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June 01, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

रायपुर / शौर्यपथ /
शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर की जा रही धान खरीदी की सुव्यवस्थित और पारदर्शी व्यवस्था किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। चालू खरीफ विपणन वर्ष में 15 नवंबर से प्रारंभ हुई इस व्यवस्था ने किसानों का भरोसा मजबूत किया है। जिले के खरतुली ग्राम निवासी प्रगतिशील किसान श्री बलवंत मेश्राम की सफलता की कहानी इसका सशक्त उदाहरण है, जहाँ सरकारी योजनाओं का सही उपयोग और वैज्ञानिक खेती ने उनकी तक़दीर बदल दी।
श्री मेश्राम ने इस वर्ष अपने 4.42 एकड़ खेत में उत्पादित लगभग 50 क्विंटल धान को नजदीकी धान उपार्जन केंद्र में समर्थन मूल्य पर बेचा। उन्होंने बताया कि टोकन कटवाने से लेकर धान की तौल और खरीदी तक की पूरी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध रही। उपार्जन केंद्र में छाया, पेयजल और बैठने जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता से किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई, जिसके लिए उन्होंने शासन की व्यवस्थाओं की सराहना की।
धान उत्पादन के साथ-साथ श्री मेश्राम फसल चक्र परिवर्तन को अपनाने वाले जागरूक किसान हैं। पिछले वर्ष उन्होंने 60 क्विंटल धान का विक्रय किया था, जिससे प्राप्त राशि का उपयोग उन्होंने बेहतर बीज, खाद, कृषि सुधार और आधुनिक तकनीकों में किया। इसका परिणाम यह हुआ कि उनकी खेती अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनती गई।
रबी मौसम में वे चना की खेती को प्राथमिकता देते हैं। पिछले वर्ष 4 एकड़ में चना की खेती से उन्हें लगभग 36 हजार रुपये की अतिरिक्त आमदनी हुई। चना की फसल कम लागत में बेहतर मुनाफा देने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और जल संरक्षण में भी सहायक है। स्वयं के बोर की सुविधा होने से सिंचाई व्यवस्था भी सुचारू रहती है।
श्री बलवंत मेश्राम की यह कहानी दर्शाती है कि यदि किसान सरकारी योजनाओं का सही लाभ उठाएँ और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से खेती करें, तो कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं बल्कि समृद्धि का मजबूत आधार बन सकती है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी जैसी योजनाएँ किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

रायपुर। शौर्यपथ । रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने पुलिस विभाग में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव करते हुए भारतीय पुलिस सेवा के तीन अधिकारियों का स्थानांतरण कर दिया है। गृह (पुलिस) विभाग द्वारा 22 दिसंबर 2025 को जारी आदेश में संबंधित अधिकारियों के नए पदस्थापना स्थल घोषित किए गए हैं। यह आदेश अगले निर्देश तक प्रभावी रहेगा।

जारी सूची के अनुसार—
1. श्री इंदिरा कल्याण एलेसेला , बैच 2011
वर्तमान पद: पुलिस अधीक्षक, कांकेर
नया पदस्थापन: पुलिस उप महानिरीक्षक, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल उत्तरी रेंज सरगुजा
2. श्री निखिल अशोक कुमार राखेचा , बैच 2019
वर्तमान पद: पुलिस अधीक्षक, गरियाबंद
नया पदस्थापन: पुलिस अधीक्षक, कांकेर
3. श्री वेदव्रत सिरमौर , भापुसे
वर्तमान पद: महाप्रबंधक, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल, रायपुर (प्रतिनियुक्ति से सेवाएं वापस लेते हुए)
नया पदस्थापन: पुलिस अधीक्षक, गरियाबंद
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। सरकार का मानना है कि इन बदलावों से पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावशाली बनाने में मदद मिलेगी। इस प्रशासनिक फेरबदल को प्रदेश के सुरक्षा तंत्र

को व्यवस्थित और सुदृढ़ करने की दिशा में सरकार का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पत्रकारों की लेखनी केवल सूचना का माध्यम ही नहीं, पर्यटन को प्रोत्साहन देने का एक सशक्त साधन भी - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से राजस्थान के अंतर्राज्यीय अध्ययन भ्रमण से लौटने के उपरांत छत्तीसगढ़ के पत्रकारों के दल ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर पत्रकारों ने 15 से 20 दिसम्बर तक राजस्थान भ्रमण के दौरान वहां की विधायिका, प्रशासनिक कार्यप्रणाली तथा पर्यटन के क्षेत्र में किए गए नवाचारों के अनुभवों को साझा किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पत्रकारों के लिए अंतर्राज्यीय अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है, ताकि अन्य राज्यों के शासन-प्रशासन, पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास से जुड़े नवाचारी प्रयासों को पत्रकारों के दृष्टिकोण से समझा जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसे अध्ययन भ्रमणों से प्राप्त अनुभवों के आधार पर छत्तीसगढ़ में भी नई और प्रभावी पहल शुरू की जा सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से आग्रह किया कि वे इस यात्रा के अनुभवों को यात्रा-वृत्तांत के रूप में लिपिबद्ध करें, जिससे यह आम पर्यटकों के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शिका का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की लेखनी केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि पर्यटन को प्रोत्साहन देने का एक सशक्त साधन भी है।
प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार पर्यटन के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य की दृष्टि से बस्तर धरती पर स्वर्ग के समान है, किंतु नक्सलवाद लंबे समय तक इसके विकास में एक बड़ी बाधा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने की दिशा में राज्य सरकार पूरी दृढ़ता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पर्यटन को राज्य की नई उद्योग नीति में शामिल किया गया है। इसके तहत सुदूर वनांचलों में होम-स्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि पर्यटक ग्रामीण परिवारों के साथ रहकर उनकी संस्कृति, खान-पान और जीवनशैली को नजदीक से अनुभव कर सकें। इससे पर्यटन को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि विश्व के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों में छत्तीसगढ़ के धुड़मारास को शामिल किया जाना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों द्वारा दिए गए सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि इन पर गंभीरता से विचार कर उन्हें अमल में लाया जाएगा।
इस अवसर पर जशपुर से विजय त्रिपाठी ने बताया कि राजस्थान भ्रमण के दौरान वहां की विधानसभा देखने का अवसर मिला, जहां आमजन को विधि निर्माण की प्रक्रिया और विधानसभा की कार्यप्रणाली से अवगत कराने के लिए एक भव्य संग्रहालय का निर्माण किया गया है। इस संग्रहालय के माध्यम से राज्य निर्माण से लेकर वर्तमान तक की विधायी यात्रा और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के योगदान को समझने का अवसर मिलता है।
कोरबा से विजय खेत्रपाल ने कहा कि इस अध्ययन भ्रमण के माध्यम से यह समझने का अवसर मिला कि राजस्थान में सैकड़ों वर्ष पुराने किलों और महलों को आधुनिक जनसुविधाओं से जोड़कर पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया गया है। इसके साथ ही रेगिस्तानी क्षेत्रों में जीप सफारी, ऊंट सवारी, पैरा-सेलिंग, डेजर्ट कैंप जैसी गतिविधियों के माध्यम से पर्यटन को आकर्षक रूप दिया गया है, जो छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रभावी केस स्टडी हो सकती है।
जगदलपुर के अर्जुन झा ने जयपुर स्थित चोकरधानी के अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहां ग्रामीण जीवन, लोकसंस्कृति और खान-पान को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसी प्रकार बस्तर पंडुम के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को पर्यटकों के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है। टिंकेश्वर तिवारी ने भी राजस्थानी खान-पान की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों को पर्यटन स्थलों पर प्रमुखता से बढ़ावा देने पर जोर दिया।
स्टेट न्यूज़ सर्विस के युवा पत्रकार रजत अवस्थी ने राजस्थानी टोपी साफा से मुख्यमंत्री श्री साय का सम्मान करते हुए पत्रकार भ्रमण योजना को प्रारम्भ करने के लिए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह, जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक संजीव तिवारी, संयुक्त संचालक जितेंद्र नागेश सहित पत्रकारगण एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

नई दिल्ली। एजेंसी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को एक महत्वपूर्ण वक्तव्य देते हुए साफ कहा कि संघ को राजनीतिक संगठन या भाजपा से जोड़कर समझना मूलभूत भूल है। कोलकाता में आयोजित ‘आरएसएस 100 व्याख्यान माला’ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आरएसएस का नजरिया न तो राजनीतिक है और न ही किसी दल विशेष से संचालित।

“संघ को संकीर्ण नजरिए से न देखें”

भागवत ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति आरएसएस को सिर्फ भाजपा या किसी अन्य संगठन के संदर्भ में समझने की कोशिश करता है, तो वह संघ की वास्तविकता से भटक जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तुलना, पूर्वाग्रह और दूसरे स्रोतों की जानकारी पर आधारित धारणाएँ केवल गलतफहमी पैदा करती हैं।

उन्होंने कहा—

“संघ का कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं।आरएसएस को केवल भाजपा से जोड़कर देखना बहुत बड़ी गलती है।संघ को सेवा संगठन भर मानना भी अधूरा दृष्टिकोण है।

हिंदू समाज की भलाई, ‘सज्जन’ निर्माण ही मूल ध्येय

एक अन्य कार्यक्रम में भागवत ने दोहराया कि आरएसएस का उद्देश्य हिंदू समाज की भलाई, सुरक्षा और नैतिक रूप से सुदृढ़ व्यक्तियों (‘सज्जनों’) का निर्माण है। उनका कहना था कि समाज में ऐसे मूल्यनिष्ठ, सेवाभावी और राष्ट्रहित प्रेरित लोग ही देश के गौरव और विकास को गति देते हैं।

“विश्वगुरु बनने की दिशा में देश आगे बढ़ रहा”

भागवत ने विश्वास जताया कि भारत पुनः विश्वगुरु बनेगा, और इसके लिए समाज को तैयार करना संघ का दायित्व है। उन्होंने कहा कि आरएसएस किसी को अपना दुश्मन नहीं मानता, लेकिन संगठन के बढ़ते प्रभाव से “कुछ लोगों के संकीर्ण स्वार्थ अवश्य प्रभावित होते हैं।”

“मनगढ़ंत कहानियों पर नहीं, तथ्यों पर करें राय आधारित”

उन्होंने अपील की कि लोग संघ के बारे में राय बनाएं तो वह तथ्यों पर आधारित हो, न कि अफवाहों, गढ़ी गई कहानियों या पूर्वधारणाओं पर। आरएसएस प्रमुख भागवत का यह वक्तव्य ऐसे समय में आया है जब देश में राजनीति, विचारधारा और संघ-भाजपा संबंधों पर लगातार चर्चाएँ तेज रहती हैं। उनका यह संदेश राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

नई दिल्ली/शौर्यपथ / भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वीबी जी राम जी विधेयक, 2025 को मंजूरी दे दी है। इस अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों के लिए वैधानिक मजदूरी रोजगार गारंटी को बढ़ाकर प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिन कर दिया गया है। पहले यह 100 दिनों का था। यह बिल सशक्तिकरण, समावेशी विकास को व्यापक स्तर पर वितरण को बढ़ावा देता है। वीबी जी राम जी बिल का मतलब है विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए गारंटी वाला बिल।

मनरेगा का नाम बदलकर जी राम जी किया गया
'विकसित भारत-जी राम जी' 2005 ( g ram g bill 2025) बिल चले आ रहे मनरेगा कानून की जगह लेगा। सरकार ने इसे लेकर कहा है कि पिछले दो दशकों में ग्रामीण भारत की आर्थिक स्थिति, डिजिटलीकरण और कनेक्टिविटी में भारी बदलाव आया है। ऐसे में पुराने ढांचे में सुधार के बजाय एक नया वैधानिक ढांचा जरूरी था। यह नया बिल ग्रामीण रोजगार को 'विकसित भारत 2047' के विजन से जोड़ता है। इसका उद्देश्य केवल गड्ढे खोदना नहीं बल्कि टिकाऊ बुनियादी ढांचा तैयार करना है।

छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्ष की उपलब्धियों की प्रदर्शनी तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का होगा आयोजन

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 22 दिसम्बर को जांजगीर में जनादेश परब का आयोजन किया जा रहा है। जनादेश परब में जनता-जनार्दन के समक्ष छत्तीसगढ़ सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों तथा राज्य के एकीकृत विकास के लिए लिए गए फैसलों की जानकारी दी जाएगी। जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया जाएगा।
जनादेश परब के अवसर पर जांजगीर के पुलिस लाईन में आयोजित की जा रही विशाल आमसभा को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे. पी. नड्डा सम्बोधित करेंगे। इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय करेंगे। इस मौके पर सुप्रसिद्ध लोक कलाकार एवं पद्मश्री श्री अनुज शर्मा तथा अन्य कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल पर पिछले दो वर्षों विभिन्न विभागों की उपलब्धियों पर आधारित विकास प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा। प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल, कृषि विभाग, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, जल संसाधन, मत्स्य पालन और सहकारिता विभाग सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव एवं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा अति विशिष्ट अतिथि होंगे एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, वन मंत्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, लोकसभा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े व विधायक ब्यास कश्यप विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

राज्य के समग्र विकास पर केंद्रित प्रदर्शनी
जनादेश परब में सरकार के दो वर्षों की निरंतर सेवा और निरंतर विकास की झलक विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए आकर्षक प्रदर्शनी में देखने को मिलेगी एवं प्रदर्शनी में पीएम सूर्यघर योजना तथा योजनाओं की जानकारी आमजन को दी जाएगी। इसी तरह किसान सम्मान निधि, हितग्राही मूलक योजनाओं एवं आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी जाएगी, जिससे किसान सीधे लाभ और प्रक्रियाओं को समझ सकें। डिजिटल और नवाचारी शिक्षा, आईसीटी लैब, स्मार्ट क्लास और पीएम एवं विद्या जैसी योजनाओं के माध्यम से स्मार्ट स्कूल-सशक्त छात्र-उज्ज्वल भविष्य” की अवधारणा गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित शिक्षा की झलक देखने को मिलेगी।
इसके अलावा प्रदर्शनी में महिला सशक्तिकरण, महतारी वंदन, सुपोषण अभियान एवं बाल कल्याण योजनाओं, सिंचाई योजनाओं और जल प्रबंधन, मत्स्य उत्पादन, रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की संपूर्ण प्रक्रिया को समझाने हेतु एक मॉडल देखने को मिलेगा। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा भी स्टॉल लगाया जाएगा, जिसमें योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

रायपुर । शौर्यपथ
छत्तीसगढ़ सरकार ने पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर अपनी पारदर्शिता और जवाबदेही को एक नए स्तर पर प्रदर्शित किया। उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने आज रायपुर स्थित अपने सिविल लाइन निवास में पूर्व घोषणा के अनुरूप अभ्यर्थियों से सीधा संवाद किया और उनकी हर शंका का तत्काल समाधान किया। यह राज्य में पहली बार है जब किसी भर्ती प्रक्रिया पर उठी आपत्तियों को लेकर उपमुख्यमंत्री ने स्वयं अभ्यर्थियों के बीच बैठकर चर्चा की।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ठीक सुबह 10 बजे भर्ती प्रक्रिया के प्रमुख एडीजी एसपीआर कल्लूरी एवं आईजी बद्री नारायण मीना के साथ अभ्यर्थियों के बीच पहुंचे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती पूरी तरह पारदर्शी और विश्वसनीय पद्धति से संपादित की गई है तथा शासन भर्ती प्रक्रिया की पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

सभी प्राप्तांक सार्वजनिक – पूर्ण पारदर्शिता

उन्होंने बताया कि प्राप्तांक के संबंध में मांग उठते ही शासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए
✔ सभी अभ्यर्थियों के अंक सार्वजनिक किए
✔ परिणाम पोर्टल पर उपलब्ध कराए
✔ चयन प्रक्रिया को पूर्ण खुली प्रतिस्पर्धा और प्रावीण्यता सूची के आधार पर संचालित किया।

शंकाओं पर दस्तावेज मंगवाकर की व्यक्तिगत जांच
केंद्रीयकृत सेंटर में शारीरिक परीक्षा को लेकर व्यक्त शंकाओं पर उपमुख्यमंत्री ने स्वयं सभी दस्तावेज मंगवाए एक-एक प्रकरण की जांच की .उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी अभ्यर्थी के चयन में कोई अनियमितता नहीं मिली, जिसे मौके पर ही सभी के सामने सार्वजनिक रूप से बताया गया।

मुख्यमंत्री से चर्चा कर वेटिंग सूची बढ़ाने की पहल

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि—प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) जल्द जारी की जाएगी ,प्रथम वेटिंग लिस्ट में संख्या बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मार्गदर्शन लिया जाएगा.पीएचक्यू आईडी के कारण मोबाइल नम्बर में अंतर आने की समस्या पर भी विचार का आश्वासन दिया गया

भूतपूर्व सैनिकों और बस्तर युवाओं की मांगों पर निर्णय

■ भूतपूर्व सैनिकों की आयु सीमा में छूट की मांग पर उन्होंने कहा कि वे स्वयं मुख्यमंत्री से चर्चा कर उपयुक्त समाधान निकालेंगे।
■ बस्तर संभाग में स्थानीय युवाओं के चयन की मांग पर उन्होंने बताया कि न्यायालय के निर्णय के कारण आरक्षण संभव नहीं था, परंतु बस्तर फाइटर भर्ती के माध्यम से स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

राज्य में पहली बार — तीन स्तरों पर शिकायतों का निवारण

यह भर्ती प्रक्रिया इसलिए भी ऐतिहासिक है कि शिकायतों का निवारण तीन स्तरों पर किया गया—
1️⃣ जिला स्तरीय: 12–14 दिसंबर को सभी पुलिस अधीक्षकों द्वारा शिकायतों का समाधान
2️⃣ राज्य स्तरीय: 19 और 20 दिसंबर को एडीजी कल्लूरी द्वारा पीएचक्यू में खुला मंच
3️⃣ मंत्रिस्तरीय स्तर: स्वयं उपमुख्यमंत्री द्वारा आज अभ्यर्थियों के बीच संवाद और समाधान
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि जो अभ्यर्थी रायपुर आने में असमर्थ थे, उनके लिए जिले के पुलिस अधीक्षक कार्यालयों को भी संपर्क का माध्यम बनाया गया, ताकि कोई भी उम्मीदवार अपनी बात रखने से वंचित न रहे।

भर्ती प्रक्रिया—निष्पक्ष, पारदर्शी, युवाओं के हित में

उन्होंने दोहराया कि शासन ने भर्ती प्रक्रिया में किसी भी गड़बड़ी को पूर्णतः रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। कार्यक्रम में गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, सभी भर्ती केंद्रों के प्रभारी और बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उपस्थित रहे।

बलिदान और कर्तव्य के गौरवशाली इतिहास से नई पीढ़ी को परिचित कराना हमारा नैतिक दायित्व - मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री साय वीर बाल रैली में हुए शामिल, हरी झंडी दिखाकर किया रैली का शुभारंभ
साहसिक गतिविधियों और भव्य झांकियों के साथ 5 हजार से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं ने निकाली ऐतिहासिक रैली

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा आयोजित वीर बाल रैली में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस भव्य रैली में लगभग 5,000 से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं, स्काउट-गाइड एवं एनसीसी कैडेट्स ने सहभागिता की। रैली में सिख परंपरा की वीरता को दर्शाती गतका जैसी साहसिक गतिविधियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं प्रेरणादायी झांकियों ने उपस्थित जनसमूह को गहरे भावनात्मक स्तर पर जोड़ा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में हम दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों — बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी — के अद्वितीय बलिदान को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि केवल 9 वर्ष और 7 वर्ष की अल्पायु में साहिबजादों ने जिस अदम्य साहस, आस्था और बलिदान का परिचय दिया, वह मानव इतिहास में अनुकरणीय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी छोटी उम्र में भी साहिबजादे किसी दबाव के आगे नहीं झुके, अपनी आस्था से विचलित नहीं हुए और धर्म एवं सत्य की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। यह बलिदान केवल सिख समाज ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। श्री साय ने कहा कि सिख धर्म की यह गौरवशाली परंपरा हम सभी के लिए गर्व का विषय है। नई पीढ़ी को साहिबजादों के बलिदान और मूल्यों से परिचित कराना हमारा नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2022 से वीर बाल दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की पहल अत्यंत सराहनीय है। इससे बच्चों और युवाओं में शौर्य, साहस और राष्ट्रप्रेम की भावना प्रबल हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम साहिबजादों के जीवन को देखते हैं, तो हमें दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा दिए गए संस्कारों और शिक्षाओं पर गर्व होता है। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना कर अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग दिखाया। उनकी प्रेरक पंक्तियाँ “सवा लाख से एक लड़ाऊँ, चिड़ियन ते मैं बाज लड़ाऊँ, तबै गुरु गोबिंद सिंह नाम कहलाऊँ।” आज भी हर भारतीय के भीतर साहस और संघर्ष की चेतना जागृत करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंक्तियाँ हमें सिखाती हैं कि साधन नहीं, साहस और संकल्प ही विजय का मार्ग प्रशस्त करते हैं। भारत की धरती धन्य है, जिसने ऐसे महान गुरुओं और साहिबजादों को जन्म दिया। उन्होंने इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग एवं शिक्षा विभाग को बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि साहिबजादों का बलिदान हमें निर्भीकता, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रप्रथम की भावना का मार्ग दिखाता है। उनका जीवन हर पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।
छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने साहिबजादों की शहादत के ऐतिहासिक प्रसंगों से उपस्थित जनसमूह को अवगत कराया।
इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, सीजीएमएससी अध्यक्ष दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा सहित सिख समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि, समाजसेवी एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

रायपुर / शौर्यपथ /
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी–NIT) रायपुर में 21 दिसंबर 2025 को एलुमनी एसोसिएशन, गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज–नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (GEC–NIT) रायपुर द्वारा वार्षिक पूर्व छात्र मिलन समारोह–2025 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम संस्थान के गोल्डन टॉवर में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) एन. वी. रमना राव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह में 1965, 1975, 1985 एवं 2000 बैच के पूर्व छात्र, एलुमनी एसोसिएशन के पदाधिकारी, संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी शामिल हुए।
कार्यक्रम के प्रारंभ में एलुमनी एसोसिएशन के सहयोग से निर्मित दो स्मार्ट कक्षा कक्षों एवं एक आधुनिक कॉन्फ्रेंस कक्ष का उद्घाटन किया गया। इसके पश्चात दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ औपचारिक कार्यक्रम प्रारंभ हुआ।
एलुमनी एसोसिएशन जीईसी–एनआईटी रायपुर के अध्यक्ष श्री उमेश चितलांगिया ने कहा कि पूर्व छात्र मिलन समारोह संस्थान और एलुमनी के बीच संबंधों को सुदृढ़ करने का प्रभावी मंच है। उन्होंने स्मार्ट कक्षाओं, छात्र सहायता, बीमा कवरेज एवं डिजिटल परिवर्तन जैसी एलुमनी-समर्थित पहलों की जानकारी दी।
संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे ने अपने वीडियो संदेश में बताया कि एलुमनी के सहयोग से 20 स्मार्ट कक्षाओं का विकास किया जा चुका है तथा 20 और कक्षाओं को स्मार्ट बनाने की योजना है। उन्होंने पूर्व छात्रों से संस्थान के विकास में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
विभिन्न बैचों के पूर्व छात्रों ने संस्थान के प्रति अपने अनुभव साझा करते हुए मेंटरिंग, तकनीकी उन्नयन एवं संस्थागत विकास में सहयोग पर बल दिया।
अपने संबोधन में निदेशक प्रो. (डॉ.) एन. वी. रमना राव ने एलुमनी योगदान की सराहना करते हुए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर की समग्र छात्र विकास एवं भविष्य–उन्मुख दृष्टि को रेखांकित किया। उन्होंने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (Corporate Social Responsibility–CSR) योजना से निर्मित छात्रावास सहित प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख किया।
कार्यक्रम के दौरान लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार, विशिष्ट पूर्व छात्र सम्मान एवं बैच–वार सम्मान प्रदान किए गए। समारोह का समापन पूर्व छात्रों द्वारा शिक्षकों के सम्मान के साथ हुआ।

बिलासपुर । शौर्यपथ
परियोजना प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों की आधारभूत आवश्यकताओं को मजबूत करते हुए एनटीपीसी सीपत द्वारा कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के अंतर्गत किए जा रहे ₹6.25 करोड़ के विकास कार्यों का उद्घाटन और भूमिपूजन ग्राम पंचायत कर्रा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ₹4.53 करोड़ की लागत से पूर्ण 12 विकास कार्यों का लोकार्पण और ₹1.72 करोड़ के चार नए प्रस्तावित कार्यों का भूमिपूजन संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित केंद्रीय राज्य मंत्री (आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय) तथा बिलासपुर सांसद श्री तोखन साहू ने इन कार्यों का विधिवत उद्घाटन किया। कार्यक्रम में मस्तूरी विधायक श्री दिलीप लहरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, पूर्व विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, एवं एनटीपीसी सीपत के परियोजना प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक श्री विजय कृष्ण पाण्डेय विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

कई गांवों में दर्जनों विकास कार्य पूरे

एनटीपीसी सीपत ने अपने CSR कार्यक्रम के तहत परियोजना प्रभावित ग्राम पंचायतों—कर्रा, सीपत, गतौरा, रलिया, जांजी, देवरी, कौड़िया, रांक और दर्राभाटा—में कुल 12 विकास कार्य पूरे किए हैं, जिनमें

आधारभूत संरचना निर्माण,तालाबों का पुनरुद्धार,शिक्षा सुविधाओं का विस्तारजैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शामिल हैं।साथ ही चार नए विकास कार्यों के लिए भूमिपूजन किया गया।

“सीएसआर ग्रामीण विकास की रीढ़” — केंद्रीय मंत्री तोखन साहू

मुख्य अतिथि श्री तोखन साहू ने कहा कि एनटीपीसी सीपत द्वारा किए जा रहे कार्यों से क्षेत्रीय विकास को ठोस आधार मिला है। उन्होंने कहा कि “सीएसआर केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि समावेशी विकास का मार्ग है।”
उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ स्थित एनटीपीसी सीपत देश के कई राज्यों को विद्युत आपूर्ति कर रहा है और निर्माणाधीन 800 मेगावाट की नई इकाई से इसकी राष्ट्रीय भूमिका और सशक्त होगी।

जनप्रतिनिधियों ने सराहा विकास मॉडल

मस्तूरी विधायक श्री दिलीप लहरिया ने कहा कि ग्राम स्तर पर बुनियादी सुविधाओं का विस्तार ही समग्र विकास का वास्तविक मार्ग है और एनटीपीसी इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी ने कहा कि सीएसआर के ये कार्य ग्रामीणों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे।

पूर्व विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी एवं जनपद अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती देवी ने कौशल विकास और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में ऐसे प्रयासों को अत्यंत आवश्यक बताया।

एनटीपीसी की प्रतिबद्धता

परियोजना प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक श्री विजय कृष्ण पाण्डेय ने एनटीपीसी सीपत द्वारा संचालित CSR गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत करते हुए सामाजिक विकास के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता दोहराई तथा सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के प्रति आभार प्रकट किया। कार्यक्रम में एनटीपीसी सीपत के वरिष्ठ अधिकारी, जिला एवं जनपद पंचायत सदस्य, अनेक ग्राम पंचायतों के सरपंच, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सक्रिय सहभागिता के साथ कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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