August 06, 2026
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    PANKAJ CHANDRAKAR

    PANKAJ CHANDRAKAR

     जिम्बाब्वे से दिल्ली पहुंचे एक यात्री की जीनोम सीक्वेंसिंग की रिपोर्ट सामने आने के बाद मरीज के ओमिक्रॉन से संक्रमित होने के बारे में पता चला है.

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

    देश में ओमिक्रॉन  बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली में ओमिक्रॉन वैरिएंट  का एक और मामला सामने आया है. जिम्बाब्वे दिल्ली पहुंचे एक यात्री की जीनोम सीक्वेंसिंग  की रिपोर्ट सामने आने के बाद मरीज के ओमिक्रॉन से संक्रमित होने के बारे में पता चला है. इसके बाद दिल्ली में ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर दो हो गई है. मरीज की ट्रैवल हिस्ट्री में दक्षिण अफ्रीका (South Africa) भी शामिल रहा है.

    दिल्ली में विदेश से आने वाले लोगों के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है. लोक नारायण जयप्रकाश नारायण अस्पताल में भर्ती 27 मरीजों की अब तक जीनोम सीक्वेंसिंग कराई गई है. इनमें से 25 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है, जबकि दो लोगों के सैम्पल में ओमिक्रॉन पाया गया है.

    ओमिक्रॉन से संक्रमित व्यक्ति भारतीय है और विदेश यात्रा पर गया था, जहां से लौटने पर उसे कोरोना से संक्रमित पाया गया था.

    देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर केंद्र सरकार ने विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए रिवाइज्ड गाइडलाइन जारी की थी. एक दिसंबर से जारी गाइडलाइन में जोखिम वाले देशों से आने वाले सभी यात्रियों को आरटी-पीसीआर टेस्ट करना अनिवार्य कर दिया गया.

     साथ ही दूसरे देशों से आने वाले दो फीसद लोगों का रेंडम बेस पर टेस्ट करना भी शामिल है. बावजूद इसके देश में ओमिक्रॉन के मामलों में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है. देश में सबसे पहले कर्नाटक में ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले सामने आए थे.

     

     

     

     

    रायपुर /शौर्यपथ/
    मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में केन्द्रीय पुल में एफसीआई को 45.65 लाख मीटरिक टन चावल परिदान किए जाने के संबंध में बैठक हुई। बैठक में खाद्य विभाग के सचिव टोपेश्वर वर्मा, प्रबंध संचालक मार्कफेड सुश्री किरण कौशल, विशेष सचिव खाद्य विभाग मनोज सोनी सहित डिविजनल रेल्वे मेनेजर रायपुर-बिलासपुर-नागपुर, महाप्रबंधक भारतीय खाद्य निगम रायपुर, क्षेत्रिय प्रबंधक केन्द्रीय भण्डार गृह निगम भोपाल उपस्थित थे। 

    वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में राज्य के बाहर चावल के परिवहन के पूर्व संग्रहण के लिए एफसीआई द्वारा किराए पर गोदाम लेने का सुझाव दिया गया। चावल के परिवहन के लिए अधिक क्षमता के नए रेक का उपयोग भी किया जाएगा। इस संबंध में रेल्वे के रायपुर-बिलासपुर-नागपुर डिविजन द्वारा पूर्ण सहयोग करने का आश्वासन दिया गया है। एफसीआई के द्वारा 7.50 लाख मीटरिक क्षमता के अतिरिक्त गोदाम के लिए स्थान का परिक्षण करने और किराए पर लिए जाने का प्रस्ताव दिया गया है। मुख्य सचिव ने खाद्य विभाग के नोडल अधिकारी को नियमित रूप से एफसीआई के अधिकारियों से सम्पर्क बनाए रखने और चावल के परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है।

     

    रायपुर /शौर्यपथ/

    राष्ट्रीय ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण, नई दिल्ली के निरीक्षण कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क येाजना के निर्माणाधीन कार्यों के तृतीय स्तर के गुणवत्ता परीक्षण हेतु राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक चालू दिसम्बर माह में राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा करेंगे। 

    छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण से मिली जानकारी के अनुसार निर्धारित दौरा कार्यक्रम अंतर्गत राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक  टी.एस.कंडस्वामी मोबाईल नम्बर 9443228775 बेमेतरा एवं मुंगेली जिले का दौरा करेंगे।  रमेश कुमार खरे मोबाईल नम्बर 9425095719 बीजापुर एवं सुकमा,  राजीव कुमार वासुदेवा मोबाईल नम्बर 9631081077 बस्तर एवं कोण्डागांव,  बलवीर सिंह बरवाल मोबाईल नम्बर 9418024928 कोरिया एवं सूरजपुर,  अब्दुल माजीद खान मोबाईल नम्बर 9419000339 कांकेर एवं बालोद तथा ज्योति भूषण श्रीवास्तव मोबाईल नम्बर 9450362291 कोरबा एवं सरगुजा जिले का दौरा करेगे।

     

    रायपुर /शौर्यपथ/

    छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा रायपुर जिले के पंजीकृत प्रकरणों जैसे पति-पत्नी विवाद, दैहिक शोषण, मारपीट, प्रताड़ना, दहेज प्रताड़ना, कार्यस्थल पर प्रताड़ना और घरेलू हिंसा से सम्बंधित प्रकरणों की सुनवाई के लिए 13 और 14 दिसम्बर 2021 का तिथि निर्धारित की गयी है। सुनवाई शास्त्री चौक स्थित आयोग के कार्यालय में पूर्वान्ह 11 बजे से शुरू होगी।

    मुख्यमंत्री के साथ साझा किए प्रयास विद्यालय के मेघावी विद्यार्थियों ने सफलता के अनुभव

    रायपुर /शौर्यपथ/ 

    मंजिलें उनकों मिलती है जिनके सपनों में जान होती है। पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उडान होती है। कुछ ऐसा ही हौसला इन नक्सल प्रभावित जिले के बच्चों में था कि आज वे सफलता के शिखर पर पहुचने के साथ अपनी मंजिल की ओर आगे बढ़ रहे हैं। कभी ठीक से हाई स्कूल तक की पढ़ाई भी पूरी नहीं कर पाने वाले नक्सल प्रभावित जिले के बच्चों को जब उनके क्षेत्र में छत्तीसगढ़ सरकार के माध्यम से स्वर्गीय राजीव गांधी प्रयास आवासीय विद्यालय जैसी उच्च गुणवत्ता वाली संस्थाओं की सुविधाएं मिली तो वे इंजीनियरिंग, मेडिकल सहित कई कठिन परीक्षाएं पास कर देश के आईआईटी सहित नामी शिक्षण संस्थानों में अपनी जगह बनाने लगे हैं। गरीबी और अभावों के बीच वनांचल क्षेत्र में पले-बढ़े इन आदिवासी बच्चों की सफलताओं से जहां अन्य विद्यार्थियों को प्रेरणा मिल रही है, वहीं इनकी सफलता से देश में छत्तीसगढ़ का गौरव भी बढ़ रहा है।

    प्रयास विद्यालय में पढ़कर सफलता के शिखर पर पहुचने वाले विद्यार्थियों से जब प्रदेश के मुखिया  भूपेश बघेल रूबरू हुए तो उनके अनुभव सुन काफी रोमांचित हुए।  बघेल ने शहीद वीरनारायण सिंह के शहादत दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में स्वर्गीय राजीव गांधी स्मृति प्रयास आवासीय विद्यालयों के मेघावी विद्यार्थियों का सम्मान करते हुए लैपटॉप के लिए 50-50 हजार रूपए की अनुग्रह राशि प्रदान की। मुख्यमंत्री और अतिथियों के समक्ष सम्मान समारोह में प्रतिभावान विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए।

    देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक आईआईटी बीएचयू में इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग शाखा में अध्ययनरत्  तरूण कुमार पैकरा ने बताया कि वे कृषक परिवार से तालुक रखते है। सरगुजा जिले के गांव बमलाया में उनकी प्रारंभिक शिक्षा हुई। कक्षा 9वीं से उन्होंने प्रयास विद्यालय में अध्ययन किया है। उन्होंने बताया कि कक्षा 9वीं और 10वीं में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा क्वॉलिफाई किया। इससे न केवल मेरे बेसिक्स स्ट्रॉन्ग हुए, बल्कि आत्मविश्विास भी बढ़ा। तरूण ने बताया कि उन्होंने बचपन से ही इंजीनियरिंग क्षेत्र में करियर बनाने का सपना संजोकर रखा था, इसलिए गणित विषय लेकर आईआईटी-जेईई की तैयार शुरू की। शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन और सहपाठियों के साथ प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण से जेईई एडवांस परीक्षा में सफलता मिली। आईआईटी पटना में अध्ययनरत राजनांदगांव जिले की जागृति कंवर ने अपनी सफलता के अनुभव साझा करते हुए बताया कि प्रयास विद्यालय में आईं तो मन में परिवार से दूर कैसे रहूंगी यही ख्याल था, पर प्रयास में एक नया और बहुत बड़ा परिवार मिला। जल्द ही यह महसूस हुआ कि पढ़ाई के लिए इससे अच्छा वातावरण हो ही नहीं सकता। यहां आकर अपना पूरा ध्यान आईटीआई में प्रवेश के लिए लगा दिया। शिक्षकों के मार्गदर्शन और परिश्रम से उन्हें यह सफलता मिली। उन्होंने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा ग्राम खपरी सिरदार में हुई है।

    सम्मानित होने वाले अन्य विद्यार्थियो  में आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी में अध्ययनरत अनुसूचित जनजाति वर्ग की छात्रा कुमारी लिशा नेताम ने बताया कि उनके माता-पिता दोनों शिक्षक हैं, इसलिए घर में शुरू से ही पढ़ाई का माहौल रहा है। कोण्डागांव में पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पा रही थी, जिसके कारण उन्होंने रायपुर में पढ़ने के लिए प्रयास प्रवेश परीक्षा की तैयारी की और उनका चयन प्रयास कन्या आवासीय विद्यालय गुढ़ियारी के लिए हुआ। प्रयास विद्यालय में पढ़ाई के लिए बहुत अच्छा वातावरण है। यहां के शिक्षकों के मार्गदर्शन से उन्हें यह सफलता मिली है। आईआईटी भिलाई में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग शाखा में अध्ययनरत धमतरी जिले के  धनंजय धु्रव ने प्रयास विद्यालय की प्रशंसा करते हुए बताया कि इस संस्था में अखिल भारतीय इंजीनियरिंग और मेडिकल की प्रवेश परीक्षाओं के लिए बेहतर ढंग से तैयारी करायी जाती है। उन्होंने बताया कि उनकी बड़ी बहन ने भी इस संस्था में पढ़ाई की है। धनंजय ने यह भी बताया प्रयास विद्यालय में शिक्षकों सतत मार्ग से और सहपाठियों के बीच स्वस्थ स्पर्धा के माहौल ने उनकी सफलता में बड़ी योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि ग्राम डाही में उनकी प्रारंभिक शिक्षा हुई घर परिवार का माहौल खेती किसानी से जुड़ा है। 

    आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में मेथेमेटिक्स एण्ड कम्प्यूटिंग शाखा में अध्ययनरत राजनांदगांव जिले के  लुभास कुमार ने बताया कि शुरू से ही उनकी रूचि गणित और इंजीनियरिंग के पढ़ाई के प्रति थी। कक्षा 8वीं तक की पढ़ाई तहसील छुरिया के गांव पदगुड़ा में ही हुई। विज्ञान विषय में विशेष रूचि होने के कारण उनका चयन प्रयास विद्यालय में हुआ। उन्होंने बताया कि प्रयास विद्यालय में चयन होने से काफी उत्साहित हुआ क्योंकि गांव में हाईस्कूल नहीं था और उन्हें इंजीनियरिंग की पढ़ाई करनी थी। प्रयास विद्यालय में चयन होना उनकी जिंदगी का महत्वपूर्ण टर्निंग पाइंट साबित हुआ। प्रयास विद्यालय के शिक्षकों और सहपाठियों से मिले सहयोग से उनका चयन आई आई टी में हुआ। दुरस्थ अंचलों में रहने वाले प्रतिभावान छात्रों के लिए उनके सपनों को साकार करने में प्रयास विद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने प्रयास विद्यालयों के बेहतर संचालन और प्रतिभावान छात्रों को दी जा रही सुविधाओं के लिए छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। 

    कांकेर जिले के अंतागढ़ की छात्रा कुमारी देविका उइके ने बताया कि उन्हें 12वीं बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए और शिक्षकों के मार्गदर्शन से वह एनआईटी रायपुर में अध्ययनरत है। इसी तरह बालोद जिले के विकासखण्ड डौंडी के ग्राम पथराटोला निवासी  मनीष कुमार रावटे ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 94.2 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। वर्तमान में वे आईआईटी बीएचयू में अध्ययनरत हैं। सरगुजा जिले के विकासखण्ड लखनपुर के ग्राम पोडी निवासी  आदित्य यादव ने 12वीं की परीक्षा में 92 प्रतिशत अंक प्राप्त किए और वे वर्तमान में आईआईटी बीएचयू में अध्ययन कर रहे हैं। सरगुजा जिले के ही विकासखण्ड लखनपुर के ग्राम काटकोना निवासी श्री प्रवीण कुमार चन्द्रवंशी ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 91.2 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। वर्तमान में वे आईआईटी बीएचयू में अध्ययन कर रहे हैं। बालोद जिले के विकासखण्ड गुण्डरदेही के ग्राम माहुद निवासी  रूद्रप्रताप देवांगन ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 88.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए और वे वर्तमान में आईआईटी आईएसएम धनबाद में अध्ययनरत हैं।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    शहीद वीर नारायण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की...

    स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आज सोनाखान (जिला बलौदाबाजार) पहुंचकर शहीद स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित कर छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। छत्तीसगढ़ महतारी के सच्चे सपूत शहीद वीर नारायण सिंह अंग्रेजों से लोहा लेते हुये 10 दिसम्बर 1857 को वीरगति को प्राप्त हुए थे।

    शिक्षक व्यक्ति का जीवन बदल सकता है-कलेक्टर
    सूरजपुर/शौर्यपथ/

    कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने भविष्य दृष्टि युवा सृष्टि के तहत जिले के समस्त गणित विषय के शिक्षकों से संवाद किया। उन्होंने शिक्षकों से संवाद करते हुए उनकी व्यक्तिगत समस्या, जिला स्तर पर पेंडिंग समस्या, एरियर्स भुगतान एवं अन्य समस्याओं को बताने कहा। कलेक्टर ने स्कूलों में बेहतर शिक्षा व्यवस्था एवं अन्य कार्य के लिए सुझाव भी मांगे। उन्होंने आपसी संवाद कर गणित विषय में बच्चों की समझ एवं पढ़ाई के स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने सभी शिक्षकों को सकारात्मक सोच के साथ ऊर्जा का संचार कर मोटिवेट किया तथा गणित विषय को कितना प्रभावी ढंग से बच्चों को पढ़ा सकते हैं जिसे पूरे जिले के बच्चों को लाभ मिल सके हमें उन शिक्षकों का चयन करना है जिससे अन्य बच्चों को मोटिवेट कर नई दिशा दे सकें। जिला प्रशासन द्वारा स्कूल एवं कॉलेज के छात्रों को बेहतर शिक्षा एवं कैरियर के लिए भविष्य दृष्टि युवा दृष्टि कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है जिससे छात्र को सही दिशा सही समय मिल सके। 

    उन्होंने आभाषी संवाद, भविष्य संवाद, विद्या संवाद एवं प्रेरणा संवाद के बारे में शिक्षकों को अवगत कराया इसके माध्यम से छात्रों के बीच जाकर भविष्य के संबंध गणित विषय पर बेहतर मोटिवेट कर सकें क्योंकि अधिकांश प्रतियोगी परीक्षाओं में गणित होता है। उन्होंने अपने आसपास के बच्चों को दिशा बोधन करने कहा जिससे हमारे जिले के बच्चे इंजीनियरिंग, मेडिकल, आईआईटी एवं अन्य क्षेत्रों में अपना कैरियर बनाना सुनिश्चित कर सकें। उन्होंने सभी शिक्षकों से आग्रह करते हुए कहा शिक्षक भविष्य निर्माता है, जो छात्र दिशाहीन है उन्हें दिशा दिखा सकते हैं और उन्हें आपसी संवाद कर आईआईटी ,इंजीनियरिंग, मेडिकल के लिए दिशा दिखा सकते हैं, जिससे बच्चे का उज्जवल भविष्य हो सके। गणित के चयनित शिक्षकों से लाइव क्लासेस में सेवा ली जाएगी जिसमें अधिकांश बच्चे जुड़ेंगे। उन्होंने स्कूल के अध्यापन कार्य के अतिरिक्त सेल्फ मोटिवेट होकर सकारात्मक रूप से बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए आगे आने कहा जिससे बच्चों को हम बेहतर दे सकें। कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह ने सभी शिक्षकों को मोटिवेट एवं हौसला अफजाई करते हुए कहा कि शिक्षक व्यक्ति का जीवन बदल सकता है।
    गौरतलब है कि जिला प्रशासन द्वारा छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए भविष्य दृष्टि युवा सृष्टि के तहत कलेक्टर, एसपी, सीईओ एवं अन्य अधिकारियों द्वारा स्कूल एवं कॉलेजों में जाकर आभाषी संवाद, भविष्य संवाद, विद्या संवाद एवं प्रेरणा संवाद के माध्यम से छात्रों का भविष्य सवारने मोटिवेट किया जा रहा है।

    पंचायत सचिवों को टीकाकरण रजिस्टर तैयार करने के निर्देष
    नारायणपुर /शौर्यपथ/

    कलेक्टर  धर्मेष कुमार साहू की अध्यक्षता में आज जिला पचंायत के सभाकक्ष में पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में कलेक्टर  साहू ने कहा कि जिले में कोविड-19 के प्रभावी रोकथाम के लिए वैक्सीनेषन की गति को बढ़ाने की आवष्यकता है, जिसके लिए पंचायत सचिवों की भूमिका महत्वपूर्ण है। पंचायत सचिव गांवों में कोविड-19 के वैक्सीनेषन हेतु गांवों में व्यापक प्रचार-प्रसार, मुनादी, दीवार लेखन आदि कार्य वैक्सीनेषन दिवस के पूर्व करा लें। कलेक्टर ने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों में 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का रजिस्टर तैयार किया जाये। सचिव द्वारा तैयार किये गये टीकाकरण पंजी की पूरी जांच की जिम्मेदारी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की है। इसके साथ पहली डोज एवं सेकण्ड डोज लगावाने वालों की भी जानकारी संकलित करें। निर्धारित दिवस के को टीकाकरण दल गांव में पहुंचकर वैक्सीनेषन करेंगा। इसके बाद वैक्सीनेषन की रिर्पोटिंग भी की जाये। 

    कलेक्टर  साहू ने बैठक में कहा कि टीकाकरण रजिस्टर सुव्यवस्थित रूप से तैयार किया जाना चाहिए। रजिस्टर में डोज लेने वाले हितग्राहियों का नाम, पता, मोबाईल नंबर आदि की जानकारी अंकित की जाये। इसके अलावा प्रथम डोज एवं द्वितीय डोज की तिथियों को भी अंकित किया जाना चाहिए, ताकि रिपोर्ट देने में कोई दिक्कत न हो। इस कार्य में पंचायत सचिव अपने क्षेत्र के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं मिताानिनों का सहयोग लें। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में हर सप्ताह अभियान चलाकर टीकाकरण कैंप का आयोजन किया जा रहा है। इन कैंपों का लाभ ग्रामीणों को मिल सके, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले अन्य विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारियों के साथ समन्वय कर सुनियोजित प्रयास करें। 

    बैठक में कलेक्टर ने कहा कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जिस क्षेत्र में कैंप का आयोजन किया जा रहा है। वहां एक सप्ताह पहले कैंप आयोजन की पूरी जानकारी दें। ताकि पर्याप्त समय मिलने पर प्रचार-प्रसार किया जा सके। इसके लिए विद्यालय के षिक्षक एवं स्कूली बच्चे भी सहयोग कर सकते हैं। ग्रामीणों को पर्याप्त समझाईष दी जाये और टीका से होने वाले बचाव एवं लाभ के बारे में बताया जाये। उन्होंने यह भी कहा कि जिन चिकित्सक दलों की ड्यूटी उस कैंप विषेष में लगायी गयी है, उसकी पूरी जानकारी सचिव को दी जाये। साथ ही समय पर चिकित्सक दल निर्धारित तिथि में निर्धारित स्थल पर पहुंचना सुनिष्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि बिहान की महिला सदस्यों का भी इस कार्य में सहयोग लिया जा सकता है। इसके अलावा क्षेत्र की अन्य महिला स्व सहायता समूह के सदस्य भी इसमें अपनी महति भागीदारी निभा सकती है। स्थानीय पंच एवं सरपंचों का भी सहयोग अपेक्षित है। 

    बैठक बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बीआर पुजारी, एसडीएम  जितेन्द्र कुर्रे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नारायणपुर  घनष्याम जांगड़े, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत ओरछा  रामांचल यादव, के अलावा ग्राम पंचायतों के पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक उपस्थित थे।

     

    कलेक्टर ने किया निरीक्षण, निर्माण कार्य अंतिम चरण में
    बिलासपुर /शौर्यपथ/

    बहुत ही जल्द बहुप्रतीक्षित तिफरा फ्लाईओवर की सौगात बिलासपुरवासियोें को मिलने जा रही है। इसका कार्य अंतिम चरणों में है और निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने आज तिफरा फ्लाईओवर का निरीक्षण कर कार्य की प्रगति देखी।  

    कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने तिफरा फ्लाईओवर का सघन निरीक्षण किया। कार्यस्थल पर मौजूद तकनीकी अधिकारियों ने बताया कि आर.ओ.बी स्पॉन (रेल्वे का हिस्सा) का काम अभी किया जा रहा है और यह काम अभी अंतिम चरण में है। इसके बाद फ्लाईओवर के दोनों ओर डामरीकरण का कार्य किया जाएगा। 31 जनवरी तक यह काम पूरा कर लेने के बाद फ्लाईओवर पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। फ्लाईओवर के तैयार होने से बिलासपुर के लोगों को काफी सहूलियत हो जाएगी। कलेक्टर द्वारा विगत एक वर्ष से इस फ्लाईओवर का लगातार निरीक्षण कर सतत मॉनिटरिंग की गयी है। इस दौरान उन्होंने अधिकारी से लेकर तकनीकी कर्मचारियों से संपर्क साधकर प्रत्येक स्तर पर किए जा रहे कार्य पर नजर रखी। कलेक्टर प्रतिदिन स्वयं निर्माण कार्य की जानकारी लेते हैं। इस फ्लाईओवर के निर्माण में सबसे मुश्किल चरण था रेल्वे के हिस्से का काम। रेल्वे के साथ आ रही तकनीकी बाधा को दूर करने के बाद ही निर्माण कार्य ने गति पकड़ी। उल्लेखनीय है कि फ्लाईओवर की लागत 70 करोड़ है। 

    निरीक्षण के दौरान एसडीएम  पुलक भटटाचार्य, नगर निगम कमिश्नर  अजय त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

    धमतरी /शौर्यपथ/

    भारत सरकार महिला एवं बाल विकास मंत्रालय नई दिल्ली के द्वारा पीएम केयर योजना प्रारम्भ की गई है जिसके तहत कोविड-19 के संक्रमण के चलते जिन बच्चों ने अपने माता-पिता या कानूनी अभिभावक/दत्तक माता पिता खो दिया है, ऐसे बच्चों की देखभाल एवं सुरक्षा इसके अंतर्गत सुनिश्चित की जाएगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया कि ऐसे बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 10 लाख रूपए की सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि बालक/बालिका के माता-पिता अथवा दोनों या अंतिम उत्तरजीवी माता-पिता अथवा दोनों/दत्तक माता-पिता या एकल विधिक संरक्षक की कोविड-19 महामारी के कारण मृत्यु 11 मार्च 2021 से 11 दिसम्बर 2021 के बीच हो गई हो, ऐसे अनाथ बच्चों को इसका लाभ दिया जाएगा। पालक की मृत्यु की तिथि पर बच्चे की आयु 18 वर्ष से कम होनी चाहिए। योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि ऐसे बच्चों का चिन्हांकन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से करते हुए जानकारी जिला बाल संरक्षण इकाई को परियोजना अधिकारी द्वारा भेजा जाएगा। चाइल्डलाइन/ग्राम पंचायत/मितानिन सभी उपरोक्त योजना के लिए पात्रतानुसार बच्चे का चिन्हांकन करते हुए बालक कल्याण समिति/जिला बाल संरक्षण इकाई को सूचित करेंगे। योजना के अनुसार पात्र बच्चों के संबंध में सभी प्रकार के आवश्यक दस्तावेज जैसे माता-पिता की कोविड-19 संक्रमण से मृत्यु का प्रमाण-पत्र, बच्चे का आधार कार्ड, फोटो, बैंक खाता, बच्चे का जन्म प्रमाण-पत्र आदि जानकारी भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कोविड के चलते अनाथ हुए बच्चों की जानकारी परियोजना अधिकारी एवं खण्ड चिकित्साधिकारी से मंगाई है।

     

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