उत्तर बस्तर कांकेर /शौर्यपथ/
जिले में गोधन न्याय योजना का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए गौठान पहुंच कार्यक्रम चलाया जायेगा, जिसमें सभी जिला स्तरीय अधिकारियों के अलावा विकासखण्ड स्तरीय अधिकारियों की भी ड्यूटी लगाई जायेगी। कलेक्टर श्री चन्दन कुमार ने सोमवार को आयोजित समय-सीमा की बैठक में इस आशय के निर्देश दिये। उन्होंने कामकाजी महिलाओं के लिए भी जिला मुख्यालय कांकेर में हॉस्टल की व्यवस्था करने हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया है। प्रत्येक विकासखण्ड में तीन-तीन ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का चयन करने तथा प्रत्येक ग्राम पंचायतों में एक आदर्श शौचालय का निर्माण करने के लिए सभी जनपद सीईओ को निर्देश दिये हैं। स्कूल, आंगनबाड़ी एवं छात्रावासों में रनिंग वॉटर की जानकारी फोटोग्राफ्स सहित उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
कलेक्टर चन्दन कुमार ने समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि लगातार फील्ड भ्रमण कर योजनाओं के क्रियान्वयन की मॉनिटरिंग एवं जनसमस्याओं का निराकरण किया जावे। रोजगार मिशन का डेटा ऑनलाईन करने के निर्देश भी उनके द्वारा अधिकारियों को दिये गये। आश्रम-छात्रावास भवनों की मरम्मत के लिए प्राक्कलन प्रस्तुत करने हेतु ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंता को निर्देशित किया गया। धान के बदले अन्य लाभकारी फसलों की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने तथा टिकरा-भांठा भूमि में कोदो-कुटकी की फसल लेने के लिए प्रेरित करने हेतु कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि बीज की उपलब्धता भी सुनिश्चित किया जावे। गोधन न्याय योजनांतर्गत गोबर की खरीदी एवं उसका भुगतान तथा वर्मी कम्पोस्ट के निर्माण और उसका उठाव के संबंध में विस्तृत समीक्षा करते हुए सहकारी समितियों के माध्यम से वर्मी कम्पोस्ट के उठाव में तेजी लाने हेतु उप पंजीयक सहकारी संस्था को निर्देश दिये। चारामा-कोरर मार्ग के निर्माण में तेजी लाने तथा बिगड़े हैण्डपंपों की तत्काल मरम्मत कराने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
कलेक्टर चन्दन कुमार द्वारा राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के क्रियान्वयन की भी समीक्षा किया गया, जिसमें बताया गया कि जिले में 07 हजार 174 हितग्राही इस योजनांतर्गत पात्र पाये गये हैं, जिन्हें छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रतिवर्ष 07 हजार रूपये की सहायता राशि प्रदान की जायेगी। उनके द्वारा शहरी क्षेत्रों में अतिक्रमित शासकीय भूमि का व्यवस्थापन सहित डायवर्सन, नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा इत्यादि प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा किया गया एवं इसमें तेजी लाने के निर्देश भी दिये गये। पोषण पुनर्वास केन्द्रों में पूरी क्षमता के अनुरूप कुपोषित बच्चों को दाखिला कराने तथा जाति प्रमाण-पत्र बनाने के कार्य में तेजी लाने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये गये। बैठक में जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा भी की गई। इस अवसर पर डीएफओ कांकेर आलोक वाजपेयी, अपर कलेक्टर एस.पी. वैद्य सहित सभी जिला अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार एवं जनपद सीईओ उपस्थित थे।