August 26, 2026
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    कांग्रेस घोषण पत्र पर भाजपा हमलावार तो कांग्रेस ने दी चुनौती : "प्रधानमंत्री को चुनौती है कि हमारे घोषणा पत्र में कहीं भी हिंदू मुसलमान लिखा हो तो दिखा दें."-पवन खेड़ा Featured

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    नई दिल्ली / एजेंसी /

       लोकसभा निर्वाचन 2024 के लिए जबसे कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र जारी किया है, भाजपा नेताओं की ओर से घोषणापत्र को लेकर तीखे हमले किए जा रहे हैं.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कांग्रेस के मैनिफ़ेस्टो (चुनावी घोषणापत्र) का हवाला देकर कांग्रेस पर लगातार आरोप लगा रहे हैं. यह लेख इस बात पर रोशनी डालने की कोशिश करेंगे कि भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं के कांग्रेस मैनिफ़ेस्टो को लेकर किए गए दावों में कितनी सच्चाई है.क्या क्या कहा भाजपा शीर्ष नेताओ ने  कांग्रेस के घोषणापत्र को लेकर ?

      घोषणापत्र को लेकर बीजेपी के दावे
       कांग्रेस का जवाब
     
      ऐसे तरह तरह के आरोप और चुनावी रैली में दिए व्यक्तव्यो पर कांग्रेस ने भाजपा नेताओ की बातो को गलत बताया . कांग्रेस नेताओ के अनुसार कांग्रेस के घोषणा पत्र में कही भी हिन्दू मुस्लिम की बात नहीं कही गई . घोषणा पत्र के विषय में कांग्रेस अध्यक्ष ने पीएम मोदी को पत्र लिख जवाब दिया  
      इन तमाम आरोपों के जवाब में कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खडग़े ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में कहा, "कांग्रेस के न्याय पत्र का लक्ष्य हर जाति और समुदाय के युवाओं, महिलाओं, किसानों और हाशिए पर रह रहे लोगों को न्याय मुहैया करना है और आपको आपके सलाहकार उन बातों को लेकर गलत ख़बर दे रहे हैं जो घोषणापत्र में लिखी ही नहीं हैं."
      प्रधानमंत्री मोदी के आरोपों के जवाब में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "कांग्रेस ने 55 साल में क्या किसी का सोना या मंगलसूत्र छीना? जब देश युद्ध लड़ रहा था तब इंदिरा जी ने अपना मंगलसूत्र व गहने दान किए. लाखों महिलाओं ने इस देश के लिए अपने मंगलसूत्र कुर्बान किए. जब मेरी बहनों को नोटबंदी में अपने मंगलसूत्र गिरवी रखने पड़े, तब प्रधानमंत्री जी कहां थे?"

    बीजेपी के आरोपों में कितनी सच्चाई?
       हमने भाजपा नेताओं के भाषणों में कही गई बातों की तुलना कांग्रेस के घोषणापत्र में लिखी गई बातों से की और ये समझने की कोशिश की कांग्रेस पर लग रहे आरोपों का क्या आधार है या फिर वे निराधार हैं.
      प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, "कांग्रेस ने अपने मैनिफ़ेस्टो में जो कहा है, वो चिंताजनक है, गंभीर है. अगर कांग्रेस की सरकार बनेगी तो हर एक की प्रॉपर्टी का सर्वे किया जाएगा. हमारी बहनों के पास सोना कितना है, उसकी जांच की जाएगी, उसका हिसाब लगाया जाएगा. हमारे आदिवासी परिवारों में चांदी होती है, सिल्वर कितना है उसका हिसाब लगाया जाएगा." जबकि कांग्रेस घोषणापत्र में संपत्ति के पुनर्वितरण की बात नहीं है. कांग्रेस घोषणा पत्र में कहा गया है कि "साल 2014 और 2023 के बीच अमीर और गऱीब के बीच असमानता में खासकर वृद्धि हुई है."
      प्रधानमंत्री मोदी के आरोप के जवाब में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, "नरेंद्र मोदी हार के डर से कांप रहे हैं, इसीलिए वो लगातार एक के बाद एक झूठ बोल रहे हैं. वो जानते हैं कि हिंदुस्तान की जनता समझ गयी है कि नरेंद्र मोदी अरबपतियों के नेता हैं, गरीबों के नहीं. वो जानते हैं कि हिंदुस्तान की जनता संविधान की रक्षा के लिए खड़ी हो गयी है."
      रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था, "इस बार के घोषणापत्र में फिर कांग्रेस ने सरकारी नौकरियों में धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षण का संकेत दिया है, जो यदि लागू किया, तो उसमें सशस्त्र सेनाओं को भी इसके दायरे में ये ला सकता है. यह देश की एकता-अखंडता को प्रभावित करने वाला विचार है."
     जबकि राजनाथ सिंह ने ये नहीं बताया कि घोषणापत्र के किस हिस्से से उन्हें ऐसा इशारा या संकेत मिला. घोषणापत्र में "आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों के लिए नौकरियों और शिक्षण संस्थाओं में बिना किसी भेदभाव के सभी जातियों और समुदायों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण" की बात है.
      साथ ही घोषणापत्र में कांग्रेस ने गारंटी दी है कि, "वो अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी समुदायों के आरक्षण पर लगी 50 प्रतिशत की उच्चतम सीमा को बढ़ाने के लिए संवैधानिक संशोधन पास करेगी."इसके अलावा घोषणापत्र का एक हिस्सा "धार्मिक और भाषा-संबंधी अल्पसंख्यकों" को लेकर है जिसमें विदेश में पढऩे के लिए मौलाना आज़ाद स्कॉलरशिप को बहाल करने और स्कॉलरशिप की संख्या बढ़ाने की बात की है. साथ ही घोषणापत्र में अल्पसंख्यकों छात्रों और युवाओं को शिक्षा, रोजग़ार, बिजऩेस, सर्विसेज़, खेल और दूसरे क्षेत्रों में बढ़ते अवसरों के लिए प्रोत्साहित करने और सहायता करने की बातें की गई हैं.
      कांंग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी डिपार्टमेंट प्रमुख पवन खेड़ा ने लिखा, "प्रधानमंत्री को चुनौती है कि हमारे घोषणा पत्र में कहीं भी हिंदू मुसलमान लिखा हो तो दिखा दें."
      उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक रैली में कहा, "जब कांग्रेस के घोषणा पत्र को आप देखते हैं तो दो बातें उस घोषणापत्र में नजऱ आती हैं. एक, कांग्रेस कहती है कि हम व्यक्तिगत कानून को लागू करके शरिया कानून को लागू करवा देंगे. इसका मतलब बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के द्वारा बनाए गए संविधान के लिए ये लोग ख़तरा पैदा करना चाहते हैं. ये देश के संविधान के लिए ख़तरा पैदा करना चाहते हैं. तालिबानी शासन लागू करना चाहते हैं. क्या हम तालिबानी शासन को स्वीकार करेंगे?"
      दूसरी तरफ़ कांग्रेस के घोषणापत्र में "धार्मिक और भाषा-संबंधी अल्पसंख्यकों" के हिस्से के नीचे लिखा गया है, "हम व्यक्तिगत कानूनों में सुधार के लिए प्रोत्साहित करेंगे. ऐसे सुधार समुदायों की सहमति और उनके सहयोग से ही होने चाहिए." घोषणापत्र में 'शरियाÓ, 'तालिबानÓ जैसे शब्द नहीं है, इसलिए ये साफ़ नहीं कि उन्होंने ये बातें किस आधार पर कहीं.

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