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पानी की समस्या पर जल गृह प्रभारी कोवले के बयान पर पूर्व प्रभारी देवनारायण चंद्राकर ने किया पलटवार..
कहा अपनी नाकामी छिपाने पूर्व के परिषद पर दोषारोपण कर रहे है..
दुर्ग / शौर्यपथ / शहर में 8 दिनों से पानी सप्लाई बाधित होने पर भाजपा पार्षदों के विरोध पर तिलमिलाए निगम के जलगृह प्रभारी संजय कोवले द्वारा इस समस्या के लिए भाजपा की पिछले परिषद को दोषी ठहराने पर पूर्व जल गृह प्रभारी व वार्ड 17 पार्षद देवनारायण चंद्राकर ने जोरदार पलटवार करते हुए कहा है विधायक अरुण वोरा व महापौर धीरज बाकलीवाल की नाकामी छिपाने प्रभारी जी मिथ्या आरोप लगाना बंद करे क्योंकि जनता अब जान चुकी है कि किस प्रकार निगम में आग लगने पर कुंआ खोदने जैसे कार्यशैली चल रही है।
वार्ड 17 पार्षद देवनारायण चंद्राकर ने जलगृह प्रभारी के बयान को औचित्यहीन व तथ्यों से परे बताते हुए आगे कहा कि वास्तव में आज अमृत मिशन का जो कार्य दिखाई दे रहा है वह पूर्व महापौर चंद्रिका चंद्राकार के कार्यकाल में स्वीकृत परिषद के है जिसमें पूरे शहर के प्रत्येक वार्डो में आगामी 40 वर्षो की पानी की आवश्यकता को ध्यान में रखकर प्लानिंग की गई थी और इसके लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा अमृत मिशन योजना के तहत निगम के इतिहास में पहली बार एकमुश्त 142 करोड़ की राशि प्रदान कि है जिसके तहत आज यह सब कार्य चल रहा है जिसमें सभी वार्डो के प्रत्येक गलियों तक पाईप लाईन पानी टंकियां,फिल्टर प्लांट व पंप हाउस में नई मोटर व ट्रांसफार्मर लगाने जैसे सभी आवश्यकताएं शामिल है और यह कार्य वर्ष 2017-18 से प्रारम्भ होकर 2020 तक पूर्ण किया जाना है किंतु जब से निगम में सत्ता परिवर्तन हुआ है और कांग्रेस का महापौर परिषद काबिज हुआ है तब से राजनीतिक भेदभाव व श्रेय की राजनीति के चलते विधायक महोदय के इशारे व महापौर के अनुभवहीनता के चलते पूरी योजना बैगर प्लानिंग के शुरू होने के कारण परेशानी बढ़ती जा रही है जिसका ताजा उदाहरण रायपुर नाका स्थित फिल्टर प्लांट है जहां 6 माह से रखे नई ट्रांसफार्मर को लगवाने की फुर्सत तब मिली जब पुराने पूरी तरह खराब हो गया और पानी व्यवस्था ठप्प हो गया और इतनी बड़ी लापरवाही का नतीजा आज जनता भुगत रही है जिसे 8दिनों से भी अधिक समय से पानी के लिए तरसना पड़ रहा है।फिल्टर प्लांट में नए पुराने मिलाकर 6 ट्रांसफार्मर पड़ी है जिसमें से 4 खराब पड़ी है जबकि इनके कार्यकाल को 8माह बीत चुका है।
भाजपा पार्षद व पूर्व जल गृह प्रभारी देवनारायण चंद्राकर ने जल गृह प्रभारी कॊवले को विधायक व महापौर की नाकामी छिपाने पूर्व परिषद पर दोषारोपण करने से बाज आने की चेतावनी देते हुए कहा है कि शहर जनता पानी के लिए हलाकान है और वे अब अच्छी तरह से जानते है कि आज यह समस्या कैसे पैदा हुई इसलिए यदि शीघ्र समस्या हल नहीं हुई जनाक्रोश का सामना करना पड़ेगा।
नई दिल्ली / शौर्यपथ / वॉशिंगटन एक रिसर्च में सामने आया है कि आखिर कैसे फरवरी में हुए एक इवेंट के चलते पूरे अमेरिका में कोरोनावायरस कैसे फैला और यहां महामारी के सबसे ज्यादा प्रभाव की शुरुआत कैसे हुई. Broad Institute, Massachusetts General Hospital और Massachusetts Department of Public Health सहित कई संस्थानों में 54 से ज्यादा रिसर्चर्स ने लगभग 800 कोरोनावायरस जीनोम का अध्ययन किया है, जिसे मंगलवार को वेबसाइट MedRxiv पर पब्लिश किया गया है. यह रिसर्च शायद अब तक अमेरिका में किसी भी वायरस के आउटब्रेक का सबसे गहरा विश्लेषण है.
दरअसल, फरवरी में अमेरिका के बॉस्टन में ड्रग कंपनी Biogen की सालाना लीडरशिप मीटिंग हुई थी. जिसमें दुनियाभर से कर्मचारी और मेहमान आए थे. दो दिन तक चली इस मीटिग में किसी को भी शक नहीं हुआ कि उनमें से एक शख्स के फेफड़ों में कोरोनावायरस मौजूद है. 27 फरवरी तक मीटिंग खत्म होने तक कई लोगों तक वायरस पहुंच चुका था. यहां वायरस का प्रसार हुआ और मीटिंग खत्म होने के बाद कुछ लोग वापस जहां से आए थे, वहां चले गए. कोई इंडियाना गया, कोई नॉर्थ कैरोलाइना तो कोई बॉस्टन के उपनगरों में. वहीं स्लोवाकिया, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर से आए लोग भी वापस चले गए. अगले दो हफ्तों में यहां से निकला वायरस 35 नए मामलों में सामने आया. अप्रैल में बॉस्टन के उपनगरीय इलाकों में यह वायरस दो बेघरों के शेल्टरों में फैल गया, जहां 122 लोग संक्रमित पाए गए.
दरअसल, वैज्ञानिकों को संक्रमण के इस चेन का पता कोरोनावायरस के रेप्लिकेशन प्रोसेस में हुई गलती की वजह से चला है. इस प्रोसेस में वायरस के 30,000 कैरेक्टर वाले जीनोम कोड में दो अक्षरों का आपस में बदलाव होता है. वायरस का यह म्यूटेशन फरवरी में बायोजेन की कॉन्फ्रेंस के वक्त ही फ्रांस में दो वृद्ध मरीजों में मिला था. कॉन्फ्रेंस के बाद इस वायरस का संक्रमण जहां भी फैला, यह म्यूटेशन भी उसके साथ फैलता रहा. इस स्टडी में पाया गया है कि इस म्यूटेशन वाला वायरस बॉस्टन के कई इलाकों में सैकड़ों को लोगों को शिकार बना चुका है, वहीं ऐसे वायरस वाले मरीज सेनेगल और लग्ज़मबर्ग तक पाए गए हैं. जुलाई के मध्य तक मैसाचुसेट्स के वायरस के सीक्वेंस में एक तिहाई और पूरे अमेरिका से लिए गए वायरस के जीनोम्स में से तीन फीसदी जीनोम में यह म्यूटेशन मिला है.
जिस दिन बायोजेन की मीटिंग शुरू होने वाली थी, उस दिन अमेरिका में कोविड-19 के कुल 15 केस सामने आए थे. ये सभी केस बाहर से यात्रा करके आए लोगों या फिर उनके करीबियों में मिले थे. उस वक्त Center for Disease Control and Prevention ने संभावित 'कम्युनिटी स्प्रेड' की बात स्वीकारी थी. उप-राष्ट्रपति माइक पेंस कोरोनावायरस टास्क फोर्स का नेतृत्व करने वाले थे और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि इस वायरस से अमेरिकियों को 'बहुत कम' खतरा है. आज अमेरिका में विश्व में सबसे ज्यादा कोरोनावायरस के केस हैं.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी , दोनों ने सोमवार को फोन पर पार्टी के दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद से बात की. कांग्रेस कार्यसमिति की मैराथन बैठक में 'असंतुष्ट' वाले लेटर को लेकर निशाने पर आने के बाद यह बातचीत की गई है. पार्टी नेतृत्व को लेकर लिखे गए लेटर में गुलाम नबी आजाद ने भी दस्तखत किए थे. सूत्रों ने बताया कि CWC की करीब सात घंटे तक चली बैठक में कई वक्ताओं ने प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से पत्र में 'पूर्णकालिक और दूरदर्शी नेतृत्व' की मांग को लेकर आजाद पर निशाना साधा था. इसके बाद सोनिया ने आजाद से बात की और आश्वस्त किया कि उनकी चिंताओं पर पूरा ध्यान दिया जाएगा.
दिन की शुरुआत में राहुल गांधी ने भी आजाद से बात की थी. राहुल ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल को भी फोन किया था. सिब्बल ने भी लेटर पर दस्तखत किए थे. राहुल ने बातचीत के दौरान साफ किया था कि उन्होंने पत्र लिखने वालों पर बीजेपी से मिले होने का आरोप नही लगाया था. गौरतलब है कि राज्यसभा ने नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद को गांधी परिवार का बेहद करीबी माना जाता है, लेकिन CWC में उन्हें अपने सहयोगियों की आलोचना का शिकार बनना पड़ा. पार्टी के इन नेताओं ने सोनिया गांधी की प्रशंसा की और पत्र लिखने वाले नेताओं पर जमकर निशाना साधा. खबरों के अनुसार, मल्लिकार्जुन खड़गे और अंबिका सोनी ने इस मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की जबकि अधीर रंजन चौधरी चाहते थे कि आजाद को बैठक में बोलने से रोका जाए. उन्होंने कहा कि 'दूषिेत इरादे' वाले लोगों को बोलने नहीं दिया जाए हालांकि सोनिया गांधी ने इस पर ध्यान नहीं दिया.
आजाद ने कहा था कि यदि यह बात साबित हो जाए कि उन्होंने बीजेपी के साथ मिलीभगत करके लेटर लिखा है तो वे इस्तीफा दे देंगे. उन्होंने कहा था कि कांग्रेस नेता लेटर को पढ़े ही आरोप लगा रहे हैं. लेटर पर दस्तखत करने वाले दो अन्य नेताओं ने भी आजाद की तरह ही राय जताते हुए कहा कि उनका इरादा किसी भी तरह से सोनिया के नेतृत्व की आलोचना करना नहीं था. ये दोनों नेता भी कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में थे. लेटर पर दस्तखत करने वाले कुछ नेताओं ने कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद दिल्ली स्थित आजाद के आवास पर मिले थे. कपिल सिब्बल, मनीष तिवारी, मुकुल वासिनक, आनंद शर्मा और शशि थरूर मीटिंग में थे.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / जून के महीने में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सेना के बीच दशकों में पहली बार हुई हिंसक झड़प को भारत में चीनी राजदूत सुन वेईडोंग ने दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया है. इस झड़प में 20 भारतीय जवानों ने अपनी जान गंवा दी थी. चीनी राजदूत ने कहा कि 'यह घटना इतिहास के नज़रिये से यह घटना बहुत अहम नहीं होगी'. वेइंडोंग ने चीन-भारत युवा वेबिनार के दौरान अपने संबोधन में कहा, 'कुछ समय पहले ही सीमा पर एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई, ऐसे जो भारत और चीन दोनों ही नहीं देखना चाहेंगे. अब हम इसे संभालने की कोशिशें कर रहे हैं.'
सुन वेइंडोंग ने कहा, 'चीन और भारत के बीच 70 साल पहले कूटनीतिक संबंधों की स्थापना के साथ ही दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों की परीक्षा हुई है, जिससे वो और मजबूत हुए हैं. यह किसी भी वक्त किसी एक चीज से खराब नहीं होनी चाहिए. इस नई सदी में भी दोनों देशों के संबंध पीछे जाने की बजाय आगे ही बढ़ते रहने चाहिए.'
उन्होंने कहा कि वो मानते हैं कि विश्व की इन दोनों प्रचीन सभ्यताओं के पास द्विपक्षीय संबंधों को संभालने के लिए ज्ञान और क्षमता है. उन्होंने कहा, 'चीन भारत को एक दुश्मन के बजाय सहयोगी और खतरे के बजाय अवसर के तौर पर देखता है. हम उम्मीद करते हैं कि द्विपक्षीय संबंधों में सीमा के सवालों को उचित जगह मिलेगी, मतभेदों को बातचीत और विमर्श के जरिए सुलझाया जाएगा और जितनी जल्दी हो सके दोनों देशों के संबंधों को वापस पटरी पर लाया जाएगा.' उन्होने कहा कि 'भारत और चीन को शांति से रहना चाहिए और संघर्षों से बचना चाहिए.'
चीनी राजदूत ने कहा कि 'कोई भी देश पूरी दुनिया से अलग-थलग होकर अपना विकास अकेले नहीं कर सकता है. हमें बस अपनी आत्म-निर्भरता पर काम नहीं करना चाहिए, बल्कि वैश्वीकरण में शामिल होने के लिए दूसरों के लिए भी दरवाजे खोलने होंगे. बस इसी तरह हम अपना बेहतर विकास कर सकते हैं.'
नई दिल्ली / शौर्यपथ / संसद भवन के पास से बुधवार एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है. शख्स के पास एक चिट्ठी बरामद हुई है. फिलहाल इंटेलीजेंस ब्यूरो के अधिकारी उससे पूछताछ कर रहे हैं. जानकारी है कि इस संदिग्ध को विजय चौक पर हिरासत में लिया गया. ड्यूटी पर तैनात CRPF के जवानों ने इस संदिग्ध शख्स को पकड़ा था. उससे संसद मार्ग थाने में पूछताछ चल रही है.
जानकारी है कि पकड़ा गया शख्स संसद भवन के आस पास घूम रहा था. सीआरपीएफ जवानों ने जब उसे पकड़कर पूछताछ की, तो वो अपने बारे में अलग-अलग जानकारी दे रहा था. उसके पास एक पेपर भी मिला है, जो एक कोडवर्ड में है. वहीं, उसके पास से दो पहचान पत्र मिले हैं. एक आधार कार्ड और एक ड्राइविंग लाइसेंस मिला है. दोनों में नाम अलग-अलग हैं. ड्राइविंग लाइसेंस में उसका नाम फिरदौस है, जबकि आधार कार्ड में नाम मंजूर अहमद अहंगेर है.
संदिग्ध ने खुद को रथसून बीरवाह, बडगाम का रहने वाला बताया है. उसके पास से एक बैग भी मिला है. पूछताछ में पहले उसने बताया कि वो 2016 में घूमने के लिए दिल्ली आया था. फिर उसने बताया कि वो लॉकडाउन में आया था. दिल्ली में रहने के सवाल पर वो कभी जामिया, फिर निज़ामुद्दीन तो फिर जामा मस्जिद इलाके में रहने की बात कह रहा था.
बता दें कि इसके पहले शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद आईएसआईएस से जुड़े एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया था. उसके पास से 15 किलो विस्फोटक बरामद हुआ है. पकड़ा गया आतंकी लोन वुल्फ अटैक और फिदायीन हमला करने की फिराक में था. आईईडी से जुड़े 2 प्रेशर कुकर बम बनाकर तैयार किए गए थे. दोनों बमों में कुल 15 किलो विस्फोटक था. इतना ज्यादा विस्फोटक कि उसे डिफ्यूज करने के लिए एनएसजी की टीम आई. बुद्धा जयंती पार्क में ऑटोमैटिक रोबोट मशीन के जरिए दोनों बमों को मिट्टी के ढेर में सुरक्षित ले जाया गया और फिर बमों को निष्क्रिय कर दिया गया.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगभग 40 दिन बाद अचानक कोरोनावायरस के संक्रमण के 1,544 मामले सामने आने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आपात बैठक में मौजूदा हालात की समीक्षा की, इस बैठक में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री, मुख्य सचिव और स्वास्थ्य मंत्रालय के सभी आला अधिकारी मौजूद रहे. सीएम केजरीवाल दोपहर 1 बजे प्रेस कांफ्रेंस करेंगे.
दिल्ली में 16 जुलाई के बाद पहली बार COVID-19 संक्रमण के सबसे ज़्यादा 1,544 मामले मंगलवार को सामने आए, जिसके बाद CM अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को पूर्वाह्न 11 बजे बैठक आहूत की थी. इस बैठक को लेकर अब सीएम अरविंद केजरीवाल आज दोपहर 1 बजे डिजिटल प्रेस कांफ्रेंस करेंगे.
बैठक में जाने से पहले स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने दिल्ली में अचानक केस बढ़ने पर कहा, 'मुझे लगता है सही नंबर पर नहीं जाना चाहिए. एक हज़ार से दो हज़ार के बीच में हम चल रहे हैं. 100-200 केस ऊपर नीचे रोज़ हो रहे हैं. संक्रमण दर यानि इंफेक्शन रेट 10 फीसदी से नीचे है. एक वक्त था 40 फीसदी था. फिर 30 फीसदी से नीचे आया. अब 10 से नीचे है. रोज़ाना घट- बढ़ रहा है.
कन्टेनमेंट जोन को लेकर उन्होंने कहा कि हम माइक्रो कन्टेनमेंट ज़ोन बना रहे हैं. जहां भी 2-3 मरीज़ होते हैं वहां ज़ोन बना देते हैं जिससे ज़्यादा लोगों को परेशानी ना हो. मेट्रो शुरू करने को लेकर उन्होंने कहा, 'जब खोलेंगे तब आपको बता देंगे. अभी इस पर विचार किया जाएगा.'
बता दें कि दिल्ली में मंगलवार को समाप्त पिछले 24 घंटे में कोरोना के 1544 मामले सामने आए हैं. इसके साथ ही कुल मामले 1,64,071 हो गए हैं. वहीं राजधानी में पिछले 24 घंटे में 17 मरीजों की मौत हुई और कुल मौतों का आंकड़ा 4330 हो गया.
कोरोना वायरस संक्रमितों के रिकवरी रेट की बात करें तो यह 90.04 प्रतिशत हो गया है. वहीं एक्टिव मरीज़ 7.31 प्रतिशत हैं और डेथ रेट 2.63 फीसदी है. दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमित 1155 लोग ठीक हुए और अब तक कुल 1,47,743 लोग ठीक हो चुके हैं.
अब कोरोना के एक्टिव केस 11,998 हैं. होम आइसोलेशन में 5949 मरीज हैं. पिछले 24 घंटे में दिल्ली में 19,841 (RT-PCR- 5380, एंटीजन- 14,461) टेस्ट हुए. दिल्ली में अब तक कुल 14,62,845 टेस्ट हुए हैं.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में 17 साल की मासूम की रेप के बाद हत्या किए जाने को लेकर कांग्रेस ने राज्य की योगी सरकार पर निशाना साधा है.कांग्रेस का कहना है कि राज्य में महिला सुरक्षा की स्थिति बहुत खराब हो चुकी है. कांग्रेस नेता प्रिंयका गांधी वाड्रा ने लखीमपुर खीरी की घटना का जिक्र करते हुए यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को लिखा है कि यूपी में ऐसा अब रोज हो रहा है..
बता दें कि पुलिस ने 17 साल की लड़की का भी रेप होने की पुष्टि की है जिसका कटा हुआ शव गांव में मंगलवार सुबह मिला था. पहले पुलिस ने कहा था कि लड़की की धारदार हथियार से हत्या की गई है और उसकी गर्दन पर चोट के निशान हैं. उसका शव उसके गांव से करीब 200 मीटर दूर एक सूखे तालाब के पास पड़ा मिला था. लखीमपुर खीरी में दस दिन के अंदर रेप और हत्या का यह दूसरा मामला है.
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज यूपी की राज्यपाल को कहा, 'लखीमपुर में एक ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए जा रही थी. यूपी में अब रोज ऐसा हो रहा है और आशा है आप इसकी गंभीरता को समझेंगी और संज्ञान में लेंगी.'
लड़की के परिजनों के मुताबिक वह सोमवार को घर से निकली थी. वह पास के शहर में स्कॉकरशिप का फार्म भरने के लिए गई थी. जब वह घर नहीं आई तो फिर पुलिस को सूचना दी गई. लड़की के घर पर उसके चाचा ने मीडिया से कहा कि ''मैं वास्तव में कुछ नहीं जानता, किस पर संदेह है, कुछ नहीं कह सकता. वह सोमवार को सुबह करीब साढ़े आठ बजे गई थी. हमें किसी पर शक नहीं है.''
लखीमपुर खीरी में दस दिन के अंदर कम उम्र की लड़की से रेप और हत्या की यह दूसरी वारदात है. इससे पहले 15 अगस्त को एक 13 साल की लड़की की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी. उसका शव गन्ने के खेत में मिला था. इस मामले में उसके गांव के दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. लड़की के पिता ने आरोप लगाया था कि उसका गला काटा गया था. उसकी आंखें छिल गई थीं और उसकी जीभ कटी हुई थी. पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया था.
शौर्यपथ / अधिकतर लोग हैं जिन्हें कि भूख नहीं लगती है, ऐसे में उन्हें कई तरह की सेहत समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जैसे कमजोरी लगना, वेट लॉस जैसी समस्याएं सामने आती हैं। यदि आप भी उन लोगों में शुमार हैं तो हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बता रहे हैं जिनके उपयोग से आप इन समस्याओं से निजात पा सकते हैं। आइए जानते हैं-
कहते हैं कि जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उन्हें छोटी प्लेट में खाना खाना चाहिए, वहीं जो लोग वजन बढ़ाना चाहते हैं तो उन्हें बड़ी प्लेट में खाना खाना चाहिए। कम-कम लेकिन ज्यादा बार खाने से आपके शरीर में और खाना खाने की इच्छा पैदा होगी। छोटे-छोटे बैच में खाना खाने का एक लाभ यह भी होगा कि आपको एकदम पेट भरा हुआ नहीं लगेगा
स्वास्थ्य के लिए हेल्दी स्नैक्स लेते रहने से फायदा ये होगा कि लंच का समय या डिनर का समय आने तक आपको अच्छी भूख लगने लगेगी। घर के अलग-अलग हिस्से जैसे जहां आप काम करते है, किचन या आप जहां ज्यादा समय बिताते है।
हेल्दी स्नैक्स वहां रखें ऐसे में आपका मन होगा कुछ न कुछ खाने का लेकिन इस बात का भी ख्याल रखें कि ये स्नैक्स आप लंच या डिनर से ठीक पहले न खाएं।
मसालेदार खाने कि खूशबू अच्छी आती है और स्वादिष्ट भोजन कि खूशबू
का सीधा संबंध आपकी भूख से होता है। अच्छे खाने की सुगंध आपको भूख का एहसास कराती है। इसके अलावा खाने को हरा धनिया या दूसरी चीजों से सजाने से वह अच्छा दिखता है। इससे भी उसे खाने की इच्छा पैदा होती है।
लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / पीरियड्स देरी से आने की समस्या कई महिलाओं व युवतियों को होती है। आज हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे सामान्य कारण जो इस समस्या की वजह हो सकते है। अगर महिलाएं इन 5 कारणों की जानकारी रखें, तो अपने पीरियड्स को नियमित कर सकती है -
1 कम या अधिक उम्र में माहवारी की शरुआत होना कई बार माहवारी में अनियमिता पैदा करता है, जो कि सामान्य बात है। समय के साथ ये
नियमन हो हाती है, अत: चिंता की बात नहीं है।
2 वजन का अत्यधिक बढ़ना या मोटापा भी माहवारी में अनियमितता का एक प्रमुख कारण है। कई बार यह समस्या थायरॉइड के कारण होती है, अत: डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है।
3 हमारी दिनचर्या और खानपान में बदलाव के कारण भी कई बार माहवारी देरी से आने की समस्या होती है। ऐसे में अपनी जीवनशैली और डाइट को व्यवस्थित कर आप इसे नियमित कर सकते हैं।
4 माहवारी देरी से होने का एक गंभीर कारण पॉलिसिस्टिक ओवरी सिड्रोम हो सकता है, अत: ऊपर दिए गए कारणों के अलावा अगर ऐसा होता है तो इसकी जांच जरूर करवाएं।
5 तनाव एवं जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज भी माहवारी को प्रभावित करने वाला एक बड़ा कारण है। ओवरी यानि अंडाशय पर सिस्ट अर्थात आवरण बन जाने के कारण भी अक्सर ऐसा होता है।
सेहत / शौर्यपथ / आयुर्वेद में नीम को औषधि बताया गया है। सौंदर्य से लेकर सेहत तक सभी में नीम बेहद गुणकारी माना जाता है, वहीं चेहरे पर मुंहासे हो या पेट संबंधी कोई भी समस्या नीम की पत्तियों से कई फायदे होते हैं। वहीं संक्रमण से निजात दिलाने के लिए नीम की पत्तियां बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। तो आइए जानते हैं नीम के बेहतरीन सेहत और सौंदर्य लाभ के बारे में।
यदि चेहरे पर मुंहासे की समस्या है तो नीम आपके बहुत काम आ सकता है। इसके लिए आप नियमित रूप से नीम के जूस के सेवन से इस परेशानी से राहत पा सकते हैं। आपको बस करना यह है कि नीम की पत्तियों को अच्छी तरह से धो व पीसकर इसका जूस तैयार कर लें और इसका नियमित सेवन करें। ऐसा करने से आपका खून साफ होगा तथा त्वचा में निखार आएगा, मुंहासे की समस्या खत्म हो जाएगी।
दांतों को मजबूत करने के लिए नीम की दातून खूब फायदेमंद होती है। इससे दांतदर्द से आराम भी मिलता है, साथ ही दांतों में चमक भी आती है।
रूखे व बेजान बालों से छुटकारा पाने के लिए आप नीम के पत्तों को उबालकर इसमें तेल मिलाएं। फिर इसे अपने बालों पर लगाएं। इससे बालों में चमक तो आएगी ही, साथ ही बाल झड़ने की समस्या भी खत्म हो जाएगी।
मुंहासों के दाग-धब्बों से परेशान हैं तो नीम का फेसमास्क इसके लिए बहुत फायदेमंद है। फेसपैक के लिए आप नीम की पत्तियों को अच्छी तरह से पीसकर इसका पेस्ट बना लें और इसे नियमित रूप से अपने चेहरे पर लगाएं। इसका इस्तेमाल करने से चेहरे पर चमक आएगी, साथ ही मुंहासे के दाग भी हल्के होने लगेंगे।
सिरदर्द, दांत दर्द, हाथ-पैर दर्द और सीने में दर्द की समस्या होने पर नीम के तेल की मालिश से काफी लाभ मिलता है। इसके फल का उपयोग कफ और कृमिनाशक के रूप में किया जाता है।
नीम की पत्तियों को पीसकर जलने या घाव पर लगाने से दर्द और घाव जल्दी भर जाता है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
