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मनोरंजन / शौर्यपथ / बच्चन परिवार के लिए जुलाई 2020 का महीना काफी मुश्किलों भरा रहा। इस दौरान अमिताभ बच्चन, बेटे अभिषेक बच्चन, बहु ऐश्वर्या राय बच्चन और पोती आराध्या बच्चन, सभी कोरोना वायरस संक्रमित पाए गए थे। कुछ समय के लिए हॉस्पिटल में भर्ती रहे, बाद में होम क्वारंटाइन पर रहे। ऐश्वर्या राय बच्चन सोशल मीडिया पर काफी कम एक्टिव रहती हैं। हाल ही में टीचर्स डे के मौके पर जरा देर से ही सही लेकिन ऐश्वर्या ने बेटी आराध्या बच्चन की एक फोटो शेयर की।
इस फोटो में आराध्या राय बच्चन ने टीचर्स के लिए एक नोट लिखा है, जिसे हाथ में पकड़कर वह पोज देती नजर आ रही हैं। आराध्या राय बच्चन की यह फोटो फैन्स को खूब पसंद आ रही है। वह ऐश्वर्या की पोस्ट पर कॉमेंट कर आराध्या की तारीफ कर रहे हैं। कोविड-19 के बाद ऐश्वर्या ने आराध्या की यह पहली पोस्ट शेयर की है।
बता दें कि ऐश्वर्या इन दिनों परिवार के साथ समय बिता रही हैं। वह साल 2018 में आई फिल्म फन्ने खान में नजर आई थीं। इस फिल्म में उनके साथ अनिल कपूर और राजकुमार राव लीड रोल में थे। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा पाईं।
आराध्या और अबराम की जोड़ी होगी ऑनस्क्रीन हिट
शाहरुख खान और काजोल की जोड़ी ऑनस्क्रीन हिट रही है। दोनों ने एक साथ कई हिट फिल्में दी हैं और शाहरुख को लगता है कि उनकी जोड़ी को अगर कोई जोड़ी रिप्लेस कर सकती है तो वह है अबराम खान और आराध्या बच्चन की जोड़ी। दरअसल, एक इंटरव्यू में शाहरुख से पूछा गया कि उनकी और काजोल की हिट जोड़ी को रणबीर कपूर-दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह-दीपिका पादुकोण, आलिया भट्ट-सिद्धार्थ मल्होत्रा और फवाद खान-सोनम कपूर में से कौन-सी जोड़ी रिप्लेस कर सकती है।
शाहरुख अपने बेटे और अमिताभ बच्चन की नातिन आराध्या बच्चन का नाम लेते हैं। जिसके बाद काजोल कहती हैं, अबराम, आराध्या से छोटा है। काजोल की इस बात का शाहरुख तुरंत जवाब देते हैं, प्यार में उम्र नहीं देखी जाती।
वहीं जब अमिताभ बच्चन से शाहरुख के इस कॉमेंट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा था, 'उनके मुंह में घी शक्कर और दूध मलाई'।
बता दें कि साल 2018 में बिग बी ने आराध्या के बर्डथे पर अबराम के साथ फोटो शेयर करते हुए लिखा था, शाहरुख खान के नन्हे अबराम, जो ये सोचते और विश्वास ही नहीं करते बल्कि पूरी तरह से ये मानते हैं कि मैं शाहरुख खान का पिता हूं। साथ ही वह इस बात से हैरान रहते हैं कि मैं शाहरुख के घर में उनके साथ नहीं रहता हूं।
बिग बी के इस पोस्ट पर शाहरुख ने कॉमेंट किया था, सर आया करो न...शनिवार को कम से कम अबराम के साथ घर पर रहें। उसके आईपैड पर कुछ बहुत ही मजेदार गेम्स हैं।
मनोरंजन / शौर्यपथ / अजय देवगन और काजोल की बेटी न्यासा अपने लुक्स को लेकर अक्सर चर्चा में रहती हैं। उनकी फोटोज और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं। अब खबर है कि काजोल कुछ समय के लिए बेटी न्यासा के साथ सिंगापुर में रहेंगी, वहीं अजय देवगन मुंबई में बेटे युग के साथ रहेंगे।
मुंबई मिरर ने अपनी रिपोर्ट में सूत्र के आधार पर बताया कि न्यासा सिंगापुर के युनाइटेड वर्ल्ड कॉलेज ऑफ साउथ ईस्ट एशिया में पढ़ाई कर रही हैं। काजोल और अजय देवगन नहीं चाहते हैं कि न्यासा की पढ़ाई पर कोई असर पड़े। इसके अलावा वे कोरोना महामारी के बीच न्यासा को पढ़ने के लिए सिंगापुर में अकेला नहीं छोड़ना चाहते हैं। इसलिए अब काजोल ने फैसला किया है कि न्यासा के साथ वह सिंगापुर में रहेंगी।
अजय देवगन ने सिंगापुर में एक अपार्टमेंट भी खरीदा है ताकि काजोल और न्यासा को रहने में कोई परेशानी न हो। बताया जा रहा है कि काजोल अगले कुछ महीने सिंगापुर में ही रहेंगी।
मुंबई में बेटे युग के साथ रहेंगे अजय देवगन
जहां काजोल बेटी के साथ रहेंगी, वहीं अजय देवगन बेटे युग के साथ मुंबई में रहेंगे। अजय देवगन फिलहाल 2 स्क्रिप्ट पर काम कर रहे हैं। इसके लिए अलावा वह अपनी अगली फिल्म के पोस्ट-प्रोडक्शन के काम में व्यस्त हैं। पिछली बार अजय देवगन फिल्म 'तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर' में नजर आए थे। इसमें उनके अपोजिट काजोल ने काम किया था। फिल्म में सैफ अली खान ने विलेन की भूमिका निभाई थी। अजय देवगन की आने वाली फिल्मों में मैदान, कैथी रीमेक, गोलमाल 5, भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया जैसी फिल्में शामिल हैं।
शौर्यपथ लेख । देश सहित प्रदेश में कोरोना का विस्फोट हो गया दुर्ग जिला प्रदेश में कोरोना के मामले में रायपुर के बाद दूसरा स्थान है । दुर्ग में कोरोना आपदा से जहां बेरोजगारी बढ़ी वही जिला प्रशासन के एक फैसले से कुछ निजी अस्पताल की बल्ले बल्ले हो गई । यह हम सभी अस्पताल की बात ना कर एक एक अस्पताल की बात करे तो दुर्ग जिले में सबसे ज्यादा विवादित अस्पताल bsr अपोलो का नाम ले तो कोई गलत नही होगा । वर्तमान में bsr apollo हॉस्पिटल bsr super specialist के नाम से संचालित ज़रूर है किंतु अब इसे नए नाम से पुकारा जाने लगा है नया नाम है hitech । जी हां जनवरी माह में इस हॉस्पिटल का एक बार फिर उद्घाटन हुआ वो भी प्रदेश के गृहमंत्री के हांथो ये बात अलग है कि अभी तक इस हॉस्पिटल को स्वास्थ्य विभाग से अनुमति नही मिली और इस पर कमेटी बैठाकर जांच की बात जिला प्रशासन द्वारा भी किया गया । जिले के cmo गंभीर सिंह ठाकुर ने भी स्वीकारा था कि लाइसेंस की प्रक्रिया चालू है यानी कि अभी तक शासन द्वारा इसका भौतिक परीक्षण नही किया गया । किन्तु कहते है कि सारे नॉयम सिर्फ आम व गरीब जनता के लिए ही होते है जो आज प्रत्यक्ष दिख भी रहे है । करोड़ो रूपये के फर्जी बाड़े ( बीएसपी कर्मचारियों से इलाज के लिए लिए गए ) का प्रकरण का निपटारा भी नही हुआ और पूर्व संचालक डॉ खंडूजा ने हॉस्पिटल बेच दिया । प्राप्त जानकारी के अनुसार अब हॉस्पिटल में संचालक के तौर पर डॉ खंडूजा के पुत्र का नाम है यानी सिर्फ कागजो में ही फेर बदल और कई लोगो की मेहनत की कमाई अंदर । ऐसा नही कि यह फर्जीवाड़ा किसी से छुपी हुई है किंतु यह फर्जीवाड़ा का मास्टरमाइंड रसूखदार है तो प्रशासन मौन है । एक तरफ तो bsr super स्पेशिलिटी हॉस्पिटल को अभी तक शासन से अनुमति नही मिली वही दूसरी तरफ शासन ने इस हॉस्पिटल को कोविड के इलाज की अनुमति भी दे दी वो भी ए श्रेणी में रखकर । अब तो hitech ( bsr सुपर स्पेशिलिटी ) के संचालकों की चांदी ही चांदी । इसे दूसरी भाषा मे कहे तो आपदा में अवसर या खुलकर बिना अनुमति के ग्राहकों ( मरीज ) की जेब मे प्रवेश । मरीज इसलिए नही कह सकते क्योकि जो हॉस्पिटल बिना अनुमति के खुलेआम स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्य कर रहा उसका मकसद स्वास्थ्य सेवाएं देने से ज्यादा जरूरी जेब की सेवा करना है । वैसे भी शुरुवात से अभी तक कई छोटे बड़े विवाद का नाता bsr से रह है अब जब सरकार ने कोविड की अनुमति दे दी फिर तो संचालकों के हांथ ही नही सिर भी कढ़ाई में होने जैसी कहावत चरितार्थ हो गई । इसे ही कहते है आपदा में अवसर का लाभ उठाना । खैर अब अवसर तो मिल ही गया एक गैर अनुमति प्राप्त हॉस्पिटल को बस अब देखना यह है कि यहां कोविड के इलाज के नाम पर क्या क्या खेल होता है और क्या क्या रंग देखने को मिलेंगे । वैसे सिर्फ bsr हॉस्पिटल ही अकेले नही है जिसे विभाग से अनुमति नही मिली हो ऐसे कई हॉस्पिटल सालो से दुर्ग में संचालित है जो शासन के नियमो का नर्सिंग होम एक्ट 2013 का मजाक उड़ाते हुए संचालित हो रहे है और हो भी क्यो ना क्योकि इतने सालों में ज़िम्मेदार अधिकारी नोटिस का खेल ही खेल रहे है यही सत्य है और सत्य को अब स्वीकार करना ही पड़ेगा क्योंकि नियम और कानून गरीबो के लिए कमजोरों के लिए ही है । ( शरद पंसारी की कलम से )
दुर्ग । शौर्यपथ । कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए तकियापारा मस्जिद कमेटी ने आगामी दस दिनों के लिए मस्जिद बंद रखने की धोषणा की है। अंजुमन फाउंडेशन के अध्यक्ष सैय्यद सैफ ने बताया कि शाम को हुई मस्जिद कमेटी की बैठक में कोरोना के बढते मामलों के प्रति चिंता जताते हुए मस्जिद को बंद रखने का निर्णय लिया गया।इसके साथ ही शनिवार की शाम से आगामी दस दिनों के लिए मस्जिद को पूरी तरह बंद कर दिया गया है अवाम से घरों मे रहकर इबादत करने की अपील की गई है।
बेंगलुरु / शौर्यपथ / बेंगलुरु पुलिस ने कन्नड़ फिल्म अभिनेत्री रागिनी द्विवेदी समेत 12 लोगों के खिलाफ मादक पदार्थ दुरुपयोग का एक मामला दर्ज किया है. पुलिस ने कहा कि ये लोग ड्रग तस्करों के माध्यम से पार्टियों में अनेक लोगों को नशीले पदार्थों की आपूर्ति करते थे. पुलिस ने कहा कि दो अलग-अलग मामलों में अब तक 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और इनमें से छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
शीर्ष पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस विभाग ने नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्स्टेंसिस (एनडीपीएस) कानून के तहत स्वत: ही मामला दर्ज किया है. बेंगलुरु की केंद्रीय अपराध शाखा के सहायक पुलिस आयुक्त के सी गौतम की शिकायत पर मामला लिया गया है.
उन्होंने कहा कि शिवप्रकाश, रागिनी द्विवेदी, वीरेन खन्ना, प्रशांत रांका, वैभव जैन, आदित्य अल्वा, लूम पीपर सांबा, प्रशांत राजू, अश्विनी, अभिस्वामी, राहुल थोंशे और विजय के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस के मुताबिक लूम पीपर सेनेगल का नागरिक है और बाकी बेंगलुरु के हैं.
एक अलग प्रकरण में रागिनी द्विवेदी के करीबी तथा सड़क परिवहन कार्यालय में लिपिक बी के रविशंकर के खिलाफ एक अलग मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने कहा कि वह एक अन्य मामले में हिरासत में है.
पुलिस के अनुसार द्विवेदी, रविशंकर, राहुल, वीरेन खन्ना और लूम पीपर समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने बृहस्पतिवार को रियल एस्टेट कारोबारी राहुल शेट्टी को भी गिरफ्तार किया था.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने शनिवार को कहा कि उभरते रक्षा परिदृश्य में न केवल उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर, बल्कि ‘‘विस्तारित पड़ोस'' के रणनीतिक स्थान पर भी भारत की सुरक्षा कायम रखी जाएगी. उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका के साथ अपने उभरते संबंधों को महत्व देता है और रूस के साथ अपने पारंपरिक संबंधों को मजबूत कर रहा है. देश इन दोनों शक्तियों के साथ एक परिपक्व और मजबूत रक्षा एवं सुरक्षा तंत्र साझा करता है.
रक्षा निर्यात पर एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए जनरल रावत ने सैन्य संरचना में प्रस्तावित सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि सीडीएस और ‘थिएटर कमांडर' ‘‘संयुक्त रूप से'' ‘‘कमान की एकता'' और सेवा मुख्यालय तथा ‘‘संबद्ध कमांडर'' एकीकृत प्रयास में महत्वपूर्ण भूमिका रखते हैं.
भारत सैन्य क्षेत्र में बड़े सुधार के तहत कई थिएटर कमान स्थापित करने पर काम कर रहा है जिनमें सेना के तीनों अंगों की कुछ कमानों को एकीकृत किया जाएगा जिससे कि देश के समक्ष उत्पन्न भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके.
प्रत्येक थिएटर कमान में सेना, नौसेना और वायुसेना की इकाइयां शामिल होंगी और वे सभी किसी विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए एक अभियान कमांडर के नेतृत्व में एक इकाई की तरह काम करेंगी.
सरकार ने सेना के तीनों अंगों में समन्वय के लिए पिछले वर्ष 31 दिसंबर को जनरल रावत को भारत का पहला प्रमुख रक्षा अध्यक्ष नियुक्त किया था. रावत ने क्षेत्रीय रक्षा परिदृश्य के बारे में बात करते हुए भारत के सुरक्षा सिद्धांत के प्रमुख पहलुओं का जिक्र किया. इस संदर्भ में, उन्होंने पाकिस्तान के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) और नियंत्रण रेखा (एलओसी) और चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) का उल्लेख किया.
उन्होंने कहा, ‘‘उभरते सुरक्षा परिदृश्य में भारत की सुरक्षा न केवल आईबी, एलओसी या एलएसी पर बनाए रखी जाएगी बल्कि ‘‘विस्तारित पड़ोस'' के रणनीतिक स्थल पर भी भारत की सुरक्षा को बनाए रखा जाएगा.'' भारत पिछले कुछ साल से अपने विस्तारित पड़ोस में इंडोनेशिया, सिंगापुर और खाड़ी क्षेत्र के कई देशों जैसे कई राष्ट्रों के साथ अपने रक्षा और सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने में लगा है.
जनरल रावत ने कहा कि सीडीएस, सीओएससी (चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष) और राजनीतिक कार्यकारी (सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडल समिति) के बीच मजबूत बातचीत से एकल-बिंदु सैन्य सलाह, रणनीतिक दिशा और संसाधनों का इष्टतम उपयोग सुनिश्चित होना चाहिए.
भारतीय सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण पर, उन्होंने कहा कि यह बदलते वैश्विक सुरक्षा परिवेश और संसाधनों के पूर्ण उपयोग पर ध्यान केंद्रित करने के अनुरूप है. जनरल रावत ने कहा, ‘‘बहुआयामी प्रौद्योगिकी के इस युग में, हमें निरंतर नवाचारों और आधुनिक तकनीकी समाधानों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, ताकि खुद को शत्रुओं से आगे रखा जा सके.''
गुवाहाटी / शौर्यपथ / घर में कामकाज करने वाले 12 साल के बच्चे पर खौलता हुआ पानी डालने वाले डॉक्टर व उनकी पत्नी को शनिवार रात गिरफ्तार किया गया. पुलिस के अनुसार उन्हें असम के नागांव से गिरफ्तार किया गया. दंपति पर आरोप है कि उन्होंने अपने घर में कामकाज में मदद करने वाले 12 के बच्चे पर उस वक्त गरम पानी डाल दिया जब वह सो रहा था. मामले की जांच कर रही पुलिस ने बताया कि घटना की जानकारी सामने आने के बाद कॉलेज के प्रिंसिपल रहे डॉक्टर व उनकी पत्नी फरार हो गए थे.
सिद्धि प्रसाद देउरी, असम के एक मेडिकल कॉलेज और डिब्रूगढ़ अस्पताल में डॉक्टर हैं. उनकी पत्नी मंजुला मोरन एक कॉलेज की प्रिंसिपल हैं. आरोप है कि सिद्धि प्रसाद देउरी ने लड़के पर गरम पानी डाल दिया क्योंकि वह सो रहा था तो वहीं मंजुला मोरन पर आरोप है कि उन्होंने वहां मौजूद रहते हुए भी बच्चे को कोई इलाज मुहैया नहीं करवाया.
घटना प्रकाश में उस वक्त आई जब डिस्ट्रिक चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सदस्यों ने 29 अगस्त को एक अनाम स्त्रोत से मिले वीडियो को देखने के बाच बच्चे को बचाया और पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने पीड़ित का बयान दर्ज कर दंपत्ति के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.
पुलिस ने बताया कि शिकायत के बाद जब वह पूछताछ के लिए दंपति के पास पहुंचे तो उन्होंने पाया सिद्धि प्रसाद देउरी एक कैंसर रोगी हैं और उन्हें स्लाइन चढ़ाया जा रहा है. इसे देखने के बाद पुलिस ने दंपति को थाने आने के लिए कहा था. इसके बाद दपंत्ति वहां से फरार हो गए, पुलिस ने एक सर्च ऑपरेशन चलाकर गिरफ्तार किया.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / सीमा विवाद को लेकर भारत और चीन के रक्षा मंत्रियों की रूस में बैठक के बाद AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा है. ओवैसी ने सवाल पूछा कि क्या हमारे प्रधानमंत्री अपने आवास (प्रधानमंत्री आवास) के बगीचे में मोरों के साथ खेलने में इतने व्यस्त हैं कि लद्दाख में चीन द्वारा कब्जाई गई 1000 वर्ग किलोमीटर जगह पर बोलने के लिए उनके पास समय नहीं है.
ओवैसी ने शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को टैग करते हुए अपने ट्वीट में लिखा, "मास्को में हुई द्विपक्षीय बातचीत के पश्चात् चीन के रक्षा मंत्री के बयान जारी करने के बाद भी हमारी सरकार की ओर से कोई बयान नहीं आया है. क्या हमारे प्रधानमंत्री अपने महल के बगीचे में मोरों के साथ खेलने में इतने व्यस्त हैं कि उनके पास लद्दाख में चीन द्वारा कब्जाई गई 1000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर बोलने के लिए समय नहीं है.?"
बता दें कि भारत और चीन के मध्य पर सीमा विवाद को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीनी रक्षा मंत्री वेई फेंगही के बीच रूस में शुक्रवार को बैठक हुई. बैठक के बाद चीन की ओर से शनिवार को बयान जारी किया गया. चीनी सरकार ने बयान में आरोप लगाया है कि लद्दाख में तनाव बढ़ाने के लिए भारत "पूरी तरह" से जिम्मेदार है. साथ ही बयान में कहा गया है कि चीन अपनी एक इंच जमीन भी नहीं छोड़ सकता है.
हालांकि चीन के बयान के तुरंत बाद भारत के रक्षा मंत्री के कार्यालय की भी ओर से भी बयान जारी किया गया. इसमें कहा गया कि "बैठक के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि LAC पर जल्द से जल्द पूरी तरह से शांति बहाल करने और तनाव को कम करने के लिए दोनों पक्षों को राजनयिक और सैन्य माध्यमों के जरिये बातचीत जारी रखनी चाहिए."
नई दिल्ली / शौर्यपथ / कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सकल घरेलू उत्पाद में तेज गिरावट को लेकर मोदी सरकार पर रविवार को निशाना साधा. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि जीडीपी में ऐतिहासिक गिरावट का एक बड़ा कारण मोदी सरकार का गब्बर सिंह टैक्स है. उन्होंने अर्थव्यवस्था को लेकर तीसरा वीडियो जारी किया. वीडियो में राहुल गांधी ने कहा कि जीएसटी गरीबों पर आक्रमण है. छोटे दुकानदार, स्मॉल एंड मीडियम बिजनेस वालों पर, किसान और मजदूरों पर आक्रमण है.
राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा- "GDP में ऐतिहासिक गिरावट का एक और बड़ा कारण है- मोदी सरकार का गब्बर सिंह टैक्स . इससे बहुत कुछ बर्बाद हुआ जैसे- लाखों छोटे व्यापार, करोड़ों नौकरियां और युवाओं का भविष्य, राज्यों की आर्थिक स्थिति...GST मतलब आर्थिक सर्वनाश."
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने वीडियो में कहा, "जीएसटी यूपीए का आइडिया था. एक टैक्स, कम से कम टैक्स, साधारण और सरल टैक्स. NDA का जीएसटी बिल्कुल अलग है. चार अलग-अलग टैक्स 28% तक टैक्स और बड़ा कॉम्प्लिकेटेड, समझने को बहुत मुश्किल टैक्स. जो स्मॉल एंड मीडियम बिजनेसेस हैं वह इस टैक्स को भर ही नहीं सकते, पर जो बड़ी कंपनियां है वो इसको आसानी से भर सकती हैं 5, 10 या 15 अकाउंटेंट्स लगा सकते हैं.
गांधी ने कहा, "यह चार अलग-अलग रेट क्यों है? यह चार अलग-अलग रेट इसलिए है क्योंकि सरकार चाहती है कि जिसकी पहुंच हो, जीएसटी को आसानी से बदल पाए और जिसकी पहुंच न हो वो जीएसटी के बारे में कुछ न कर पाए. पहुंच किसकी है हिंदुस्तान के सबसे बड़े 15-20 उद्योगपतियों की पहुंच है.
एनडीए के जीएसटी का नतीजा क्या है? : राहुल गांधी
आज हिंदुस्तान की सरकार राज्यों को जीएसटी का पैसा ही नहीं दे पा रही. प्रदेश कर्मचारियों को, टीचर्स को पैसा नहीं दे पा रहे. तो जीएसटी बिल्कुल फेल है, मगर यह सिर्फ फेल नहीं है यह एक आक्रमण है गरीबों पर, स्मॉल एंड मीडियम बिजनेस पर. जीएसटी टैक्स की व्यवस्था नहीं है. जीएसटी हिंदुस्तान के गरीबों पर आक्रमण है. छोटे दुकानदार, स्मॉल एंड मीडियम बिजनेस वालों पर, किसान और मजदूरों पर आक्रमण है. हमें इस आक्रमण को पहचानना पड़ेगा और मिलकर एक-साथ इसके खिलाफ हम सब को खड़ा होना पड़ेगा.
लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / एक कहावत सुनी होगी कि मिल-बांटकर खाने से प्यार बढ़ता है। यह बात सच है। वैज्ञानिकों की मानें तो मिलजुलकर खाने से सिर्फ प्यार ही नहीं बढ़ता, बल्कि खुशियां भी बढ़ती हैं और तनाव घटता है। और अगर खाने की टेबल पर साथ देने वाली दोस्तों की टोली है तब तो कहने ही क्या।
खासतौर से बढ़ती उम्र में दोस्तों के साथ फास्टफूड रेस्तरां में वक्त बिताने के ढेरों फायदे हैं। एक हालिया अध्ययन कुछ यही इशारा करता है। अध्ययन करने वाले मिशिगन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का दावा है कि समय-समय पर फास्टफूड रेस्तरां में जाने से तनाव संबंधी हार्मोन का स्त्राव घटता है और फील गुड हार्मोन का उत्पादन बढ़ता है। इससे ढलती उम्र में याददाश्त-तर्क शक्ति में कमी की समस्या नहीं होती।
125 लोगों पर हुआ अध्ययन-
शोधकर्ताओं ने मध्यम आयु वर्ग से लेकर बुजुर्ग वयस्कों समेत 125 लोगों का अध्ययन किया और उनके साथ उनके स्थानीय भोजनालय गए। अध्ययन में पाया कि बुजुर्ग वयस्कों के लिए इन जगहों पर मिलने से उनका सामाजिक दायरा बढ़ता है। अध्ययन के मुताबिक फास्टफूड रेस्तरां में मिलने-जुलने से बुजुर्ग लोगों के मस्तिष्क को कई फायदे हैं।
पिछले कई अध्ययन भी यह साबित कर चुके हैं कि सामाजिक मेल-मिलाप बुजुर्गों में सांज्ञानात्मक विकार से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मगर नए अध्ययन के मुताबिक फास्टफूड कॉर्नर और रेस्तरां आदि जगहों पर बुजुर्गों के उठने-बैठने से उनमें संबंधी मस्तिष्क रोग, डिमेंशिया, सांज्ञानात्क विकार आदि से बचाव होगा। अध्ययन में पाया गया कि रिटेल फूड प्रतिष्ठानों वाले क्षेत्र में रहने वाले प्रतिभागियों का संज्ञानात्मक स्कोर उन लोगों के मुकाबले अधिक था, जो कम फूड रिटेल प्रतिष्ठानों वाले इलाके में रहते हैं।
फास्टफूड का सेवन नुकसानदेह-
हालांकि, शोधकर्ताओं ने आगाह किया कि बुजुर्गावस्था में फास्टफूड रेस्तरां में बैठना जितना लाभकारी है, वहां फास्टफूड का सेवन करना उतना ही घातक है। फास्ट फूड जैसे कि चीजबर्गर फ्रेंच फ्राईज आदि खाने से संज्ञानात्मक गिरावट में इजाफा ही होगा। इसलिए वहां जाकर बैठना सही है, लेकिन वहां फास्टफूड का सेवन न करने की सलाह भी वैज्ञानिकों ने दी है।
प्रमुख शोधकर्ता डॉ जेसिका फिनले के मुताबिक पारंपरिक तौर पर फास्ट फूड का संज्ञानात्मकता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। फैट कैलेस्ट्रॉल मस्तिष्क विकारों में इजाफा करते हैं। यह अध्ययन सिर्फ यह दर्शाता है कि फास्टफूड प्रतिष्ठान बुजुर्गों के लिए बैठने की अच्छी जगह साबित हो सकते हैं, जहां वह अपने दोस्तों के साथ वक्त बिताएं। लेकिन वहां फास्टफूड का सेवन न करें।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
