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बिलासपुर / शौर्यपथ / जनता द्वारा चुने गए बिलासपुर विधायक को बदल देने की चेतावनी या यूं कहें धमकी, एक ऐसा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष देता है जिसे जनता ने पार्षद चुनाव में हराया। कल सर्किट हाउस की बैठक में जब कांग्रेसी नेता बैठे हुए थे तब ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष का बिलासपुर एमएलए के साथ तीखा वाद विवाद हुआ । ब्लॉक अध्यक्ष हुसैन ने बगावती तेवर दिखाते हुए विधायक पांडे को अगले चुनाव में बदल देने की बात कही वे कहते हुए इस तथ्य को भूल गये की 2019 के निगम चुनाव में उन्हीं के वार्ड मतदाताओं ने उन्हें हार का स्वाद चखाया जबकि वार्ड परिसीमन में जिन नेताओं की चली थी उनमें तैयब हुसैन लीडर थे।
ऐसा कहा जाता है कि कुछ कांग्रेसी नेताओं ने वार्ड परिसीमन अपनी सुविधा अनुसार किया था। और इस बात का ध्यान रखा था अल्पसंख्यक वोटों से भरपूर वार्ड उन्हें मिले और उनकी जीत की डगर आसान हो जाए। पर यह जनता है सब जानती है सुविधाजनक वार्ड से पार्षद का टिकट मिला अपनी ही महिला साथी का टिकट कटवाया उसके बाद भी जनता ने नकार दिया और निर्दलीय चुनाव लड़ने वाली शहजादी कुरैशी को जनता ने जीता दिया। इससे यह पता चलता है कि जनता भाजपा और कांग्रेस से हटकर कभी यह भी देखती है कि जनप्रतिनिधि उसके साथ जो खड़ा हो वही सही नेता है।
बिलासपुर विधायक का लगातार कांग्रेस संगठन ही कदम कदम पर अपमान करता है। इसके पीछे एक मनोवैज्ञानिक कारण भी है, कांग्रेस की 15 - 20 वर्ष के इतिहास में फूल छाप कांग्रेसियों ने भरसक कोशिश की और वे सफल भी रहे की कांग्रेस का टिकट पाने वाला व्यक्ति विधायक ना बने कहा भी जाता था कि भाजपा का एमएलए फूल छाप कांग्रेसियों की देन है और यही फूल छाप कांग्रेसी अमर दरबार में उपकृत भी होते गए इन्हीं फुलछाप कांग्रेसियों की राजनीति का परिणाम था । जब जनता ने वाणी राव को अपना मेयर बनाया तो इन्होंने मेयर की एक न चलने दी परिणाम 5 साल नगर निगम में कोई काम नहीं हुआ।
कांग्रेस के नेताओं ने यस सर की राजनीति की है । उन्होंने निर्वाचित विधायक के साथ कैसा व्यवहार हो यह जाना ही नहीं उनके दिलो-दिमाग पर तो मंत्री ही छाया रहा फिर वह बी आर यादव हो, अशोकराव हो, चित्रकांत जाजयसवाल हो, राजेंद्र शुक्ला हो, अमर अग्रवाल हो, यहां तक की कृष्णमूर्ति बांधी और पुन्नूलाल मोहले भी जब कभी भी मिले उनके सिर पर मंत्री का ताज था। इस बार बिलासपुर विधायक के सिर पर मंत्री का ताज नहीं है। यदि होता तो किसी कार्यकर्ता और संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष की इतनी हिम्मत नहीं होती की कॉलर तक हाथ जाता । वर्ष 2023 के चुनाव में अभी समय है कौन टिकट पाएगा और कौन किस दल से टिकट पाता है । भविष्य के गर्त में है लेकिन जिस तरह बिलासपुर कांग्रेस संगठन जनता द्वारा निर्वाचित विधायक का अपमान कर रहे हैं। 2023 का चुनाव जनता बनाम संगठन ना हो जाए और यदि ऐसा हो गया तो परिणाम बड़ा रोचक होगा। ( अजीत कुमार बिलासपुर से ..)
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Feb 09, 2021 Rate: 4.00
