August 06, 2026
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    PANKAJ CHANDRAKAR

    PANKAJ CHANDRAKAR

    दिल्ली में अब तक ओमिक्रॉन के कुल 6 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से एक मरीज ठीक भी हो चुका है.

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

     भारत में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन  की रफ्तार तेज होती दिख रही है. पिछले एक दिन में ओमिक्रॉन के मामलों में करीब 20 फीसद इजाफा देखने को मिला है. सोमवार तक जहां देश में 40 मामले थे, मंगलवार को उनकी संख्या 49 हो गई. मंगलवार को दिल्ली और राजस्थान दोनों राज्यों में 4-4 नए मामले दर्ज किए गए हैं. दिल्ली में अब तक ओमिक्रॉन के कुल 6 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से एक मरीज ठीक भी हो चुका है, जिसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है. बाकि पांच मरीजों की हालत भी सामान्य बताई जा रही है.

    न्यूज एजेंसी एएनआई ने राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री प्रसादी लाल मीणा के हवाले से लिखा है, 'चार और मामले सामने आए हैं, इन मरीजों की सेहत स्थिर है. राज्य में पिछले सभी ओमिक्रॉन मरीजों की जांच कोरोना नेटेगिव आई है.'

    वहीं, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि विदेश से एयरपोर्ट के जरिए आए कुल 74 लोगों को अबतक LNJP में भर्ती कराया गया था. इनमें से 36 को डिस्चार्ज किया जा चुका है, अभी 38 मरीज भर्ती हैं. इनमें से 35 कोरोना मरीज हैं, जिनमें से 5 ओमिक्रॉन पॉजिटिव हैं और 3 सस्पेक्ट हैं. LNJP में अब तक कुल 6 मरीजों की रिपोर्ट ओमिक्रॉन पॉजिटिव आई है, इनमें से 1 मरीज ठीक हो गया है और उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है.

    साथ ही उन्होंने बताया, अभी तक ओमिक्रॉन कंट्रोल में है. यह फैलता है, तो सरकार फिर उसे देखेगी. कम्युनिटी से कोई केस नहीं आया है अभी तक, सभी केस एयरपोर्ट से आए हैं. जो भी विदेश से आ रहा है, हम सबका टेस्ट कर रहे हैं. अभी तक जो देखने में आया है, कोई भी सीरियस नहीं है. सभी नॉर्मल हैं. हमारी तैयारी बिल्कुल पूरी है.

    बता दें, इससे पहले गुजरात का 42 वर्षीय एक व्यक्ति में कोविड के ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित पाया गया था. वह शख्स हाल ही में दक्षिण अफ्रीका से लौटा था. फिलहाल उसे होम आइसोलेशन में रखा गया है, जहां इलाज चल रहा है. प्रशासन ने उसके सभी रिश्तेदारों के साथ-साथ चार सह-यात्रियों की भी कोविड टेस्टिंग कराई है, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है.

     

     

     

     

     

     

     क्या आप हेयर फॉल और वक्त से पहले सफेद होते बालों की समस्या से जूझ रहे हैं? अगर हां, तो आपके लिए हम लेकर आए हैं घर पर ही तैयार किए जा सकने वाले एक खास तेल, जो न सिर्फ बालों का झड़ना रोकने में मदद कर सकता है, बल्कि सफेद बाल की परेशानी को भी कंट्रोल करने में मदद कर सकता है.

     अन्य खबर /शौर्यपथ/

    बालों का झड़ना और वक्त से पहले सफेद हो जाना आम समस्या है, जिससे आज हर दूसरा व्यक्ति परेशान है, लेकिन बदलते मौसम के साथ ही बालों का झड़ना एकदम से बढ़ जाता है. हेयर फॉल ज्यादातर मॉनसून व ठंड के मौसम में गति पकड़ लेता है, इसके पीछे कारण है सर्दियों में बालों की सही से देखभाल न होना. खासतौर पर खराब लाइफस्टाइल और गलत खानपान के अलावा प्रदूषण के चलते बालों से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं. वहीं ठंड के मौसम में सर्द हवाओं के चलते बाल रूखे और बेजान होने लगते हैं. ड्राई स्कैल्प्स के कारण सिर में डैंड्रफ की समस्या हो सकती है, जिसके चलते बालों का झड़ना तेजी से बढ़ सकता है. क्या आप भी इन्हीं दिक्कतों का सामना कर रहे हैं. क्या आप भी सफेद होते बाल और हेयर फॉल से परेशान हैं? अगर हां, तो आपके लिए हम लेकर आए हैं घर पर ही तैयार किए जा सकने वाले एक खास तेल, जो न सिर्फ बालों का झड़ना रोकने में मदद करता है, बल्कि सफेद बाल की परेशानी को भी कंट्रोल करता है.

     तेल बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री

    एक कप सरसों का तेल.

    10 से 12 कढ़ी पत्ता.

    एक टेबलस्पून मेथी दाना.

    कपूर का छोटा सा टुकड़ा.

    तेल बनाने का तरीका  

    सबसे पहले सरसों के तेल को अच्छी तरह उबाल लें.

    अब कढ़ी पत्ते और मेथी को उसमें डाल दें.

    इस मिश्रण को हल्की आंच पर 10 मिनट तक उबलने दें.

    जब ये उबल जाए, तो इसे ठंडा होने दें.

    इसके बाद इसमें कपूर का चूरा मिला दें.

    इस तेल को लगाने के फायदे |

    सर्दियों के लिए सरसों का तेल बेस्ट ऑप्शन है, ये बालों को गर्माहट देता है.

    अगर आप मेहंदी लगाती हैं, तो इसे लगाने पर उसका रंग और भी ज्यादा खिलकर आता है.

    कपूर स्कैल्प इरिटेशन को कम करता है.

    मेथी बालों को कोमल बनाती है.

    कढ़ी पत्ता हेयर फॉल और सफेद होते बालों की समस्या को रोकने में मदद करता है

     

     

     हेल्थ टिप्स  /शौर्यपथ/

    आंवला का सेवन अक्सर शहद के साथ किया जाता है, जो न सिर्फ आंवले के जूस का स्वाद बढ़ाता है बल्कि इसके फायदे को भी दोगुना कर देता है. यहां शहद के साथ आंवला पाउडर के लाभों के बारे में बताया गया है जिसे आपको जरूर ट्राई करना चाहिए.

      आंवला और शहद दोनों ही हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. खासकर सर्दियों में आंवला के फायदे और शहद के स्वास्थ्य लाभ और भी बढ़ जाते हैं. आपको जानकर आश्चर्य हो सकता है कि आंवला और शहद का एक साथ सेवन आपके स्वास्थ्य के लिए कमाल कर सकता है. आंवला और शहद दोनों ही कई लाभकारी गुणों से भरपूर होते हैं. ये दोनों एंटी-ऑक्सीडेंट्स का पावर हाउस हैं. आंवला पहले से ही कई बीमारियों को दूर रखने के लिए जाना जाता है. आंवला का प्रयोग लोकप्रिय रूप से पाउडर, मसालेदार फल, जूस या तेल के रूप में किया जाता है. इसका सेवन अक्सर शहद के साथ किया जाता है, जो न सिर्फ आंवले के जूस का स्वाद बढ़ाता है बल्कि इसके फायदे को भी दोगुना कर देता है. यहां शहद के साथ आंवला पाउडर के लाभों के बारे में बताया गया है जिसे आपको जरूर ट्राई करना चाहिए.

    आंवला खाने के फायदे

    आंवला विटामिन सी से भरपूर होता है

    आंवला आपकी पूरी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है.

    अगर आप रोजाना आंवला खाते हैं तो यह आपको कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से बचाएगा.

    स्वास्थ्य के लिए आंवला पाउडर के फायदे जबरदस्त हैं क्योंकि आंवले में कई पोषक तत्व होते हैं.

    अगर आप अपने शरीर और त्वचा को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो आंवला चमत्कार कर सकता है.

    आंवले की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें विटामिन सी सूखने के बाद भी बरकरार रहता है.

    आंवला के फायदे बढ़ाने के लिए आप इसे शहद के साथ जरूर लें. इससे लाभ दुगना होता है.

    शहद और आंवला का एक साथ सेवन क्यों करें? | 

    अगर आप आंवले को शहद में भिगो देंगे तो इससे आंवले की उम्र बढ़ जाएगी.

    एक खाली जार में शहद भरकर उसमें आंवला भिगो दें. कंटेनर को एयरटाइट करना न भूलें.

    एक बार जब आप इसका सेवन करना शुरू कर देंगे तो कुछ दिनों के बाद आपको इन दो जादुई फूड्स के फायदे महसूस होने लगेंगे.


     आंवला और शहद दोनों ही हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. खासकर सर्दियों में आंवला के फायदे और शहद के स्वास्थ्य लाभ और भी बढ़ जाते हैं. आपको जानकर आश्चर्य हो सकता है कि आंवला और शहद का एक साथ सेवन आपके स्वास्थ्य के लिए कमाल कर सकता है. आंवला और शहद दोनों ही कई लाभकारी गुणों से भरपूर होते हैं. ये दोनों एंटी-ऑक्सीडेंट्स का पावर हाउस हैं. आंवला पहले से ही कई बीमारियों को दूर रखने के लिए जाना जाता है. आंवला का प्रयोग लोकप्रिय रूप से पाउडर, मसालेदार फल, जूस या तेल के रूप में किया जाता है. इसका सेवन अक्सर शहद के साथ किया जाता है, जो न सिर्फ आंवले के जूस का स्वाद बढ़ाता है बल्कि इसके फायदे को भी दोगुना कर देता है. यहां शहद के साथ आंवला पाउडर के लाभों के बारे में बताया गया है जिसे आपको जरूर ट्राई करना चाहिए.

     

    शहद के साथ आंवला खाने के फायदे | 

    1. ब्लड शुगर लेवल को करता है कंट्रोल

    आंवला और शहद ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करने के लिए इंसुलिन लेवल को ठीक से उपयोग करने में मदद करते हैं. शहद एक प्राकृतिक स्वीटनर है और आंवला डायबिटीज और अन्य रक्त संबंधी समस्याओं के लिए एक इलाज है. आप शहद के साथ एक आंवला को लेप करके भी खा सकते हैं जो आपके स्वास्थ्य को ठीक करने में आपकी मदद करेगा.

    2. इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है

    आंवला और शहद का जब एक साथ सेवन किया जाता है तो कोई भी संक्रमण आपको नहीं छूं सकता है और आप हेल्दी शरीर के साथ रहेंगे. शहद के साथ आंवला कई बीमारियों की रोकथाम में फायदा करता है और आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है.


    3. बेहतर पाचन बनाने में मददगार

    बेहतर पाचन में सहायता के लिए शहद के साथ आंवला प्रभावी उपचारों में से एक है. यह मिश्रण भोजन को ठीक से पचाने के लिए बेहतर गैस्ट्रिक जूस बनाता है और आपकी भूख को भी बढ़ाता है. यह भोजन के तेजी से पाचन के लिए चयापचय को बढ़ावा देता है. यह शहद और आंवला के स्वास्थ्य लाभों में सबसे अच्छा है.


    4. गले की खराश और सर्दी के लिए शहद और आंवला

    आपको रोजाना सुबह और शाम के समय दो बार शहद और आंवला का सेवन करना चाहिए. तत्काल राहत पाने के लिए आपको अपनी खुराक खोए बिना ऐसा करने की जरूरत है. प्रभाव को और बढ़ाने के लिए आप इसका सेवन अदरक के पानी के साथ भी कर सकते हैं.

    5. हनी और आंवला साथ खाने से दिखेंगे जवां

    चेहरे की महीन रेखाओं और झुर्रियों को कम करने के लिए आंवला और शहद के फायदे हैं. लाभ प्राप्त करने के लिए आपको प्रतिदिन एक चम्मच आंवला और शहद के मिश्रण का सेवन करना चाहिए. यह आपको जवां बनाए रखने में मदद करेगा और आपकी त्वचा भी स्वस्थ रहेगी.

     
    6. अस्थमा से छुटकारा दिला सकता है

    वैसे तो आंवला को शहद के साथ लेने के बहुत सारे फायदे हैं लेकिन अस्थमा से छुटकारा भी उन्हीं में से एक है. आंवला और शहद खाने से आपको अस्थमा की समस्या से छुटकारा मिल सकता है क्योंकि आंवला कफ, घरघराहट और सांस फूलने की समस्या को नियंत्रित करने में मदद करता है.

    7. अपने सिस्टम को डिटॉक्स करें

    आंवले के रस में एक चम्मच शहद और 1 बड़ा चम्मच अदरक का रस भी मिलाएं. इस मिश्रण का सेवन आप रोजाना सुबह के समय कर सकते हैं. अगर आप सुबह सबसे पहले इस मिश्रण का सेवन करते हैं तो आंवला और शहद आपके सिस्टम को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं. यह तरल आपके सिस्टम से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है और आपके कामकाज में सुधार करता है.

     

     

     

     

     

     नई दिल्ली  /शौर्यापथ/

    काशी के कार्यक्रम पर भारीभरकम खर्च यूपी के आगामी चुनाव के प्रचार का हिस्सा है और बीजेपी यह मानती है कि इससे वोटों को अपने पाले में खींचने में कामयाब रहेगी, जैसा कि पहले भी उसने किया है.

    अगर किसी को इस बात का सबूत चाहिए कि बीजेपी ने किस तरह भारतीय राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है तो उसे सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ताजा बनारस दौरे का सजीव टीवी प्रसारण देखना चाहिए. हर-हर महादेव के गूंजते नारों के बीच उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया, गंगा में डुबकी लगाई और काल भैरव मंदिर में पूजा अर्चना की. उन्होंने प्रेम और आशीर्वाद के लिए गंगा को धन्यवाद देते हुए ट्वीट किया. जब तक मोदी का आगमन नहीं हुआ था, तब तक ऐसा नहीं हुआ कि किसी प्रधानमंत्री ने किसी पूजा अर्चना के कार्य के लिए भारी सैटेलाइट टीवी को जुटाया गया, ताकि जनता को भव्यता का पूरा दर्शन कराया जा सके. यहां तक कि बीजेपी-हिन्दुत्व की पार्टी- भी मोदी युग के पहले राजनीति में धर्म के मिश्रण को लेकर इतनी जोशोखरोश में नहीं थी.

     आप यह तर्क दे सकते हैं कि पीएम मोदी की यह इच्छा रही है कि उनके आसपास वो धार्मिक आभामंडल बना रहे. लेकिन जिस बात से आप इनकार नहीं कर सकते हैं, वो उनका कामकाज है. काशी के कार्यक्रम पर भारीभरकम खर्च यूपी के आगामी चुनाव के प्रचार का हिस्सा है और बीजेपी यह मानती है कि इससे वोटों को अपने पाले में खींचने में कामयाब रहेगी, जैसा कि पहले भी उसने किया है.

    इस कामयाबी का एक नतीजा ये निकलता है कि दूसरे दल भी यही खेल खेलने को मजबूर हुए हैं. अखिलेश यादव ने कहा है कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर (Kashi Vishwanath Corridor) का श्रेय उन्हें ही जाता है और यह प्रोजेक्ट उनकी सरकार ने स्वीकृत किया था. इससे थोड़े वक्त पहले ही अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने दिल्ली-अयोध्या की बुजुर्गों के लिए मुफ्त यात्रा का प्रचार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. इसमें पूरी तरह से धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल किया गया, यहां तक कि एक चित्र में एक ऐसे संत की तस्वीर थी, जो नरेंद्र मोदी की तरह ही दिखता था.

    प्रधानमंत्री के काशी के कायाकल्प से जुड़े भव्य आयोजन के पहले राहुल गांधी ने राजस्थान की एक रैली में बताया था कि कैसे हिन्दू एक महान धर्म है. वहीं ममता बनर्जी भी हालिया बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार में हिन्दू प्रतीकों का इस्तेमाल करते हुए खुश दिखाई पड़ीं. मोदी ने नियमों को इस कदर बदल दिया है कि ये दल, जो अभी तक हिन्दू पहचान वाली राजनीति को लेकर बीजेपी पर हमला करते रहते थे, अब वो खुद हिन्दू धर्म के बारे में जोशोखरोश से अपनी बात रख रहे हैं.
    इसकी एक वजह है कि उन्हें भय है कि कहीं उन्हें हिन्दू विरोधी के रूप में पेश न किया जाए.


    कांग्रेस का आंतरिक सर्वे बताता है कि बहुत से मतदाता उसे मुस्लिम समर्थक पार्टी मानते हैं, जो हिन्दुओं की परवाह नहीं करती. कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने खुले तौर पर इस नजरिये को सुधारने की जरूरत पर बल दिया था, जिसमें कांग्रेस को हिन्दू विरोधी माना जाता है. हिन्दुओं के प्रति कोई पूर्वाग्रह न होने की छवि बनाने के लिए कांग्रेस ने जो भी प्रयास किए हैं, उसके पीछे उसकी ये सोच है कि बीजेपी ने उसकी इमेज खराब की है. उसने बेहद कामयाबी से सेकुलर राजनीति को मुस्लिम समर्थक की तरह पेश कर मतदाताओं के बीच गलत धारणा बनाई गई. दिल्ली में पिछले चुनाव में आप ने ज्यादातर मुस्लिम वोट हासिल कर चुनाव जीता था, लेकिन उसका यकीन है कि उसे अब हिन्दुओं के बीच पैठ बढ़ाने की जरूरत है.

    दूसरी वजह है कि बहुत से विपक्षी नेता जो खुद हिन्दू धर्म के अनुयायी हैं, वो वोट पाने के लिए हिन्दू धर्म को हाईजैक करने के प्रयास से इत्तफाक नहीं रखते. वो मानते हैं कि धर्म निजी मसला है और बीजेपी की वोटों को पाले में लाने के नजरिये से बेहद व्यथित हैं. हालांकि निजी तौर पर वो साफ तौर पर राजनीतिक हिन्दूवाद और धार्मिक हिन्दूवाद में अंतर करते हैं. देरी से, राहुल गांधी ने जनता के बीच इस मुद्दे को लेकर गए हैं और वो हिन्दू धर्म और हिन्दुत्व के बीच फर्क बताने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने पार्टी के मंच से ये बात कही. राजस्थान की रैली में उन्होंने कहा, गांधीजी हिन्दू थे, लेकिन जिस व्यक्ति ने उनकी हत्या की, वो हिन्दुत्ववादी था.

    यह अंतर सही है, लेकिन इस रणनीति पर दांव लगाना कई सारी चुनौतियां पैदा करता है. पहला तो ये कि क्या जब एक राजनीतिक रैली में ये बातें बोलते हैं तो क्या जनता इसका अंतर वास्तव में समझ पाती है क्या? राहुल के भाषण के बाद सोशल मीडिया में कांग्रेस समर्थकों की यह चिंता दिखाई दी कि हिन्दुत्ववादी बहुत जटिल शब्द है, जो एक रैली में जनता के बीच कहा जाता है. क्या वो सिर्फ सिंघी नहीं कह सकते थे?

    दूसरी समस्या है कि जब आप हिन्दुत्व पर हमला करते हैं तो आपको हिन्दू होने का अहसास कराने के लिए ज्यादा शिद्दत दिखनी पड़ती है, ताकि आपको हिन्दू विरोधी के तौर पर चित्रित न किया जाए. इस कवायद में जोखिम रहता है कि आप खुद को हिन्दू राष्ट्रवादी के तौर पर न पेश कर दें. लेकिन विपक्ष मूलतः यह मानता है कि उसे हिन्दूवाद को बीजेपी से वापस लेना है. उसका तर्क है कि जब तक अन्य राजनीतिक दल धर्म को परे रखकर प्रचार करते रहेंगे, तब तक बीजेपी का हिन्दू को लेकर पकड़ कायम रहेगी. और अगर सभी हिन्दू धर्म और हिन्दू परंपराओं को सार्वजनिक तौर पर मानने लगेंगे तो बीजेपी के लिए इस तर्क को भुनाना मुश्किल हो जाएगा कि वो ही सिर्फ ऐसी पार्टी है, जो हिन्दुओं का ख्याल रखती है.

    इन सभी तर्कों में कुछ न कुछ दम है. लेकिन खतरा भी है. हिन्दुत्व सिर्फ मंदिरों में पूजा अर्चना नहीं है. मौजूदा राजनीतिक अवधारणा के केंद्र में मुस्लिमों के प्रति घृणा की मजबूत लकीर है. प्रधानमंत्री के स्तर पर, यह पूरी तरह उनके भाषणों से गायब रहता है, लेकिन इसके लिए आपको योगी आदित्यनाथ और अन्य बीजेपी नेताओं को सुनना होगा कि कैसे मुस्लिमों के प्रति घृणा से प्रेरित बयान इस हिन्दुत्ववादी प्रोजेक्ट का अभिन्न हिस्सा हैं.

     
    प्राचीन वैदिक परंपरा के नाम पर वोटों को खींचने की क्षमता सीमित है. लेकिन दुखद है, ऐसा प्रतीत होता है कि जब आप सांप्रदायिक माहौल को गरमा कर मुस्लिमों को ऐसे खतरनाक कट्टरपंथियों के तौर पर पेश करते हैं-जो हिन्दुओं और हिन्दू हितों के खिलाफ काम करता है- तो वोटों को पाले में खींचने की कोई सीमा नहीं रह जाती. यही विपक्षी दलों की सबसे बड़ी दुविधा है, जब वो हिन्दू धर्म की प्रशंसा की रणनीति पर आगे बढ़ते हैं. ऐसे वक्त जब भारत की सबसे बड़े धार्मिक अल्पसंख्यक आबादी खतरे में है तो क्या मुस्लिमों के बीच सेकुलर देश में उनकी अहमियत को लेकर भरोसा देने की जरूरत नहीं है? या आप सारी ऊर्जा हिन्दुओं के बीच यह सुनिश्चित करने में लगा देते हैं कि आप उनके साथ हैं.

    यही नहीं, बीजेपी प्रायः तब ज्यादा वोट पाती है, जब हिन्दू और मुस्लिमों के बीच रिश्तों में तनाव होता है. लेकिन ऐसे वक्त आप क्या करेंगे, जब सांप्रदायिक तनाव चरम पर हो. ऐसे मौके पर सभी नरम हिन्दूवादी राजनीतिक बातें नाकाम हो जाती हैं. आपको एक भी हिन्दू वोट नहीं मिलेगा, जब हिन्दू धर्म की सहिष्णुता की परंपरा की बातें करते हैं, तो क्या आप इस रुख से हटकर क्या धर्मनिरपेक्षता औऱ अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के हक में दोबारा खड़े होंगे.

    क्योंकि बीजेपी चुनाव जीतने की ओर देख रही है, उसने यह समझ लिया है कि वो सिर्फ केंद्र सरकार के रिकॉर्ड के आधार पर प्रचार नहीं कर सकती. इसका रिकॉर्ड ज्यादा अच्छा नहीं है और चुनाव में भारी जीत के लिए दमदार हथियार नहीं है. लगातार जीतने के लिए उसे हिन्दुत्व के कोर मुद्दे पर ध्यान देने की जरूरत है, उसे ऐसी विचारधारा के तौर पर जो मुस्लिमों और आक्रमणकारियों के खिलाफ हिन्दुओं की रक्षा करती है.


    विपक्ष भी मजबूर है. वो हिन्दू धर्म की प्रशंसा कर सकता है, लेकिन उस हद तक नहीं जा सकता, जितनी कि बीजेपी. दूसरी ओर, हिन्दू बहुल देश में वो आसानी से चुनाव नहीं जीत सकते, अगर उन्हें हिन्दू विरोधी समझा जाए. यह एक रास्ता है, जिसमें मोदी ने नियमों को बदल दिया है. यही एक रास्ता है, जहां बीजेपी भारतीय राजनीति में बदलाव से फायदा उठा रही है.

     

     

     

    रायपुर /शौर्यपथ/

    ‘रन फॉर सीजी प्राइड’ के दौरान हॉली एंजल इग्लिस मीडियम स्कूल के विद्यार्थी दुलेश साहू, रवि ठाकुर, विरेन्द्र नायक, मनप्रीत कौर, लवप्रीत कौर संधु और चंचल जेठवानी, ने मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के पास जाकर उनसे बातचीत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों उनके स्कूल और पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। उत्साहित स्कूली बच्चों ने मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी भी ली।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    ‘रन फॉर सीजी प्राइड’ से लौटते हुए मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने दौड़ में शामिल होने वाले सभी प्रतिभागियों और गणमान्य लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

     

    रायपुर /शौर्यपथ/  

    ‘रन फॉर सीजी प्राइड’ के दौरान राजभवन के पास संचालित गुमटी ठेले पर रूककर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने मुंगौड़ी का नाश्ता किया और चाय की चुस्कियों का आनंद लिया।

     

    जिला स्तरीय युवा महोत्सव का आगाज,

    जिले के 1400 प्रतिभागी विभिन्न 36 विधाओं में प्रतिभा करेंगे का प्रदर्शन

    जांजगीर-चांपा /शौर्यपथ/

    छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत डॉ. रामसुंदर दास के मुख्य आतिथ्य में आज जिला स्तरीय युवा महोत्सव का शुभारंभ हुआ। जिला मुख्यालय के हाईस्कूल मैदान में आयोजित शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. महंत ने कहा कि मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति को पुनः स्थापित करने का सराहनीय प्रयास किया जा रहा है। इस कड़ी में स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करने के लिए युवा महोत्सव का आयोजन ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर आयोजित हो रहा है। डॉ महन्त ने कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से स्थानीय कलाकारों को विभिन्न विधाओं में अपनी प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, लोकगीत को पुनः स्थापित करने का कार्य किया जा रहा है।

    डॉ. महंत ने प्रतिभागी युवाओं के उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि युवा प्रतिभागी अपनी प्रतिभा प्रदर्शन के दौरान खेल भावना का भी उदाहरण प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम के शुभारंभ में लोक कलाकार  सूरज श्रीवास और  लक्ष्मी करियारे के द्वारा राज गीत का गायन किया गया। कार्यक्रम के दौरान इन लोक कलाकारों का सम्मान किया गया।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष  यनीता चंद्रा ने युवाओं को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। जिला पंचायत अध्यक्ष  राघवेंद्र प्रताप सिंह, नगर पालिका चांपा के अध्यक्ष  जय थवाइत ने प्रतिभागी युवाओं को खेल भावना से अपनी कला प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया और उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।

    जिला पंचायत सीईओ  गजेंद्र सिंह ठाकुर ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि जिले के 1400 प्रतिभागी जिला स्तरीय युवा महोत्सव में भाग ले रहे हैं। ब्लॉक स्तर पर आयोजित युवा महोत्सव में चयनित प्रतिभागियों को जिला स्तरीय पर प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर दिया गया है। प्रतिभागियों के आवास की समुचित व्यवस्था की गई है। आभार प्रदर्शन जिला खेल अधिकारी  प्रमोद सिंह बैस और कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता  दीपक यादव ने किया।

    महोत्सव का शुभारंभ सक्ती ब्लाक के युवा कलाकारों द्वारा गेड़ी नृत्य से हुआ। युवा कलाकारों ने आदिवासी परिधान, लोकगीत और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के माध्यम से आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया। इसके बाद जैजैपुर के कलाकारों ने सुआ-डंडा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत सदस्य सभापति  राजकुमार साहू, नवागढ़ जनपद सदस्य  कमलेश सिंह, देवेश सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य  सुशांत सिंह,  प्रमोद सिंह,  निर्मल दास वैष्णव,  अर्जुनसिंह, त्रिस्तरीय पंचायत के जनप्रतिनिधि, प्रतिभागी खिलाड़ी-कलाकार उपस्थित थे।

    अम्बिकापुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना अंतर्गत अम्बिकापुर निगम क्षेत्र में शनिवार को मोबाइल मेडिकल यूनिट 2 में ईरानी बस्ती निवासी सोनम अपने 10 माह की बेटी का स्वास्थ्य जांच कराने पहुंची। उन्होंने अपने बेटी के सर्दी और खांसी की समस्या डॉक्टर को बताई। डॉक्टर ने बच्चे का नियमित स्वास्थ्य जांच कर वजन कराया। डॉक्टर ने बच्ची को सर्दी-खांसी की सिरप दी। इस तरह से सोनम को अपने मोहल्ले में ही निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल गई। सोनम ने कहा कि एमएमयू बस के चलने से हमे बहुत राहत मिली है। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर हम डॉक्टर को दिखाने आते हैं। बस में सारी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हम मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हैं। 

    अम्बिकापुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री प्रभाकर पांडेय ने बताया कि मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत अम्बिकापुर नगर निगम में कुल 4 मोबाइल मेडिकल यूनिट के द्वारा प्रतिदिन अलग-अलग क्षेत्र में भ्रमण कर निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा प्रदान किया जा रहा है। निगम क्षेत्र में आज तक कुल 1182 कैम्प लगाकर 87 हजार 157 लोगों का ईलाज किया गया है। इनमें से 20 हजार 337 लोगों का निःशुल्क लैब टेस्ट किया गया है तथा 7 हजार 959 लोगों का श्रम कार्ड कैम्प में पंजीयन के माध्यम से बनाया गया है। एमएमयू का संचालन चिन्हांकित स्लम एरिया में प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक किया जाता है। इसमे कुल 41 प्रकार के स्वास्थ्य जांच के लिए लैब की सुविधा उपलब्ध है जहाँ पर निःशुल्क लैब टेस्ट कर रिपोर्ट प्रदान किया जाता है।

    केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार ने नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ को किया पुरस्कृत

    रायपुर  /शौर्यपथ/ 

    केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार ने नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ को किया पुरस्कृत

    हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के माध्यम से सर्वाधिक डिजिटल हेल्थ आईडी बनाने के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत देश में 16 नवम्बर से 12 दिसम्बर तक यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज डे 2021 के दौरान छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक 53 हजार 067 डिजिटल हेल्थ आईडी बनाए गए। देशभर में इस दौरान बनाए गए कुल एक लाख 52 हजार 942 आईडी में अकेले छत्तीसगढ़ की भागीदारी 35 प्रतिशत है। ये सभी आईडी राज्य के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स में बनाए गए हैं।

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री  टी.एस. सिंहदेव ने इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की टीम को बधाई दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार ने आज नई दिल्ली में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज डे पर आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को पुरस्कृत किया। स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने भी स्वास्थ्य कर्मियों की पीठ थपथपाते हुए इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।

    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि 16 नवम्बर से 12 दिसम्बर तक राष्ट्रव्यापी अभियान के दौरान राज्य के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स में सामान्य स्क्रीनिंग के साथ-साथ कैंसर जैसी बीमारियों की भी स्क्रीनिंग की गई। उन्होंने बताया कि इस दौरान वहां विशेष अभियान के तहत डिजिटल हेल्थ आईडी भी बनाए गए। इस आईडी में मरीज की बीमारी और इलाज से संबंधित सभी तरह की जानकारियां दर्ज रहेंगी। इससे मरीज की मेडिकल हिस्ट्री का तुरंत पता लगाया जा सकता है।
    16 नवंबर से 12 दिसंबर की अवधि में राज्य के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स में विभिन्न बीमारियों की स्क्रीनिंग की गई जिसमें 5 लाख 2 हजार 535 लोगों की हाइपरटेंशन, 4 लाख 87 हजार 640 लोगों की डाइबिटीज़, 3 लाख 65 हजार 991 लोगों की मुख कैंसर,1 लाख 62 हजार 992 लोगों का स्तन कैंसर एवं 1 लाख 15 हजार 476 लोगों में सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग की गई।

    छत्तीसगढ़ के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में 53 हजार 67 डिजिटल आई.डी.कार्ड बनाए गये हैं। वहीं मध्यप्रदेश में 43 हजार 953 और ओडिशा में 17 हजार 342 डिजिटल हेल्थ आई.डी. बनाए गए हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रभारी राज्य कार्यक्रम प्रबंधक श्री आनंद साहू ने नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ की ओर से पुरस्कार ग्रहण किया।

    इस तरह बनवाएं डिजिटल हेल्थ आईडी

    मोबाइल नंबर या आधार कार्ड के ज़रिए हेल्थ आईडी जनरेट किया जा सकता है । आधिकारिक वेबसाइट https://healthid.ndhm.gov.in/register से हेल्थ आईडी कार्ड बनाने के लिए पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। मोबाइल या आधार के ज़रिए हेल्थ आईडी बनाने के लिए अपना नाम, जन्म का वर्ष, लिंग, पता और मोबाइल नंबर/आधार नंबर की जानकारी देनी होगी।

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