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रायपुर / शौर्यपथ / कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार के कुप्रबंधन के कारण देश का खजाना खाली हो गया है ।मोदी सरकार किसान सम्मान निधि का पैसा देने की स्थिति में नही है ।इसीलिए केंद्र बहाने बाजी कर आधे अधूरे किसानों के खाते में पैसे डाल रही है।पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह द्वारा किसान सम्मान निधि के सम्बंध में दिए गए बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा एक तो मोदी सरकार ने किसानों के खातों में पैसा नही डाला ऊपर से रमन सिंह उसी के बचाव में गलत बयानी कर रहे हैं। केंद्र सरकार की नीयत छत्तीसगढ़ सहित देश भर के किसानों को किसान सम्मान निधि का पैसा देने की है ही नहीं ।मोदी सरकार की नीयत किसानों को किसान सम्मान निधि का पैसा देने की रहती तो पहली दूसरी क़िस्त के समय केंद्र सरकार के पास जो सूची है उसी के आधार पर किसानों को भुगतान कर दिया गया होता ।कोरोना काल मे फिर से आवेदन नही मंगवाया जाता ।कोरोना के समय लोगो को कम से बाहर निकलने के उद्देश्य से देश भर में दीगर कार्यो और योजनाओं के लिए पुराने आंकड़ो को आधार बनाया जा सकता है फिर किसान सम्मान निधि में क्यो नही ? जैसा दावा केंद्र सरकार कर रही है कि उसने राज्य के 27 लाख किसानों को पहली और अन्य क़िस्त का भुगतान किया था तो उसी आधार पर अब भी भुगतान किया जाना चाहिए किस आधार पर मात्र 2 लाख किसानों को भुगतान किया गया। कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार देश की अर्थ व्यवस्था सम्भालने में बुरी तरह नाकाम साबित हुई है ।केंद्र सरकार अपनी योजनाओं को भी चलाने में असमर्थ साबित हो रही है ।राज्यो को जीएसटी की क्षति पूर्ति का पैसा देने में केंद्र पहले ही हाथ उठा चुका है ।अब किसानों को नाम मात्र का दिया जाने वाला किसान सम्मान निधि का पैसा देने में भी केंद्र हिला हवाला कर रहा है । मोदी सरकार की नीयत किसानों को पैसा देने की होती तो हर क़िस्त के बाद अलग अलग फार्म भरवाने बैंक रिकार्ड की जानकारी मंगवाने के नाम पर किसानों को परेशान नही किया जाता ।छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार द्वारा चलाई जाने वाली राजीव गांधी किसान न्याय योजना में लगभग 19 लाख किसानों ने लाभ प्रप्त किया ।राज्य में समर्थन मूल्य पर लगभग इतने ही किसान धान बेचते है ।इन सबके आंकड़े सरकार के पास है जो केंद्र सरकार की भी जानकारी में है ।भाजपा सरकार चाहती तो इसी जानकारी के आधार पर कम से कम इतने किसानों को भुगतान कर सकती थी ।भाजपा सरकार किसान सम्मान निधि योजना चलाने में असमर्थ लग रही है इसी लिए वह राज्य सरकार पर आरोप लगा कर कुछ किसानों को ही भुगतान कर अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है। कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि रमन सिंह सहित भाजपा के नेता दलीय प्रतिबद्धता के कारण केंद्र सरकार द्वारा किये जा रहे किसान विरोधी आचरण में उसके साथ खड़े नजर आते है और मोदी सरकार को खुश करने राज्य सरकार पर झूठे आरोप लगा कर बयान बाजी करते है ।जब केंद्र ने राज्य सरकार के द्वारा 2500 रु में धान खरीदी पर राज्य से चावल न लेने की धमकी दिया था तब भी भाजपा का एक भी नेता छत्तीसगढ़ के किसानों के समर्थन में सामने नही आया था सारे के सारे नेता केंद्र की किसान विरोधी नीति के साथ खड़े थे। छत्तीसगढ़ की जनता भाजपा के इस चरित्र को देख रही है 2018 के विधानसभा चुनाव का दोहराव 2023 में भी होगा।
दुर्ग । शौर्यपथ । एनएसयूआई के जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष सोनू साहू ने माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को छ:ग में स्कूल फीस नियामक आयोग बनाए जाने पर आभार व्यक्त किया में जिसकी पूर्णकालिक सरकार बीजेपी ने ठंडे बस्ते में डाल दिया था यहां तक कि स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि निजी स्कूल हमारे नियत्रन में नहीं है दिल्ली में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड एवम् मानव संसाधन मंत्री को भी सिबिएसई स्कूलों की फीस तय करने ग्रेडिंग करने ज्ञापन दिया गया था।जिस पर केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को नियामक आयोग गठन एवं सिबिएसई स्कूलों की ग्रेडिंग करने आदेश में तब्दील कर निजी स्कूल को संरक्षण दिया फीस विनियामक समिति का गठन पूर्व भाजपा सरकार व उसके सभी शिक्षा मंत्री के मुंह में करारा तमाचा है। जिन्होंने पुर 10 साल पलको के शोसान व उत्पीड़न की अनदेखी और बढ़ावा दिया है। कांग्रेस ने समस्या को गंभीरता पूर्वक लिया और अपने घोषणा पत्र में शामिल किया और प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी एक साल में ही वादा पुर किया फीस विनियामक समिति बनाकर पालकों को बहुत बड़ी राहत दी है। भिलाई विधानसभा के विधायक को श्री देवेन्द्र यादव जी ने फीस विनियामक आयोग बनने के लिए समर्थन देते हुए अपने छात्र जीवन में एनएसयूआई की ओर से पूर्व के भाजपा सरकार को समिति गठित करने के लिए सड़कों की लड़ाई लड़े और आज जब फीस विनियामक आयोग का समिति का गठन होने जा रहा है उसमे विधानसभा में वह एक सदस्य के रूप में सरकार के अहम हिस्से में सामिल है जिस पर सदन के और भी विधायकों ने श्री यादव का बात सुनकर गदगद हो गए इस प्रदेश में फीस विनियामक बनने से प्रदेश के स्कूल पल संघ और राज्य की आम जनता राहत महसूस कर रहे है जिससे अब प्रबन्धक एवम् संचालकों के उपर नकेल कसना शुरू हो गया है।यह सभी छात्र संगठन और पालकों के लिए बड़ी जीत है खास कर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन NSUI की ओर से राज्य सरकार के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री प्रेमसाय सिंग जी का बहुत- बहुत धन्यवाद आप ने जन हित और छात्र हित में एक सार्थक निर्णय लिए है
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग निगम में शायद ही कोई अधिकारी होगा जो आते ही लगातार विवादों में घिरा हो , प्रधानमंत्री आवास योजना का प्रभार सँभालने के बाद जल्द ही प्रभार में बदली , अमृत मिशन के कार्य से भी जल्दी ही प्रभार में बदली , बिना निविदा के ठेके देने और मनपसंद ठेकेदार को फायदा पहुँचाने में अग्रणी , सुखा राशन वितरण में कई सवालिया निशान , दुर्ग निगम में स्वयभू सर्वेसर्वा और सबसे ज्यादा जानकार समझने वाले प्रभारी ईई मोहन पूरी गोस्वामी यु तो निगम में ढेढ़ साल ही हुए है आये हुए किन्तु इन डेढ़ साल में पत्रकारों को लिफाफा बांटकर अपनी तरफ करने की पुरजोर कोशिश भी पिछली दीपावली में फेल हो गयी .
शौर्यपथ संचार पत्र ने पिछले अंको में प्रकाशित किया था कि किस तरह बिना निविदा के कार्य को गोस्वामी द्वारा करने की अनुमति ठेकेदार को दे दी गयी ऐसा पहले भी हो चूका है इस बारे में ईई का कहना है कि अतिआवश्यक कार्य के कारण ठेका दिया गया . मामला चाहे जो भी हो किन्तु अब एक नया मामला सामने आया जिसमे निगम आयुक्त द्वारा ईई गोस्वामी को नोटिस जारी हुआ है जिसमे कार्य में लापरवाही की बात कड़े शब्दों में की गयी . उपरोक्त नोटिस के अनुसार ईई गोस्वामी द्वारा कई कार्यो के कार्यादेश जरी करने में 9 माह का समय बीत जाने के बाद भी कार्यादेश जारी नहीं करने के कारण पत्र प्रेषित किया गया और इस तरह कार्य की पुनरावृत्ति ना होने की बात कही गयी . एक तरफ ईई गोस्वामी मनपसंद ठेकेदारों को बिना निविदा कार्य सौप रहे है वही दूसरी तरफ जिनको ठेका मिला उन्हें कार्यादेश नहीं देकर ठेकेदारों को परेशान किया जा रहा है क्या ऐसे ईई पर महापौर और शहर विधायक मामले को संज्ञान में लेकर कोई सख्त कदम उठाएंगे या मौन रहेंगे ?
राजनांदगांव / शौर्यपथ / नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) का संक्रमण निगम सीमाक्षेत्र में तेजी से फैल रहा है, जिसके कारण गत दिनों निगम के जनप्रतिनिधियों का कोरोना पाजिटीव पाये जाने के उपरांत निगम के कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों का भी टेस्ट कराया गया और आम नागरिकों को कोरोना संक्रमण न हो इस बात को ध्यान में रखते हुये निगम कार्यालय आम नागरिकों के लिये 29 अगस्त 2020 तक उसके उपरांत 6 सितंबर तक प्रतिबंधित किया गया था। जिसे अब बढा कर 12 सितंबर तक प्रतिबंधित किया गया हैै। साथ जिलाधीश के निर्देश पर कोरोना संक्रमण के बढते प्रकोप को देखते हुये घर घर सर्वे के लिये अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगायी गयी है।
निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक ने बताया कि निगम क्षेत्र में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैलने के साथ-साथ निगम का जनप्रतिनिधि एंव कर्मचारी संक्रमित पाये जाने के कारण (कोविड-19) के संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण के अलावा नागरिकों को केारोना संक्रमण से दूर रखने के दृष्टिगत रखते हुये निगम कार्यालय को 22 अगस्त से 29 अगस्त 2020 तक आम नागरिकों के आने जाने हेतु पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया था। जिसे 1 सितम्बर से 6 सितम्बर 2020 बढाया गया था चुकि कोरोना संक्रमण शहर में अब भी तेजी से फैल रहा हैए जिसे ध्यान में रखते हुये आम नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुये आम नागरिकों के लिये दिनांक 7 सितंबर से 12 सितंबर 2020 तक निगम कार्यालय आना-जाना प्रतिबंधित किया जाता है। अति आवश्यक सेवा से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिये अपने वार्ड पार्षद से संपर्क करे, ताकि पार्षद भी निगम के संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों से दूरभाष (मोबाईल) में संपर्क कर समस्या का निराकरण करायेंगे। इसी प्रकार कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुये जिलाधीश के निर्देश पर घर-घर सर्वे करने अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गयी है, ताकि कोरोना संक्रमण की जानकारी मिल सके।
आयुक्त श्री कौशिक ने नागरिकों से अपील की है कि अति आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकले, मॉस्क व सेनेटाईजर का उपयोग करे, बार बार साबुन से हाथ धोवें तथा सोसल डिस्टेंसिंग का पालन करे, इसके अलावा सर्दी, खासी या बुखार के लक्षण होने पर नजदिकी स्वास्थ्य केन्द्र या डॉक्टर से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि सावधानी बरत कर ही हम कोरोना महामारी से लड सकते है। साथ ही उन्होंने नागरिकों से सर्वे टीम को सरदी खासीए बुखार या अन्य समस्या के संबंध में सही सही जानकारी देने की अपील की है, ताकि कोरोना संक्रमण की पहचान की जा सके एवं सही समय में उसका ईलाज कर कोरोना संक्रमण से बचा जा सके।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कल 8 सितम्बर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जनता को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।मुख्यमंत्री ने आज यहां जारी अपने बधाई संदेश में कहा है कि आज का दिन अक्षरों की अलख जगाने, अक्षर ज्ञान की महत्ता बताने का दिन है। अक्षर ज्ञान के प्रकाश से अपने और समाज के जीवन में चेतना, सुख और समृद्धि की रोशनी फैलाने का दिन है।
मुख्यमंत्री बघेल ने आव्हान किया है कि प्रदेश को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने के लिए हम सब अपना योगदान देने का संकल्प लें। सभी का योगदान प्रदेश के सुनहरे भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि वास्तव में अक्षर ज्ञान वह पहला द्वार है, जहां से ज्ञान के अनंत रास्ते खुलते हैं। साक्षरता से शिक्षा और शिक्षा से विकास का सीधा संबंध है। आज का दिन प्रदेश में साक्षरता के वर्तमान सोपान पर गर्व करने का है, तो शेष लक्ष्य प्राप्त करने के लिए संकल्प लेने का भी है। उन्होंने कहा है कि शत्-प्रतिशत साक्षरता की दिशा में आगे बढऩे के लिए व्यक्तिगत रूचि और सामूहिक प्रयासों की बड़ी आवश्यकता है। व्यापक जनभागीदारी से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
बिलासपुर / शौर्यपथ / उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अपर कलेक्टर बिलासपुर द्वारा दिनांक 19 अगस्त एवं 20 अगस्त को जिले के टॉप 20 यूरिया विक्रेताओं के जांच प्रतिवेदन एवं उर्वरक निरीक्षक वरिष्ट कृषि विकास अधिकारी विकासखंड तखतपुर ढ्ढस्नरूस् ढ्ढष्ठ- 330296 के अनुशंसा के आधार पर मेसर्स सेवा सहकारी समिति, कुवां वि.खं. तखतपुर जिला बिलासपुर (छ.ग.) को उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत खण्ड 05 एवं खण्ड 35 का उल्लंघन एवं अनियमितता बरतने का प्रथम दृष्टिया दोषी पाये जाये के फलस्वरूप कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। कारण बताओ नोटिस का जवाब समाधानकारक नहीं पाये जाने के कारण तथा उर्वरक आदेश 1985 का खण्ड 05 एवं खण्ड 35 का उल्लघन एवं अनियमितता पाये जाने के दोषी होने के फलस्वरूप एतद् द्वारा उर्वरक आदेश 1985 के खण्ड 26 एवं 26ए में प्रदत उर्वरक अधिसूचित प्राधिकारी की शक्तियों का प्रयोग करते हुए खण्ड 31 के तहत मेसर्स सेवा सहकारी समिति कुवां विकासखंड तखतपुर का उर्वरक पंजीयन प्रमाण पत्र क्रमांक 2628/682 वैधता दिनांक 25 मार्च 2021 तक निलंबन किया जाता है। निलंबन अवधि में उर्वरक व्यवसाय पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगाा।
इसी प्रकार उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अपर कलेक्टर बिलासपुर द्वारा दिनांक 19 अगस्त एवं 20 अगस्त को जिले के टॉप 20 यूरिया विक्रेताओं के जांच प्रतिवेदन एवं उर्वरक निरीक्षक विकासखंड बिल्हा के अनुशंसा के आधार पर मेसर्स बीज उत्पादक सहकारी समिति, हरदी विकासखंड बिल्हा ढ्ढस्नरूस् ढ्ढष्ठ- 1108379 जिला बिलासपुर (छ.ग.) को उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत खण्ड 05 एवं खण्ड 35 का उल्लंघन एवं अनियमितता बरतने का प्रथम दृष्टिया दोषी पाये जाये के फलस्वरूप कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। कारण बताओ नोटिस का जवाब समाधानकारक नहीं पाये जाने के कारण तथा उर्वरक आदेश 1985 का खण्ड 05 एवं खण्ड 35 का उल्लघन एवं अनियमितता पाये जाने के दोषी होने के फलस्वरूप एतद् द्वारा उर्वरक आदेश 1985 के खण्ड 26 एवं 26 ए में प्रदत उर्वरक अधिसूचित प्राधिकारी की शक्तियों का प्रयोग करते हुए खण्ड 31 के तहत मेसर्स बीज उत्पादक सहकारी समिति हरदी विकासखंड बिल्हा का उर्वरक पंजीयन प्रमाण पत्र क्रमांक 2938/938 वैधता दिनांक 10 मई 2021 तक निलंबन किया जाता है। निलंबन अवधि में उर्वरक व्यवसाय पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगाा।
इसी प्रकार उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अपर कलेक्टर बिलासपुर द्वारा दिनांक 19 अगस्त एवं 20 अगस्त को जिले के टॉप 20 यूरिया विक्रेताओं के जांच प्रतिवेदन एवं उर्वरक निरीक्षक वरिष्ट कृषि विकास अधिकारी तखतपुर के अनुशंसा के आधार पर मेसर्स अंसारी खाद भंडार मेन रोड तखतपुर, वि.खं. तखतपुर ढ्ढस्नरूस् ढ्ढष्ठ- 324483 जिला बिलासपुर (छ.ग.) को उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत खण्ड 05 एवं खण्ड 35 का उल्लंघन एवं अनियमितता बरतने का प्रथम दृष्टिया दोषी पाये जाये के फलस्वरूप कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। कारण बताओ नोटिस का जवाब समाधानकारक नहीं पाये जाने के कारण तथा उर्वरक आदेश 1985 का खण्ड 05 एवं खण्ड 35 का उल्लघन एवं अनियमितता पाये जाने के दोषी होने के फलस्वरूप एतद् द्वारा उर्वरक आदेश 1985 के खण्ड 26 एवं 26ए में प्रदत उर्वरक अधिसूचित प्राधिकारी की शक्तियों का प्रयोग करते हुए खण्ड 31 के तहत मेसर्स अंसारी खाद भंडार मेनरोड तखतपुर विकासखंड तखतपुर का उर्वरक पंजीयन प्रमाण पत्र क्रमांक 718/53 वैधता दिनांक 9 अप्रैल 2025 तक निलंबन किया जाता है। निलंबन अवधि में उर्वरक व्यवसाय पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगाा।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य जनजाति सलाहकार परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में जाति प्रमाण-पत्र जारी करने तथा निरस्त करने की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। बैठक में जनजातीय समुदाय के हित में भू-राजस्व की धाराओं में संशोधन करने के संबंध में छत्तीसगढ़ राज्य सलाहकार परिषद की उप समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। अचानकमार टाईगर रिजर्व में तीन ग्रामों तिलईडबरी, बिरारपानी, छिरहट्टा के विस्थापन प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। प्रत्येक विस्थापित परिवार को 10 लाख रूपए अथवा दो हेक्टेयर भूमि एवं 5000 वर्गफीट की बाड़ी, साथ ही पेयजल सहित सड़क की सुविधाएं के अलावा परिवार की सहमति से उपयुक्त स्थान पर जमीन भी दी जाएगी। इसी प्रकार क्षेत्र के कुल 19 गांवों के विस्थापन के लिए सहमति प्रदान की गई। छत्तीसगढ़ राज्य जनजाति सलाहकार परिषद् की बैठक में अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन पर राज्यपाल को भेजे जाने वाले प्रतिवेदन का अनुमोदन किया गया।
मुख्यमंत्री ने वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन की चर्चा में कहा कि वन क्षेत्रों में आरेंज क्षेत्रों का सर्वे कर राजस्व अभिलेखों को दुरूस्त कर लिया जाए। गांवों में राजस्व संबंधी दिक्कतों के निराकरण के लिए सभी अनुसूचित क्षेत्रों में बंदोबस्त त्रुटि सुधार के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इसके तहत गांवों में शिविरों का आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि वन अधिकार मान्यता पत्र में व्यक्तिगत पट्टे और सामुदायिक पट्टे भी दिए जा रहे हैं। मुुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए ग्राम स्तर पर जनप्रतिनिधि पात्र व्यक्तियों के आवेदन लेने के साथ इसे ग्राम सभा से पारित कर उन्हें वन भूमि का पट्टा देने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि विगत डेढ़ साल में सरकार द्वारा 40 हजार से अधिक व्यक्तिगत/सामुदायिक पट्टों का वितरण किया गया है। बस्तर से सरगुजा तक उन्होंने स्वयं बैठक लेकर इस प्रक्रिया के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने सलाहकार परिषद के सदस्यों को मसाहती ग्रामों के संबंध में अपने सुझाव विभागीय मंत्री और सचिव को भेजने कहा। बैठक में राजस्व, वन और आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विभाग के अधिकारियों की बैठक आयोजित कर इन मामलों के सबंध में निर्णय लिए जाए। सलाहकार परिषद की बैठक में सदस्यों द्वारा देश में पहली बार नगरीय क्षेत्रों में वन अधिकार पत्र प्रदान करने पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
बैठक में बताया गया कि जिला मुख्यालयों में स्थित छात्रावासों में स्वीकृत सीट से अधिक संख्या में आवेदन प्राप्त होते है। इच्छुक विद्यार्थियों को छात्रावास में प्रवेश के लिए शैक्षणिक सत्र 2020-21 से 21 नवीन छात्रावासों में 14 हजार 750 सीट की स्वीकृति दी गई है। विभाग द्वारा 161 आश्रम-छात्रावास भवन निर्माण की वित्तीय प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने परिषद् के सदस्यों से पुराने जर्जर छात्रावास एवं दर्ज संख्या के अनुसार अपर्याप्त क्षमता के भवनों के प्रस्ताव भी विभाग को भेजने कहा। जनजाति सलाहकार परिषद में विशेष पिछड़ी जनजाति के प्रतिनिधि को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल करने पर सहमति प्रदान की गई। पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृति दिए जाने के लिए आय सीमा बढ़ाने के संबंध में भारत सरकार को पत्र लिखा गया है। परिषद् के सदस्यों की मंशानुसार उन्हें अनुरोध पत्र भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी समुदाय की बेहतरी के लिए पिछले डेढ़ साल में अनेक निर्णय लिए गए हैं। आदिवासी समुदाय के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार की दिशा में नवाचारी पहल की शुरूआत की गई है। वनांचल क्षेत्रों में एनीमिया और कुपोषण को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की शुरूआत की गई। इसके बेहतर परिणाम मिले है। कोरोना संकट काल में भी कुपोषित बच्चों की संख्या में 13 प्रतिशत की कमी आयी। यह एक बड़ी उपलब्धि है। गांवों में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिीनिक योजना शुरू की गई इससे लोगों तक सीधे स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। बस्तर अंचल में मलेरिया मुक्ति के लिए भी अभियान चलाया गया है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज शहर के रेल्वे स्टेशन मार्ग में स्थित समाज सेवी संस्था के श्री लोहाणा महाजनवाड़ी भवन नि:शुल्क कोविड-19 सेन्टर का निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री वर्मा ने वहां की व्यवस्थाओं को देखकर सराहना की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 संक्रमण के इस कठिन दौर में सामाजिक संस्था द्वारा की जा रही यह पहल प्रशंसनीय है। उन्होंने कोविड-19 सेन्टर में मरीजों के लिए बेड, मोबाईल चार्जिंग, पेयजल आदि व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि भवन को लगातार सेनेटाईज करते रहें। मरीजों की लिए डॉक्टर की टीम रखने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी को दिए। उन्होंने प्रोटोकॉल का पालान करते हुए कार्य करने को कहा। ताकि स्वयं को संक्रमित होने से बचाया जा सके।
जिले में कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए समाजसेवी संस्था द्वारा श्री लोहाणा महाजनवाड़ी भवन को मरीजों के लिए नि:शुल्क उपलब्ध कराया है। यहां मरीजों के रहने, खाने, पेयजल की सुविधा पूर्णत: नि:शुल्क रहेगी। यहां इलाज के लिए भर्ती होने वाले मरीजों को नाश्ता, भोजन की व्यवस्था सिख समाज गुरूद्वारा श्री गुरूसिंघ सभा द्वारा की जाएगी। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, एसडीएम राजनांदगांव श्री मुकेश रावटे, तहसीलदार श्री रमेश मोर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर ट्रस्ट मंडल प्रमुख संजय भाई भोजाणी, श्री लोहाणा महाजन अध्यक्ष नाथाभाई रायचा, समाज के सेवाभावी सदस्य, ट्रस्ट मंडल से सुरेशभाई कोटक, हसमुखभाई रायचा, गिरीश भाई रायचा तथा वरिष्ठ सदस्य गिरीश भाई ठक्कर, नवयुवक मंडल से अध्यक्ष मनीष भाई साहिता सहित अन्य सदस्य शैलेष भाई गणात्रा, तरुण भाई आड़तिया, विक्की भाई रायचा, राम भाई ठक्कर व दर्पण भाई बुद्धदेव उपस्थित थे।
अब नाक बचाने के लिए भाजपा के नेता कर रहे हैं राजनीति
अगर किसानों को पैसा नहीं दे सकती मोदी सरकार तो न दे, कम से कम धोखा तो न दे
रमन सिंह और कौशिक 25 लाख किसानों को दें जवाब
रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ एक और धोखाधड़ी कर रही है। छह हज़ार रुपए प्रति वर्ष मिलने वाली किसान सम्मान निधि की पहली किस्त तो 27 लाख किसानों को दी गई लेकिन अब इस सूची में सिफऱ् दो लाख किसान बचे हैं। उन्होंने कहा है कि पंजीकरण के नाम पर केंद्र की भाजपा सरकार किसानों के नाम काट रही है और भाजपा के राज्य के नेता इस पर राजनीतिक रोटी सेंकने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा है कि भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को छत्तीसगढ़ की जनता को बताना चाहिए कि मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के 25 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि की किस्त क्यों नहीं दे रही है? उन्होंने कहा है कि जिन किसानों को पहली किस्त दे दी गई उन्हें शेष किस्तें भी मिलनी चाहिए लेकिन किसानों के साथ ठगी की आदी हो चुकी मोदी सरकार किसानों को बार बार पंजीयन कराने पर मजबूर कर रही है और इसी में खामियां निकालकर किसानों की संख्या घटाई जा रही है। प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी जी ने किसानों को आय दोगुनी करने का वादा किया था लेकिन अब पांच सौ रुपए महीने भी देने में चालबाज़ी कर रहे हैं। ठीक उसी तरह रमन सिंह ने प्रदेश के किसानों को बोनस और समर्थन मूल्य के नाम पर भ्रम जाल में फंसाया था।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि भाजपा का चरित्र में ही है धोखेबाजी करना। मोदी सरकार किसानों के साथ ही नहीं बल्कि देश के बेरोजगार युवाओं, मजदूरों, गृहणियों, व्यापारियों, छात्रों के साथ भी दगाबाजी छल धोखा कर रही है।मोदी भाजपा ने किसानों से केंद्र में सरकार बनने पर स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश के अनुसार लागत मूल्य का डेढ़ गुना धान का समर्थन मूल्य देने का वादा किया था जो अब तक पूरा नहीं हुआ। सस्ती रासायनिक खाद सस्ती डीजल पेट्रोल सहित किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने का सपना दिखाकर मोदी भाजपा की सरकार ने सस्ती डीजल को महंगे दरों पर और रासायनिक खादों की कीमत बेतहाशा वृद्धि कर किसानों को लूट रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते रमन सिंह ने भी किसानों के साथ 15 साल तक धोखाघड़ी किया। रमन सिंह सरकार के धोखा बाजी छल से व्यथित किसान परेशान होकर आत्महत्या करने मजबूर थे। उस दौरान रोज 4 किसान आत्महत्या करते थे, बेरोजगार युवा आत्महत्या करते थे। रमन सिंह ने किसानों का धान 2100 किविंटल की कीमत पर खरीदने और 300 रु बोनस देने का वादा कर वादा पूरा नहीं किया। आदिवासी परिवारों को 10 लीटर दूध देने वाली जर्सी गाय एवं उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का वादा कर धोखा दिया। छत्तीसगढ़ के युवाओं के रोजगार को आउटसोर्सिंग के माध्यम से बेचा गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि असल मायने में मोदी सरकार किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने नहीं बल्कि उन को कमजोर करने की नियत से काम कर रही है।छत्तीसगढ़ में किसानों के धान को ?2500 क्विंटल के दर पर खरीदने पर भी अड़ंगा मोदी भाजपा की सरकार ने लगया था। अब छत्तीसगढ़ के 25 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि की राशि नहीं देकर मोदी भाजपा किसानों के साथ धोखा कर रही है प्रधानमंत्री मजदूर गरीब कल्याण योजना से भी छत्तीसगढ़ को बाहर रखा गया है और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह इस पर मौन है।
दुर्ग / शौर्यपथ / शंकराचार्य होस्पिटल को कोविद होस्पिटल की अनुमति तो मिल गयी किन्तु हॉस्पिटल की अव्यवस्था के किस्से आये दिन समाचारों के माध्यम से प्रकाशित हो रहे है . . होस्पिटल में ओक्सिजन की कमी से एक मरीज की तडफ़ते हुए मौत को गले लगाने के बाद भी ना तो हॉस्पिटल प्रबंधन की नींद खुली और ना ही शासन की . मरीज की मौत के बाद भले ही प्रशासन लीपापोती में लग गया , अस्पताल प्रबंधन लिपा पोती में लग गया किन्तु किसी की भी गलती हो लापरवाही हो एक इंसान तो इस दुनिया से इलाज के अभाव में परलोक पहुँच गया . और शहर के जनप्रतिनिधि जो नाली के उद्घाटन पर भी बड़ी बड़ी बात विकास की कहते है एक शब्द भी नहीं बोले , प्रशासनिक अधिकारी जो एक जऱा सी चुक मरीज से या परिजन से हो जाए तो अपनी क़ानूनी बाते का ऐसा रौब झाड़ते है कि दुनिया के सबसे शक्ति शाली वही है किन्तु किसी की लापरवाही से एक मरीज की जान चली गयी और जाँच की बात करते नजर आ रहे है .
इसी शंकराचार्य हॉस्पिटल में मृत व्यक्तियों की अदला बदली हो गयी और परिजन अपने प्रिय जन को विदा भी नहीं कर पाए और ना ही अंतिम दर्शन कर पाए इतनी बड़ी चुक के बाद भी प्रबंधन और प्रशासन जाँच की बात करता रहा जाँच होगी और कैसे होगी ये जग विदित है अगर विभाग ये जिम्मेदारी सही थांग से निभा ले तो बहुत बड़ी बात क्योकि इसी शहर में यही अधिकारी है जो सालो से सीना ठोक कर अवैध रूप से निजी नर्सिंग होम का सञ्चालन कर रहे है पर आज पर्यंत तक किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं कर सका तो वर्तमान में तो कोरोना आपदा और व्यताता का ऐसा पाठ पढ़ायेगा कि फरियादी की फ़रियाद कचरे के डिब्बे में कब चली जायेगी पता भी नहीं चलेगा .
शंकराचार्य हॉस्पिटल कहने को तो मेडिकल कॉलेज है किन्तु कोरोना आपदा में इस कालेज की व्यवस्था की पोल खुल गयी , प्रशासन का आइना दिख गया पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही लापरवाही के बाद अब एक नया मामला फिर सामने आ गया .
मामला है एक महिला की मौत का . महिला के बेटे ने एक पत्र जारी कर अपनी आपबीती सुनाई और न्याय की गुहार के लिए शासन को ललकार लगा दी है . लीला बाई बसोड् जिनकी तबियत खराब होते उसके बेटे को इलाज के दौरान कोरोना पाजि़टिव बताकर शंकराचार्य में भर्ती करवाया भारती करवाने के बाद ही शुरू हुई महिला की नारकीय जिन्दगी . महिला के बेटे के अनुसार उसकी माँ से न बात करवाईं न खाना दिया न पानी दिया, बेटे ने बताया कि मेरी मां से मंगलवार 2/9/ 2020 को रात 8 बजे , बात हुई जो बगल वाले मरीज न करवाईं, मां से कहा मैं कल आऊंगा, मैं 3/9/ दिन बुधवार को वहां पर अनिस सर से दिन भर कहता रहा कि मेरी मां से बात करा दो, लेकिन किसी ने नहीं सुनी मेरी दिन भर बात नहीं होने के कारण मेरी मां सदमे में आ गयी और वो परलोक सिधार गई। बेटे मुकुंद ने बताया कि मुझे मां से बात करने के लिए एक नम्बर दिया गया था 6260221616 इस नंबर नम्बर को मुकुंद के द्वारा दिनभर लगाया जाता रहा लेकिन किसी ने कोई जानकारी नहीं दी और रात 1 बजे मेरी मां की मरने की ख़बर दिया . मुकुंद ने आरोप लगाया कि उसकी माँ की मौत एक साजिश के तहत हुई जिसका आडीयो वाईस रिकार्डिंग मेरे पास है . वहां किसको जाने नहीं देते , और सही ढंग से देख देख नहीं होती मरीजों को उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है, मेरी मां के मौत, हिसाब प्रबंधन को देना होगा।
मुकुंद बसोड ने प्रशासन पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा कि माँ की मौत के बाद उनके जेवर जो वो पहनी हुई थी वो भी नहीं मिले इस बारे में कोई सही जानकारी नहीं दे रहा है . लगातार 3 दिनों की पीड़ादायक स्थिति के बाद मंगलवार 2 सितम्बर की देर रात को श्रीमती बंसोड की मृत्यु की उसके परिजन को दे दी गयी इस तरह अनियमितता की भेंट एक 80 वर्षीया महिला मौत के आगोश में समा गयी.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
