीय स्कूल का मैदान जहां छावनी क्षेत्र के बच्चो का खेलने का एक मात्र बड़ा स्थान था . इस स्कूल के मैदान में भाजपा शासन के समय तात्कालिक मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय की अनुशंषा पर छावनी स्कूल के मैदान को बच्चो के खेलने के लिए तैयार किया गया था . इस मैदान में फल्ड लाइट की व्यवस्था की गयी थी और मैदान के चारो ओर 6 खम्बे लगाए गए थे जिसमे प्रत्येक खम्बे में 16 लाइट लगाई गयी थी . जिसके जलने से रात में भी दिन का नजारा होता था . यह मैदान वर्तमान में भिलाई निगम के महापौर देवेन्द्र यादव का विधान सभा क्षेत्र भी आता है और वार्ड में कांग्रेस पार्षद तुलसी जनप्रतिनिधि के तौर पर कार्य कर रही है . इस वार्ड में एक मात्र बड़े मैदान में लगी फ्लड लाइट पिछले साल जून के प्रथम सप्ताह में तेज आंधी तूफ़ान से क्षति ग्रस्त हो गयी थी जिसकी खबर शौर्यपथ समाचार ने १० जून के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की थी और वार्ड के जों आयुक्त संजय बांगडे व इंजिनियर अखिलेश चंद्राकर से मामले को संज्ञान में लेने का निवेदन किया गया था तब इंजिनियर चंद्राकर द्वारा ये विश्वास दिलाया गया था कि जल्द ही मैदान की लाइट की व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी और इन विद्युत् व्यवस्था के लिए निगम द्वारा परमानेंट बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन दिया जाएगा किन्तु आज साल भर बाद भी लाखो खर्च करके क्षेत्र के मासूम बच्चो के सुविधा के लिए बनाया गया मैदान आज बद्दतर स्थिति में है . आलम यह है खम्बो को जो उघड गया था उसे तो लगा दिया गया किन्तु उसमे लगने वाले फ्लड लाइट अब गायब हो गए . यही नहीं करीब के एक और खंबे की सभी फ्लड लाइट को भी निकाल कर ले जाया जा चूका है . स्कूल की केयर टेकर से प्राप्त जानकारी के अनुसार निगम प्रशासन द्वारा ये लाइट उतरवा कर ले जाया गया है . इस बारे में जब इंजिनियर चंद्राकर से संपर्क किया गया तो उनके अनुसार इस तरह के किसी भी कार्यवाही की जानकारी उन्हें नहीं होना बताया गया .
एक तरफ महापौर देवेन्द्र यादव द्वारा शहर में जगह जगह मैदान बनाने की बात कर रहे है वही दूसरी ओर छावनी क्षेत्र के एकमात्र बड़े मैदान से सुविधाए हटाई जा रही है . क्या महापौर देवेन्द्र यादव नित नए कार्यो का उद्घाटन कर जनता में अपने आप को भिलाई की भली वाले जनप्रतिनिधि बताने की कोशिश में लगे हुए है वही दूसरी तरफ जिस मैदान में सुविधाए है उसे हटवा रहे है या फिर निगम के अधिकारियों द्वारा महापौर को अँधेरे में रखा जा रहा है . क्या जोन आयुक्त संजय बांगडे इन सब कार्यो से अनजान है ? क्योकि वार्ड के इंजिनियर और पार्षद को भी नहीं मालुम की इस मैदान की लाइट कौन ले गया . क्या लाखो के सामन के गायब या अन्यंत्र कही ले जाने पर किसी ऐसे व्यक्ति का हाँथ तो नहीं जो महापौर या निगम प्रशासन की छवि को धूमिल करना चाहता है .
बड़ा सवाल ....
मैदान में निम्नं स्तर का कार्य करने वाले ठेकेदार पर निगम प्रशासन द्वारा क्या कार्यवाही की गयी ?
मैदान से फल्ड लाइट कौन ले गया और निगम प्रशासन अभी तक मौन क्यों है ?
वार्ड पार्षद द्वारा आखिर इस मामले को संज्ञान क्यों नहीं लिया गया ?
क्या महापौर देवेन्द्र यादव जो इस क्षेत्र के विधायक होने के साथ ही निगम क्षेत्र के महापौर है इस अनियमितता पर कोई कार्यवाही / निष्पक्ष जाँच का आदेश करेंगे ?
क्या महापौर के समर्थको या निगम के फिल्ड का कोई अधिकारी बिना जानकारी दिए इस मैदान की लाइट को अन्यत्र ले गया ?
क्या निगम के आयुक्त रघुवंशी मामले की निष्पक्ष जाँच करवाएंगे ?
क्या कांग्रेस राज में भाजपा के शासन में दी गयी सुविधाओ को बर्बाद किया जाएगा ?
मैदान की वर्तमान स्थिति के लिए देखे निचे अपलोड किये गए विडिओ को .....
रायपुर / शौर्यपथ / भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी गाईडलाईन अनुसार जिला रायपुर में नगर पालिक निगम रायपुर अंतर्गत मित्तल अस्पताल के पास ,खपराभट्टी क्षेत्र में 01 नया कोरोना पॉजिटिव केस पाये जाने के फलस्वरुप उक्त क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है। अपर कलेक्टर ने पूर्व में बंद है, पश्चिम में बाबी मसीह के घर के सामने,शंकर नगर रोड,उत्तर में देवार डेरा के सामने खपराभट्टी और दक्षिण में मित्तल अस्पताल के सामने खपराभट्टी को कंटेंटमेंट जोन घोषित किया है। इस कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश अथवा निकास हेतु केवल 01 द्वार होगा। जिसमें तैनात पुलिस अधिकारी, फिजिकल डिस्टेंसिग सुनिस्चित करते हुए मेडिकल इमरजेंसी और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति हेतु आवागमन करने वाले सभी व्यक्तियों का विवरण एक रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी दुकानें, ऑफिस एवं अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान आगामी आदेश पर्यन्त पूर्णतः बंद रहेंगें। प्रभारी अधिकारी द्वारा कन्टेनमेंट जोन में होम डिलीवरी के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति उचित दरों पर सुनिश्चित की जाएगी। आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी हेतु विधिवत परिवहन अनुमति इंसीडेंट कमांडर द्वारा दी जाएगी। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर अन्य किन्हीं भी कारण से कन्टेनमेंट जोन या मकान के बाहर निकलना प्रतिबंधित रहेगा। केवल मेडिकल इमरजेंसी की दशा में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर के द्वारा पास जारी कर इंसीडेंट कमांडर को सूचित किया जावे। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में संलग्न व्यक्ति फिजिकल डिस्टेंसिग तथा सेनिटाईजेशन सुनिश्चित करते हुये कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश कर सकेंगें। अन्य किसी भी व्यक्ति को कन्टेनमेंट जोन से बाहर निकलना अथवा अन्दर आना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। कन्टेनमेंट जोन में उपरोक्तानुसार लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराने हेतु संबंधित थाना प्रभारी उत्तरदायी होगे।कन्टेनमेंट जोन में शासन की गाईडलाईन अनुसार व्यवस्था बनाये रखने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, रायपुर के द्वारा आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जावेगी।जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा संबंधित क्षेत्र में शासन के निर्देशानुसार कान्टेक्ट ट्रेसिंग, स्वास्थ्य निगरानी तथा सैम्पल की जांच इत्यादि आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी। कंटेंटमेंट जोन में प्रवेश अथवा निकास हेतु केवल 01 द्वार की व्यवस्था बेरिकेटिंग के लिए अभिनव श्रीवास्तव,अनुविभागीय अधिकारी, लोकनिर्माण विभाग, विधानसभा संभाग, रायपुर मो.नं. 94241-20983, लोक निर्माण विभाग की मांग अनुसार बैरिकेडिंग हेतु बांस-बल्ली की आपूर्ति हेतु विश्वनाथ मुखर्जी, उप वनामंडलाधिकारी रायपुर वनमंडल, रायपुर 90092-42222, कंटेंटमेंट जोन में सेनिटाइजेशन तथा आवश्यक वस्तुाओ की आपूर्ति व्यवस्था हेतु अरुण कुमार साहू,जोन आयुक्त नगर पालिक निगम,जोन क्रमांक-03 रायपुर, मो नं. 81091-13933, घरो का एक्टिव सर्विलांस, स्वास्थ्य टीम को एसओपी अनुसार दवा, मास्क, पीपीई इत्यादी उपलब्ध कराने एवं बायोमेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु श्रीमति मीरा बघेल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, रायपुर मो.नं. 94255-16797, उपरोक्त दर्शित क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सहित अन्य समस्त आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु इंसीडेंट कमांडर श्रीमती अंकिता गर्ग,डिप्टी कलेक्टर एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी नगर रायपुर मो.नं. 96695-52437, भारत सरकार एवं राज्य शासन के द्वारा समय-समय पर जारी गाईड लाईन अनुसार कंटेंटमेंट जोन में लाकडाउन का कडाई से पालन सुनिश्चत करने हेतु गौतम चंद गावड़े,थाना प्रभारी,थाना पंडरी,रायपुर मो.नं. 94791-91038 को नियुक्त किया गया है।
दुर्ग । शौर्यपथ । 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस है इस दिन आम जनता पेड़ पौधे लगा कर पर्यावरण की रक्षा की बात करती है कोई इसे लंबे समय तक निभाता है कोई कुछ दिनों के लिए किन्तु पर्यावरण दिवस के दिन दुर्ग पुलिस द्वारा ssp यादव के मार्गदर्शन में एक नई पहल की शुरुवात की है । दुर्ग पुलिस द्वारा बेजुबान पक्षियों के लिए गर्मी के मौसम में दाना पानी की व्यवस्था की । एक विशेष प्रकार के डब्बे में दाना पानी को रखकर थाना परिसरों में इसे लगाया जाएगा गर्मी के मौसम में बेजुबान पक्षियों के लिए दाना पानी की व्यवस्था । पहल का शुभारंभ SSP अजय यादव द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर 6 से किया गया । इस मौके पर asp रोहित झा सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे ।
ना सोशल डिस्टेंसिंग, ना सैनिटाइजिंग, ना थर्मल स्कैनर अनियंत्रित भीड़ के कारण कोरोनासंक्रमण को आमंत्रण दे रहा नगर निगम दुर्ग
भाजपा नेताओं को मजदूरों की रोटी की नहीं बल्कि अपनी राजनीतिक रोटी की चिंता है
घर में बैठेकर भाजपा के नेता मजदूरों के नाम से मात्र राजनीति कर रहे हैं-कांग्रेस
रायपुर / शौर्यपथ / क्वॉरेंटाइन सेंटर के नाम से बयान बाजी कर रहे भाजपा नेताओं को कांग्रेस ने तीखा जवाब दिया प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लॉक डाऊन वन में ही मजदूरों के लिये स्पेशल ट्रेन चलाने उनके सकुशल घर वापसी कराने की मांग मोदी भाजपा की सरकार से किए थे।उस दौरान छत्तीसगढ़ भाजपा के नेता सांसद और विधायक मजदूरों के मसले में मौन रहकर अप्रत्यक्ष रूप से मजदूरों के घर वापसी के विरोध में ही खड़े थे।लॉकडाउन वन में ही मजदूरों की सकुशल घर वापसी सुनिश्चित हो जाती तो छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश में कहीं भी क्वॉरेंटाइन सेंटर प्रवासी मजदूरों के नाम से बनाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।प्रवासी श्रमिको को मोदी सरकार के अमानवीय व्यवहार,असंवेदनशीलता और यातना प्रताड़ना झेलना नहीं पड़ता।
घर वापसी के प्रयास में मजदूरों की भूख, प्यास ,तबियत बिगड़ने और दुर्घटनाओं में मौत नहीं होती।मजदूरों के मासूम बच्चे गर्भवती महिलाओं को कोसो दूर बिना जूता चप्पल नंगे पांव सड़को पर भटकना नही पड़ता। महामारी आफ़तकाल में मोदी सरकार के लापरवाही गैरजिम्मेदाराना रवैया हठधर्मिता जिद्द के चलते देशभर में 600 से अधिक मजदूरों की अकाल मृत्यु हुई है।किसी बच्चे ने अपने पिता को खोया तो किसी वृद्ध माता पिता ने पुत्र को तो कोई सुहागन ने अपने मांग की सिंदूर को खोया है इस सब के लिए कोई जिम्मेदार है तो मोदी भाजपा की सरकार जिम्मेदार है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ भाजपा के नेता वातानुकूलित कमरों में बैठकर क्वॉरेंटाइन सेंटर के विषय में बयानबाजी कर रहे हैं मजदूरों के नाम से घड़ियाली आंसू बहाकर राजनीति रोटी सेक रहे हैं भाजपा के नेताओं को मजदूरों की रोटी की चिंता होती तो मोदी सरकार से मजदूरों के खातों में तत्काल 10000 जमा कराने की गुजारिश करते और न्याय योजना शुरू कर आने वाले 6 माह प्रत्येक आर्थिक रूप से अक्षम परिवार को 7500 मासिक देने की गुहार लगाते।असल मे भाजपा नेताओं को मजदूरों की नहीं बल्कि अपनी राजनीतिक रोटी की चिंता है। मजदूरों के भूख प्यास में भी भाजपा नेता राजनीतिक अवसर तलाश रहे हैं। मोदी के आपदा में अवसर का मंत्र भाजपा नेता प्रयोग कर रहे हैं।आपदा संकट में फंसे मजदूरों को मदद करने के बजाय मात्र राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार निरंतर प्रवासी मजदूरों और छत्तीसगढ़ के सभी वर्गों की चिंता कर रही है।
छत्तीसगढ़ में आर्थिक गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालन करने संकटकाल में 30 हजार करोड़ की राहत पैकेज की मांग मोदी सरकार किये हैं।जिसका विरोध भाजपा के नेता कर रहे हैं। इसे स्पष्ट हो गया कि भाजपा के नेताओं को छत्तीसगढ़ के किसान मजदूर गृहणी व्यापारी छात्रों की चिंता नहीं है बल्कि भाजपा नेता इनको दुःखी रखकर इनके कष्ट इनके तकलीफ के नाम से मात्र राजनीति करना चाहते हैं ।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
