September 22, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

      बिलासपुर / शौर्यपथ / बिलासपुर के बहतराई स्थित खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खिलाड़ियों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायत पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने संबंधित सहायक संचालक और भोजन प्रदायक फर्म को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण एवं तथ्यात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
    खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती आकांक्षा शिक्षा खलखो ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी और भोजन प्रदायक फर्म से जवाब तलब किया है। शिकायत में सामने आए तथ्यों की वास्तविक स्थिति की जांच के लिए संचालनालय स्तर से दो खेल अधिकारियों की जांच समिति गठित की गई है।
    समिति बहतराई स्थित सेंटर का स्थल निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता और मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल करेगी तथा जांच के बाद तथ्यात्मक प्रतिवेदन संचालनालय को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर वस्तुस्थिति के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    गुणवत्तायुक्त और पौष्टिक भोजन सर्वोच्च प्राथमिकता
    संचालक श्रीमती खलखो ने स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों के भोजन, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार्य नहीं होगी। खिलाड़ियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छ, गुणवत्तायुक्त और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। जांच में अनियमितता या लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
    विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं सेवा प्रदाताओं को खिलाड़ियों के हित में निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, डाइट और मूलभूत सुविधाओं की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने की बात कही है।

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किए विकास कार्यों का शुभारंभ, शहर के लिए चार बड़े कार्यों की घोषणा

    रायगढ़ / शौर्यपथ / सेवा संकल्प अभियान के तहत रायगढ़ के विकास को गति देने सोमवार को संत पूज्य श्री प्रियदर्शी राम जी ऑडिटोरियम, पंजरी प्लांट में लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के मुख्य आतिथ्य में नगर निगम एवं लोक निर्माण विभाग के 126.92 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन हुआ। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को पूर्ण आवासों की प्रतीकात्मक चाबी भी सौंपी गई।
    उप मुख्यमंत्री श्री साव ने शहर के विकास के लिए चार नए बड़े कार्यों की घोषणा की। इनमें संजय मार्केट निर्माण एवं उन्नयन के लिए 15.67 करोड़, रामलीला मैदान में विकास, मंच एवं पवेलियन के लिए 5 करोड़, तालाब संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के लिए 4.99 करोड़ तथा केवड़ाबाड़ी से मरीन ड्राइव तक सनलाईजेशन के लिए 9.97 करोड़ रुपए शामिल हैं।

    रायगढ़ को विकसित जिला बनाने तेज गति से काम

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रायगढ़ तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसे विकसित जिला बनाने के लिए तेज गति से कार्य किए जा रहे हैं। सड़क, नाली, जल निकासी, बाजार, खेल एवं नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा लगभग 10 करोड़ रुपए के अतिरिक्त कार्यों की सूची दी गई है, जिनकी शीघ्र स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। विकास कार्यों के लिए राशि की कमी नहीं होने दी जाएगी। निर्माण एजेंसियों को कार्यों में तेजी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    ढाई साल में नगर निगम को 384.66 करोड़ की स्वीकृति : चौधरी

    वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी दिल्ली से वर्चुअली कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में रायगढ़ नगर निगम को विभिन्न योजनाओं के तहत 384.66 करोड़ रुपए के कार्यों की स्वीकृति मिली है। लोक निर्माण विभाग के माध्यम से सड़क, भवन और पुल सहित विभिन्न कार्यों के लिए 1426 करोड़ रुपए की स्वीकृति का भी उन्होंने उल्लेख किया।

    उन्होंने बताया कि रायगढ़ रिंग रोड के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। रायगढ़-घरघोड़ा फोरलेन, पूंजीपथरा-तमनार फोरलेन, तमनार-उरगा-लैलूंगा, तमनार बाईपास, कया-कमतरा-चरखापारा-ससकोबा-बंधनपुर तथा कोड़ातराई-पुसौर फोरलेन सहित विभिन्न सड़क परियोजनाओं पर कार्य आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, संगीत महाविद्यालय भवन और वर्किंग वूमेन हॉस्टल जैसे कार्यों की भी जानकारी दी।

    श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ की अधोसंरचना को उसकी औद्योगिक पहचान के अनुरूप मजबूत किया जा रहा है।

    कार्यक्रम को लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह और महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रवींद्र गबेल, सभापति श्री डिग्री लाल साहू सहित जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, डीएफओ श्री अरविंद पीएम, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, पार्षदगण एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

    लिंगराज के दरबार में मुख्यमंत्री साय ने टेका माथा, मांगी छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि

      रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज भुवनेश्वर प्रवास के दौरान प्रसिद्ध भगवान लिंगराज मंदिर पहुंचकर सपत्नीक दर्शन-पूजन किया। उन्होंने विधि-विधान से भगवान लिंगराज की पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़वासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
    पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान लिंगराज के दर्शन और उनकी पावन भूमि पर आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मंदिर परिसर की दिव्यता और आध्यात्मिक वातावरण मन को असीम शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। उन्होंने भगवान लिंगराज से छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति और प्रदेश के प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना की।

    सनातन संस्कृति की समृद्ध विरासत का जीवंत प्रतीक है मंदिर
    मुख्यमंत्री ने लिंगराज मंदिर की भव्य स्थापत्य कला की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत के प्राचीन मंदिर केवल आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता, संस्कृति और अद्भुत शिल्प परंपरा के जीवंत प्रतीक हैं। लिंगराज मंदिर की भव्यता और उत्कृष्ट वास्तुकला सनातन संस्कृति की समृद्ध विरासत का सुंदर दर्शन कराती है।

    छत्तीसगढ़-ओडिशा के सांस्कृतिक संबंधों का किया उल्लेख
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा भौगोलिक रूप से पड़ोसी राज्य होने के साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से भी गहराई से जुड़े हैं। दोनों राज्यों की लोक परंपराओं, आस्था और सांस्कृतिक विरासत में अनेक समानताएं हैं।
    उन्होंने कहा कि इस तरह की यात्राएं दोनों राज्यों की साझा सांस्कृतिक चेतना और आत्मीय संबंधों को और प्रगाढ़ करती हैं।

      रायपुर / शौर्यपथ / मुख्य सचिव विकासशील ने मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कलेक्टरों के साथ सेवा संकल्प अभियान की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अभियान को महज आयोजन न बनाकर जनभागीदारी, सेवा भावना और सामाजिक सहयोग का स्थायी माध्यम बनाया जाए। प्रदेश में अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक संचालित हो रहा है।
    मुख्य सचिव ने स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक एवं युवा संगठनों तथा अधिक से अधिक नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ब्लॉक एवं तहसील स्तर के शिविरों में लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने तथा केंद्र की चिन्हित 26 प्रमुख योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने को कहा।

    23 से 25 सितंबर और 2 से 8 अक्टूबर तक होंगे आयोजन
    ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत 23 से 25 सितंबर तक नगरीय निकायों और 2 से 8 अक्टूबर तक प्रदेशभर में सेवा एवं दान उत्सव आयोजित होगा। इसमें स्वच्छता, अन्न-वस्त्र दान, विद्या दान, कौशल एवं ज्ञान दान, पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान, अंगदान-देहदान, स्वास्थ्य जांच, सामाजिक जागरूकता और महिला सशक्तिकरण जैसी गतिविधियां होंगी। NCC, NSS, स्व-सहायता समूहों, सामाजिक एवं युवा संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित कर गतिविधियों को माय भारत पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए।
    अंग एवं देहदान करने वाले परिवारों को सम्मानित करने तथा अंगदान के प्रति निरंतर जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया। ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत स्थानीय प्रजातियों के 10 हजार पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है।

    सेवा सेतु शिविरों के प्रकरणों का हो समयबद्ध निराकरण
    मुख्य सचिव ने सेवा सेतु शिविरों में प्राप्त आवेदनों, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। दान उत्सव में जलस्रोतों की सफाई, प्लास्टिक विरोधी अभियान, महा रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर, महा अन्नदान, गरिमा किट, बुक ट्री, स्कूल किट और वंचित बच्चों को शिक्षा सहयोग जैसी गतिविधियां भी होंगी। जरूरतमंदों, अनाथालयों और वृद्धाश्रमों तक इनका लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
    मुख्य सचिव ने गिरदावरी सर्वे में शुद्धता, जल जीवन मिशन में 15 अक्टूबर तक नल कनेक्शन एवं उन्हें क्रियाशील करने की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा तथा स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों पर विशेष ध्यान देने को कहा।
    उन्होंने कलेक्टरों से कहा, “आप जिले के लीडर हैं”, इसलिए अभियान का प्रभावी नेतृत्व कर परिणाम सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी गतिविधियों की जानकारी गूगल शीट में दर्ज कर नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
    वीडियो कॉन्फ्रेंस में जीएडी सचिव अविनाश चम्पावत, आईटी सचिव अंकित आनंद, आयुक्त जनसंपर्क रजत बंसल सहित संभागायुक्त, कलेक्टर एवं अन्य अधिकारी शामिल हुए।

    जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने स्वच्छता अभियान में सहभागिता कर जल स्रोतों के संरक्षण का लिया संकल्प, आमजन को स्वच्छता और जल संवर्धन के प्रति किया जागरूक

    रायपुर / शौर्यपथ / सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आज जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं नगरीय प्रशासन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में नगर पालिका परिषद पेण्ड्रा में अरपा उद्गम स्थल के समीप नदी घाट स्वच्छता अभियान एवं नगरीय जल स्रोत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जल स्रोतों की स्वच्छता, संरक्षण एवं जल संवर्धन के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाना तथा नागरिकों को जल स्रोतों को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित करना रहा।
    अरपा नदी छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण नदियों में शामिल है और इसका उद्गम क्षेत्र गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की प्राकृतिक एवं पर्यावरणीय पहचान से जुड़ा हुआ है। अरपा उद्गम स्थल के समीप आयोजित स्वच्छता अभियान के माध्यम से जल स्रोतों की स्वच्छता को लेकर सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता करते हुए नदी घाट और आसपास के क्षेत्र की स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
    कार्यक्रम में मरवाही विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रणव कुमार मरपची, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैंकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर, नगर पालिका परिषद पेण्ड्रा के उपाध्यक्ष शरद गुप्ता, लालजी यादव, राकेश चतुर्वेदी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

    स्वच्छ जल स्रोत स्वस्थ समाज का आधार

    कार्यक्रम के दौरान जल स्रोतों को स्वच्छ और सुरक्षित रखने के महत्व पर जोर दिया गया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने कहा कि नदी, तालाब और अन्य जल स्रोत केवल पानी के स्रोत नहीं हैं, बल्कि पर्यावरण, जैव विविधता और मानव जीवन के लिए महत्वपूर्ण आधार हैं। इनके संरक्षण के लिए शासन के प्रयासों के साथ-साथ आमजन की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।
    नदी घाट की स्वच्छता के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि जल स्रोतों में कचरा न डालें और उनके आसपास स्वच्छता बनाए रखें। स्थानीय स्तर पर स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ने से जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने में मदद मिलेगी।

    जल संरक्षण के साथ जल संवर्धन पर भी जोर

    कार्यक्रम में जल संरक्षण के साथ जल संवर्धन की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। वर्षा जल के संरक्षण, जल के विवेकपूर्ण उपयोग और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर नागरिकों को जागरूक किया गया। उपस्थित लोगों को दैनिक जीवन में पानी की बचत करने तथा उपलब्ध जल संसाधनों का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।

    सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अरपा उद्गम स्थल के समीप आयोजित यह कार्यक्रम भी इसी भावना को मजबूत करता है कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।

    अरपा के संरक्षण से जुड़ा जनभागीदारी का संदेश

    अरपा नदी क्षेत्र की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी हुई है। इसके उद्गम क्षेत्र की स्वच्छता और संरक्षण का महत्व और भी बढ़ जाता है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की सहभागिता से स्थानीय नागरिकों को जल स्रोतों के संरक्षण के लिए आगे आने का संदेश मिला।

    कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को स्वच्छता को अपनी दैनिक आदतों में शामिल करने, नदी एवं अन्य जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने तथा जल संरक्षण के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया। आयोजन ने सेवा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की भावना को मजबूत करते हुए सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।

       पेंड्रा / शौर्यपथ / सेवा संकल्प अभियान के तहत पेंड्रा के मल्टीपर्पस स्कूल के सामने विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक और रंगोली के माध्यम से सामाजिक जागरूकता एवं राष्ट्र निर्माण का प्रभावी संदेश दिया। डाइट के बालक-बालिकाओं ने अभिनय, संवाद और रचनात्मक प्रस्तुतियों के जरिए सेवा भाव, स्वच्छता, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर आमजन को जागरूक किया।
    नुक्कड़ नाटक में विद्यार्थियों ने स्वच्छ गांव और स्वस्थ समाज की अवधारणा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करते हुए नागरिकों से स्वच्छता अपनाने, पानी-बिजली की बचत करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। साथ ही युवाओं को मेहनत, लगन, आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र की प्रगति में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया।

    एकता और जिम्मेदार नागरिकता पर जोर
    प्रस्तुति के दौरान एकता, भाईचारे और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व को भी रेखांकित किया गया। विद्यार्थियों ने संदेश दिया कि सकारात्मक सामाजिक बदलाव प्रत्येक नागरिक की सक्रिय सहभागिता से संभव है। सेवा भाव और सामाजिक सरोकारों को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए आमजन को प्रेरित किया गया।

    रंगोली में दिखे जागरूकता के रंग
    रंगोली के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सरोकार और राष्ट्र निर्माण से जुड़े संदेशों को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि छोटे-छोटे प्रयासों से समाज में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
    कार्यक्रम में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आयोजन को प्रभावी बनाया। उनकी प्रस्तुतियों ने सामाजिक विषयों के प्रति संवेदनशीलता और रचनात्मकता का परिचय दिया तथा जागरूक युवाओं की समाज एवं राष्ट्र निर्माण में भूमिका को रेखांकित किया।
    इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, राकेश चतुर्वेदी, जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं नगरवासी उपस्थित रहे।

    हिन्दी, अंग्रेजी और संस्कृत में सबसे ज्यादा 120-120 पद; 29 नवंबर को संभावित लिखित परीक्षा

      रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए स्कूल शिक्षा विभाग में सरकारी नौकरी का बड़ा अवसर सामने आया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत 5 हजार शिक्षकीय पदों पर भर्ती की घोषणा के क्रम में अब व्याख्याता के 854 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा रही है। लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ की ओर से भर्ती संबंधी विज्ञापन जारी किया जा रहा है।

    प्रस्तावित भर्ती में ई-संवर्ग की शालाओं में 424 तथा टी-संवर्ग की शालाओं में 430 व्याख्याता पद भरे जाएंगे। इस तरह दोनों संवर्गों में कुल 854 पदों पर नियुक्ति होगी।

    इन विषयों में होंगी भर्तियां

    विषयवार रिक्तियों की बात करें तो हिन्दी, अंग्रेजी और संस्कृत में सर्वाधिक 120-120 पद निर्धारित किए गए हैं। वहीं भौतिकी में 94, जबकि राजनीति शास्त्र, इतिहास, भूगोल और अर्थशास्त्र में 100-100 पद शामिल हैं।

    विषय           पद
    हिन्दी           120
    अंग्रेजी          120
    संस्कृत         120
    भौतिकी        94
    राजनीति शास्त्र      100
    इतिहास          100
    भूगोल             100
    अर्थशास्त्र        100
    कुल              854
    CGSSB आयोजित करेगा लिखित परीक्षा

    व्याख्याता पदों के लिए लिखित भर्ती परीक्षा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB) द्वारा आयोजित की जाएगी। परीक्षा की संभावित तिथि 29 नवम्बर 2026 निर्धारित की गई है। हालांकि परीक्षा की तिथि में अंतिम निर्णय और अन्य प्रक्रिया संबंधी जानकारी संबंधित विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार होगी।
    भर्ती के लिए शैक्षणिक अर्हता, आयु सीमा, आरक्षण सहित अन्य आवश्यक शर्तों की विस्तृत जानकारी भर्ती विज्ञापन में दी जाएगी। वहीं परीक्षा का पाठ्यक्रम CGSSB की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा।

    आवेदन तिथि की अलग से होगी घोषणा
    भर्ती का विस्तृत विज्ञापन व्यापम की वेबसाइट पर जारी किया जाएगा। अभ्यर्थियों के लिए आवेदन प्रक्रिया कब शुरू होगी, आवेदन की अंतिम तिथि क्या होगी और परीक्षा से जुड़ी अन्य आवश्यक जानकारियां CGSSB द्वारा पृथक से जारी की जाएंगी।
    इस भर्ती से स्कूल शिक्षा विभाग में व्याख्याता के पदों पर नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा। इच्छुक अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे भर्ती विज्ञापन जारी होने के बाद उसमें दी गई अर्हता, आयु सीमा, विषयवार पद, आरक्षण, आवेदन प्रक्रिया और परीक्षा संबंधी निर्देशों का ध्यानपूर्वक अध्ययन करें।

    रायपुर / ​छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा अब केवल किताबों और कक्षाओं के पारंपरिक दायरे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के लाखों युवाओं के सपनों को नई उड़ान दे रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की मूल भावना को धरातल पर उतारते हुए राज्य सरकार युवाओं को केवल डिग्री देने के बजाय उन्हें आत्मनिर्भर, हुनरमंद और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का अभूतपूर्व कार्य कर रही है।

    ​सेवा का संकल्प: गुणवत्ता और समावेशी विकास का 'मिशन मोड'
    ​राज्य सरकार ने 'सेवा का संकल्प' निभाते हुए शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 'छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन' की शुरुआत की है। इस मिशन के तहत महाविद्यालयों के ढांचागत और शैक्षणिक उन्नयन के लिए विशेष बजटीय संबल दिया जा रहा है। पारदर्शी और सख्त मॉनिटरिंग तंत्र यह सुनिश्चित कर रहा है कि सरकारी सहायता का सीधा लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचे।
    ​शैक्षणिक गुणवत्ता को शीर्ष पर ले जाने के लिए 3,000 से अधिक छात्र संख्या वाले उत्कृष्ट कॉलेजों को चिन्हित कर 36 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही, अध्यापन व्यवस्था को मजबूती देने के लिए प्राध्यापकों की सीधी भर्ती प्रक्रिया तेज कर दी गई है और उद्योग जगत के व्यावहारिक विशेषज्ञों को 'प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस' के रूप में परिसरों से जोड़ा जा रहा है।

    ​सेवा आपके द्वार: वनांचल से शहरों तक उच्च शिक्षा की आसान पहुँच
    ​'सेवा आपके द्वार' की भावना को चरितार्थ करते हुए राज्य के अंतिम छोर पर स्थित आदिवासी और दूरस्थ वनांचल अंचलों में नए महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। अब बस्तर और सरगुजा जैसे दूरदराज क्षेत्रों के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ रहा है, बल्कि आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा उनके अपने अंचल में ही उपलब्ध हो रही है। चार वर्षीय बी.एड. (ITEP) और बी.पी.एड. जैसे एकीकृत व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

    ​कहानी बदलाव की: आधुनिक तकनीक और स्वावलंबन से युवाओं का सशक्तीकरण
    ​यह बदलाव केवल व्यवस्थागत नहीं, बल्कि हर उस युवा की 'कहानी बदलाव की' है जो कल तक केवल पारंपरिक विषयों तक सीमित था। स्वावित्तीय पाठ्यक्रम नीति के तहत अब स्थानीय और वैश्विक मांग के अनुसार युवाओं को तैयार किया जा रहा है।
    ​ भविष्य में उपयोगी विभिन्न तकनीकों और कौशल को ध्यान में रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी, वेब डिजाइनिंग जैसे विषयों को प्रमुखता से उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी तरह ​स्थानीय व कृषि-आधारित उद्योग के तहत रेशम कीट पालन, टसर टेक्नोलॉजी, फिशरीज, फूड प्रोसेसिंग, मशरूम कल्टीवेशन, फ्लोरीकल्चर और हर्बल कल्टीवेशन की शिक्षा युवाओ को आर्थिक रूप से मजबूत करेंगे।
    ​इन व्यावहारिक विषयों के लिए राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों और उद्योग जगत के साथ MoU किए गए हैं, जिससे युवाओं को सीधी इंटर्नशिप, व्यावहारिक अनुभव और कैंपस प्लेसमेंट की सुविधा मिल रही है।
    रिसर्च, कौशल विकास, उद्योग समन्वय और वनांचल तक शिक्षा के विस्तार के इस संगम से छत्तीसगढ़ तेजी से देश के अग्रणी 'एजुकेशन हब' के रूप में स्थापित हो रहा है।

    साभार - विष्णु प्रसाद वर्मा ( सहायक संचालक जनसंपर्क विभाग रायपुर छ.ग.)

    राष्ट्रीय संकल्प समारोह में युवाओं ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प; जागरूकता, स्वस्थ जीवनशैली और सकारात्मक भागीदारी का दिया संदेश

    नई दिल्ली, । ‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा–100 सप्ताह नशा मुक्त युवा अभियान’ के तहत आयोजित राष्ट्रीय संकल्प समारोह में देशभर के युवाओं और नागरिकों ने नशामुक्त भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया। देश के 1,000 से अधिक स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में 4 लाख से अधिक युवाओं और नागरिकों ने भाग लेकर नशे के खिलाफ जनजागरूकता का संदेश दिया।

    देशव्यापी इस जनभागीदारी में युवाओं के साथ विभिन्न साझेदार संगठन और समुदाय भी जुड़े। कार्यक्रम का आयोजन 460 MY Bharat जिलों, MY Bharat के साझेदार संगठनों के 240 स्थानों तथा आध्यात्मिक संगठनों, उद्योग संघों और विश्वविद्यालय संघों द्वारा 300 से अधिक स्थानों पर किया गया।

    राष्ट्रीय संकल्प समारोह में प्रतिभागियों ने नशा-मुक्ति की शपथ लेने और हस्ताक्षर अभियान में भाग लिया। इसके अलावा युवाओं के नेतृत्व में संवाद, जागरूकता गतिविधियां और स्थानीय स्तर पर विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन गतिविधियों का उद्देश्य युवाओं तक नशामुक्त और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचाना रहा।

    अभियान के माध्यम से जागरूकता, रोकथाम, स्वास्थ्य, फिटनेस और जीवन कौशल को युवाओं की दिनचर्या का हिस्सा बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके शुरुआती चरण में तीन प्रमुख विषयों—‘मेरा स्वास्थ्य, मेरा गौरव’, ‘फिट युवा, नशा मुक्त युवा’ और ‘जीवन कौशल माह’—के जरिए समुदाय आधारित और युवा-केंद्रित गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।

    यह देशव्यापी कार्यक्रम 18 सितंबर को हुई जनभागीदारी के बाद आयोजित किया गया। दो दिनों की इन गतिविधियों में शपथ, हस्ताक्षर, संवाद और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से युवाओं और नागरिकों को नशे के खिलाफ एकजुट किया गया।

    राष्ट्रीय संकल्प समारोह ने यह संदेश दिया कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि युवाओं, संस्थानों और समुदायों की निरंतर जागरूकता एवं सक्रिय भागीदारी से संभव होने वाला सामूहिक प्रयास है।

    युवा मामले और खेल मंत्रालय के अनुसार, ‘100 सप्ताह नशा मुक्त युवा अभियान’ के अंतर्गत युवाओं की भागीदारी को आगे भी लगातार बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि युवा सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ें और नशे से दूर स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली को अपनाने के लिए प्रेरित हों।

    अहिवारा, मुंगेली और कांकेर में 7.29 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होंगे उद्यान,8,732 पौधे लगाए जाएंगे

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के नगरीय क्षेत्रों को स्वच्छ, सुंदर और हरित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मिशन अमृत 2.0 के तहत अहिवारा, मुंगेली और कांकेर नगर पालिका क्षेत्रों में आधुनिक एवं सुविधायुक्त उद्यान विकसित किए जाएंगे। तीनों परियोजनाओं के लिए कुल 7 करोड़ 29 लाख 24 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन उद्यानों में कुल 8,732 पौधों का रोपण किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के निर्देशन में स्वीकृत इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ाने के साथ नागरिकों को स्वस्थ, मनोरंजक और सुविधायुक्त सार्वजनिक स्थल उपलब्ध कराना है। उद्यानों में बच्चों से लेकर युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों तक सभी आयु वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

    बच्चों से बुजुर्गों तक सभी के लिए सुविधाएं

    प्रस्तावित उद्यानों में बच्चों के लिए प्ले-एरिया और खेल उपकरण, युवाओं एवं नागरिकों के लिए ओपन जिम, पैदल भ्रमण के लिए पाथवे, बैठने एवं विश्राम के लिए स्थान, गज़ेबो, टॉयलेट ब्लॉक तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था विकसित की जाएगी। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए वर्षा जल संचयन की व्यवस्था भी की जाएगी। कुछ स्थानों पर सोलर लाइट की सुविधा भी प्रस्तावित है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे शहरों में अधोसंरचना के विस्तार के साथ पर्यावरण और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता का ध्यान रखना जरूरी है। इन उद्यानों को केवल हरित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि नागरिकों के लिए उपयोगी सार्वजनिक स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां लोग सुबह-शाम टहलने, व्यायाम करने, बच्चों को खेलने और परिवार के साथ समय बिताने का लाभ उठा सकेंगे।

    मुंगेली में सबसे बड़ा उद्यान

    मुंगेली में 3.52 करोड़ रुपये की लागत से पेंड्राकांपा स्थित महाराणा प्रताप वार्ड में 3.08 एकड़ क्षेत्र में उद्यान विकसित किया जाएगा। तीनों परियोजनाओं में क्षेत्रफल की दृष्टि से यह सबसे बड़ा उद्यान होगा। यहां करीब 4,453 पौधे लगाए जाएंगे।

    परिसर में बच्चों के लिए प्ले-एरिया, खेल उपकरण, ओपन जिम, बैठने की सुविधा और पैदल भ्रमण के लिए पाथवे तैयार किया जाएगा। इसके अलावा टॉयलेट ब्लॉक, गज़ेबो, प्रकाश व्यवस्था और रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर भी विकसित किया जाएगा।

    अहिवारा में 2.07 करोड़ से होगा विकास

    अहिवारा नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-1 स्थित शीतला मंदिर क्षेत्र में 0.52 एकड़ भूमि पर आधुनिक उद्यान विकसित किया जाएगा। इसके लिए 2 करोड़ 7 लाख 48 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उद्यान परिसर में करीब 2,115 पौधे लगाए जाएंगे।

    यहां बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, नागरिकों के लिए ओपन जिम, बैठने एवं विश्राम स्थल, पाथवे, सोलर लाइट, टॉयलेट ब्लॉक और गज़ेबो जैसी सुविधाएं विकसित होंगी। जल संरक्षण के लिए वर्षा जल संचयन की व्यवस्था भी की जाएगी।

    कांकेर में 1.69 करोड़ की लागत से बनेगा उद्यान

    कांकेर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-9 स्थित श्रीराम नगर में 0.72 एकड़ भूमि पर उद्यान विकसित किया जाएगा। इसके लिए 1 करोड़ 69 लाख 44 हजार रुपये की स्वीकृति मिली है। यहां करीब 2,164 पौधों का रोपण किया जाएगा।

    उद्यान में बच्चों के लिए प्ले-इक्विपमेंट, नागरिकों के लिए ओपन जिम, पाथवे और बैठने एवं विश्राम की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके साथ सोलर लाइट, टॉयलेट ब्लॉक, गज़ेबो तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी विकसित किया जाएगा।

    एक साल में निर्माण, पांच साल तक रख-रखाव

    इन सभी उद्यानों का निर्माण कार्य एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण के बाद पांच वर्षों तक उद्यानों का संचालन एवं संधारण चयनित एजेंसी द्वारा किया जाएगा। इससे पौधों, हरियाली, खेल उपकरणों और अन्य नागरिक सुविधाओं का नियमित रख-रखाव सुनिश्चित करने की व्यवस्था रहेगी।

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि नगरीय विकास केवल सड़कों और भवनों तक सीमित न रहे, बल्कि शहरों में ऐसे सार्वजनिक स्थल भी विकसित हों जहां नागरिकों को स्वच्छ वातावरण के साथ स्वास्थ्य, मनोरंजन और विश्राम की सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से तीनों शहरों में हरित क्षेत्र बढऩे के साथ नागरिक सुविधाओं का भी विस्तार होगा।

    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मिशन अमृत 2.0 के तहत विकसित होने वाले ये उद्यान आने वाले समय में स्थानीय नागरिकों के लिए बेहतर हरित एवं सार्वजनिक स्थलों के रूप में उपयोगी होंगे।

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