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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
पुलगांव विसर्जन स्थल पर सफाई, प्रकाश, क्रेन, अस्थायी कुंड और साउंड सिस्टम की होगी व्यवस्था
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए नगर पालिक निगम दुर्ग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आयुक्त लीना कोसम ने वार्ड क्रमांक 55 पुलगांव स्थित शिवनाथ नदी के गुरुद्वारा के पास निर्धारित विसर्जन स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। यह व्यवस्था 19 से 21 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।
आयुक्त के आदेशानुसार उप अभियंता करण यादव, सहायक राजस्व निरीक्षक नरेंद्र मनहरे, शिवा यादव एवं गोपाल सूर्या को पहुंच मार्ग का समतलीकरण, अस्थायी कुंड निर्माण तथा आवश्यकतानुसार शामियाना, कुर्सी और टेबल की व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सफाई दरोगा मनोहर शेंद्रे और रामलाल भट्ट विसर्जन स्थल की साफ-सफाई, चूना मार्किंग, डस्टबिन की व्यवस्था तथा सफाई कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करेंगे। सहायक अभियंता संजय ठाकुर एवं उप अभियंता मोहित मरकाम को प्रकाश व्यवस्था, साउंड सिस्टम और माइक की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, कार्यशाला अधीक्षक शौएब अहमद प्रतिमा विसर्जन के लिए क्रेन की व्यवस्था संभालेंगे।
तीन पालियों में होगी ड्यूटी
विसर्जन स्थल पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी तीन पालियों में लगाई गई है। सुबह 6 से दोपहर 2 बजे, दोपहर 2 से रात 10 बजे और रात 10 से सुबह 6 बजे तक कर्मचारी तैनात रहेंगे। सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारी नोडल अधिकारी एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता के निर्देशन में अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
निगम प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं मिलें और आयोजन व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
गंजपारा से पोटियाकला तक पंडालों में पहुंचकर मां दुर्गा का लिया आशीर्वाद, समितियों से निर्धारित समय पर प्रतिमा विसर्जन की अपील
दुर्ग / शौर्यपथ / शारदीय नवरात्र की अष्टमी और नवमी पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने दुर्ग शहर के विभिन्न दुर्गा पंडालों में पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन-पूजन किए और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं उन्नति की कामना की। उन्होंने श्रद्धालुओं का अभिवादन करते हुए शहरवासियों को शक्ति और भक्ति के महापर्व नवरात्र की शुभकामनाएं दीं।
मंत्री यादव ने गंजपारा, पद्मनाभपुर कालीबाड़ी, सत्तीचौरा, गांधी चौक, ढीमरपारा, ग्रीन चौक, संगम चौक उरला, वृंदानगर, विराट नगर बोरसी, स्टेशन रोड, पोटियाकला, डिपरापारा, सिकोला बस्ती और जवाहरनगर सहित दुर्ग विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर विराजित मां दुर्गा की प्रतिमाओं के दर्शन किए। उन्होंने झांकियां देखने निकले नागरिकों से मुलाकात कर उनका अभिवादन किया। नवरात्र की विभिन्न संध्याओं में भी वे शहर के पंडालों, जस-झांकी, जगराता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल हुए।
मंत्री ने कहा कि नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना करने वाले श्रद्धालुओं पर माता का आशीर्वाद बना रहे। दुर्गवासियों की अटूट आस्था, लोकसंस्कृति से जुड़ाव और सामूहिक सहभागिता शहर को भक्तिमय उत्सव के रंगों से सराबोर करती है। उन्होंने मां जगदंबा से सभी के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की।
निर्धारित समय पर प्रतिमा विसर्जन की अपील
कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने दुर्गा उत्सव समितियों से अपील की कि वे मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन निर्धारित समय-सीमा में करें। उन्होंने पुलिस विभाग से विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा निगम प्रशासन से पार्किंग, प्रकाश और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
तिरंगे पर युवा कवि मयंक शर्मा की कविता सुनकर सम्मान में खड़े हुए श्रोता, हास्य-व्यंग्य और भक्ति रचनाओं ने भी जीता दिल
दुर्ग / शौर्यपथ / गंजपारा दुर्गोत्सव समिति द्वारा दुर्गा धाम, पुरानी गंजमंडी में 17 अक्टूबर को 58 वर्षों से चली आ रही साहित्यिक परंपरा के तहत कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। मां शारदे के तैलचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में देश के विभिन्न शहरों से आए कवियों ने देशप्रेम, भक्ति, हास्य-व्यंग्य और समसामयिक विषयों पर रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कवि सम्मेलन का संचालन दुर्ग के युवा कवि मयंक शर्मा ने किया। तिरंगे के पांच रंगों पर आधारित उनकी कविता ने श्रोताओं को भावुक कर दिया। कविता की पंक्तियां सुनकर श्रोता सम्मान में खड़े हो गए और तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया। मयंक शर्मा ने सुनाया—
“पापा जब द्वारे पे तिरंगा ओढ़ आए थे,
तो मैंने देखा खून से तिरंगा लाल-लाल था।”
बिहार के नालंदा से आईं कवयित्री अल्पना आनंद ने ओढ़नी गीत के माध्यम से धार्मिक भाव प्रस्तुत किए। इंदौर के एकाग्र शर्मा ने शिव, राम और हनुमान पर मुक्तक सुनाए। प्रयागराज के हास्य कवि अखिलेश द्विवेदी ने हास्य-व्यंग्य के जरिए खुशियां बांटने का संदेश दिया। दिल्ली के सुदीप भोला ने मोबाइल पर रील बनाने की प्रवृत्ति पर कटाक्ष किया, जबकि मुंबई के गीतकार चंदन राय ने प्रेम और यादों पर आधारित गीतों से समां बांधा।
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, सांसद विजय बघेल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधायक ललित चंद्राकर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडेय, पूर्व विधायक अरुण वोरा, पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल, कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू, पूर्व महापौर आरएन वर्मा और दुर्ग ग्रामीण जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर उपस्थित रहे।
समिति के संरक्षक संतोष रूंगटा, संजय रूंगटा, चतुर्भुज राठी, किशोर जैन, विनीत जैन, अध्यक्ष रवि पिडिआर, कार्यकारी अध्यक्ष अमित यादव, कोषाध्यक्ष जितेंद्र राठी, एल्डरमैन तुलसी साहू एवं पार्षद पति सुरेश गुप्ता सहित अन्य अतिथि भी कार्यक्रम में शामिल हुए। संचालन मनोज शर्मा ने किया तथा आभार संतोष रूंगटा ने व्यक्त किया।
भिलाई / शौर्यपथ / शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमप्रकाश पांडेय ने भिलाई-दुर्ग क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में पहुंचकर मां दुर्गा और मां काली के दर्शन किए तथा विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस दौरान उन्होंने हुडको स्थित अन्नपूर्णा मंदिर, सेक्टर-7 के मां तुलजा भवानी मंदिर, मरोदा सेक्टर, सेक्टर-1 बिजली ऑफिस स्थित मां शारदा भवानी मंदिर तथा चरोदा स्थित काली मंदिर में दर्शन-पूजन किया।
श्री पांडेय ने मां दुर्गा से समस्त प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने प्रार्थना की कि मां जगदंबा का आशीर्वाद सभी पर बना रहे तथा हर घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो।
बचेली में रविवार को हुई कार्रवाई से उठे सवाल, बेदखली के बाद पुनर्वास की व्यवस्था पर भी मांगा जा रहा जवाब
नजूल जमीन पर कथित कब्जों के लिए एक समान मापदंड अपनाने की मांग; एसडीएम और नगरपालिका प्रशासन की भूमिका पर सवाल
कृष्णा मंडल /
दंतेवाड़ा। शौर्यपथ / दंतेवाड़ा जिले के बचेली नगर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और आदिवासी परिवारों के पुनर्वास को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। रविवार को 10 आदिवासी परिवारों के मकान ढहा दिए गए। कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन परिवारों के रहने के लिए वैकल्पिक जमीन या पुनर्वास की व्यवस्था की गई थी या नहीं।
स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी उठ रहा है कि गरीब परिवारों के मकानों पर सख्ती दिखाने वाला प्रशासन कथित तौर पर कुछ प्रभावशाली लोगों, एक ठेकेदार और अन्य लोगों के अतिक्रमण के मामलों में उतना सक्रिय नजर नहीं आता। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि बचेली में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई किन नियमों और मापदंडों के आधार पर की जा रही है।
गरीबों पर सख्ती, प्रभावशालियों पर कार्रवाई कब?
यदि नजूल जमीन पर अवैध कब्जा हटाना प्रशासन की जिम्मेदारी है, तो यह नियम सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए। स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि कथित प्रभावशाली लोगों के कब्जों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। प्रशासन को ऐसे मामलों की स्थिति सार्वजनिक कर निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाना चाहिए।
कुछ मामलों में पहले अतिक्रमण हटाए जाने के बाद मुआवजा दिए जाने और कथित तौर पर दोबारा नजूल जमीन पर कब्जे होने के आरोप भी सामने आ रहे हैं। इनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। प्रशासन को बताना चाहिए कि मुआवजा किन नियमों के तहत और किन लोगों को दिया गया तथा दोबारा कब्जे की शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई।
10 परिवार बेघर, पुनर्वास की जिम्मेदारी किसकी?
मकान तोड़ने की कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों के सामने रहने की समस्या खड़ी होने की बात कही जा रही है। यदि अतिक्रमण हटाना जरूरी था, तो क्या कार्रवाई से पहले पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया गया? क्या प्रभावित परिवारों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराई गई? प्रशासन को इन सवालों का स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
यह मामला केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रभावित परिवारों के भविष्य और बुनियादी जरूरतों से भी जुड़ा है। कार्रवाई की वैधानिकता के साथ-साथ यह जानना भी जरूरी है कि बेदखल परिवारों के लिए आगे क्या व्यवस्था की गई है।
जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल
नगरपालिका क्षेत्र के नागरिक अपने जनप्रतिनिधियों से उम्मीद करते हैं कि वे जरूरतमंद परिवारों की समस्याओं को प्रशासन के सामने उठाएं। ऐसे में सवाल है कि प्रभावित आदिवासी परिवारों के पुनर्वास और राहत के लिए अध्यक्ष, पार्षदों तथा अन्य जनप्रतिनिधियों ने क्या पहल की है।
प्रशासन स्पष्ट करे अपनी स्थिति
बचेली में हुई कार्रवाई को लेकर जिला प्रशासन, एसडीएम और नगरपालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। अतिक्रमण हटाने का आधार, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था और अन्य कथित कब्जों पर की गई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
बड़ा सवाल यही है कि क्या अतिक्रमण के खिलाफ कानून समान रूप से लागू हो रहा है? यदि कब्जा अवैध है, तो कार्रवाई सभी मामलों में निष्पक्ष होनी चाहिए। वहीं, बेदखल किए गए परिवारों को लागू नियमों के अनुसार राहत और पुनर्वास संबंधी विकल्पों पर भी विचार किया जाना चाहिए। प्रशासन की पारदर्शिता और समान कार्रवाई ही इन सवालों का संतोषजनक जवाब दे सकती है।
1.60 हेक्टेयर वनभूमि पर कब्जे का मामला; 15 अक्टूबर को न्यायालय में चालान पेश करने की जानकारी
मालगांव। वनभूमि पर कथित अतिक्रमण कर खेती करने और वृक्षों की अवैध गडलिंग के मामले में तीन व्यक्तियों के खिलाफ वन विभाग ने कार्रवाई की है। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, मामला वन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 564 से संबंधित है, जहां करीब 1.60 हेक्टेयर वनभूमि पर अतिक्रमण किए जाने का आरोप है।
दस्तावेज में गोविंद पिता सोमनाथ, बजरंग पिता मानसिंग और चेतन पिता परती के नाम दर्ज हैं। मामले में भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत वन अपराध प्रकरण क्रमांक 2284/2026, दिनांक 13 अक्टूबर 2026 को दर्ज किए जाने का उल्लेख है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 को मालगांव के अतिक्रमण क्षेत्र में कथित रूप से वृक्षों की गडलिंग करने और खेती के उद्देश्य से वनभूमि पर कब्जा करने के मामले में तीनों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए न्यायालय में चालान पेश किया गया।
वनभूमि पर अतिक्रमण और वृक्षों को नुकसान पहुंचाने से जुड़े इस मामले में आगे न्यायालयीन प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।
आरोही सोनी सहित बाल कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुति ने माहौल को बनाया भक्तिमय
कृष्णा पब्लिक स्कूल में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में छात्रा आरोही सोनी सहित नन्हे-मुन्ने बच्चों ने माता रानी के विभिन्न स्वरूपों का मनमोहक प्रदर्शन किया। सुंदर वेशभूषा, भावपूर्ण अभिनय और आकर्षक प्रस्तुति के माध्यम से बच्चों ने उपस्थित जनों का मन मोह लिया।
बच्चों की इस प्रस्तुति में भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की सुंदर झलक देखने को मिली। आरोही सोनी सहित सभी बाल कलाकारों के प्रदर्शन की सराहना की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में मार्गदर्शक शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन की भूमिका भी सराहनीय रही।
इस अवसर पर सभी प्रतिभागी बच्चों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। विद्यालय परिवार ने बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करते हुए माता रानी से सभी पर अपनी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की।
भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई की आयुक्त सुरूचि सिंह के निर्देश पर जोन क्रमांक-1 नेहरू नगर के वार्ड क्रमांक-3, मॉडल टाउन में सड़क पर बनाए गए अवैध टीन शेड को हटाने की कार्रवाई की गई।
निगम प्रशासन के अनुसार, सड़क पर अतिक्रमण से आवागमन में परेशानी और यातायात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए यह कार्रवाई की गई। आयुक्त ने सड़कों, नालियों, फुटपाथों और सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त रखने के निर्देश दिए हैं।
निगम ने नागरिकों एवं व्यवसायियों से सार्वजनिक मार्गों और शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण नहीं करने की अपील की है। प्रशासन के अनुसार, शहर के अन्य क्षेत्रों में भी अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी।
मार्स द बैंड की प्रस्तुति, काकीनाडा की आतिशबाजी और 8 हजार दर्शकों के लिए बैठक व्यवस्था रहेगी आकर्षण
भिलाई। युवा खेल एवं सांस्कृतिक मंडल, भिलाई द्वारा 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को सेक्टर-7 हाई स्कूल दशहरा मैदान में 31वें वर्ष सार्वजनिक दशहरा पर्व का आयोजन किया जाएगा। शाम 6 बजे से शुरू होने वाले इस आयोजन में 65 फीट ऊंचे रावण तथा 50-50 फीट ऊंचे कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। रावण दहन रात 9:30 बजे होगा।
आयोजक चन्ना केशवलू एवं समिति अध्यक्ष प्रेमचंद देवांगन ने प्रेस वार्ता में बताया कि कार्यक्रम में मार्स द बैंड की संगीतमय प्रस्तुति के साथ आंध्र प्रदेश के काकीनाडा की प्रसिद्ध आतिशबाजी और इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी विशेष आकर्षण रहेंगी।
8 हजार दर्शकों के लिए व्यवस्था
समिति के अनुसार, आयोजन स्थल पर लगभग 8 हजार दर्शकों के बैठने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और तीन स्थानों पर निःशुल्क पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी निगरानी, मेडिकल टीम और अग्निशामक यंत्र उपलब्ध रहेंगे। भीड़ प्रबंधन के लिए 60 से अधिक बाउंसर और 100 स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे।
आयोजकों ने भिलाई-दुर्ग सहित आसपास के नागरिकों से सपरिवार शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि आयोजन का उद्देश्य दशहरा की परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देना है। नागरिकों से निर्धारित पार्किंग का उपयोग करने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया गया है।
प्रेस वार्ता में समिति के पदाधिकारी जी. अमर, राजनारायण सिंह, रविन्द्र सिंह, प्रीतम साहू, डी. मरिया दास, उज्ज्वल तिवारी, बी. पद्मनाभन, टी. शंकर, आर. प्रसंगी और शिवा कुमार उपस्थित थे।
बच्चों के डांस कॉम्पिटिशन, गायन और खेलकूद जैसे कार्यक्रमों से उत्सव का माहौल
कोंडागांव। जिला मुख्यालय कोंडागांव में बंगाली समाज द्वारा अपने प्रमुख त्योहार दुर्गा पूजा को इस वर्ष भी हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। शहर में दुर्गा पूजा को लेकर श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। बंगाली समाज की ओर से विभिन्न स्थानों पर मां दुर्गा के साथ उनके पूरे परिवार की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जहां श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
कोंडागांव में दुर्गा पूजा का आयोजन तीन प्रमुख स्थानों पर किया जा रहा है। इनमें कालीबाड़ी, डीएनके राउंड तथा श्री श्री दुर्गा बाड़ी आरकाछापड़ा शामिल हैं। तीनों स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जा रही है।
दुर्गा पूजा के अवसर पर अलग-अलग समितियों द्वारा धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रम भी रखे गए हैं। कहीं बच्चों के लिए डांस कॉम्पिटिशन और गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, तो कहीं खेलकूद जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है।
इस आयोजन के जरिए बंगाली समाज के लोग अपनी धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को उत्साहपूर्वक आगे बढ़ा रहे हैं। दुर्गा पूजा के दौरान पूजा-पाठ के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी विशेष महत्व रहता है, जिससे समाज के लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने और त्योहार की खुशियां साझा करने का अवसर मिलता है।
कोंडागांव में तीनों पूजा स्थलों पर उत्सव का माहौल बना हुआ है। मां दुर्गा की आराधना के साथ समाज के लोग श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ इस पर्व को मना रहे हैं।
चिखलपुटी के सार्वजनिक दुर्गा समिति के गरबा उत्सव में पेड़ों की रक्षा के प्रति जागरूकता लाने की अनूठी पहल, बच्चे की वेशभूषा ने खींचा लोगों का ध्यान
कोंडागांव। जिला मुख्यालय के चिखलपुटी में आयोजित नवरात्रि गरबा उत्सव के दौरान इस बार एक अनोखी पहल देखने को मिली। सार्वजनिक दुर्गा समिति द्वारा आयोजित गरबा कार्यक्रम में दीपक पटेल के परिवार ने अपने नन्हे बेटे को पेड़ की पत्तियों से सजी फैंसी ड्रेस पहनाकर ‘पेड़ बचाओ’ का संदेश दिया। बच्चे की इस अनूठी वेशभूषा ने गरबा में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
नवरात्रि के उल्लास और गरबा की रंगीन शाम के बीच बच्चे की इस खास प्रस्तुति ने लोगों के दिलों को छू लिया। परिवार की इस पहल के माध्यम से प्रकृति की रक्षा और पेड़ों के महत्व को सहज व आकर्षक तरीके से सामने लाने का प्रयास किया गया।
वर्षों से हो रहा है गरबा का आयोजन
चिखलपुटी स्थित दुर्गा मंदिर का निर्माण स्वर्गीय श्री किशोर कुमार दुग्गड़ द्वारा कराया गया था। इसके बाद वर्ष 2025 से राजेश दुग्गड़ के नेतृत्व में प्रतिवर्ष नवरात्रि के अवसर पर गरबा का आयोजन किया जा रहा है। वर्षों से आयोजित हो रहा यह कार्यक्रम क्षेत्र के लोगों के लिए आस्था और उत्सव का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
श्रद्धालुओं के लिए भोजन की विशेष व्यवस्था
गरबा आयोजन में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा जाता है। व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग से फलाहार की व्यवस्था की जाती है, वहीं अन्य लोगों के लिए खीर, पूड़ी सहित भोजन उपलब्ध कराया जाता है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग गरबा खेलने और कार्यक्रम देखने पहुंचते हैं।
नवरात्रि के दौरान यहां उमड़ने वाली भीड़ और उत्सव के माहौल से चिखलपुटी का यह गरबा आयोजन जिला मुख्यालय के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। इस बार दीपक पटेल के परिवार की ‘पेड़ बचाओ’ पहल ने धार्मिक उत्सव के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी जोड़ दिया।
भिलाई भिलाई / इस्पात संयंत्र में 16 अक्टूबर 2026 को सेल के मानव संसाधन परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में ‘सेल दर्पण पोर्टल’ का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर निदेशक (कार्मिक) श्री के. के. सिंह एवं निदेशक प्रभारी, भिलाई इस्पात संयंत्र श्री चित्त रंजन महापात्र मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। लगभग 18 माह के सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप ‘सेल दर्पण पोर्टल’ का गो-लाइव संभव हुआ। पोर्टल के औपचारिक शुभारंभ के साथ ही सेल के अधिकारियों के 6,100 स्कोरकार्ड लाइव हो गए। कार्यक्रम में सेल के वरिष्ठ अधिकारियों, संबंधित टीमों तथा अन्य हितधारकों ने प्रत्यक्ष एवं ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात बॉस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) की टीम ने ‘सेल दर्पण’ की परिवर्तन यात्रा, इसकी परिकल्पना, प्रमुख विशेषताओं तथा संगठनात्मक उद्देश्यों पर प्रस्तुति दी। इस दौरान पोर्टल के विकास एवं क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं और सेल की परफॉर्मेंस मैनेजमेंट प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
तत्पश्चात निदेशक (कार्मिक) श्री के. के. सिंह एवं निदेशक प्रभारी, भिलाई इस्पात संयंत्र श्री चित्त रंजन महापात्र द्वारा ‘सेल दर्पण पोर्टल’ का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर निदेशक (वाणिज्य) टी. एन. नटराजन, निदेशक प्रभारी, बोकारो स्टील प्लांट श्री प्रिय रंजन, निदेशक प्रभारी, इस्को एवं दुर्गापुर स्टील प्लांट सुरजीत मिश्रा, निदेशक प्रभारी, राउरकेला स्टील प्लांट आलोक वर्मा तथा निदेशक (माइनिंग) श्री मनीष राज गुप्ता ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।
इसके बाद बीसीजी एवं संबंधित तकनीकी टीम ने पोर्टल की प्रमुख विशेषताओं का प्रदर्शन किया। इसमें विशेष रूप से स्कोरकार्ड टूल तथा उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी गई। साथ ही, पोर्टल के प्रभावी उपयोग, आगामी कार्ययोजना, क्रियान्वयन की प्राथमिकताओं तथा आवश्यक सहयोग व्यवस्था पर भी चर्चा की गई।
निदेशक (कार्मिक) के. के. सिंह ने अपने संबोधन में सेल की परफॉर्मेंस मैनेजमेंट प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख बनाने में ‘सेल दर्पण पोर्टल’ की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह पोर्टल अधिकारियों के परफॉर्मेंस गोल्स, उपलब्धियों एवं मूल्यांकन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने व्यक्तिगत परफॉर्मेंस को संगठनात्मक उद्देश्यों के साथ जोड़ने तथा निष्पक्ष एवं उद्देश्यपरक मूल्यांकन सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पोर्टल को अपनाने तथा इसके प्रभावी उपयोग के माध्यम से सेल की परफॉर्मेंस मैनेजमेंट प्रणाली को सुदृढ़ बनाने का आह्वान किया।
निदेशक प्रभारी, भिलाई इस्पात संयंत्र चित्त रंजन महापात्र ने अपने संबोधन में कहा कि प्रभावी परफॉर्मेंस मैनेजमेंट किसी भी संगठन की उत्पादकता, जवाबदेही एवं निरंतर विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने ‘सेल दर्पण पोर्टल’ को परफॉर्मेंस मैनेजमेंट प्रणाली को अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने स्पष्ट परफॉर्मेंस टारगेट निर्धारित करने, नियमित प्रगति की समीक्षा करने तथा व्यक्तिगत उपलब्धियों को संगठनात्मक लक्ष्यों के साथ जोड़ने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पोर्टल का प्रभावी उपयोग करने तथा परफॉर्मेंस मैनेजमेंट को केवल मूल्यांकन की प्रक्रिया न मानकर निरंतर सुधार एवं बेहतर परिणाम प्राप्त करने के माध्यम के रूप में अपनाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के दौरान सेल के निदेशक एवं विभिन्न इकाइयों के निदेशक प्रभारियों ने अपने संबोधन में ‘सेल दर्पण पोर्टल’ के उद्देश्यों, संगठन में इसकी रणनीतिक महत्ता तथा परफॉर्मेंस मैनेजमेंट प्रणाली को सुदृढ़ बनाने में इसकी भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यालय में मानव संसाधन परिवर्तन के महाप्रबंधक रिजवान ए. सिद्दीकी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया तथा पोर्टल के विकास एवं क्रियान्वयन में योगदान देने वाली टीमों, हितधारकों और संबंधित एजेंसियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
‘सेल दर्पण पोर्टल’ सेल की परफॉर्मेंस मैनेजमेंट प्रणाली को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पोर्टल के माध्यम से परफॉर्मेंस गोल्स, उपलब्धियों एवं मूल्यांकन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने तथा व्यक्तिगत योगदान को संगठनात्मक लक्ष्यों के साथ जोड़ने में सहायता मिलेगी।
दुर्ग / न्याय की राह में दूरियाँ कम हो रही हैं और तकनीक न्यायिक प्रक्रिया को नए आयाम दे रही है। अब ऑडियो-वीडियो माध्यमों से साक्ष्य दर्ज करने से लेकर डिजिटल साक्ष्यों के महत्व को समझने तक, न्याय व्यवस्था में तकनीक की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। ऐसे में तकनीक का उपयोग केवल सुविधाजनक ही नहीं, बल्कि विधिसम्मत, निष्पक्ष और विश्वसनीय होना भी आवश्यक है।
इसी दृष्टिकोण को केंद्र में रखते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग में 16 अक्टूबर 2026 को “ऑडियो-वीडियो इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से न्यायिक कार्यवाही एवं न्याय श्रुति नियम, 2025 का विधिक एवं व्यावहारिक परिप्रेक्ष्य” विषय पर विधिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में न्यायिक कार्यवाही के आधुनिक स्वरूप, साक्ष्य की प्रक्रिया और तकनीकी साधनों के विधिसम्मत उपयोग पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के साथ ई-साक्ष्य एवं डिजिटल साक्ष्यों से संबंधित प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जिसने आयोजन को व्यावहारिक और ज्ञानवर्धक स्वरूप प्रदान किया।
*न्यायालय की सीमाओं से परे साक्ष्य, लेकिन विधि के दायरे में*
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री के. विनोद कुजूर तथा प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, दुर्ग श्रीमती सुमन एक्का की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित संगोष्ठी में द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री प्रशांत पराशर ने ‘न्याय श्रुति नियम, 2025’ के प्रमुख प्रावधानों और उनके व्यावहारिक क्रियान्वयन पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम का अभिभाषण प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ श्रेणी, दुर्ग कु. दीपांशी जैन द्वारा प्रस्तुत किया गया।
संगोष्ठी में इस बात पर बल दिया गया कि आधुनिक तकनीक न्यायिक कार्यवाही को अधिक सुगम और समयबद्ध बनाने में सहायक हो सकती है, लेकिन इसका प्रभावी उपयोग तभी संभव है, जब विधिक प्रावधानों का पालन करते हुए साक्ष्य की विश्वसनीयता और न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए।
*ई-साक्ष्य एवं डिजिटल साक्ष्यों की प्रदर्शनी : तकनीक को समझने का व्यावहारिक माध्यम*
संगोष्ठी का एक महत्वपूर्ण आकर्षण प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा आयोजित ई-साक्ष्य की प्रक्रिया एवं डिजिटल साक्ष्यों से संबंधित प्रदर्शनी रही। प्रदर्शनी का उद्देश्य डिजिटल साक्ष्यों की प्रक्रिया, उनके महत्व और न्यायिक कार्यवाही में उनकी प्रासंगिकता के प्रति समझ विकसित करना था।
इस पहल ने संगोष्ठी की विषयवस्तु को व्यावहारिक आयाम प्रदान किया। जहाँ संगोष्ठी में नियमों और प्रक्रियाओं की विधिक व्याख्या की गई, वहीं प्रदर्शनी के माध्यम से ई-साक्ष्य एवं डिजिटल साक्ष्यों से संबंधित जानकारी को एक अलग और सहज स्वरूप में प्रस्तुत किया गया। इस प्रकार न्यायिक तकनीक से जुड़े विषयों को केवल सैद्धांतिक चर्चा तक सीमित न रखते हुए, उन्हें प्रत्यक्ष जानकारी और जागरूकता से जोड़ने का प्रयास किया गया।
*विधिक जागरूकता में नवाचार: रंगोली ने भी बढ़ाई आयोजन की गरिमा*
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा आकर्षक रंगोली का निर्माण कराया गया। रंगोली ने आयोजन को रचनात्मक स्वरूप प्रदान करने के साथ उसकी शोभा भी बढ़ाई। विधिक संगोष्ठी, डिजिटल साक्ष्य प्रदर्शनी और कलात्मक प्रस्तुति का यह समन्वय दर्शाता है कि विधिक जागरूकता को प्रभावी बनाने के लिए पारंपरिक और आधुनिक, दोनों प्रकार के माध्यम उपयोगी हो सकते हैं।
*न्यायिक प्रक्रिया में तकनीक और संस्थागत समन्वय पर जोर*
कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारीगण के अतिरिक्त उप संचालक अभियोजन श्री भीम सिंह राजपूत, दुर्ग बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री रमेश शर्मा, सचिव श्री रविशंकर सिंह तथा जेल अधीक्षक श्री मनीष संभाकर सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों की सहभागिता ने न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े पक्षों के बीच समन्वय और साझा समझ के महत्व को रेखांकित किया। संगोष्ठी का उद्देश्य न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, अभियोजन पक्ष तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को ‘न्याय श्रुति नियम, 2025’ के प्रावधानों और ऑडियो-वीडियो इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से न्यायिक कार्यवाही के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराना था।
दुर्ग, / छत्तीसगढ़ शासन के प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा दुर्ग जिला के प्रभारी सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज अधिकारियों की बैठक के पूर्व कलेक्ट्रेट परिसर स्थित शताब्दी गार्डन में पौधरोपण किया। उन्होंने मौलश्री का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्हाेंने निगम आयुक्त को शताब्दी गार्डन का संधारण कर इसे पब्लिक गार्डन के रूप में विकसित करने के निर्देश दिये ताकि आम लोगों को भी लाभ मिल सकें। इसी कड़ी में वन मंडलाधिकारी श्री सी.पी. अग्रवाल, अतिरिक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री पुलक भट्टाचार्य, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल, नगर निगम भिलाई की आयुक्त सुश्री सुरूचि सिंह, नगर निगम दुर्ग की आयुक्त सुश्री लीना कोसम, नगर निगम भिलाई चरौदा के आयुक्त श्री डी.राजपूत और एसडीएम दुर्ग श्री सोनाल डेविड ने भी मौलश्री एवं अन्य प्रजाति के फलदार पौधरोपण किये।
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Feb 09, 2021 Rate: 4.00
