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नई दिल्ली।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का महज तीन घंटे का भारत दौरा रणनीतिक दृष्टि से बेहद ऐतिहासिक साबित हुआ। इस अल्प समय की यात्रा में भारत-UAE संबंधों ने नई ऊँचाई छूते हुए रक्षा, अंतरिक्ष, इंफ्रास्ट्रक्चर, परमाणु ऊर्जा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे भविष्य के क्षेत्रों में बड़े समझौतों का रास्ता खोल दिया।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद के बीच हुई बातचीत में दोनों देशों की ‘खास दोस्ती’ और आपसी विश्वास साफ झलका, जो अब द्विपक्षीय रिश्तों की पहचान बन चुका है।
भारत और UAE ने रक्षा क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी समझौते पर काम आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। इससे रक्षा उत्पादन, तकनीक साझा करने और संयुक्त क्षमताओं के विकास को मजबूती मिलेगी।
भारत की IN-SPACe और UAE स्पेस एजेंसी के बीच हुए समझौते से अंतरिक्ष क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे।
इसके तहत—
नए लॉन्च कॉम्प्लेक्स
सैटेलाइट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट
संयुक्त अंतरिक्ष मिशन
स्पेस एकेडमी और ट्रेनिंग सेंटर
की स्थापना पर दोनों देश मिलकर काम करेंगे।
गुजरात के धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन में UAE की भागीदारी को विदेश सचिव ने ‘मेगा पार्टनरशिप’ बताया।
यहां विकसित होंगी—
अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट
पायलट ट्रेनिंग स्कूल
विमान मरम्मत (MRO) सेंटर
ग्रीनफील्ड पोर्ट
स्मार्ट टाउनशिप
साथ ही रेलवे कनेक्टिविटी और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत किया जाएगा।
दोनों देशों ने—
एडवांस्ड न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी
स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR)
न्यूक्लियर सेफ्टी और ऑपरेशन
में सहयोग पर विचार करने का निर्णय लिया।
AI को प्राथमिक क्षेत्र घोषित करते हुए UAE की साझेदारी से भारत में सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर और डेटा सेंटर क्षमता बढ़ाने पर सहमति बनी।
UAE फरवरी 2026 में भारत में होने वाले AI समिट में उच्चस्तरीय भागीदारी करेगा।
भारत और UAE ने डिजिटल/डेटा एम्बेसी स्थापित करने की संभावना पर भी चर्चा की—यह एक नई और दूरदर्शी अवधारणा है, जिसे आपसी संप्रभुता समझौतों के तहत लागू करने पर काम किया जाएगा।
महज तीन घंटे की यह यात्रा दिखाती है कि भारत-UAE रिश्ते अब रणनीतिक साझेदारी से आगे बढ़कर भविष्य की साझेदारी बन चुके हैं—जहां निवेश, तकनीक, सुरक्षा और नवाचार साथ-साथ आगे बढ़ेंगे।
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेले के दौरान कथित दुर्व्यवहार के बाद ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद धरने पर बैठ गए हैं और लगातार प्रशासन व सरकार पर तीखे आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने ऐलान किया है कि वे 10 मार्च को साधुओं के साथ दिल्ली जाएंगे। शंकराचार्य ने कहा कि गंगा किसी सरकार की नहीं, बल्कि हर सनातनी की मां है, और गंगा में स्नान के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संगम में स्नान के लिए जब वे अपने शिविर से निकले तो उन्हें रोका गया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उनके लोगों को उनसे अलग कर दिया, अलग-अलग जगहों पर घुमाया और अंततः जहां उन्हें छोड़ दिया गया, वहीं वे अब धरने पर बैठे हैं। स्नान की अनुमति के सवाल पर उन्होंने कहा कि क्या गंगा किसी कंपनी के नाम पर पंजीकृत है, जो उसे किसी की पैतृक संपत्ति बना दिया गया है। सूचना देने के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन को तीन दिन पहले ही जानकारी दे दी गई थी।
शंकराचार्य ने आगे कहा कि शंकराचार्य शास्त्रों और धर्म के अनुसार बोलते हैं, इसलिए जब उनकी बातें समाज में प्रभाव डालने लगती हैं तो उनकी उपेक्षा या अपमान किया जाता है। उन्होंने सरकार और राजनीतिक दलों पर आरोप लगाया कि गोहत्या के जरिए पैसा कमाया जा रहा है, और उन्हें डर है कि अगर गोहत्या बंद हो गई तो उनका चंदा बंद हो जाएगा। इसी वजह से, उनके अनुसार, उन पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे मेला छोड़ दें, ताकि सच्चाई और गोरक्षा की आवाज दबाई जा सके।
भिलाई। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक नगर भिलाई में सोमवार, 19 जनवरी 2026 को जीएसटी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हरिओम इन्गोट्स एंड पावर लिमिटेड के परिसरों पर छापा मारा। यह कार्रवाई शाम करीब 4:30 बजे शुरू हुई, जब राज्य जीएसटी विभाग की 7 सदस्यीय टीम दो वाहनों में सवार होकर भिलाई के छावनी क्षेत्र स्थित लाइट इंडस्ट्रियल एरिया (प्लॉट नंबर 59-60) में कंपनी परिसर पहुंची। इसके बाद कंपनी के दफ्तरों और रिकॉर्ड रूम में दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की गई, जो देर शाम तक जारी रही।
सूत्रों के अनुसार, जीएसटी अधिकारियों ने कंपनी के बिल, बिक्री चालान, जीएसटी रिटर्न (GSTR-3B और GSTR-1), खरीद-बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू की है। जांच का मुख्य फोकस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के दावों की सत्यता, स्टॉक मिलान, बिना बिल के लेनदेन और संभावित टैक्स चोरी पर है। विभाग यह भी पड़ताल कर रहा है कि कहीं फर्जी इनवॉइस के जरिए ITC का गलत लाभ तो नहीं लिया गया।
छापेमारी के दौरान कंपनी का औद्योगिक संचालन सामान्य रूप से जारी रहा। हालांकि जांच के कारण कुछ विभागों में कामकाज धीमा जरूर रहा। कर्मचारियों से पूछताछ की गई और उनसे संबंधित फाइलें व डिजिटल रिकॉर्ड मंगवाए गए। जानकारी के अनुसार, कार्रवाई के समय कंपनी के मालिक अग्रवाल परिवार राज्य से बाहर थे। उनकी अनुपस्थिति में कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी और अकाउंट्स स्टाफ जीएसटी टीम को पूरा सहयोग करते हुए आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा रहे हैं, जबकि अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
हरिओम इन्गोट्स एंड पावर लिमिटेड वर्ष 2004 से संचालित एक प्रमुख औद्योगिक इकाई है, जो लोहे के इन्गोट्स और धातु उत्पादों के निर्माण के साथ-साथ पावर सेक्टर से भी जुड़ा कारोबार करती है। कंपनी के प्रबंधन में अनूप अग्रवाल, भगवान दास अग्रवाल और संतोष कुमार अग्रवाल जैसे निदेशक शामिल हैं। भिलाई की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों में गिनी जाने वाली इस कंपनी में चल रही जीएसटी जांच से औद्योगिक जगत में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जीएसटी विभाग की ओर से अब तक इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गई है। हालांकि विभागीय सूत्रों का कहना है कि दस्तावेजों का सत्यापन अभी जारी है, इसलिए फिलहाल किसी निश्चित टैक्स चोरी की राशि का खुलासा नहीं किया गया है। यह भी संकेत दिए गए हैं कि जांच मंगलवार, 20 जनवरी को भी जारी रह सकती है और जरूरत पड़ने पर कंपनी से जुड़े अन्य ठिकानों की भी पड़ताल की जा सकती है।
उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में जीएसटी विभाग ने कर चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ राज्यभर में अभियान तेज कर दिया है। भिलाई, दुर्ग और रायपुर जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आने वाले दिनों में कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
भिलाई। संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की जयंती को छत्तीसगढ़ में भव्य और ऐतिहासिक स्वरूप देने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ सर्व रविदास समाज की राज्य स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक 18 जनवरी 2026 को फेडरेशन भवन, सेक्टर-4, भिलाई में सफलतापूर्वक आयोजित की गई, जिसमें फरवरी 2026 के प्रथम सप्ताह में रायपुर में प्रस्तावित राज्य स्तरीय विशाल जयंती महासम्मेलन की रूपरेखा तय की गई।
बैठक की अध्यक्षता संस्था के प्रदेश अध्यक्ष प्रो. डॉ. के. एल. तांडेकर ने की, जबकि संयोजन श्री बालाराम कोलते ने किया। ऑल PSU एससी/एसटी फेडरेशन के चेयरमैन श्री सुनील रामटेके मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 1 फरवरी 2026 (माघ पूर्णिमा) को संत शिरोमणि रविदास महाराज की जयंती के अवसर पर रायपुर में आयोजित महासम्मेलन में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री रामदास आठवले, अन्य केंद्रीय नेता तथा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सहित राज्य मंत्रिमंडल को आमंत्रित किया जाएगा।
बैठक में यह भी तय किया गया कि महासम्मेलन के दौरान प्रदेश की महिला एवं युवा इकाई का गठन किया जाएगा, जिससे समाज की महिलाएं और युवा संगठित होकर संत रविदास महाराज के समानता, भक्ति, सामाजिक न्याय और मानवता के संदेश को आगे बढ़ा सकें। कार्यक्रम को सामाजिक समरसता और समाज के सशक्तिकरण का बड़ा मंच बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
इस राज्य स्तरीय बैठक में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें आर. पी. लांजकर (कन्नौज सर), आशा मनघटे, आरती मराठे, अशर्फी देवी, चौहान मैडम सहित नारी शक्ति प्रतिनिधि, पारस झाड़े, बलराम कोलते, महेश चौहान, पुरुषोत्तम मालेकर, हरिश्चंद्र टांडेकर, महेश चंद्र कटारे, रोशनी भोंडेकर, देवेंद्र चौहान, गांधी तनय, रामदास मालेकर, राहुल बर्वे, प्रवीण चौहान, राम प्रकाश आनंद हटीले, कवर्धा से रामकुमार व संतुराम लहरी तथा रायपुर जिला अध्यक्ष कुंभारे अपनी टीम के साथ प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
बैठक में सर्वसम्मति से यह संकल्प लिया गया कि प्रस्तावित महासम्मेलन समाज की एकता, भाईचारे और संगठनात्मक मजबूती का ऐतिहासिक उदाहरण बनेगा। उपस्थित सभी प्रतिनिधियों ने समाज के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के जीवन दर्शन, समता और सामाजिक न्याय के विचारों को अपनाने की अपील की।
भिलाई। छत्तीसगढ़ में सामने आए कथित धान घोटाले को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को भिलाई में बेहद अनोखे, व्यंग्यात्मक और राजनीतिक रूप से तीखे अंदाज़ में विरोध दर्ज कराया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी नर्सिंग नाथ के नेतृत्व में निकाली गई “चूहा सम्मान रैली” ने पूरे शहर का ध्यान खींच लिया। शाम करीब 4:30 बजे शुरू हुई यह रैली सरकार पर निशाना साधने के साथ-साथ भ्रष्टाचार के आरोपों को जनता के सामने प्रतीकात्मक तरीके से रखने का माध्यम बनी।
करीब 2 किलोमीटर लंबी पदयात्रा राजेंद्र प्रसाद चौक से शुरू होकर सुपेला घड़ी चौक तक निकाली गई। रैली में भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव, जिला व ब्लॉक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पार्षद और सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार करोड़ों रुपये के धान नुकसान की जिम्मेदारी “चूहों” पर डालकर असली दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही है।
रैली के दौरान व्यंग्यात्मक अंदाज़ में “सबसे ज्यादा धान खाने वाले चूहों” के नामों की घोषणा कर उन्हें प्रतीकात्मक सम्मान दिया गया। कांग्रेस ने कवर्धा जिले के चूहे को प्रथम, महासमुंद को द्वितीय, गोरिल्ला जिले को तृतीय, जबकि बेमेतरा जिले के चूहे को सांत्वना पुरस्कार देने की घोषणा की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह व्यंग्य दरअसल उस सरकारी तर्क पर करारा प्रहार है, जिसमें करोड़ों रुपये के धान के नुकसान को चूहों की करतूत बताया जा रहा है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि “भ्रष्टाचार छुपाने के लिए चूहों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकारी तंत्र भ्रष्टाचार में लिप्त है और जब सवाल उठते हैं, तो जवाबदेही तय करने के बजाय हास्यास्पद बहाने गढ़े जाते हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि चूहों ने धान खाकर “विश्व रिकॉर्ड” बना दिया है, इसलिए कांग्रेस ने उन्हें सम्मानित करने का फैसला किया।
विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि जनता इतनी भोली नहीं है कि एक जिले में 7 करोड़ और दूसरे जिले में 5 करोड़ रुपये का धान चूहों द्वारा खा जाने की कहानी पर विश्वास कर ले। उन्होंने इसे गरीब किसानों के साथ धोखा बताते हुए कहा कि यह रैली सरकार के झूठ और भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए निकाली गई है, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।
रैली के समापन पर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने छावनी एसडीएम हेमंत पिज्जा को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच, दोषियों के नाम सार्वजनिक करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मामले में पारदर्शिता नहीं दिखाई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन में अरुण सिंह सिसोदिया, अतुल साहू, गिरवर बंटी साहू, संदीप निरंकारी, ब्लॉक अध्यक्ष जी. राजू, गुड्डू खान, सौरभ दत्ता, दिनेश पटेल, केशव चौबे, लालचंद वर्मा, आदित्य सिंह, अंजू सिन्हा, राजेश साहू, फ़ारूक़ खान, संजीत चक्रवर्ती, मो. रफ़ीक़ खान, आनंद डोंगरे, रज़ा सिद्धकी सहित बड़ी संख्या में जिला, ब्लॉक और मोर्चा संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कांग्रेस ने साफ किया कि यह आंदोलन सिर्फ एक प्रतीक नहीं, बल्कि किसानों के हक, पारदर्शिता और जवाबदेही की लड़ाई है, जो जरूरत पड़ने पर प्रदेशभर में और व्यापक रूप ले सकती है।
भिलाई। सेल (SAIL) स्थापना दिवस के गौरवशाली अवसर पर भिलाई इस्पात प्रबंधन द्वारा 24 जनवरी 2026 (शनिवार) को एक भव्य संगीतमय संध्या ‘साधना सरगम नाईट’ का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम भिलाई क्लब स्थित क्रिस्टल गार्डन में सायं 7:30 बजे से प्रारंभ होगा। क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएँ विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस विशेष आयोजन में भारतीय फिल्म संगीत जगत की सुप्रसिद्ध, मधुर स्वर की धनी एवं अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त पार्श्व गायिका सुश्री साधना सरगम अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को भावविभोर करेंगी।
इस संगीतमय संध्या में सुश्री साधना सरगम द्वारा 90 के दशक से लेकर वर्तमान तक की सुपरहिट फिल्मों में गाए गए अनेक लोकप्रिय और यादगार गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी। उनके स्वर में सजे वे कालजयी गीत, जिन्होंने भारतीय सिनेमा संगीत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया और करोड़ों संगीतप्रेमियों के दिलों में अपनी अमिट छाप छोड़ी, भिलाई की इस शाम को सुर, लय और उल्लास से भर देंगे।
कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संगतकार वादक कलाकार भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सुश्री साधना सरगम अपने चर्चित गीतों को विशेष सुरमयी अंदाज़ में प्रस्तुत करेंगी, जिससे संपूर्ण वातावरण संगीतमय ऊर्जा और भावनात्मक रंगों से सराबोर हो उठेगा।
विगत कई वर्षों से इस्पात नगरी भिलाई के संगीतप्रेमी नागरिकों के बीच सुश्री साधना सरगम की अविस्मरणीय गायकी के प्रति गहरी रुचि और अनुराग को ध्यान में रखते हुए भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने इस आयोजन को संगीत सुधिजनों को समर्पित किया है। उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम में प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक संगीतप्रेमी इस यादगार संगीतमय संध्या का आनंद ले सकें।
वैशालीनगर विधायक रिकेश सेन का दो टूक—किसी भी कीमत पर नहीं खुलने देंगे बार
भिलाई। शौर्यपथ
जुनवानी मार्ग पर रानी अवंती बाई सरोवर के समीप प्रस्तावित बार (टीडीएस शाखा) को लेकर क्षेत्र में जबरदस्त बवाल मच गया है। स्थानीय नागरिकों की आपत्ति अब सीधे शासन के उच्च स्तर तक पहुंच चुकी है। जनदर्शन में शिकायत लेकर पहुंचे रहवासियों को वैशालीनगर विधायक रिकेश सेन ने स्पष्ट शब्दों में भरोसा दिलाया कि जनभावनाओं के खिलाफ किसी भी हालत में बार नहीं खुलने दिया जाएगा।
बताया गया है कि जिस काम्प्लेक्स में बार खोलने की चर्चा है, उसी के ग्राउंड फ्लोर पर बैंक संचालित है और आसपास स्कूल, कॉलेज, मंदिर एवं घनी आबादी मौजूद है। जुनवानी मार्ग पर प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही रहती है, ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में बार खोले जाने की सूचना से नागरिकों में आक्रोश है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बार खुलने से देर रात तक असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगेगा, जिससे क्षेत्र की शांति, सुरक्षा और सामाजिक माहौल पर गंभीर असर पड़ेगा। अपराध बढ़ने की भी आशंका जताई गई है।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विधायक रिकेश सेन ने तत्काल आबकारी विभाग के सचिव से चर्चा की और उन्हें पत्र लिखकर जुनवानी मार्ग स्थित रानी अवंती बाई सरोवर के पास बार (टीडीएस ब्रांच) का लाइसेंस न देने की स्पष्ट मांग की। विधायक सेन ने कहा कि यह इलाका धार्मिक, शैक्षणिक और आवासीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है और यहां इस प्रकार की गतिविधि जनहित के खिलाफ है।
उन्होंने दो टूक कहा—“जनता की सुरक्षा, शांति और सामाजिक मर्यादा से कोई समझौता नहीं होगा। जुनवानी में बार खोलने की इजाजत किसी भी सूरत में नहीं दी जाएगी।” अब पूरे मामले पर आबकारी विभाग की अंतिम कार्रवाई का इंतजार है, लेकिन विधायक के कड़े रुख के बाद क्षेत्रवासियों को राहत की उम्मीद बंधी है।
आचार्य विद्यासागर जी महाराज की कृति के नाम पर ट्रेन का हुआ नामकरण, जैन समाज में हर्ष
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा द्वारा आज ‘मूकमाटी एक्सप्रेस’ को रायपुर रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। जैन समाज के महान संत आचार्य विद्यासागर जी महाराज की कालजयी कृति मूकमाटी के नाम पर केंद्र सरकार द्वारा रायपुर - जबलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस का नामकरण ‘मूकमाटी एक्सप्रेस’ के रूप में किया गया है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने अपने तप, त्याग और विचारों से समाज को नई दिशा दी। गुरुदेव के देह त्याग का सौभाग्य छत्तीसगढ़ की पावन भूमि मां बमलेश्वरी की धरती डोंगरगढ़ को प्राप्त हुआ, जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि मूकमाटी एक्सप्रेस का शुभारंभ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना को राष्ट्रीय पटल पर सशक्त रूप से स्थापित करता है।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने इस अवसर पर यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह तथा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी निरंतर गुरुदेव विद्यासागर जी के विचारों से प्रेरणा लेते रहे हैं। छत्तीसगढ़ से इस ट्रेन का शुभारंभ होना प्रदेशवासियों के लिए आत्मगौरव का क्षण है।
ट्रेन के परिचालन से पूर्व अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठाचार्य ज्योतिषाचार्य पंडित अजीत शास्त्री द्वारा मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की गई। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के एडवाइजरी पैनल सदस्य प्रकाश मोदी, रायपुर वाणिज्य रेल प्रबंधक अवधेश त्रिपाठी, एसईसीआर के वरिष्ठ अधिकारी राकेश सिंह, सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष विनोद जैन, नरेंद्र गुरुकृपा, डीआरयूसीसी सदस्य लोकेश चंद्रकांत जैन सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के प्रबुद्धजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
दुर्ग | विशेष रिपोर्ट
दुर्ग नगर पालिका निगम एक बार फिर गंभीर आरोपों और प्रशासनिक भेदभाव के सवालों से घिरता नजर आ रहा है। इस बार कटघरे में हैं नगर निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल, जिन पर आरोप है कि वे संवैधानिक पद पर बैठकर चयनात्मक कार्रवाई की नीति अपना रहे हैं—कुछ कर्मचारियों पर लगातार सख्ती, तो कुछ पर रहस्यमयी मेहरबानी।
मामला जुड़ा है लॉलीपॉप विज्ञापन बोर्डों (मध्य मार्ग डिवाइडर में लगाए गए विज्ञापन) के भौतिक सत्यापन में अनियमितताओं से। जिस समय थान सिंह यादव बाजार अधिकारी का प्रभार संभाल रहे थे, उसी दौरान शहरभर में लगे लॉलीपॉप बोर्डों की संख्या और आकार में गंभीर विसंगतियाँ सामने आईं। शिकायत के बाद जांच भी हुई और यह सिद्ध हुआ कि भौतिक सत्यापन में लापरवाही बढ़ती गई।
ठेकेदार से वसूली, अधिकारी पर चुप्पी क्यों?
निगम प्रशासन ने राजस्व हानि की भरपाई के लिए संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया—यानी निगम को हुए नुकसान की वसूली की प्रक्रिया चल पड़ी। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि
जिस अधिकारी की निगरानी में यह अनियमितता पनपी, उस पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं?
शिकायतकर्ता को आज तक जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई। यह चुप्पी अपने आप में कई संदेश देती है।
दो मापदंड, दो कानून?
इसी निगम में हाल के महीनों में सहायक ग्रेड-3 के एक कर्मचारी पर दो–तीन महीनों के भीतर दर्जन भर से अधिक नोटिस जारी किए गए। मामला जब हाईकोर्ट पहुँचा, तो आयुक्त की कार्यशैली से जुड़ी कई असहज करने वाली बातें सामने आईं—यहाँ तक कि आरोप लगे कि कर्मचारी से घर के लिए गृहस्थी और निजी उपयोग का सामान मंगवाया गया और भेदभावपूर्ण कार्रवाई की गई।
यही नहीं, थान सिंह यादव का नाम इससे पहले भी पार्किंग घोटाले में सामने आ चुका है। पूर्व निगम आयुक्त बर्मन के कार्यकाल में उन पर ₹80,000 की राजस्व क्षति का मामला बना और रिकवरी नोटिस भी जारी हुआ। इसके बावजूद वर्तमान आयुक्त द्वारा उन पर कार्रवाई न होना, निगम प्रशासन की नियत पर सवाल खड़े करता है।
संवैधानिक शक्ति या निजी पसंद?
प्रश्न सीधा है—
क्या आयुक्त सुमित अग्रवाल संवैधानिक पद की शक्तियों का उपयोग निष्पक्ष प्रशासन के लिए कर रहे हैं, या फिर निजी पसंद–नापसंद के आधार पर?
एक तरफ मामूली मामलों में कर्मचारियों पर ताबड़तोड़ नोटिस, दूसरी तरफ राजस्व में अनियमितता से जुड़े अधिकारी पर कार्रवाई से परहेज—यह विरोधाभास न सिर्फ निगम प्रशासन, बल्कि प्रदेश सरकार के ‘सुशासन’ के दावे को भी आईना दिखाता है।
शहर की बदहाली और ‘लॉलीपॉप’ सवाल
दुर्ग नगर निगम क्षेत्र की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। सड़कें, डिवाइडर, अव्यवस्थित विज्ञापन—सब कुछ सवाल पूछ रहा है। शहरभर में लगे लॉलीपॉप बोर्डों का स्वतंत्र और पारदर्शी भौतिक सत्यापन अब समय की मांग है।
अब फैसला आयुक्त के हाथ
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि
क्या नगर निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल
लॉलीपॉप बोर्डों में हुई अनियमितताओं के लिए तत्कालीन बाजार अधिकारी थान सिंह यादव पर कार्रवाई करेंगे?
या
फिर यह संदेश जाएगा कि निगम में कानून सबके लिए समान नहीं?
दुर्ग की जनता जवाब चाहती है—और जवाब अब कार्रवाई से ही मिलेगा, बयानबाजी से नहीं।
वादा 2022 का, अब 2027 में रफ्तार—भारत-जापान बुलेट ट्रेन 12 साल बाद पटरी पर दौड़ने की तैयारी
नई दिल्ली/अहमदाबाद।
भारत की पहली बुलेट ट्रेन—मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (MAHSR)—एक बार फिर समयरेखा के कारण चर्चा में है। जिस परियोजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज़ादी की 75वीं वर्षगांठ यानी 15 अगस्त 2022 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा था, वह अब संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 15 अगस्त 2027 को आंशिक रूप से शुरू होने की ओर बढ़ रही है। यानी, वादे और वास्तविक शुरुआत के बीच करीब पाँच साल का अंतर।
समझौता और शिलान्यास
भारत और जापान के बीच इस महत्वाकांक्षी परियोजना का आधिकारिक समझौता 12 दिसंबर 2015 को नई दिल्ली में हुआ था। इस ऐतिहासिक डील पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने हस्ताक्षर किए।
इसके बाद 14 सितंबर 2017 को अहमदाबाद में दोनों प्रधानमंत्रियों ने परियोजना की आधारशिला रखी।
परियोजना का स्वरूप
लंबाई: 508 किलोमीटर (मुंबई–अहमदाबाद)
तकनीक: जापान की विश्वप्रसिद्ध शिंकानसेन (Shinkansen)
लागत (अनुमानित): ₹98,000 करोड़
वित्तपोषण: जापान की JICA द्वारा 81% राशि (करीब ₹79,000 करोड़) 0.1% की बेहद कम ब्याज दर पर ऋण
नोडल एजेंसी: नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL)
समयसीमा में देरी क्यों?
परियोजना की रफ्तार पर सबसे बड़ा असर भूमि अधिग्रहण में देरी, विशेषकर महाराष्ट्र खंड, और कोविड-19 महामारी का पड़ा। इन्हीं कारणों से पहले दिसंबर 2023 की आधिकारिक डेडलाइन भी आगे बढ़ानी पड़ी।
वर्तमान स्थिति (जनवरी 2026)
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, देशवासी 15 अगस्त 2027 को भारत की पहली बुलेट ट्रेन का टिकट खरीद सकेंगे।
अब तक की प्रगति इस प्रकार है:
भौतिक प्रगति: 55.63%
वित्तीय प्रगति: करीब 70% (लगभग ₹85,801 करोड़ खर्च)
वायडक्ट (एलिवेटेड पुल): 332 किमी से अधिक तैयार
पिलर निर्माण: 415 किमी से अधिक पूरा
ट्रैक बेड: 292 ट्रैक किमी (146 रूट किमी) तैयार
स्टेशन: गुजरात के सभी 8 स्टेशन एडवांस स्टेज में
महाराष्ट्र सुरंग: 21 किमी लंबी भूमिगत सुरंग पर काम जारी; 5 किमी खुदाई पूरी, पालघर में पहले पहाड़ी सुरंग का ‘ब्रेकथ्रू’
चरणबद्ध संचालन का प्लान
अगस्त 2027: सूरत–बिलिमोरा (या वापी) के बीच लगभग 100 किमी खंड शुरू
दिसंबर 2029: पूरा 508 किमी कॉरिडोर चालू करने का लक्ष्य
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन भारत-जापान रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक है, लेकिन समयसीमा के मोर्चे पर यह परियोजना लगातार सवालों में रही है। 2017 में किया गया 2022 का वादा अब 2027 में पूरा होने जा रहा है। सरकार का दावा है कि इस बार तय तारीख बदलेगी नहीं—अब देखना यह है कि क्या बुलेट ट्रेन वाकई 15 अगस्त 2027 को भारत की पटरी पर अपनी रफ्तार दिखा पाती है या नहीं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
